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इस मेले की तैयारियों को लेकर मंगलवार को कबीर की कुटिया में समिति द्वारा एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया जिसमें प्रमुख रूप सिंधी मेला समिति के संरक्षक एवं विधायक भगवानदास सबनानी मेला समिति के वरिष्ठ साथीगण भोपाल के सभी मोहल्ला पंचायत के अध्यक्ष एवं महासचिव सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही *दो दिवसीय पारिवारिक सिंधी मेला 2 एवं 3 मई को आयोजित* *पार्किंग एवं फूड ज़ोन को और बेहतर बनाने की योजना पर समिति कर रही काम* भोपाल। सिंधी मेला समिति द्वारा लालघाटी स्थित सुंदरवन गार्डन में दिनांक 2 एवं 3 मई को दो दिवसीय पारिवारिक सिंधी मेले का आग़ाज होने जा रहा है, इस मेले की तैयारियों को लेकर मंगलवार को कबीर की कुटिया में समिति द्वारा एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया जिसमें प्रमुख रूप सिंधी मेला समिति के संरक्षक एवं विधायक भगवानदास सबनानी मेला समिति के वरिष्ठ साथीगण भोपाल के सभी मोहल्ला पंचायत के अध्यक्ष एवं महासचिव सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही। इस वर्ष यह मेला नारी शक्ति एवं पर्यावरण पर आधारित रहेगा। सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरयानी एवं महासचिव नरेश तलरेजा ने बताया कि इस वर्ष नारी शक्ति पर मेले की थीम रखी जाएगी, जैसा की आप सभी जानते है मातृशक्ति के बिना समाज अधूरा है। आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं, चाहे वह शिक्षा हो, विज्ञान हो, या राजनीति, इसी बात का विशेष सम्मान करते हुए समिति ने इस वर्ष सिंधी मेले को नारी शक्ति का रूप दिया जा रहा है, साथ ही लोगो को पर्यावरण संरक्षण के महत्व को याद दिलाने के लिए लोगो को जागरूक करने का भी प्रयास इस सिंधी मेले के माध्यम से किया जाएगा। दरयानी ने बताया कि इस वर्ष पार्किंग एवं फूड जोन पर बहुत जायदा ध्यान दिया जाएगा, फूड जोन को और जायदा विशाल बनाने की योजना है जिससे आने वाला अतिथि खुली जगह में भोजन का आनंद ले सकें। इसके अलावा अक्सर देखा गया है कि मेले में आने वाले बुजुगों को पार्किंग की समस्या से जूझना पड़ता है लेकिन इस वर्ष समिति द्वारा वैले पार्किंग की व्यवस्था भी मेले परिसर में शुरू की गई है। दरयानी ने बताया कि इस वर्ष सुनील किंगरारानी को मेले का संयोजक, चंदर डुलानी को सह संयोजक एवं भारती ठाकुर को इस आयोजन की सह संयोजिका नियुक्त किया गया है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से किशोर तनवानी, घनश्याम पंजवानी, के.एल. दलवानी, जी.सी केवलरमानी, प्रदीप आर्तवानी, महेश बजाज, अमर दावानी सहित गणमान्य लोग एवं महिलायें इस बैठक में शामिल हुई।

2 hrs ago
user_K K D NEWS MP/CG
K K D NEWS MP/CG
TV News Anchor हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

इस मेले की तैयारियों को लेकर मंगलवार को कबीर की कुटिया में समिति द्वारा एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया जिसमें प्रमुख रूप सिंधी मेला समिति के संरक्षक एवं विधायक भगवानदास सबनानी मेला समिति के वरिष्ठ साथीगण भोपाल के सभी मोहल्ला पंचायत के अध्यक्ष एवं महासचिव सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही *दो दिवसीय पारिवारिक सिंधी मेला 2 एवं 3 मई को आयोजित* *पार्किंग एवं फूड ज़ोन को और बेहतर बनाने की योजना पर समिति कर रही काम* भोपाल। सिंधी मेला समिति द्वारा लालघाटी स्थित सुंदरवन गार्डन में दिनांक 2 एवं 3 मई को दो दिवसीय पारिवारिक सिंधी मेले का आग़ाज होने जा रहा है, इस मेले की तैयारियों को लेकर मंगलवार को कबीर की कुटिया में समिति द्वारा एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया जिसमें प्रमुख रूप सिंधी मेला समिति के संरक्षक एवं विधायक भगवानदास सबनानी मेला समिति के वरिष्ठ साथीगण भोपाल के सभी मोहल्ला पंचायत के अध्यक्ष एवं महासचिव सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही। इस वर्ष यह मेला नारी शक्ति एवं पर्यावरण पर आधारित रहेगा। सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरयानी एवं महासचिव नरेश तलरेजा ने बताया कि इस वर्ष