मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र अंतर्गत पावटी गांव में पुलिस ने 'नशा मुक्ति अभियान 2.0' के तहत कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थ एम.डी. ड्रग्स और इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल की बड़ी खेप जप्त की है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रणजीत सिंह के खेत पर बने बाड़े में दबिश देकर 173 ग्राम एम.डी. ड्रग्स और ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त होने वाला कुल 24.570 किलोग्राम केमिकल जप्त किया है। मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ₹1.73 लाख कीमत की 173 ग्राम एम.डी. ड्रग्स के साथ ₹12,000 कीमत का 12.750 किलोग्राम हाइड्रोक्लोरिक एसिड, ₹6,000 कीमत का 6.460 किलोग्राम एमएमए केमिकल और ₹6,000 कीमत का 5.360 किलोग्राम एमडीसी केमिकल बरामद किया है। इसके अलावा परिवहन में इस्तेमाल की जा रही एक वेन्यू कार (MP14-ZE-2197, कीमत ₹10 लाख), एक स्विफ्ट कार (MP14-CC-4035, कीमत ₹6 लाख) और ₹1.50 लाख मूल्य के 4 एंड्रॉइड मोबाइल भी जप्त किए गए हैं। पुलिस ने मौके से पावटी निवासी रणजीत सिंह (30 वर्ष) और ढाकनी निवासी ईश्वर सिंह (37 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। मामले में चार आरोपी—दीपक गुर्जर (गोघटपुर), विक्रम उर्फ गुड्डू सिंह (बरखेड़ी मिठ्ठु), राजेंद्र सिंह (बर्डीया अमरा) और राजू लाला (सुरजनी)—फिलहाल फरार हैं। गरोठ थाना पुलिस की टीम द्वारा मामले में आगे का अनुसंधान जारी है।
मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र अंतर्गत पावटी गांव में पुलिस ने 'नशा मुक्ति अभियान 2.0' के तहत कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थ एम.डी. ड्रग्स और इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल की बड़ी खेप जप्त की है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रणजीत सिंह के खेत पर बने बाड़े में दबिश देकर 173 ग्राम एम.डी. ड्रग्स और ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त होने वाला कुल 24.570 किलोग्राम केमिकल जप्त किया है। मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ₹1.73 लाख कीमत की 173 ग्राम एम.डी. ड्रग्स के साथ ₹12,000 कीमत का 12.750 किलोग्राम हाइड्रोक्लोरिक एसिड, ₹6,000 कीमत का 6.460 किलोग्राम एमएमए केमिकल और ₹6,000 कीमत का 5.360 किलोग्राम एमडीसी केमिकल बरामद किया है। इसके अलावा परिवहन में इस्तेमाल की जा रही एक वेन्यू कार (MP14-ZE-2197, कीमत ₹10 लाख), एक स्विफ्ट कार (MP14-CC-4035, कीमत ₹6 लाख) और ₹1.50 लाख मूल्य के 4 एंड्रॉइड मोबाइल भी जप्त किए गए हैं। पुलिस ने मौके से पावटी निवासी रणजीत सिंह (30 वर्ष) और ढाकनी निवासी ईश्वर सिंह (37 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। मामले में चार आरोपी—दीपक गुर्जर (गोघटपुर), विक्रम उर्फ गुड्डू सिंह (बरखेड़ी मिठ्ठु), राजेंद्र सिंह (बर्डीया अमरा) और राजू लाला (सुरजनी)—फिलहाल फरार हैं। गरोठ थाना पुलिस की टीम द्वारा मामले में आगे का अनुसंधान जारी है।
- मंदसौर जिले के अफजलपुर थाना क्षेत्र में कुचडोद के बाद अब छायन गांव स्थित बालाजी मंदिर को चोरों ने निशाना बनाया है। घटना की सूचना के बाद थाना क्षेत्र की पुलिस मौके पर मौजूद है।1
- शुरू ऐप पर प्रभात प्रतापगढ़ न्यूज का प्रसारण किया जा रहा है, जिसके संपादक परमेश्वर रेदास हैं।1
- नीमच में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान सभी भक्तों ने भगवान का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर अशोक गंगानगर ने भी पहुँचकर आशीर्वाद प्राप्त किया और झाड़ू सेवा तथा पुष्प वर्षा करके रथ यात्रा का स्वागत किया।1
- मंदसौर में हुए एक हादसे में 17 वर्षीय किशोरी डूब गई। इस दुखद घटना के सामने आने के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।1
- नीमच में ग्रामीण कांग्रेस ने मोदी सरकार की तानाशाही और राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंका और अपनी माँगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।1
- NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिनों से जंतर-मंतर पर लगातार धरना प्रदर्शन कर रही थी। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे को लेकर सोशल मीडिया पर दो पन्नों और 575 शब्दों की एक चिट्ठी पोस्ट की है। इस चिट्ठी में उन्होंने विभिन्न बातों के साथ-साथ दो जगह युवाओं को भ्रमित किए जाने की बात का भी प्रमुखता से जिक्र किया है। इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा कि लोग कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन दुनिया झुकती है, बस झुकाने वाला चाहिए।1
- मनासा के पिपलियामंडी–मनासा मार्ग पर स्थित कृषि उपज मंडी के सामने बना डिवाइडर लंबे समय से हादसों का कारण बना हुआ है। शुक्रवार को भी इसी जगह साइनबोर्ड न होने के कारण एक कार सीधे डिवाइडर से टकरा गई। इस दौरान तीन कारें क्षतिग्रस्त हुईं, हालांकि गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई और बड़ा हादसा टल गया। डिवाइडर पर लगा चेतावनी साइनबोर्ड काफी समय पहले टूटकर गिर गया था, जिससे रात के समय और तेज गति से आने वाले वाहन चालकों को डिवाइडर दिखाई नहीं देता। स्थानीय नागरिकों द्वारा संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र के जागरूक रहवासियों ने स्वयं पहल की। लगातार हो रहे हादसों पर रोक लगाने और वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए रहवासियों ने अपने निजी खर्च से डिवाइडर पर चेतावनी साइनबोर्ड लगवाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। नागरिकों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि नगर के सभी प्रमुख मार्गों पर क्षतिग्रस्त और गायब साइनबोर्डों की शीघ्र मरम्मत कराकर उन्हें पुनः लगाया जाए, साथ ही दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा संकेतक और रिफ्लेक्टर भी लगाए जाएं।1