धूप से बाजार में सन्नाटा, पारा 42 डिग्री पार लोगों को धूप में बाहर निकलना दूभर बाराबंकी। बढ़ती गर्मी व पछुआ हवाओं लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीते 48 घंटों में तापमान में तेज उछाल दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा और दोपहर के समय सड़कों व बाजारों में सन्नाटा नजर आया। भीषण गर्मी से लोग बेहाल रहे। तापमान में अचानक बढ़ोतरी: मौसम में आए बदलाव के चलते बीते 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में 3.9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 23.5 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह से ही तेज धूप का असर दिखने लगा था, लेकिन दोपहर होते-होते गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया। भीषण गर्मी का असर बाजारों पर भी साफ नजर आया। दोपहर के समय बाजारों में पहले जैसी रौनक नहीं दिखी और दुकानें सूनी रहीं। शहर के प्रमुख चौराहों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम रही। जरूरी काम से निकले लोग भी जल्द से जल्द घर लौटते दिखाई दिए। टेम्पो स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों पर खड़ी सवारियां पेड़ों की छांव में खड़ी होकर वाहनों का इंतजार करती रहीं। राहगीरों ने भी छांव का सहारा लिया। उधर धूप से बचने के लिए युवतियां स्टॉल व दुपट्टे से चेहरा ढककर निकलीं, जबकि युवकों ने गमछे का सहारा लिया। मौसम विज्ञान विभाग लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानित अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मौसम के इस बदलते रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है।
धूप से बाजार में सन्नाटा, पारा 42 डिग्री पार लोगों को धूप में बाहर निकलना दूभर बाराबंकी। बढ़ती गर्मी व पछुआ हवाओं लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीते 48 घंटों में तापमान में तेज उछाल दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा और दोपहर के समय सड़कों व बाजारों में सन्नाटा नजर आया। भीषण गर्मी से लोग बेहाल रहे। तापमान में अचानक बढ़ोतरी: मौसम में आए बदलाव के चलते बीते 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में 3.9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 23.5 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह से ही तेज धूप का असर दिखने लगा था, लेकिन दोपहर होते-होते गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया। भीषण गर्मी का असर बाजारों पर भी साफ नजर आया। दोपहर के समय बाजारों में पहले जैसी रौनक नहीं दिखी और दुकानें सूनी रहीं। शहर के प्रमुख चौराहों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम रही। जरूरी काम से निकले लोग भी जल्द से जल्द घर लौटते दिखाई दिए। टेम्पो स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों पर खड़ी सवारियां पेड़ों की छांव में खड़ी होकर वाहनों का इंतजार करती रहीं। राहगीरों ने भी छांव का सहारा लिया। उधर धूप से बचने के लिए युवतियां स्टॉल व दुपट्टे से चेहरा ढककर निकलीं, जबकि युवकों ने गमछे का सहारा लिया। मौसम विज्ञान विभाग लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानित अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मौसम के इस बदलते रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है।
- Post by रामानंद सागर1
- 👉 पत्रकार रामजी दीक्षित कि रिपोर्ट बाराबंकी नमस्कार मित्रों, सर श्रीराम जयंती के अवसर पर आपका स्वागत करना मेरे लिए परम सौभाग्य की बात है। सर श्रीराम भारत के उन जाने माने व्यक्तियों में से हैं, जिन्हे देश के उद्योगपति, महान वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री, शिक्षाबादी एवं समाजसेवी सभी बगों के लोग, उनके प्रेरणादायक आदशों के कारण आज भी हृदय से सम्मान देते हैं सर श्रीराम ने अपने करियर की शुरुआत एक बहुत ही साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि के साथ की, लेकिन अपनी बसाधारण बुद्धिमत्ता, आसामान्य व्यावसायिक कौशल, दूरदर्शिता, दृढ़ संकल्प और अयक परिश्रम से उन्होंने न केवल अपने जीवनकाल में एक विशाल व्यापारिक साम्राज्य का निर्माण किया, बल्कि स्वतंत्र भारत के नव निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। सर श्रीराम स्वयं एक अत्यंत बुद्धिमान व्यक्तित्व होने के साथ साथ अपार विनम्रता के धनी थे। जहां एक ओर वे अपनी कुशाग्रता से कठिन से कठिन फैसले लेने में समर्थ थे, नहीं ने दूसरों के लिए फैसलों का बहुत विनम्रता से सम्मान करते थे। वह निःस्वार्थ मेजबान भी थे उनके परस्पर लेन-देन के रवैये ने उन्हें एक मिलनसार व्यक्ति बना दिया। 