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खेड़ा जमालपुर में हुई किसान बैठक, सांसद-विधायकों के माध्यम से संसद और विधानसभा में मुद्दा उठाने का निर्णय; निष्पक्ष जनसुनवाई की मांग, आंदोलन तेज करने का ऐलान
Hanis Sheikh
खेड़ा जमालपुर में हुई किसान बैठक, सांसद-विधायकों के माध्यम से संसद और विधानसभा में मुद्दा उठाने का निर्णय; निष्पक्ष जनसुनवाई की मांग, आंदोलन तेज करने का ऐलान
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- हिण्डोन चार दिन से युवक भूख हड़ताल पर सरकारी तंत्र बेशर्मी की चादर ओढ़कर सोया हिंडौन के मंडावरा रोड पर जलभराव की बड़ी समस्या है... हर दिन लोग चोटिल हो रहे हैं...कई माह से लोग आंदोलन कर रहे हैं। जिम्मेदारो ने स्थायी समाधान के बजाय अभी तक समाधान के लॉलीपॉप ही थमाने का काम किया है। कभी टैंकर लगाए तो कभी इंजन पंप पुख्ता इलाज किया ही नहीं उसी सरकारी अनदेखी का ही नतीजा है कि जनाक्रोश के चलते युवक विष्णु प्रजापत भूख हड़ताल पर बैठा हुआ है। रविवार को चार दिन हो गए, लेकिन प्रशासन के किसी भी अफसर या कार्मिक ने आंदोलन स्थल पर पहुंचना ज़रूरी नहीं समझा है। विष्णु के स्वास्थ में लगातार गिरावट हो रही है। इसके बाद भी चिकित्सीय जांच भी प्रारंभ नहीं की गई है। यह अमानवीय और सरासर असंवेदनशीलता है.. सवाल है कि क्या मौत का इंतजार हो है...? कलेक्टर सर, आप जिले के मालिक है। इस भूख हड़ताल को लेकर आपके पास भले ही कोई और कैसी भी रिपोर्ट प्रस्तुत हुई हो... मामला चुनावी और राजनीतिक बताया जा रहा हो, या फिर कुछ और... लेकिन भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारी का भी मानवाधिकार है। इस नाते जिला प्रशासन का नैतिक और सरकारी दायित्व है कि वह भूख हड़ताल पर बैठे युवक की नियमित चिकित्सीय जांच शुरू कराए और आंदोलन को समाप्त कराने के अविलंब हरसंभव प्रयास किए जाएं। हिंडौन के मंडावरा रोड पर जलभराव की बड़ी समस्या है लोग चोटिल हो रहे हैं कई माह से लोग आंदोलन कर रहे हैं। जिम्मेदारो ने स्थायी समाधान के बजाय अभी तक समाधान के लॉलीपॉप ही थमाने का काम किया है। कभी टैंकर लगाए तो कभी इंजन पंप पुख्ता इलाज किया ही नहीं उसी सरकारी अनदेखी का ही नतीजा है कि जनाक्रोश के चलते युवक विष्णु प्रजापत भूख हड़ताल पर बैठा हुआ है। रविवार को चार दिन हो गए, लेकिन प्रशासन के किसी भी अफसर या कार्मिक ने आंदोलन स्थल पर पहुंचना ज़रूरी नहीं समझा है। विष्णु के स्वास्थ में लगातार गिरावट हो रही है। इसके बाद भी चिकित्सीय जांच भी प्रारंभ नहीं की गई है। यह अमानवीय और सरासर असंवेदनशीलता है.. सवाल है कि क्या मौत का इंतजार हो है...? कलेक्टर सर, आप जिले के मालिक है। इस भूख हड़ताल को लेकर आपके पास भले ही कोई और कैसी भी रिपोर्ट प्रस्तुत हुई हो... मामला चुनावी और राजनीतिक बताया जा रहा हो, या फिर कुछ और... लेकिन भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारी का भी मानवाधिकार है। इस नाते जिला प्रशासन का नैतिक और सरकारी दायित्व है कि वह भूख हड़ताल पर बैठे युवक की नियमित चिकित्सीय जांच शुरू कराए और आंदोलन को समाप्त कराने के अविलंब हरसंभव प्रयास किए जाएं।2
- खेड़ा जमालपुर में हुई किसान बैठक, सांसद-विधायकों के माध्यम से संसद और विधानसभा में मुद्दा उठाने का निर्णय; निष्पक्ष जनसुनवाई की मांग, आंदोलन तेज करने का ऐलान1
- सूरौठ पैलेस में भव्यता के साथ संपन्न हुआ अध्यापिका आशा देवी राजौरा का सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह..... हिंडौन सिटी। बयाना रोड स्थित सूरौठ पैलेस में अध्यापिका आशा देवी राजौरा के सेवानिवृत्त होने के अवसर पर शनिवार को एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में अपना अमूल्य योगदान देने के बाद सेवानिवृत्त हुईं आशा देवी राजौरा के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में परिजनों, रिश्तेदारों, शिक्षकों, शिक्षाविदों तथा क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को किया याद: समारोह के दौरान उपस्थित शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने आशा देवी राजौरा के शिक्षण कार्यकाल की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि एक शिक्षक के रूप में उनका जीवन प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने न केवल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी, बल्कि उनमें उच्च नैतिक मूल्यों का सिंचन भी किया। एक शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, उनके द्वारा दिए गए संस्कार और ज्ञान की रोशनी हमेशा समाज को दिशा दिखाती रहती है। समारोह में उपस्थित शिक्षाविद,परिजन और गणमान्य लोगों ने किया अभिनंदन : समारोह में मौजूद रिश्तेदारों एवं गणमान्य नागरिकों ने आशा देवी राजौरा को शॉल, स्मृति चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। इस दौरान माहौल काफी भावुक और गौरवमयी रहा। सामूहिक भोज का आयोजन: कार्यक्रम के समापन के अवसर पर एक सामूहिक भोज का आयोजन किया गया, जिसमें आए हुए सभी अतिथियों, सहयोगियों और परिजनों ने एक साथ सहभोज कर खुशियाँ साझा कीं। अंत में आशा देवी राजौरा व उनके परिवार ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।2
