छत्तीसगढ़ के करतला विकासखंड में ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से 22 और 23 जून 2026 को विभिन्न जोनों में प्रशिक्षण और सक्रिय कार्यकर्ताओं की मासिक बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों का मुख्य लक्ष्य कार्यकर्ताओं को असाक्षर व्यक्तियों की पहचान, सर्वेक्षण, ऑनलाइन प्रविष्टि, अध्यापन व्यवस्था और स्वयंसेवी शिक्षकों की भूमिका से अवगत कराना था। 22 जून को बरपाली, तुमान और करतला जोन में आयोजित प्रशिक्षण सत्रों में उल्लास परीक्षा, सर्वेक्षण प्रक्रिया, कक्षा संचालन के तरीके, परीक्षा में पात्रता के नियम तथा स्वयंसेवी शिक्षकों को मिलने वाले बोनस अंक और प्रमाण-पत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान सभी प्रतिभागियों को साक्षरता की शपथ भी दिलाई गई, जिसमें प्रत्येक प्रशिक्षण स्थल पर 50 से 70 ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इन सत्रों में ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक प्रभारी सुरेश निर्मलकर, विकासखंड परियोजना अधिकारी लोकनाथ सेन, बरपाली जोन की बीआरपी अनीता पोया, करतला जोन की बीआरपी आशा जांगड़े और तुमान जोन की बीआरपी दीपिका निर्मलकर की प्रमुख उपस्थिति रही। वहीं, 23 जून को सोहागपुर जोन में हुई मासिक बैठक सह प्रशिक्षण में असाक्षरों के चिन्हांकन, ऑनलाइन सर्वे की प्रक्रिया, अध्यापन व्यवस्था, स्वयंसेवी शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका और विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई। विकासखंड परियोजना अधिकारी लोकनाथ सेन ने बताया कि विकासखंड को चार जोनों में बांटा गया है और प्रत्येक जोन से सर्वाधिक असाक्षरों का सर्वेक्षण करने वाले तीन-तीन सक्रिय कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। संकुल समन्वयक संजय चौहान ने दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें साक्षरता अभियान से जोड़ने और उनकी अलग सूची तैयार करने पर विशेष बल दिया, जबकि क्षेत्रीय समन्वयक प्रतिमा एक्का ने बैठक के सफल आयोजन के लिए सोहागपुर जोन की बीआरपी अनीता यादव को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में सोहागपुर जोन के समिति पदाधिकारियों समेत 70 से अधिक महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अपने-अपने क्षेत्र के प्रत्येक असाक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने का संकल्प लिया।
छत्तीसगढ़ के करतला विकासखंड में ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से 22 और 23 जून 2026 को विभिन्न जोनों में प्रशिक्षण और सक्रिय कार्यकर्ताओं की मासिक बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों का मुख्य लक्ष्य कार्यकर्ताओं को असाक्षर व्यक्तियों की पहचान, सर्वेक्षण, ऑनलाइन प्रविष्टि, अध्यापन व्यवस्था और स्वयंसेवी शिक्षकों की भूमिका से अवगत कराना था। 22 जून को बरपाली, तुमान और करतला जोन में आयोजित प्रशिक्षण सत्रों में उल्लास परीक्षा, सर्वेक्षण प्रक्रिया, कक्षा संचालन के तरीके, परीक्षा में पात्रता के नियम तथा स्वयंसेवी शिक्षकों को मिलने वाले बोनस अंक और प्रमाण-पत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान सभी प्रतिभागियों को साक्षरता की शपथ भी दिलाई गई, जिसमें प्रत्येक प्रशिक्षण स्थल पर 50 से 70 ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इन सत्रों में ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक प्रभारी सुरेश निर्मलकर, विकासखंड परियोजना अधिकारी लोकनाथ सेन, बरपाली जोन की बीआरपी अनीता पोया, करतला जोन की बीआरपी आशा जांगड़े और तुमान जोन की बीआरपी दीपिका निर्मलकर की प्रमुख उपस्थिति रही। वहीं, 23 जून को सोहागपुर जोन में हुई मासिक बैठक सह प्रशिक्षण में असाक्षरों के चिन्हांकन, ऑनलाइन सर्वे की प्रक्रिया, अध्यापन