नारी शक्ति पर मेले की थीम रखी जाएगी, जैसा की आप सभी जानते है मातृशक्ति के बिना समाज अधूरा है। आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं, चाहे वह शिक्षा हो, विज्ञान हो, या राजनीति, इसी बात का विशेष सम्मान करते हुए समिति ने इस वर्ष सिंधी मेले को नारी शक्ति का रूप दिया जा रहा है, साथ ही लोगो को पर्यावरण संरक्षण के महत्व को याद दिलाने के लिए लोगो को जागरूक करने का भी प्रयास इस सिंधी मेले के माध्यम से किया जाएगा। दरयानी ने बताया कि इस वर्ष पार्किंग एवं फूड जोन पर बहुत जायदा ध्यान दिया जाएगा, फूड जोन को और जायदा विशाल बनाने की योजना है जिससे आने वाला अतिथि खुली जगह में भोजन का आनंद ले सकें। इसके अलावा अक्सर देखा गया है कि मेले में आने वाले बुजुगों को पार्किंग की समस्या से जूझना पड़ता है लेकिन इस वर्ष समिति द्वारा वैले पार्किंग की व्यवस्था भी मेले परिसर में शुरू की गई है। दरयानी ने बताया कि इस वर्ष सुनील किंगरारानी को मेले का संयोजक, चंदर डुलानी को सह संयोजक एवं भारती ठाकुर को इस आयोजन की सह संयोजिका नियुक्त किया गया है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से किशोर तनवानी, घनश्याम पंजवानी, के.एल. दलवानी, जी.सी केवलरमानी, प्रदीप आर्तवानी, महेश बजाज, अमर दावानी सहित गणमान्य लोग एवं महिलायें इस बैठक में शामिल हुई।

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  • भोपाल बाइट: अभय राम भक्त, जिला महासचिव, युवा कांग्रेस एंकर भोपाल में सियासी पारा उस वक्त गरमा गया जब हरदोई के बीजेपी विधायक श्याम प्रकाश के कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर युवा कांग्रेस सड़क पर उतर आई। पीसीसी दफ्तर के सामने सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने विधायक का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और मुर्दाबाद के नारे लगाए। युवा कांग्रेस ने इस बयान को सनातन धर्म का अपमान बताते हुए विधायक से माफी की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा।
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    भोपाल
बाइट: अभय राम भक्त, जिला महासचिव, युवा कांग्रेस
एंकर 
भोपाल में सियासी पारा उस वक्त गरमा गया जब हरदोई के बीजेपी विधायक श्याम प्रकाश के कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर युवा कांग्रेस सड़क पर उतर आई। पीसीसी दफ्तर के सामने सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने विधायक का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और मुर्दाबाद के नारे लगाए। युवा कांग्रेस ने इस बयान को सनातन धर्म का अपमान बताते हुए विधायक से माफी की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा।
    user_K K D NEWS MP/CG
    K K D NEWS MP/CG
    TV News Anchor हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • *इनके पाप विधायक है इस लिए ये किसी को भी गाड़ी से उड़ा देते है ?* मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर सत्ता के नशे और कानून के डर के बीच की खाई खुलकर सामने आ गई है। शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा से जुड़ा हालिया मामला सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उस मानसिकता का आईना है जो सत्ता के करीब आते ही खुद को कानून से ऊपर समझने लगती है। आरोप है कि भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के पुत्र ने अपनी गाड़ी से कई लोगों को कुचल दिया, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना जितनी भयावह है, उससे कहीं ज्यादा चौंकाने वाला उसका बाद का व्यवहार है। आम तौर पर ऐसे मामलों में आरोपी भयभीत होता है, छिपने की कोशिश करता है या कानून की प्रक्रिया का सामना करता है। लेकिन यहां तस्वीर उलट दिखाई देती है आरोपी का बेखौफ होकर सामान्य जीवन में लौट जाना यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर उसे यह भरोसा कहां से मिल रहा है? क्या यह विश्वास सिर्फ इसलिए है क्योंकि उसके पिता सत्ता में हैं? यह घटना किसी एक परिवार या एक नेता की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की पोल खोलती है जहां “पहचान” और “पद” न्याय से बड़ा बन जाता है। जब आम आदमी सड़क पर चलता है, तो उसे ट्रैफिक नियमों से लेकर कानून की हर धारा का डर होता है। लेकिन वहीं, अगर कोई रसूखदार परिवार से आता है, तो वही सड़क उसके लिए ताकत का प्रदर्शन करने का मंच बन जाती है। सबसे गंभीर सवाल यह है कि क्या इस मामले में कानून अपना काम पूरी निष्पक्षता से करेगा? या फिर यह भी उन फाइलों में दब जाएगा, जहां बड़े नामों के सामने जांच धीमी पड़ जाती है? जनता के मन में यह संदेह यूं ही पैदा नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई मामलों में देखा गया है कि प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई या तो देर से होती है या फिर कमजोर पड़ जाती है। इस पूरे प्रकरण में पीड़ितों की स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है। जिन लोगों को कुचला गया, वे किसी के परिवार के सदस्य हैं, किसी के पिता, किसी के बेटे। उनके लिए यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि जिंदगी भर का दर्द बन सकती है। सवाल यह है कि क्या उन्हें न्याय मिलेगा? क्या उनके जख्मों की भरपाई सिर्फ मुआवजे से हो सकती है? राजनीति में अक्सर “जनसेवा” की बात होती है, लेकिन जब जनता ही असुरक्षित महसूस करने लगे, तो यह शब्द खोखला लगने लगता है। सत्ता का मतलब जिम्मेदारी होना चाहिए, न कि दबंगई का लाइसेंस। यदि जनप्रतिनिधियों के परिवार ही कानून तोड़ने लगें और उन पर कार्रवाई न हो, तो यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर सीधा आघात है। यह भी गौर करने वाली बात है कि इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने क्यों आती हैं। क्या राजनीतिक दल अपने नेताओं और उनके परिवारों के आचरण को लेकर कोई आंतरिक अनुशासन लागू करते हैं? या फिर जीत के बाद सब कुछ “मैनेज” हो जाने की मानसिकता हावी हो जाती है? समाज में कानून का सम्मान तभी बना रह सकता है जब हर व्यक्ति, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके दायरे में आए। अगर कुछ लोगों को छूट मिलती रही, तो यह संदेश जाएगा कि कानून सिर्फ कमजोरों के लिए है। और यह स्थिति किसी भी लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक होती है। आज जरूरत है एक निष्पक्ष और तेज कार्रवाई की। सिर्फ बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। पुलिस और प्रशासन को यह साबित करना होगा कि वे किसी दबाव में नहीं हैं। अगर आरोपी दोषी है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए चाहे वह किसी भी परिवार से क्यों न आता हो। यह मामला सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। अगर अब भी व्यवस्था नहीं चेती, तो जनता का भरोसा पूरी तरह टूट सकता है। और जब जनता का विश्वास डगमगाता है, तो लोकतंत्र की नींव भी कमजोर पड़ जाती है। अब देखना यह है कि यह मामला भी बाकी मामलों की तरह समय के साथ ठंडा पड़ जाता है, या फिर सच में न्याय की मिसाल बनता है।
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    *इनके पाप विधायक है इस लिए ये किसी को भी गाड़ी से उड़ा देते है ?*
मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर सत्ता के नशे और कानून के डर के बीच की खाई खुलकर सामने आ गई है। शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा से जुड़ा हालिया मामला सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उस मानसिकता का आईना है जो सत्ता के करीब आते ही खुद को कानून से ऊपर समझने लगती है। आरोप है कि भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के पुत्र ने अपनी गाड़ी से कई लोगों को कुचल दिया, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना जितनी भयावह है, उससे कहीं ज्यादा चौंकाने वाला उसका बाद का व्यवहार है।
आम तौर पर ऐसे मामलों में आरोपी भयभीत होता है, छिपने की कोशिश करता है या कानून की प्रक्रिया का सामना करता है। लेकिन यहां तस्वीर उलट दिखाई देती है आरोपी का बेखौफ होकर सामान्य जीवन में लौट जाना यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर उसे यह भरोसा कहां से मिल रहा है? क्या यह विश्वास सिर्फ इसलिए है क्योंकि उसके पिता सत्ता में हैं?
