KOTA : शिक्षा और चिकित्सा पर टैक्स बंद हो, छात्रों को मिले सब्सिडी - हिम्मत सिंह हाड़ा, समाजसेवी कोटा शिक्षा नगरी में बढ़ती फीस और उस पर लगने वाले टैक्स को लेकर समाजसेवी हिम्मत सिंह हाड़ा ने कड़ी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य आर्थिक बोझ के कारण प्रभावित हो रहा है और यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। हाड़ा ने सवाल उठाया कि जब एक छात्र की सालाना फीस 1 लाख रुपये होती है तो उस पर 18 प्रतिशत तक टैक्स क्यों लिया जा रहा है। उनके अनुसार शिक्षा और चिकित्सा जैसे मूलभूत क्षेत्रों पर कर लगाना युवाओं और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। उन्होंने मांग की कि सरकार को शिक्षा पर टैक्स समाप्त कर छात्रों को सब्सिडी, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाएं देनी चाहिए, ताकि उनका मनोबल बढ़े और हर प्रतिभाशाली छात्र को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके। समाजसेवी हिम्मत सिंह हाड़ा ने कहा कि युवा ही देश का भविष्य हैं, और उनके सपनों पर आर्थिक बोझ नहीं, बल्कि सहयोग और प्रोत्साहन होना चाहिए।
KOTA : शिक्षा और चिकित्सा पर टैक्स बंद हो, छात्रों को मिले सब्सिडी - हिम्मत सिंह हाड़ा, समाजसेवी कोटा शिक्षा नगरी में बढ़ती फीस और उस पर लगने वाले टैक्स को लेकर समाजसेवी हिम्मत सिंह हाड़ा ने कड़ी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य आर्थिक बोझ के कारण प्रभावित हो रहा है और यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। हाड़ा ने सवाल उठाया कि जब एक छात्र की सालाना फीस 1 लाख रुपये होती है तो उस पर 18 प्रतिशत तक टैक्स क्यों लिया जा रहा है। उनके अनुसार शिक्षा और चिकित्सा जैसे मूलभूत क्षेत्रों पर कर लगाना युवाओं और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। उन्होंने मांग की कि सरकार को शिक्षा पर टैक्स समाप्त कर छात्रों को सब्सिडी, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाएं देनी चाहिए, ताकि उनका मनोबल बढ़े और हर प्रतिभाशाली छात्र को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके। समाजसेवी हिम्मत सिंह हाड़ा ने कहा कि युवा ही देश का भविष्य हैं, और उनके सपनों पर आर्थिक बोझ नहीं, बल्कि सहयोग और प्रोत्साहन होना चाहिए।
- Post by Sadbhavna sandesh news1
- कोटा। शिक्षा नगरी कोटा में बढ़ती फीस और उस पर लगने वाले टैक्स को लेकर समाजसेवी हिम्मत सिंह हाड़ा ने कड़ी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य आर्थिक बोझ के कारण प्रभावित हो रहा है और यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। हाड़ा ने सवाल उठाया कि जब एक छात्र की सालाना फीस 1 लाख रुपये होती है तो उस पर 18 प्रतिशत तक टैक्स क्यों लिया जा रहा है। उनके अनुसार शिक्षा और चिकित्सा जैसे मूलभूत क्षेत्रों पर कर लगाना युवाओं और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। उन्होंने मांग की कि सरकार को शिक्षा पर टैक्स समाप्त कर छात्रों को सब्सिडी, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाएं देनी चाहिए, ताकि उनका मनोबल बढ़े और हर प्रतिभाशाली छात्र को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके। समाजसेवी हिम्मत सिंह हाड़ा ने कहा कि “युवा ही देश का भविष्य हैं, और उनके सपनों पर आर्थिक बोझ नहीं, बल्कि सहयोग और प्रोत्साहन होना चाहिए।1
- कोटा | समाजसेवी हिम्मत सिंह हाड़ा ने युवाओं और सामाजिक मुद्दों को लेकर सरकार और समाज के नाम एक संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि देश में तनाव और विभाजन की बजाय आपसी भाईचारा और एकता का वातावरण मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “जात-पात की करो विदाई, सब मिलकर एक रहो मेरे भाई।” उनके अनुसार समाज की ताकत आपसी सद्भाव और समानता में है, न कि भेदभाव में। हिम्मत सिंह ने गंभीर अपराधों पर सख्त कानून की मांग करते हुए कहा कि बलात्कार और गौ-हत्या जैसे मामलों में कठोर दंड व्यवस्था होनी चाहिए ताकि समाज में भय और न्याय की भावना दोनों कायम रहें। साथ ही उन्होंने सरकार से अपील की कि शिक्षा और चिकित्सा जैसी बुनियादी जरूरतों को सरल, सुलभ और किफायती बनाया जाए। उनका कहना है कि जनहित से जुड़े जरूरी कार्यों पर प्राथमिकता से ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि आम नागरिक को सीधा लाभ मिल सके। समाजसेवी हिम्मत सिंह ने अंत में कहा कि देश की मजबूती आपसी सद्भाव, न्यायपूर्ण व्यवस्था और नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने में ही निहित है।1
- Post by VKH NEWS1
- गुजरात के युवक ने कोटा की 21 साल की युवती को बर्थडे मनाने के बहाने गुजरात के सूरत बुलाया। यहां अलग-अलग होटलों में 20 दिनों तक बंधक बनाकर रखा। युवती को नशे के इंजेक्शन दिए गए और बार-बार रेप किया गया।1
- भगवान महावीर की निर्वाण स्थली पावा पूरी बिहार राज्य में यहां जाने का मौका मिला3
- बकाया भुगतान की मांग को लेकर 18 फरवरी से कोटा कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठे जेके फैक्ट्री के मजदूरों के आंदोलन को गुरूवार को को 353 दिन पूरे हो चुके हैं। इस बीच 13 मजदूरों की मौत हो चुकी है। लेकिन सरकार की तरफ से कोई सुनवाई नहीं हो रही...मंगलवार को धरने के 351 वें दिन तीनों संचालकों से बातचीत...1
- कोटा शिक्षा नगरी में बढ़ती फीस और उस पर लगने वाले टैक्स को लेकर समाजसेवी हिम्मत सिंह हाड़ा ने कड़ी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य आर्थिक बोझ के कारण प्रभावित हो रहा है और यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। हाड़ा ने सवाल उठाया कि जब एक छात्र की सालाना फीस 1 लाख रुपये होती है तो उस पर 18 प्रतिशत तक टैक्स क्यों लिया जा रहा है। उनके अनुसार शिक्षा और चिकित्सा जैसे मूलभूत क्षेत्रों पर कर लगाना युवाओं और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। उन्होंने मांग की कि सरकार को शिक्षा पर टैक्स समाप्त कर छात्रों को सब्सिडी, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाएं देनी चाहिए, ताकि उनका मनोबल बढ़े और हर प्रतिभाशाली छात्र को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके। समाजसेवी हिम्मत सिंह हाड़ा ने कहा कि युवा ही देश का भविष्य हैं, और उनके सपनों पर आर्थिक बोझ नहीं, बल्कि सहयोग और प्रोत्साहन होना चाहिए।1