Shuru
Apke Nagar Ki App…
मंडला जिले के बबैहा क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना हो गई, जहाँ मैदा और सूजी से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। यह घटना तब हुई जब वाहन ने अपना नियंत्रण खो दिया, जिसके परिणामस्वरूप वह सड़क पर पलट गया।
Neelesh THAKUR
मंडला जिले के बबैहा क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना हो गई, जहाँ मैदा और सूजी से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। यह घटना तब हुई जब वाहन ने अपना नियंत्रण खो दिया, जिसके परिणामस्वरूप वह सड़क पर पलट गया।
More news from Madhya Pradesh and nearby areas
- मां नर्मदा का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने और सतर्क रहने की अपील की गई है, जिसमें विशेष जोर दिया गया है कि सभी की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।1
- नारायणगंज के पोषक ग्राम बीजेगांव में खेत में काम कर रही एक 66 वर्षीय बुजुर्ग महिला को जहरीले सांप ने डस लिया। महिला ने अपनी जान बचाने के लिए हंसिए का इस्तेमाल कर सांप को खुद से दूर हटाया। उनकी सजगता और समय पर मिले इलाज के कारण फिलहाल महिला की जान सुरक्षित है।1
- मंडला जिले के बिछिया में स्थानीय लोगों ने अपने घरों के सामने सड़क निर्माण की मांग की है। लोगों का कहना है कि उनके घरों के सामने आज तक सड़क नहीं बन पाई है।1
- सिवनी के घंसौर जनपद पंचायत परिसर में शनिवार, 4 जुलाई को वृद्ध एवं दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण वितरित किए गए। इस समारोह में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) और एसडीएम की उपस्थिति में पात्र हितग्राहियों को उनकी ज़रूरत के अनुसार व्हीलचेयर, वॉकर, बैसाखी और अन्य महत्वपूर्ण सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इन उपकरणों का उद्देश्य वृद्ध एवं दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन में सुविधा देना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और अपने कार्यों को स्वयं करने में सक्षम बनाना है। अधिकारियों ने इस अवसर पर बताया कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएँ ज़रूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुँचाने के लक्ष्य से चलाई जा रही हैं। उपकरण प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी के साथ-साथ बड़ी संख्या में हितग्राही भी मौजूद रहे।1
- डिंडोरी जिले में मानसून की दस्तक के साथ ही खेतों में एक बार फिर रौनक लौट आई है, जिसके चलते धान की रोपाई का काम तेजी से शुरू हो गया है। मानसून की इस बारिश ने जिले के किसानों में नई उम्मीद जगाई है और वे खरीफ सीजन की तैयारियों में पूरे जोर-शोर से जुटे हुए हैं। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष और प्रगतिशील जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने अपने खेत में देशी धान की किस्म "तुलसी अमृत" की जैविक विधि से रोपाई शुरू की है। उन्होंने बताया कि बीजों का बीजामृत से उपचार करके 21 दिन की नर्सरी तैयार की गई है। उनके अनुसार, खेत में केंचुआ खाद का उपयोग किया गया है और रोपाई के बाद जीवामृत का छिड़काव किया जाएगा, जिससे फसल स्वस्थ रहेगी और उत्पादन भी बेहतर होगा। बिहारी लाल साहू ने किसानों से अपील की है कि वे 14 से 21 दिन की नर्सरी में ही धान की रोपाई करें, क्योंकि इससे पौध जल्दी जमती है, जड़ें मजबूत होती हैं और पैदावार बढ़ने की संभावना रहती है। उन्होंने किसानों को खेती में देरी न करने तथा उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए समय पर जुताई व रोपाई पूरी करने की सलाह भी दी। कृषि विभाग ने भी किसानों से खेतों की नमी का सही उपयोग करते हुए समय पर रोपाई करने का आग्रह किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर रोपाई और जैविक खेती अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं और मिट्टी की उर्वरता भी बनाए रख सकते हैं।3
- केंद्र की मोदी सरकार ने बालाघाट-सिवनी संसदीय क्षेत्र के ग्राम जानवा, जो 208 कोबरा बटालियन CRPF परिसर में स्थित है, में एक नया केंद्रीय विद्यालय खोलने की मंजूरी दे दी है। यह नया स्कूल आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कार्यशील होगा, जिसमें शुरुआती चरण में बालवाटिका-01 से 03 और कक्षा 01 से 5वीं तक की पढ़ाई कराई जाएगी। सांसद भारती पारधी के दो वर्ष के कार्यकाल में यह क्षेत्र का तीसरा केंद्रीय विद्यालय है, इससे पहले तिरोड़ी और बरघाट में भी विद्यालयों को स्वीकृति मिल चुकी है। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने आगामी 30 दिनों के भीतर प्रवेश और अन्य सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। किरनापुर के ग्राम जानवा में इस नए केंद्रीय विद्यालय के खुलने से किरनापुर, बैहर और लांजी सहित आसपास के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को अपने ही इलाके में उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल पाएगा।1
- मंडला जिले के बबैहा क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना हो गई, जहाँ मैदा और सूजी से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। यह घटना तब हुई जब वाहन ने अपना नियंत्रण खो दिया, जिसके परिणामस्वरूप वह सड़क पर पलट गया।1
- बारिश के कारण सड़कें अब खतरे के गड्ढे में तब्दील हो गई हैं, जिससे मार्ग पर आवागमन जोखिम भरा हो गया है।1