यह घटना किसी एक परिवार या एक नेता की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की पोल खोलती है जहां “पहचान” और “पद” न्याय से बड़ा बन जाता है। जब आम आदमी सड़क पर चलता है, तो उसे ट्रैफिक नियमों से लेकर कानून की हर धारा का डर होता है। लेकिन वहीं, अगर कोई रसूखदार परिवार से आता है, तो वही सड़क उसके लिए ताकत का प्रदर्शन करने का मंच बन जाती है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि क्या इस मामले में कानून अपना काम पूरी निष्पक्षता से करेगा? या फिर यह भी उन फाइलों में दब जाएगा, जहां बड़े नामों के सामने जांच धीमी पड़ जाती है? जनता के मन में यह संदेह यूं ही पैदा नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई मामलों में देखा गया है कि प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई या तो देर से होती है या फिर कमजोर पड़ जाती है।
इस पूरे प्रकरण में पीड़ितों की स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है। जिन लोगों को कुचला गया, वे किसी के परिवार के सदस्य हैं, किसी के पिता, किसी के बेटे। उनके लिए यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि जिंदगी भर का दर्द बन सकती है। सवाल यह है कि क्या उन्हें न्याय मिलेगा? क्या उनके जख्मों की भरपाई सिर्फ मुआवजे से हो सकती है?
राजनीति में अक्सर “जनसेवा” की बात होती है, लेकिन जब जनता ही असुरक्षित महसूस करने लगे, तो यह शब्द खोखला लगने लगता है। सत्ता का मतलब जिम्मेदारी होना चाहिए, न कि दबंगई का लाइसेंस। यदि जनप्रतिनिधियों के परिवार ही कानून तोड़ने लगें और उन पर कार्रवाई न हो, तो यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर सीधा आघात है।
यह भी गौर करने वाली बात है कि इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने क्यों आती हैं। क्या राजनीतिक दल अपने नेताओं और उनके परिवारों के आचरण को लेकर कोई आंतरिक अनुशासन लागू करते हैं? या फिर जीत के बाद सब कुछ “मैनेज” हो जाने की मानसिकता हावी हो जाती है?