- गांवडा मीना में चल रहे आंदोलन के समर्थन में 84 गांवों ने रैली निकाल कर दिया समर्थन हिण्डौन गांव गांवडा मीना में चल रहे आंदोलन के समर्थन में मासलपुर क्षेत्र के 84 गांवों की रैली पहुंची, रैली का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। रविवार दोपहर 3:00 मिली जानकारी के मुताबिक रैली में मोठियापुरा,मीणा दातकापुरा कोटरी, कोटरा , लीलोटी,कारवाड़ फैलीकापुरा, कटकड़ मोड़, रीठौली,गढ़ी बांधवा के आदिवासी महापंचायत में गांवड़ा मीना की पावन भूमि पर 84 गांवों की रैली पहुंची।रैली मैं शामिल होकर लोगों ने आंदोलन का समर्थन किया है। बता दे की पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने के विवाद में मीणा समाज के लोगों पर आंदोलन के तहत दर्ज किए गए मुकदमा को वापस लेने की मांग को लेकर गांवडा मीना में आंदोलन किया जा रहा है। आंदोलन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।1
- वन विभाग के दफ्तरों के बारे में उसने की खुलासा और सीधी दी धमकी वन विभाग को के दफ्तरों को धमकी देने के बाद गांव वालों में उत्साह बढ़ गया है देखो भाई यह सही किया या गलत किया1
- घाटरी में क्रेशरो को बंद करने हेतु घाटरी में भूख हड़ताल शुरू, गुंजा नारा कम से कम 10 दिन हो गए आंदोलन को शुरू चलते हुए अभी कोई प्रशासन नहीं पहुंचा है अभी तहसीलदार और पटवारी की पूछे हैं अवैध क्रशर जोन को बंद करने हेतु ग्राम पंचायत घाटी तहसील भुसावर जिला भरतपुर राजस्थान मैं टीवी एवं सिल्कॉस बीमारियों से बचने के लिए आंदोलन शुरू हुआ है और और भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं और सिल्कॉस और टीवी इन बीमारियों से कम से कम 20 लोग बीमारियों से मर चुके हैं इस कारण करें इस कारण पूरे गांव वाले आंदोलन शुरू किया है क्रशरों को बंद करने हेतु अभी तक कोई प्रशासन नहीं पहुंचा है कोई समाधान नहीं हुआ है कम से कम 15 दिन हो गए हैं इस आंदोलन को शुरू हुए4
- विज्ञापन बनवाने हेतु संपर्क करे : 7062604938 सेवा का मौका अवश्य de1
- गांवड़ा मीणा में हों रहें आंदोलन के समर्थन में रविवार को 84 गांवों की रैली पहुंची गांवड़ा मीणा धौलपुर, मध्य प्रदेश के आदिवासीयों ने महापंचायत में लिया भाग। करौली एस पी और मंत्री जवाहर सिंह बैढम पर कार्रवाई करने की कर रहे हैं मांग पांचना बांध और खंडीप आंदोलन से जुड़े हुए मुकदमों को वापस लेने और करौली एस पी के तबादले को लेकर कर रहे हैं प्रदर्शन करौली और मध्य प्रदेश पुलिस नरवर क़िले की 400 साल पुरानी तोप चोरी की कर रहीं हैं जांच मासलपुर क्षेत्र के आदिवासी महापंचायत में गांवड़ा मीना में हो रहे आंदोलन के समर्थन में रविवार 84 गांवों की रैली पहुंची, जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत । जिसमें मोठियापुरा,मीणा दातकापुरा कोटरी, कोटरा , लीलोटी,कारवाड़ फैलीकापुरा, कटकड़ मोड़, रिठोली,गढ़ी बांधवा में के आदिवासी महापंचायत में गांवड़ा मीना की पावन भूमि पर 84 गांवों की रैली पहुंची। मासलपुर क्षेत्र के आदिवासी विशाल महापंचायत में मातृशक्ति, किसान शक्ति, युवा शक्ति जन आंदोलन के -साथ रैली निकली। यह आंदोलन पांचना बांध विवाद के समय कई जगह पर जाम लगाया गया।उसके बाद पुलिस प्रशासन की ओर से दर्ज मुकदमों के कारण चल रहा है। उन्होंने कहा कि दर्ज मुकदमे खंडीप के आंदोलन के बाद बनी सहमति के विपरीत हैं। यह वादा खिलाफी है। पुलिस प्रशासन को मुकदमे तुरंत वापस लेने चाहिए। लोग रैली लेकर गांवड़ा मीना की ओर गए।मोठियापुरा,मीणा दातकापुरा कोटरी, कोटरा , लीलोटी,कारवाड़ फैलीकापुरा, कटकड़ मोड़, टोडूपुरा पर पुष्प वर्षा कर सम्मान किया गया।महापंचायत में कई हजार लोग शामिल हुए। महिलाओं ने ठंडा जल पिलाया। युवा शक्ति ने फल, मेवा, प्रसादी का सहयोग किया।इस दौरान फैलीकापुरा में ग्रामीण वेदप्रकाश,बृजलाल पटेल,तेजराम, पृथ्वी, ज्ञानसिंह, जगराम, ब्रजेश,धर्मेश कई लोग उपस्थित रहे2