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आगरा के जयपुर हाइवे पर मिढ़ाकुर के समीप एक तेज रफ्तार अर्टिगा कार अनियंत्रित होकर लगभग 30 फीट गहरे नाले में जा गिरी। फतेहपुर सीकरी से आगरा की ओर आ रही इस कार में दो युवक सवार थे, जो हादसे में घायल हो गए। कार नाले के पानी में पूरी तरह डूबने लगी थी, जिसके चलते स्थिति गंभीर हो गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही किरावली पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। थाना प्रभारी और उप निरीक्षक ने तत्परता दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को नाले के पानी से सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए तत्काल सी.एच.सी. में भर्ती कराया है।
Ravendra Jadon पत्रकार
आगरा के जयपुर हाइवे पर मिढ़ाकुर के समीप एक तेज रफ्तार अर्टिगा कार अनियंत्रित होकर लगभग 30 फीट गहरे नाले में जा गिरी। फतेहपुर सीकरी से आगरा की ओर आ रही इस कार में दो युवक सवार थे, जो हादसे में घायल हो गए। कार नाले के पानी में पूरी तरह डूबने लगी थी, जिसके चलते स्थिति गंभीर हो गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही किरावली पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। थाना प्रभारी और उप निरीक्षक ने तत्परता दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को नाले के पानी से सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए तत्काल सी.एच.सी. में भर्ती कराया है।
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- आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को उत्तर प्रदेश पुलिस ने मेरठ जाने से रोक दिया। इस दौरान चंद्रशेखर आजाद और मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद चंद्रशेखर आजाद और इंस्पेक्टर के बीच हुई बहस काफी चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- इंडिया टीवी न्यूज के मैनेजिंग डायरेक्टर और पत्रकार सुरजीत ने खबर, विज्ञापन या इंटरव्यू के लिए तुरंत संपर्क करने की अपील की है। इसके साथ ही, मैनपुरी में उनके यहाँ वीडियो एडिटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। सुरजीत ने लोगों से दिए गए नंबर पर तुरंत संपर्क कर इसकी पुष्टि करने और चैनल पर लगातार बने रहने का आग्रह किया है।1
- मैनपुरी के नुमाइश पंडाल में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। जिलाधिकारी इंद्रमणी त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाह की देखरेख में आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य पर्यटन मंत्री श्रीमान जयवीर सिंह उपस्थित रहे। इनके अलावा कार्यक्रम में भोगांव विधायक श्रीमान रामनरेश अग्निहोत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती ममता राजपूत और मुख्य विकास अधिकारी सुश्री नेहा बंधू भी मौजूद रहीं। इस सामूहिक विवाह समारोह में जिले के विभिन्न हिस्सों से आए 203 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे, जिनमें 14 मुस्लिम जोड़े भी शामिल थे। पंडाल में उपस्थित धर्मगुरुओं ने सभी जोड़ों का उनके अपने-अपने धर्म के अनुसार विवाह संपन्न करवाया। समारोह में पहुंचे परिजनों का स्वागत किया गया और उपस्थित आगंतुकों को जलपान व भोजन भी कराया गया। मुख्य अतिथि और अधिकारियों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया तथा उन्हें उपहार स्वरूप एक लाख रुपये नकद एवं वैवाहिक उपहार सामग्री प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को देखते हुए मौके पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी तैनात रहीं।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह मैनपुरी पहुंचे हैं। मैनपुरी आगमन पर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लेकर एक बड़ा बयान दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिला मुख्यालय पर एक आधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट का उद्घाटन हुआ है, जिसे क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में देखा जा रहा है। इस नई इकाई के शुरू होने से अब गंभीर रूप से बीमार मरीजों को निजी अस्पतालों या दूसरे जिलों की तरफ भागने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा और उन्हें मैनपुरी में ही समुचित इलाज मिल सकेगा। इस क्रिटिकल केयर यूनिट से मैनपुरी के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ आस-पास के क्षेत्रों को भी बड़ा लाभ पहुंचेगा। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री जयवीर सिंह ने इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए इसे मैनपुरी समेत पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ा तोहफा बताया है। इसके अलावा, अस्पतालों में मैनपॉवर की कमी के मुद्दे पर बोलते हुए मंत्री ने आश्वासन दिया है कि अस्पतालों में जल्द ही तकनीकी विशेषज्ञों और आवश्यक स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित कराई जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश में मेरठ की घटना को लेकर बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती की टिप्पणी पर आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने तीखा पलटवार किया है। इस घटना के बाद अब दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि उन्होंने कभी भी मायावती जी पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की, लेकिन आज उन्होंने जिस तरह से उन पर व्यक्तिगत हमला किया है, उससे वे बेहद निराश हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उन्हें वास्तव में बहुजन समाज और दलितों के दर्द का एहसास होता, तो वह खुद पीड़ित परिवार से मिलने जातीं और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ उनके साथ खड़ी होतीं।1
- फर्रुखाबाद के सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यापारिक केंद्र, चौक चौराहे पर बीच सड़क पर नाली के ऊपर लगा लोहे का भारी जाल अचानक तेज आवाज के साथ टूटकर धंस गया। दिन भर हजारों वाहनों, ई-रिक्शों, राहगीरों और स्कूली बच्चों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर जाल के टूटने से एक खतरनाक और जानलेवा गड्ढा बन गया। गनीमत रही कि दिन का समय होने की वजह से आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने तुरंत सतर्कता दिखाई और वहां से गुजरने वाले वाहनों को सावधान करना शुरू कर दिया, जिससे एक भीषण दुर्घटना होते-होते टल गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर यह घटना रात के अंधेरे में या बारिश के वक्त हुई होती, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। इस जानलेवा स्थिति के बाद भी नगर पालिका प्रशासन का रवैया बेहद उदासीन और शर्मनाक रहा। इस पूरे मामले की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि नगर पालिका चेयरमैन का पुराना निवास स्थान घटनास्थल से मात्र 30 मीटर की दूरी पर है, लेकिन इसके बावजूद न तो किसी अधिकारी ने सुध ली और न ही कोई कर्मचारी इसे ठीक करने पहुंचा। इससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है। जनता का सीधा आरोप है कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली पूरी तरह दिशाहीन और भ्रष्टाचार से प्रेरित है, जहां करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल जनता की सुरक्षा के लिए नहीं हो रहा है। प्रशासन की इस घोर अनदेखी के बीच, पड़ोस के एक जागरूक स्थानीय दुकानदार ने इंसानियत का परिचय देते हुए खुद ही आगे कदम बढ़ाया। उसने अपनी दुकान का काम छोड़कर फावड़े और तसले की मदद से गड्ढे में मिट्टी, ईंटें और मलबा डालकर उसे भरने व सुरक्षित करने का प्रयास किया। दुकानदार की इस सजगता ने उस सरकारी तंत्र के मुंह पर जोरदार तमाचा जड़ा है, जिसके काम को मजबूरी में एक आम नागरिक को खुद करना पड़ा।2
- उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पूर्व ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के मामले पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने इस फैसले पर गंभीर सवाल उठाते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सरकार से इस फैसले के कानूनी और संवैधानिक आधार को स्पष्ट करने के लिए कहा है। इस मामले में कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव को अगली सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान इस बात की समीक्षा की जाएगी कि क्या चुनाव में देरी होने पर पूर्व प्रधानों को प्रशासनिक अधिकार सौंपना सही है और क्या यह कदम संविधान के 73वें संशोधन और पंचायती राज व्यवस्था की भावना के अनुरूप है। फिलहाल यह पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है और इस पर अंतिम निर्णय आना बाकी है।1