फिजूलखर्ची पर प्रहार, पन्ना में बदला इतिहास! तेरहवीं का भोज बंद, अब जरूरतमंदों की मदद बनेगी समाज की नई परंपरा उपशीर्षक: क्षत्रिय महासभा का ऐतिहासिक संकल्प, डॉ. विजय परमार ने दिवंगत माताजी की तेरहवीं पर मृत्युभोज न कर पेश की मिसाल पन्ना। पन्ना में सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। क्षत्रिय महासभा ने मृत्युभोज (तेरहवीं) जैसी वर्षों पुरानी कुप्रथा को समाप्त करने का संकल्प लेते हुए समाज को नई दिशा देने का निर्णय लिया है। इस अभियान की शुरुआत शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. विजय परमार ने अपनी पूज्य माताजी स्वर्गीय सरला कुमारी सिंह के निधन के उपरांत तेरहवीं भोज का आयोजन न करके की। इसके स्थान पर समाजहित और जरूरतमंदों की सहायता को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया। महासभा का मानना है कि तेरहवीं भोज पर होने वाला अनावश्यक खर्च यदि शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीब परिवारों की सहायता और सामाजिक कल्याण के कार्यों में लगाया जाए, तो इससे समाज को वास्तविक लाभ मिलेगा। इस पहल को समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। सामाजिक प्रबुद्धजनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया है और उम्मीद जताई है कि अन्य परिवार भी इस पहल से प्रेरणा लेकर फिजूलखर्ची छोड़ समाज सेवा को बढ़ावा देंगे।
फिजूलखर्ची पर प्रहार, पन्ना में बदला इतिहास! तेरहवीं का भोज बंद, अब जरूरतमंदों की मदद बनेगी समाज की नई परंपरा उपशीर्षक: क्षत्रिय महासभा का ऐतिहासिक संकल्प, डॉ. विजय परमार ने दिवंगत माताजी की तेरहवीं पर मृत्युभोज न कर पेश की मिसाल पन्ना। पन्ना में सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। क्षत्रिय महासभा ने मृत्युभोज (तेरहवीं) जैसी वर्षों पुरानी कुप्रथा को समाप्त करने का संकल्प लेते हुए समाज
को नई दिशा देने का निर्णय लिया है। इस अभियान की शुरुआत शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. विजय परमार ने अपनी पूज्य माताजी स्वर्गीय सरला कुमारी सिंह के निधन के उपरांत तेरहवीं भोज का आयोजन न करके की। इसके स्थान पर समाजहित और जरूरतमंदों की सहायता को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया। महासभा का मानना है कि तेरहवीं भोज पर होने वाला अनावश्यक खर्च यदि शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीब परिवारों की
सहायता और सामाजिक कल्याण के कार्यों में लगाया जाए, तो इससे समाज को वास्तविक लाभ मिलेगा। इस पहल को समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। सामाजिक प्रबुद्धजनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया है और उम्मीद जताई है कि अन्य परिवार भी इस पहल से प्रेरणा लेकर फिजूलखर्ची छोड़ समाज सेवा को बढ़ावा देंगे।
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- स्कूल के मुख्य द्वार पर फन फैलाए बैठा मिला विषैला नाग, घर में घुसा 5 फीट लंबा धामिन; सर्पमित्र ने किया सुरक्षित रेस्क्यू उपशीर्षक: बृजपुर में एक ही दिन दो स्थानों पर निकले सांप, समय रहते रेस्क्यू होने से टला बड़ा हादसा Writing पन्ना। जिले के बृजपुर क्षेत्र में गुरुवार को सांप निकलने की दो अलग-अलग घटनाओं से लोगों में दहशत फैल गई। पहली घटना शासकीय सरदार पटेल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की है, जहां सुबह विद्यालय का मुख्य द्वार खोलने पहुंचे प्राचार्य देशराज प्रजापति ने गेट पर फन फैलाए बैठे एक विषैले नाग को देखा। सूचना मिलते ही विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। इसी दौरान गांव निवासी शिवचरण सोनी के घर में लगभग 5 फीट लंबा घोड़ा पछाड़ (धामिन) सांप निकल आया। घर के भीतर सांप दिखाई देने से परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। दोनों घटनाओं की सूचना मिलते ही सर्पमित्र रूपेश जैन मौके पर पहुंचे। उन्होंने सावधानीपूर्वक दोनों सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उन्हें पकड़कर बाद में उनके प्राकृतिक आवास, घने जंगल में छोड़ दिया। समय रहते रेस्क्यू होने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इस दौरान सर्पमित्र रूपेश जैन ने लोगों से अपील की कि मानसून के मौसम में बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप अक्सर बाहर निकल आते हैं। ऐसे में घरों के आसपास की झाड़ियों, कोनों, लकड़ियों के ढेर और जूतों-चप्पलों की अच्छी तरह जांच करने के बाद ही उनका उपयोग करें। यदि कहीं सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या छेड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत प्रशिक्षित सर्पमित्र या वन विभाग को सूचना दें1
- शकलेक्टर ने कलेक्ट्रेट की विभिन्न शाखाओं का किया औचक निरीक्षण 200 समग्र आईडी की समस्याओं का कलेक्टर ने डीलिंक करते हुए मौके पर किया निराकरण नकल प्राप्त करने आए आवेदकों से कलेक्टर ने की चर्चा कलेक्टर ने कहा नकल प्राप्त करने में लोगों को नहीं हो परेशानी, सुदृढ़ व्यवस्था बनाने के स्पष्ट निर्देश नवागत कलेक्टर मृणाल मीणा ने गुरुवार कलेक्ट्रेट छतरपुर की विभिन्न शाखाओं का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने ई-गवर्नेंस शाखा का निरीक्षण करते हुए कार्यों की जानकारी ली और समग्र आईडी से संबंधित 200 लंबित समस्याओं का निराकरण डीलिंक के माध्यम से कराया। इसके बाद कलेक्टर ने खाद्य आपूर्ति शाखा का निरीक्षण करते हुए राशन उपभोक्ताओं की जानकारी ली और समय पर राशन वितरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कार्यालय के मीटिंग हॉल का निरीक्षण कर जल्द ही जीर्णोद्धार के कार्य को पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एनआईसी कक्ष, वेब जीआईएस, नकल शाखा एवं रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने नकल प्राप्त करने आए आवेदकों से चर्चा करते हुए नकल लेने में क्या समस्या आती है और कितना समय लगता है आदि जानकारी ली। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नकल प्राप्त करने में लोगों को बिल्कुल भी परेशानी नहीं हो, इस व्यवस्था को बेहतर और सुदृढ़ बनाएं ।1