व्यवस्था, स्वयंसेवी शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका और विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई। विकासखंड परियोजना अधिकारी लोकनाथ सेन ने बताया कि विकासखंड को चार जोनों में बांटा गया है और प्रत्येक जोन से सर्वाधिक असाक्षरों का सर्वेक्षण करने वाले तीन-तीन सक्रिय कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। संकुल समन्वयक संजय चौहान ने दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें साक्षरता अभियान से जोड़ने और उनकी अलग सूची तैयार करने पर विशेष बल दिया, जबकि क्षेत्रीय समन्वयक प्रतिमा एक्का ने बैठक के सफल आयोजन के लिए सोहागपुर जोन की बीआरपी अनीता यादव को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में सोहागपुर जोन के समिति पदाधिकारियों समेत 70 से अधिक महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अपने-अपने क्षेत्र के प्रत्येक असाक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने का संकल्प लिया।
- छत्तीसगढ़ के करतला विकासखंड में ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से 22 और 23 जून 2026 को विभिन्न जोनों में प्रशिक्षण और सक्रिय कार्यकर्ताओं की मासिक बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों का मुख्य लक्ष्य कार्यकर्ताओं को असाक्षर व्यक्तियों की पहचान, सर्वेक्षण, ऑनलाइन प्रविष्टि, अध्यापन व्यवस्था और स्वयंसेवी शिक्षकों की भूमिका से अवगत कराना था। 22 जून को बरपाली, तुमान और करतला जोन में आयोजित प्रशिक्षण सत्रों में उल्लास परीक्षा, सर्वेक्षण प्रक्रिया, कक्षा संचालन के तरीके, परीक्षा में पात्रता के नियम तथा स्वयंसेवी शिक्षकों को मिलने वाले बोनस अंक और प्रमाण-पत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान सभी प्रतिभागियों को साक्षरता की शपथ भी दिलाई गई, जिसमें प्रत्येक प्रशिक्षण स्थल पर 50 से 70 ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इन सत्रों में ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक प्रभारी सुरेश निर्मलकर, विकासखंड परियोजना अधिकारी लोकनाथ सेन, बरपाली जोन की बीआरपी अनीता पोया, करतला जोन की बीआरपी आशा जांगड़े और तुमान जोन की बीआरपी दीपिका निर्मलकर की प्रमुख उपस्थिति रही। वहीं, 23 जून को सोहागपुर जोन में हुई मासिक बैठक सह प्रशिक्षण में असाक्षरों के चिन्हांकन, ऑनलाइन सर्वे की प्रक्रिया, अध्यापन व्यवस्था, स्वयंसेवी शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका और विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई। विकासखंड परियोजना अधिकारी लोकनाथ सेन ने बताया कि विकासखंड को चार जोनों में बांटा गया है और प्रत्येक जोन से सर्वाधिक असाक्षरों का सर्वेक्षण करने वाले तीन-तीन सक्रिय कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। संकुल समन्वयक संजय चौहान ने दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें साक्षरता अभियान से जोड़ने और उनकी अलग सूची तैयार करने पर विशेष बल दिया, जबकि क्षेत्रीय समन्वयक प्रतिमा एक्का ने बैठक के सफल आयोजन के लिए सोहागपुर जोन की बीआरपी अनीता यादव को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में सोहागपुर जोन के समिति पदाधिकारियों समेत 70 से अधिक महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अपने-अपने क्षेत्र के प्रत्येक असाक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने का संकल्प लिया।1
- छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की उन महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी की घोषणा की है, जो पहले महतारी वंदन योजना के लिए आवेदन करने से वंचित रह गई थीं। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के अनुसार, ऐसी पात्र महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना का पोर्टल जल्द ही फिर से खोला जाएगा। इस कदम से छूटी हुई महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त करने का एक और अवसर मिलेगा।1