22, कर्जन रोब, न केवल उनका घर था, यह दिल्ली का सबसे बढ़ा गेस्ट हाउस था और शायद भारत का भी, जहां जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों, विनम्र पुरुष और विद्वान, कलाकार, वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री, उद्योगपति, चिकित्सा विशेषज्ञ, राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बैंकरों सभी का उनके द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सर श्रीराम का जीवन अध्ययन किसी भी अभ्यासरत प्रबंधक और प्रबंधन छात्र के लिए बहुत लाभकारी साबित हो सकता है। इस देश में व्यवसाय प्रबंधन को औपचारिक विषय के रूप में मान्यता मिलने से बहुत पहले, उन्होंने प्रबंधन के कई सिद्धांतों को पूरी तरह से अपने सामान्य ज्ञान और दुर्लभ व्यावसायिक कौशल के आधार पर लागू किया। सर श्रीराम दिल से मानवतावादी थे, मानवीय संबंधों के लिए उनकी चिंता की बराबरी बहुत कम लोग कर सकते थे। उन्होंने कर्मचारियों के बैंक और विवाह कोष की शुरुवात की, पीएफ सुबिधाओं को कानून के तहत अनिवार्य होने से बहुत पहले डीसीएम में पेश किया गया था। एक सच्चे मानवतावादी, सर श्रीराम ने रिवायती कैंटीन, चिकित्सा सहायता आदि जैसे कल्याणकारी उपायों की शुरुआत की। ➡️राधा सीड एण्ड पेस्टीसाइड्स श्री राम कॉलोनी1
- बाराबंकी जनपद के कस्बा रसौली स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय बदहाली का शिकार है। विद्यालय परिसर में गंदगी का अंबार है, हैंडपंप और पानी की टंकी टूटी पड़ी है, और मुख्य द्वार भी महीनों से क्षतिग्रस्त है। दैनिक भास्कर की टीम ने निरीक्षण के दौरान विद्यालय की दयनीय स्थिति देखी। विद्यालय की प्रधानाचार्य ने बताया कि उन्होंने अपने खर्च पर एक सफाई कर्मचारी रखा है, जो विद्यालय को साफ रखता है। हालांकि, ग्राम पंचायत की ओर से विद्यालय की देखरेख के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाता है। प्रधानाचार्य ने यह भी बताया कि गांव के लोग शौचालयों के ताले तोड़ देते हैं। विद्यालय परिसर में जगह-जगह घास उग आई है, जिसके लिए उन्होंने कई बार शिकायत की है, लेकिन उच्च प्राथमिक विद्यालय रसौली की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। प्रधानाचार्य ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार 'स्कूल चलो अभियान' पर लाखों खर्च कर रही है, लेकिन जिस विद्यालय में बच्चे पढ़ते हैं, वहां पीने का पानी और स्वच्छ शौचालय तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी से इस स्थिति पर ध्यान देने की अपील की।1
- Post by Mohd Aamir2
- संवाददाता रवि रावत बाराबंकी के फतेहपुर तहसील क्षेत्र के भगौली तीर्थ स्थित किसान इंटर कॉलेज ने "स्कूल चलो अभियान" के तहत एक जागरूकता रैली का आयोजन किया। इस रैली में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया। रैली कॉलेज परिसर से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरी और वापस कॉलेज परिसर में आकर समाप्त हुई। विद्यार्थियों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां लेकर "हर बच्चा स्कूल जाए" और "शिक्षा है अधिकार हमारा" जैसे नारे लगाए, जिससे लोगों को शिक्षा के महत्व के प्रति प्रेरित किया गया। इस दौरान भगौली चौकी इंचार्ज अनिल कुमार पाण्डेय पुलिस बल के साथ मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और यह एक बेहतर भविष्य की कुंजी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उनकी पढ़ाई में सहयोग करें। डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने जोर दिया कि शिक्षा ही समाज में जागरूकता, विकास और आत्मनिर्भरता लाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। प्रधानाचार्य ने बच्चों को भी प्रेरित किया कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करते रहें।इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता जितेश सिंह यादव, सहायक अध्यापक प्रदीप कुमार वर्मा, मो. सुहैल, ज्ञानेश कुमार, संगीता, सैयद फजल अहमद, राजकुमार, राजीव कुमार अवस्थी, सर्वेश कुमार, श्रीमती साजिया रिजवान और गिरीश चंद्र सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। रैली के सफल आयोजन से क्षेत्र में शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश प्रसारित हुआ।1
- यूपी : फतेहपुर के आर्यन को अखिलेश यादव ने लखनऊ बुलाकर पीतल के बर्तन गिफ्ट किए अब आर्यन इन्हीं बर्तनों में चाय बनाकर अपनी दुकान चलाएगा1
- “देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi का एक अलग अंदाज़ सामने आया है… “पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम दौरे के दौरान PM मोदी ने लिया लोकल स्नैक ‘झारमुड़ी’ का स्वाद…” “प्रधानमंत्री का यह सादगी भरा अंदाज़ लोगों को काफी पसंद आ रहा है…” 🔥 (एंड स्लाइड) “वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है!”#NarendraModi #Jhargram #StreetFood #ViralNews #IndiaNews1
- भाजपा राज में जब सरकारी कार्यालय चिड़ियाघर बन जाएंगे तो यही होगा… वैसे इसे कितना अपनापन लग रहा होगा।1