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उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पूर्व ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के मामले पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने इस फैसले पर गंभीर सवाल उठाते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सरकार से इस फैसले के कानूनी और संवैधानिक आधार को स्पष्ट करने के लिए कहा है। इस मामले में कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव को अगली सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान इस बात की समीक्षा की जाएगी कि क्या चुनाव में देरी होने पर पूर्व प्रधानों को प्रशासनिक अधिकार सौंपना सही है और क्या यह कदम संविधान के 73वें संशोधन और पंचायती राज व्यवस्था की भावना के अनुरूप है। फिलहाल यह पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है और इस पर अंतिम निर्णय आना बाकी है।

4 hrs ago
user_Devendra Kumar
Devendra Kumar
मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पूर्व ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के मामले पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने इस फैसले पर गंभीर सवाल उठाते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सरकार से इस फैसले के कानूनी और संवैधानिक आधार को स्पष्ट करने के लिए कहा है। इस मामले में कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव को अगली सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान इस बात की समीक्षा की जाएगी कि क्या चुनाव में देरी होने पर पूर्व प्रधानों को प्रशासनिक अधिकार सौंपना सही है और क्या यह कदम संविधान के 73वें संशोधन और पंचायती राज व्यवस्था की भावना के अनुरूप है। फिलहाल यह पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है और इस पर अंतिम निर्णय आना बाकी है।

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  • उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह मैनपुरी पहुंचे हैं। मैनपुरी आगमन पर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लेकर एक बड़ा बयान दिया है।
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    उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह मैनपुरी पहुंचे हैं। मैनपुरी आगमन पर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लेकर एक बड़ा बयान दिया है।
    user_मुकेश कुमार पत्रकार मैनपुरी
    मुकेश कुमार पत्रकार मैनपुरी
    Photographer मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिला मुख्यालय पर एक आधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट का उद्घाटन हुआ है, जिसे क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में देखा जा रहा है। इस नई इकाई के शुरू होने से अब गंभीर रूप से बीमार मरीजों को निजी अस्पतालों या दूसरे जिलों की तरफ भागने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा और उन्हें मैनपुरी में ही समुचित इलाज मिल सकेगा। इस क्रिटिकल केयर यूनिट से मैनपुरी के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ आस-पास के क्षेत्रों को भी बड़ा लाभ पहुंचेगा। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री जयवीर सिंह ने इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए इसे मैनपुरी समेत पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ा तोहफा बताया है। इसके अलावा, अस्पतालों में मैनपॉवर की कमी के मुद्दे पर बोलते हुए मंत्री ने आश्वासन दिया है कि अस्पतालों में जल्द ही तकनीकी विशेषज्ञों और आवश्यक स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित कराई जाएगी।
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    उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिला मुख्यालय पर एक आधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट का उद्घाटन हुआ है, जिसे क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में देखा जा रहा है। इस नई इकाई के शुरू होने से अब गंभीर रूप से बीमार मरीजों को निजी अस्पतालों या दूसरे जिलों की तरफ भागने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा और उन्हें मैनपुरी में ही समुचित इलाज मिल सकेगा। इस क्रिटिकल केयर यूनिट से मैनपुरी के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ आस-पास के क्षेत्रों को भी बड़ा लाभ पहुंचेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री जयवीर सिंह ने इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए इसे मैनपुरी समेत पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ा तोहफा बताया है। इसके अलावा, अस्पतालों में मैनपॉवर की कमी के मुद्दे पर बोलते हुए मंत्री ने आश्वासन दिया है कि अस्पतालों में जल्द ही तकनीकी विशेषज्ञों और आवश्यक स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित कराई जाएगी।
    user_Mainpuri explorer
    Mainpuri explorer
    मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश में मेरठ की घटना को लेकर बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती की टिप्पणी पर आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने तीखा पलटवार किया है। इस घटना के बाद अब दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि उन्होंने कभी भी मायावती जी पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की, लेकिन आज उन्होंने जिस तरह से उन पर व्यक्तिगत हमला किया है, उससे वे बेहद निराश हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उन्हें वास्तव में बहुजन समाज और दलितों के दर्द का एहसास होता, तो वह खुद पीड़ित परिवार से मिलने जातीं और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ उनके साथ खड़ी होतीं।
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    उत्तर प्रदेश में मेरठ की घटना को लेकर बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती की टिप्पणी पर आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने तीखा पलटवार किया है। इस घटना के बाद अब दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है।

चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि उन्होंने कभी भी मायावती जी पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की, लेकिन आज उन्होंने जिस तरह से उन पर व्यक्तिगत हमला किया है, उससे वे बेहद निराश हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उन्हें वास्तव में बहुजन समाज और दलितों के दर्द का एहसास होता, तो वह खुद पीड़ित परिवार से मिलने जातीं और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ उनके साथ खड़ी होतीं।
    user_Hind News
    Hind News
    Classified ads newspaper publisher मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश की राजनीति और पंचायत व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पूर्व ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के मामले पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने इसे संविधान के 73वें संशोधन और पंचायती राज व्यवस्था की मूल भावना के अनुरूप मानते हुए सरकार से इस निर्णय का कानूनी और संवैधानिक आधार स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। इस मामले में कोर्ट ने पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से अगली सुनवाई में उपस्थित होने का आदेश दिया है। फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और इसका उत्तर प्रदेश की हजारों ग्राम पंचायतों पर सीधा असर पड़ सकता है। यह न्यायिक टिप्पणी इस बहस को जन्म दे रही है कि क्या चुनाव में देरी की स्थिति में पूर्व प्रधानों को प्रशासनिक अधिकार सौंपना संवैधानिक रूप से सही है।
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    उत्तर प्रदेश की राजनीति और पंचायत व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पूर्व ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के मामले पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने इसे संविधान के 73वें संशोधन और पंचायती राज व्यवस्था की मूल भावना के अनुरूप मानते हुए सरकार से इस निर्णय का कानूनी और संवैधानिक आधार स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।

इस मामले में कोर्ट ने पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से अगली सुनवाई में उपस्थित होने का आदेश दिया है। फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और इसका उत्तर प्रदेश की हजारों ग्राम पंचायतों पर सीधा असर पड़ सकता है। यह न्यायिक टिप्पणी इस बहस को जन्म दे रही है कि क्या चुनाव में देरी की स्थिति में पूर्व प्रधानों को प्रशासनिक अधिकार सौंपना संवैधानिक रूप से सही है।
    user_GD NEWS NETWORK
    GD NEWS NETWORK
    News Anchor मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में कामदगिरि पर्वत की पारंपरिक 5 कोसी परिक्रमा पूरी की। इस धार्मिक यात्रा के दौरान उन्होंने रास्ते में बंदरों को दाना खिलाया और पूजा-अर्चना की। उन्होंने उत्तर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना के साथ अपना अनुष्ठान संपन्न किया।
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    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में कामदगिरि पर्वत की पारंपरिक 5 कोसी परिक्रमा पूरी की। इस धार्मिक यात्रा के दौरान उन्होंने रास्ते में बंदरों को दाना खिलाया और पूजा-अर्चना की। उन्होंने उत्तर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना के साथ अपना अनुष्ठान संपन्न किया।
    user_India TV news reporter surjeet
    India TV news reporter surjeet
    Court reporter मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पूर्व ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के मामले पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने इस फैसले पर गंभीर सवाल उठाते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सरकार से इस फैसले के कानूनी और संवैधानिक आधार को स्पष्ट करने के लिए कहा है। इस मामले में कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव को अगली सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान इस बात की समीक्षा की जाएगी कि क्या चुनाव में देरी होने पर पूर्व प्रधानों को प्रशासनिक अधिकार सौंपना सही है और क्या यह कदम संविधान के 73वें संशोधन और पंचायती राज व्यवस्था की भावना के अनुरूप है। फिलहाल यह पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है और इस पर अंतिम निर्णय आना बाकी है।
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    उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पूर्व ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के मामले पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने इस फैसले पर गंभीर सवाल उठाते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सरकार से इस फैसले के कानूनी और संवैधानिक आधार को स्पष्ट करने के लिए कहा है।

इस मामले में कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव को अगली सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान इस बात की समीक्षा की जाएगी कि क्या चुनाव में देरी होने पर पूर्व प्रधानों को प्रशासनिक अधिकार सौंपना सही है और क्या यह कदम संविधान के 73वें संशोधन और पंचायती राज व्यवस्था की भावना के अनुरूप है। फिलहाल यह पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है और इस पर अंतिम निर्णय आना बाकी है।
    user_Devendra Kumar
    Devendra Kumar
    मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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