- पलारी विकासखंड के चित्रोत्पला महानदी के तटवर्ती वन क्षेत्रों में बढ़ते पर्यावरणीय प्रदूषण को देखते हुए, वन प्रबंधन समिति धमनी ने पिकनिक मनाने और घूमने आने वाले लोगों से वन क्षेत्र को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने की भावपूर्ण अपील की है। समिति ने पर्यटकों से आग्रह किया है कि वे जंगल में प्लास्टिक पाउच, पन्नी, कांच की बोतलें, ग्लास और अन्य अपघटित न होने वाली सामग्री न छोड़ें, और न ही शराब की बोतलों को फोड़ें। वन प्रबंधन समिति द्वारा रोहासी, खैरी और अहमदपुर वन क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान, बड़ी मात्रा में शराब की बोतलें, प्लास्टिक पाउच, डिस्पोजेबल ग्लास और अन्य कचरा बिखरा हुआ पाया गया है। समिति का मानना है कि यह स्थिति पर्यावरण संरक्षण के लिए एक गंभीर चुनौती है, क्योंकि जंगलों की स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और ये क्षेत्र पर्यावरण को शुद्ध रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समिति ने यह भी बताया कि जंगल में फोड़ी गई कांच की बोतलों के कारण वन्यजीवों और गौवंश को गंभीर चोटें पहुंच रही हैं। हाल ही में एक घटना में, एक गाय के पैर में टूटी हुई बीयर की बोतल का कांच धंस जाने से वह तेज धूप में चलने में असमर्थ हो गई थी, जिसे सूचना मिलने पर निकाला गया। इसी तरह, चीतल सहित अन्य वन्यजीव भी इन कांच के टुकड़ों से घायल हो रहे हैं। वन प्रबंधन समिति धमनी, महिला कमांडो दल और ग्राम पंचायत धमनी समय-समय पर श्रमदान के माध्यम से वन क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाते हैं। समिति ने लोगों से दोबारा अपील की है कि यदि वे वन क्षेत्र में घूमने या पिकनिक मनाने आते हैं, तो अपने साथ लाए गए प्लास्टिक, बोतल, पन्नी, शीशी और अन्य कचरे को एक बोरी में इकट्ठा करके निर्धारित स्थान पर रखें या अपने साथ वापस ले जाएं। समिति ने जोर दिया है कि प्रकृति हमें जीवन देती है, इसलिए वन भ्रमण का आनंद लेने के साथ-साथ उसकी स्वच्छता और संरक्षण का दायित्व निभाना भी हम सभी का नैतिक कर्तव्य है, ताकि वन क्षेत्र स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त बना रह सके।1
- Available for Sale Locality : पलारी एसडीएम कार्यालय मेन रोड बीआरसी भवन के बगल कॉलेज रोड पलारी में 9 डिसमिल जमीन उपलब्ध Area (dimensions) : 9 डेसिमल जगह Property Type : Agricultural / Farm Land Property Condition : New में रोड से लगा हुआ प्लांट टोटल 18 लख रुपए1
- बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र से एक नाबालिग छात्रा के घर से फरार होने का मामला सामने आया है। कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली यह लड़की अपने बिस्तर पर एक स्व-लिखित पत्र छोड़कर 27 जून 2026 की रात 11:00 बजे से 28 जून 2026 की सुबह 4:00 बजे के बीच घर से चली गई। उसके 52 वर्षीय पिता ने चकरभाठा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पिता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उनकी चौथी बेटी, जो कक्षा 9वीं में पढ़ रही थी, घर से बिना बताए चली गई। वह अपनी मां के लिए छत्तीसगढ़ी भाषा में एक चिट्ठी छोड़ गई है, जिसमें उसने लिखा है कि उसे ढूंढा न जाए और परेशान न हों, क्योंकि वह उस लड़के के साथ बहुत दूर जा रही है जिससे उसकी बात होती थी। अनपढ़ पिता ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी नाबालिग बेटी को गलत नीयत से बहला-फुसलाकर ले गया है। रविवार रात 10:00 बजे चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, लड़की रविवार तक भी वापस नहीं लौटी थी। प्रार्थी की रिपोर्ट पर चकरभाठा पुलिस ने अपराध धारा 137(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की विवेचना जारी है।1