समाज में कानून का सम्मान तभी बना रह सकता है जब हर व्यक्ति, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके दायरे में आए। अगर कुछ लोगों को छूट मिलती रही, तो यह संदेश जाएगा कि कानून सिर्फ कमजोरों के लिए है। और यह स्थिति किसी भी लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक होती है।
आज जरूरत है एक निष्पक्ष और तेज कार्रवाई की। सिर्फ बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। पुलिस और प्रशासन को यह साबित करना होगा कि वे किसी दबाव में नहीं हैं। अगर आरोपी दोषी है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए चाहे वह किसी भी परिवार से क्यों न आता हो।
यह मामला सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। अगर अब भी व्यवस्था नहीं चेती, तो जनता का भरोसा पूरी तरह टूट सकता है। और जब जनता का विश्वास डगमगाता है, तो लोकतंत्र की नींव भी कमजोर पड़ जाती है।
अब देखना यह है कि यह मामला भी बाकी मामलों की तरह समय के साथ ठंडा पड़ जाता है, या फिर सच में न्याय की मिसाल बनता है।
    user_Aamir Khan
    Aamir Khan
    Local News Reporter हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by शाहिद खान रिपोर्टर
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    Post by शाहिद खान रिपोर्टर
    user_शाहिद खान रिपोर्टर
    शाहिद खान रिपोर्टर
    Journalist हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • भोपाल से बड़ी खबर—किराना व्यापारी हनीफ खान की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। उनका शव बैरसिया से करीब 10 किलोमीटर दूर शमशाबाद रोड पर एक ढाबे के पास मिला। शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन जांच में सामने आया कि उनके सीने में बेहद करीब से गोली मारी गई थी। वारदात को अंजाम देकर बाइक सवार बदमाश फरार हो गए। परिजनों के मुताबिक, हनीफ खान का किसी से कोई विवाद नहीं था। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
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    भोपाल से बड़ी खबर—किराना व्यापारी हनीफ खान की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। उनका शव बैरसिया से करीब 10 किलोमीटर दूर शमशाबाद रोड पर एक ढाबे के पास मिला।
शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन जांच में सामने आया कि उनके सीने में बेहद करीब से गोली मारी गई थी। वारदात को अंजाम देकर बाइक सवार बदमाश फरार हो गए।
परिजनों के मुताबिक, हनीफ खान का किसी से कोई विवाद नहीं था। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
    user_ST NEWS
    ST NEWS
    Rajdhani bhopal Huzur, Bhopal•
    5 hrs ago
  • Post by Naved khan
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    Post by Naved khan
    user_Naved khan
    Naved khan
    रिपोर्टर हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • भोपाल डिजिटल जनगणना में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें CM डॉ मोहन यादव
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    भोपाल डिजिटल जनगणना में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें CM डॉ मोहन यादव
    user_अटल प्रदेश न्यूज़
    अटल प्रदेश न्यूज़
    Huzur, Bhopal•
    6 hrs ago
  • Post by B N B NEWS MP/CG
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    Post by B N B NEWS MP/CG
    user_B N B NEWS MP/CG
    B N B NEWS MP/CG
    हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • *दो दिवसीय पारिवारिक सिंधी मेला 2 एवं 3 मई को आयोजित* *पार्किंग एवं फूड ज़ोन को और बेहतर बनाने की योजना पर समिति कर रही काम* भोपाल। सिंधी मेला समिति द्वारा लालघाटी स्थित सुंदरवन गार्डन में दिनांक 2 एवं 3 मई को दो दिवसीय पारिवारिक सिंधी मेले का आग़ाज होने जा रहा है, इस मेले की तैयारियों को लेकर मंगलवार को कबीर की कुटिया में समिति द्वारा एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया जिसमें प्रमुख रूप सिंधी मेला समिति के संरक्षक एवं विधायक भगवानदास सबनानी मेला समिति के वरिष्ठ साथीगण भोपाल के