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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत ने अपनी सच्चाई खुद अपनी जुबानी बताई है। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने जनता का मज़ाक उड़ाया। लोगों से अपील की गई है कि वे खुद अभिजीत के शब्दों में उनकी असलियत देखें और जानें कि आखिर सच क्या है।
Vinod Rastogi
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत ने अपनी सच्चाई खुद अपनी जुबानी बताई है। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने जनता का मज़ाक उड़ाया। लोगों से अपील की गई है कि वे खुद अभिजीत के शब्दों में उनकी असलियत देखें और जानें कि आखिर सच क्या है।
More news from दिल्ली and nearby areas
- दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत, पुलिस ने स्कूलों से लेकर बाजारों तक एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया है, जिसका उद्देश्य लोगों को साइबर अपराधों के बारे में शिक्षित करना है।1
- Post by Babiu1
- सोशल मीडिया यूज़र alam_malik143143 ने अपने दर्शकों और अन्य उपयोगकर्ताओं से अपने यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक चैनलों को फॉलो करने का आग्रह किया है। यह अनुरोध उनकी ओर से अपने इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ने के लिए एक सीधी अपील है।1
- भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा सर्वोच्च न्यायालय को लिखे गए पत्र की भाषा और शैली पर गंभीर आपत्ति व्यक्त की है। प्रवक्ता ने कहा कि इस पत्र में जिस अहंकारी भाषा का प्रयोग किया गया है, वह आपातकाल के समय की याद दिलाती है, और उन्होंने इसे वही अहंकारी भाषा बताया जो उस दौरान देखने को मिली थी। प्रवक्ता ने विपक्षी दलों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पर विशेष रूप से निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि क्या यह सच नहीं है कि केरल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर जी ने एक टीवी कार्यक्रम में कहा था कि विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) प्रक्रिया से कांग्रेस को केरल में लाभ हुआ, क्योंकि कम्युनिस्ट पार्टियों द्वारा बनाए गए फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे। इसी तरह, कर्नाटक में कांग्रेस के नेता डी.के. शिवकुमार जी अपने कार्यकर्ताओं को एस.आई.आर. की प्रक्रिया में सक्रियता और तत्परता से भाग लेने का निर्देश दे रहे हैं, जबकि दूसरी ओर इसी प्रक्रिया पर आक्षेप भी लगा रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने दोहराया कि सर्वोच्च न्यायालय को जिस भाषा और शैली में पत्र लिखा गया है, वह स्पष्ट रूप से अहंकारी प्रतीत होती है।1
- एक गरीब परिवार का बच्चा अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है, वहीं गुरसहायगंज ग्रामीण बैंक की मैनेजर नीतू सिंह पिछले 5-7 दिनों से उसके पिता को खाता चालू करने के लिए लगातार परेशान कर रही हैं। पीड़ित पिता ने बताया कि मैनेजर ने पहले केवाईसी (KYC) अधूरा होने की बात कही। जब उसने जैसे-तैसे सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए, तो फिर उनसे खाता सक्रिय करने के लिए 100 रुपये जमा करने को कहा गया। मजबूर पिता ने उम्मीद में 100 रुपये भी जमा कर दिए, लेकिन इसके बावजूद भी उसका खाता चालू नहीं किया गया और सिर्फ बातें टाली जा रही हैं। यह सवाल उठाया गया है कि क्या गरीब होना गुनाह है, और किसी मजबूर तथा बेबस इंसान को उसके हक के पैसों के लिए इस तरह प्रताड़ित करना कहाँ का न्याय है। उच्च अधिकारियों से निवेदन किया गया है कि वे इस मामले का तुरंत संज्ञान लें और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएं, साथ ही ऐसे संवेदनहीन कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है।1
- एक लाईलाज रोग का उपचार मिल गया है, जिसके बाद इलाज के लिए रोगियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।1
- आगरा क्षेत्र में कोई आशा नहीं है।1
- पटेल नगर पुलिस ने सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शित करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तब की गई जब सोशल मीडिया पर हथियार दिखाना उस व्यक्ति को भारी पड़ गया।1