- बिलासपुर की सरकंडा थाना पुलिस ने घर में घुसकर मारपीट और तलवार से हमला करने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस घटना में एक विधि से संघर्षरत बालक को भी निरुद्ध कर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हमले में प्रयुक्त एक धारदार तलवार भी जब्त की है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 26 जून की रात करीब 11:30 बजे अपोलो चौक, लिंगियाडीह के पास हुई थी। प्रार्थी निखिल ध्रुव अपने साथियों आदित्य दास महंत और रवि गंधर्व के साथ खड़ा था, तभी आरोपियों ने वाहन से टक्कर मारी और गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद उन्होंने लाठी-डंडों तथा तलवार से हमला किया। जान बचाने के लिए घायल पास के एक मकान में घुस गए, लेकिन आरोपी भी वहां पहुंच गए और घर के भीतर घुसकर मारपीट की। इस हमले में पीड़ितों के सिर, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। मामले की रिपोर्ट पर सरकंडा थाने में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद किए गए। आरोपी सन्नी अहिरवार उर्फ बउवा अहिरवार के कब्जे से तलवार मिलने के बाद प्रकरण में आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के साथ बीएनएस की अन्य धाराएं भी जोड़ी गईं। गिरफ्तार आरोपियों में सन्नी अहिरवार उर्फ बउवा (20), संजय विश्वकर्मा उर्फ संजू (20), मुकेश यादव उर्फ मुक्की (25) और राहुल यादव उर्फ छोटू (26) शामिल हैं, जो सभी लिंगियाडीह क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने इन चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई जारी है।2
- बिलासपुर के मंगला स्थित रामदेव लॉन में 'छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन' के वर्तमान कार्यकाल की तीसरी आमसभा के अवसर पर भव्य 'सराफा महासम्मेलन 2026' का सफल आयोजन हुआ। "2 साल बेमिसाल, तीसरा साल बनेगा नई मिसाल" के संकल्प के साथ आयोजित इस महासम्मेलन में समूचे छत्तीसगढ़ राज्य से हजारों सराफा व्यापारी "बिलासपुर चलो..." के आह्वान पर एकत्रित हुए। कार्यक्रम का सफल संयोजन जिला बिलासपुर सराफा एसोसिएशन और समस्त क्षेत्रीय इकाइयों ने किया, जिसमें उप-मुख्यमंत्री अरुण साव, उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा, बिल्हा विधायक धर्मलाल कौशिक, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, पूर्व विधायक कृष्ण कुमार बांधी सहित बड़ी संख्या में सराफा पदाधिकारी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने अपने उद्बोधन में छत्तीसगढ़ शासन को जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क के लिए भूमि आवंटन हेतु आभार व्यक्त किया और इसके जल्द क्रियान्वयन पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने बिलासपुर में भी जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क की स्थापना तथा स्थानीय कारीगरों के संरक्षण और पारंपरिक व्यापार को बढ़ावा देने के लिए तत्काल 'स्वर्णकला बोर्ड' के गठन की मांग की। इस पर मंच पर उपस्थित उप-मुख्यमंत्री अरुण साव ने बिलासपुर में जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क की फाइल को आगे बढ़ाने के लिए निगम कमिश्नर प्रकाश सर्वे को तुरंत निर्देशित किया। कानूनी सरलीकरण की दिशा में, सराफा व्यापारियों ने धारा 317 BNS / 411 IPC के दुरुपयोग को रोकने और अपने हितों की रक्षा के लिए नियमों के सरलीकरण पर विस्तृत चर्चा की। इस विषय पर उप-मुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने धारा 317 से जुड़ी व्यापारियों की परेशानियों के संबंध में आज ही विभाग से चर्चा करने का आश्वासन दिया, ताकि सराफा व्यापारियों को व्यापार