सभी मोहल्ला पंचायत के अध्यक्ष एवं महासचिव सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही। इस वर्ष यह मेला नारी शक्ति एवं पर्यावरण पर आधारित रहेगा। सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरयानी एवं महासचिव नरेश तलरेजा ने बताया कि इस वर्ष नारी शक्ति पर मेले की थीम रखी जाएगी, जैसा की आप सभी जानते है मातृशक्ति के बिना समाज अधूरा है। आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं, चाहे वह शिक्षा हो, विज्ञान हो, या राजनीति, इसी बात का विशेष सम्मान करते हुए समिति ने इस वर्ष सिंधी मेले को नारी शक्ति का रूप दिया जा रहा है, साथ ही लोगो को पर्यावरण संरक्षण के महत्व को याद दिलाने के लिए लोगो को जागरूक करने का भी प्रयास इस सिंधी मेले के माध्यम से किया जाएगा। दरयानी ने बताया कि इस वर्ष पार्किंग एवं फूड जोन पर बहुत जायदा ध्यान दिया जाएगा, फूड जोन को और जायदा विशाल बनाने की योजना है जिससे आने वाला अतिथि खुली जगह में भोजन का आनंद ले सकें। इसके अलावा अक्सर देखा गया है कि मेले में आने वाले बुजुगों को पार्किंग की समस्या से जूझना पड़ता है लेकिन इस वर्ष समिति द्वारा वैले पार्किंग की व्यवस्था भी मेले परिसर में शुरू की गई है। दरयानी ने बताया कि इस वर्ष सुनील किंगरारानी को मेले का संयोजक, चंदर डुलानी को सह संयोजक एवं भारती ठाकुर को इस आयोजन की सह संयोजिका नियुक्त किया गया है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से किशोर तनवानी, घनश्याम पंजवानी, के.एल. दलवानी, जी.सी केवलरमानी, प्रदीप आर्तवानी, महेश बजाज, अमर दावानी सहित गणमान्य लोग एवं महिलायें इस बैठक में शामिल हुई।
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    *दो दिवसीय पारिवारिक सिंधी मेला 2 एवं 3 मई को आयोजित* 
*पार्किंग एवं फूड ज़ोन को और बेहतर बनाने की योजना पर समिति कर रही काम* 
भोपाल। सिंधी मेला समिति द्वारा लालघाटी स्थित सुंदरवन गार्डन में
दिनांक 2 एवं 3 मई को दो दिवसीय पारिवारिक सिंधी मेले का आग़ाज होने जा रहा है, इस मेले की तैयारियों को लेकर मंगलवार को कबीर की कुटिया में समिति द्वारा एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया जिसमें प्रमुख रूप सिंधी मेला समिति के संरक्षक एवं विधायक भगवानदास सबनानी मेला समिति के वरिष्ठ साथीगण भोपाल के सभी मोहल्ला पंचायत के अध्यक्ष एवं महासचिव सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही। इस वर्ष यह मेला नारी शक्ति एवं पर्यावरण पर आधारित रहेगा। सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरयानी एवं महासचिव नरेश तलरेजा ने बताया कि इस वर्ष नारी शक्ति पर मेले की थीम रखी जाएगी, जैसा की आप सभी जानते है मातृशक्ति के बिना समाज अधूरा है। आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं, चाहे वह शिक्षा हो, विज्ञान हो, या राजनीति, इसी बात का विशेष सम्मान करते हुए समिति ने इस वर्ष सिंधी मेले को नारी शक्ति का रूप दिया जा रहा है, साथ ही लोगो को पर्यावरण संरक्षण के महत्व को याद दिलाने के लिए लोगो को जागरूक करने का भी प्रयास इस सिंधी मेले के माध्यम से किया जाएगा। दरयानी ने बताया कि इस वर्ष पार्किंग एवं फूड जोन पर बहुत जायदा ध्यान दिया जाएगा, फूड जोन को और जायदा विशाल बनाने की योजना है जिससे आने वाला अतिथि खुली जगह में भोजन का आनंद ले सकें। इसके अलावा अक्सर देखा गया है कि मेले में आने वाले बुजुगों को पार्किंग की समस्या से जूझना पड़ता है लेकिन इस वर्ष समिति द्वारा वैले पार्किंग की व्यवस्था भी मेले परिसर में शुरू की गई है। दरयानी ने बताया कि इस वर्ष सुनील किंगरारानी को मेले का संयोजक, चंदर डुलानी को सह संयोजक एवं भारती ठाकुर को इस आयोजन की सह संयोजिका नियुक्त किया गया है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से किशोर तनवानी, घनश्याम पंजवानी, के.एल. दलवानी, जी.सी केवलरमानी, प्रदीप आर्तवानी, महेश बजाज, अमर दावानी सहित गणमान्य लोग एवं महिलायें इस बैठक में शामिल हुई।
    user_K K D NEWS MP/CG
    K K D NEWS MP/CG
    TV News Anchor हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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