करने में किसी तरह की कठिनाई न हो। सम्मेलन के दौरान, BIS और GST के शीर्ष अधिकारियों द्वारा एक विशेष कार्यशाला भी आयोजित की गई, जहाँ व्यापारियों की नए नियमों, हॉलमार्किंग और टैक्स प्रक्रियाओं से संबंधित शंकाओं का समाधान किया गया। कार्यक्रम में 'सराफा रत्न' से संस्थापकों, पूर्व अध्यक्षों और सक्रिय वरिष्ठ सदस्यों सहित सभी जिले की इकाइयों को सम्मानित किया गया। समापन अवसर पर केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने अपने उद्बोधन में सराफा एसोसिएशन के इस तीसरे साल को बेमिसाल बताया और प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी की व्यापारियों को एकजुट करने की सराहना की। उन्होंने बिलासपुर के विकास के लिए हर संभव प्रयास करने का भी आश्वासन दिया। इस आयोजन में साईं ब्लड एंड कंपोनेंट सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर भी लगाया गया, जिसमें 50 यूनिट से अधिक रक्त एकत्र किया गया। इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में जिला बिलासपुर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कल्याण सिंह, सचिव दीपक सोनी, कोषाध्यक्ष आलोक सोनी, कार्यकारी अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय तथा प्रांतीय टीम से प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी, प्रदेश सचिव प्रकाश गोलछा, प्रदेश कोषाध्यक्ष हर्षवर्धन जैन, प्रदीप घोरपड़े (चेयरमैन), संजय कुमार कानूनगो, उत्तम चंद भंडारी, मदन अग्रवाल, राजू डुग्गड, राजेश सोनी, सुनील सोनी और मीडिया प्रभारी आलोक सोनी की प्रमुख भूमिका रही।4
- रायपुर के पं. हरिशंकर शुक्ल स्मृति महाविद्यालय में रविवार, 28 जून 2026 को आयोजित एल्यूमिनी मीट पूर्व विद्यार्थियों के लिए एक भावुक मिलन साबित हुआ, जहाँ उन्होंने अपने कॉलेज जीवन की अनमोल यादों को फिर से जिया। वर्षों बाद एक-दूसरे से मिले पूर्व छात्रों के चेहरों पर उत्साह, अपनापन और हल्की भावुकता साफ झलक रही थी। परिसर में हँसी, ठिठोली और आत्मीयता का ऐसा माहौल बन गया, मानो समय फिर पीछे लौट आया हो; कोई दोस्त की बढ़ी हुई तोंद पर ठहाके लगा रहा था, तो कोई बदले हुए व्यक्तित्व पर पुराने किस्से छेड़ रहा था, जिससे वर्षों की दूरियाँ कुछ ही पलों में सिमट गईं। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और स्वागत उद्बोधन से हुई, जिसके बाद पूर्व विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मनोरंजक गतिविधियों से माहौल को जीवंत बना दिया। टीम गेम्स, मिमिक्री और दोस्तों के साथ बिताए गए पुराने पल सभी के चेहरे पर मुस्कान बिखेरते रहे। इस अवसर पर कई पूर्व छात्र अपने शिक्षकों की सीख और कॉलेज के स्वर्णिम दिनों को याद कर भावुक भी हो उठे, जिन्होंने उनके व्यक्तित्व को आकार दिया था। महाविद्यालय के चेयरमैन श्री सुशील शुक्ला ने पूर्व विद्यार्थियों को किसी भी शैक्षणिक संस्था की सबसे बड़ी धरोहर बताया और उनकी उपलब्धियों को महाविद्यालय का गौरव व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत कहा। प्राचार्य डॉ. श्रीमती ममता शर्मा ने एल्यूमिनी मीट को पीढ़ियों को जोड़ने वाला भावनात्मक सेतु बताया, जो नए और पुराने विद्यार्थियों के बीच आत्मीय संबंधों को मजबूत कर जीवन में नई ऊर्जा का संचार करता है। यह पुनर्मिलन कॉलेज, समय, दोस्ती, गुरुजनों के स्नेह और कॉलेज की यादों के कभी पुराना न होने के संदेश के साथ संपन्न हुआ, जिसे हर पूर्व विद्यार्थी जीवनभर अपनी स्मृतियों में संजोकर रखेगा। कार्यक्रम में चेयरमैन श्री सुशील शुक्ला, डॉ. ममता शर्मा, डॉ. संजय अवस्थी, राकेश मनचंदा, डॉ. राजेश जंघेल, डॉ. पदमा बोहरे, डॉ. बलजीत कौर, डॉ. पुष्पेश पांडे, डॉ. निधि जी, समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में भूतपूर्व विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।1