बदायूं के अलापुर थाना क्षेत्र के ब्लॉक जगत स्थित सामुदायिक केंद्र में डॉक्टरों के समय से पहले चले जाने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बमनी निवासी पंकज नाम के एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को कुत्ते ने काट लिया था, जिसकी दवाई लेने वह दोपहर करीब 1:30 बजे अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। पंकज ने बताया कि जब वह अस्पताल पहुंचे तो पर्चा काउंटर खुला था, पर पर्चा बनाने वाला कोई कर्मचारी या डॉक्टर मौके पर नहीं मिला। इस अव्यवस्था का वीडियो बनाने पर वहां के स्टाफ ने उनके साथ बदतमीजी की। पंकज के अनुसार, कर्मचारियों ने उनका मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया, हालांकि बाद में उन्होंने वीडियो को दोबारा रिस्टोर कर लिया। पंकज का आरोप है कि जगत सामुदायिक केंद्र में डॉक्टर और स्टाफ दोपहर 1 बजे ही चले जाते हैं, जबकि अस्पताल खुला रहता है। इस घटना के सामने आने के बाद, ऐसी उम्मीद जताई गई है कि प्रशासन सरकारों के नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
बदायूं के अलापुर थाना क्षेत्र के ब्लॉक जगत स्थित सामुदायिक केंद्र में डॉक्टरों के समय से पहले चले जाने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बमनी निवासी पंकज नाम के एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को कुत्ते ने काट लिया था, जिसकी दवाई लेने वह दोपहर करीब 1:30 बजे अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। पंकज ने बताया कि जब वह अस्पताल पहुंचे तो पर्चा काउंटर खुला था, पर पर्चा बनाने वाला कोई कर्मचारी या डॉक्टर मौके पर
नहीं मिला। इस अव्यवस्था का वीडियो बनाने पर वहां के स्टाफ ने उनके साथ बदतमीजी की। पंकज के अनुसार, कर्मचारियों ने उनका मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया, हालांकि बाद में उन्होंने वीडियो को दोबारा रिस्टोर कर लिया। पंकज का आरोप है कि जगत सामुदायिक केंद्र में डॉक्टर और स्टाफ दोपहर 1 बजे ही चले जाते हैं, जबकि अस्पताल खुला रहता है। इस घटना के सामने आने के बाद, ऐसी उम्मीद जताई गई है कि प्रशासन सरकारों के नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
- ग्राम पुसगवां में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी में फंसे एक कमजोर बंदर को दो दिनों के अथक प्रयासों के बाद सुरक्षित बचा लिया गया। कई बंदर टंकी के अंदर घुस गए थे, जिनमें से अधिकांश खुद बाहर निकल गए, लेकिन एक कमजोर बंदर अंदर ही फंसा रह गया और उसकी जान पर खतरा मंडराने लगा था। टंकी के ऑपरेटर विजय शर्मा को जब यह जानकारी मिली, तो उन्होंने बंदर को निकालने के कई प्रयास किए, जिसमें सीढ़ी, बल्ला और रस्सी का इस्तेमाल शामिल था, लेकिन बंदर की कमजोरी के कारण वह बाहर नहीं निकल पाया। शाम को विजय शर्मा ने अपने भाई प्रशांत शर्मा को घटना बताई, जिन्होंने तत्काल पीपुल्स फॉर एनिमल्स, बदायूं से संपर्क किया। सूचना मिलते ही एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट विकेंद्र शर्मा जी और उनकी टीम ने तुरंत बचाव अभियान चलाने का फैसला किया। बचाव अभियान रात लगभग 9 बजे शुरू हुआ और देर रात 11:50 बजे तक चला। कड़ी मेहनत, सूझबूझ और टीमवर्क के साथ बंदर को सफलतापूर्वक टंकी से बाहर निकाल लिया गया। इस सफल रेस्क्यू से न केवल एक बेजुबान जीव की जान बची, बल्कि जल स्रोत को प्रदूषित होने से भी बचाया जा सका। इस सराहनीय कार्य में पीपुल्स फॉर एनिमल्स की टीम, प्रवेश शर्मा, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रशांत सागर, पवन राठौर, जुबेर, केशव ठाकुर और पुलिस प्रशासन सहित कई लोगों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। यह घटना मानवता, पशु-प्रेम और सामूहिक प्रयास की एक प्रेरणादायक मिसाल है, जो यह संदेश देती है कि हर जीव का जीवन मूल्यवान है और संकट की घड़ी में मिलकर किया गया प्रयास किसी भी जीवन को बचा सकता है।1
- बदायूं जनपद के थाना हजरतपुर पुलिस ने भैंस चोरी की एक घटना का सफलतापूर्वक अनावरण करते हुए एक शातिर और गैंगस्टर अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से चोरी की भैंसों को बेचकर मिले 5,200 रुपये नकद, एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस 315 बोर बरामद किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं के निर्देशानुसार अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक नगर के कुशल निर्देशन और क्षेत्राधिकारी दातागंज के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित हजरतपुर पुलिस टीम ने इस अभियान को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, ग्राम रैपुरा में 17/18 मई 2026 की रात हुई भैंस चोरी की घटना का खुलासा करते हुए पप्पू उर्फ पापू उर्फ साजन पुत्र सिकंदर उर्फ पटवारी, निवासी ग्राम नदरई, थाना कासगंज, जनपद कासगंज को 02 जून 2026 को रात्रि 12:58 बजे ग्राम जमालपुर से गढ़िया शाहपुर रोड पर नदी की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते से मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में अभियुक्त पप्पू उर्फ पापू उर्फ साजन ने स्वीकार किया है कि उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस भैंस चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस फिलहाल फरार अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है। मुठभेड़ के दौरान अभियुक्त घायल हो गया, जबकि पुलिस टीम के आरक्षी जितेंद्र सिंह भी घायल हुए। उपचार के लिए दोनों को जिला अस्पताल बदायूं भेजा गया है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त थाना सैदनगली, जनपद अमरोहा का गैंगस्टर है और उसके विरुद्ध पूर्व में कई संगीन आपराधिक मुकदमे, जिनमें धारा 399/402 भादवि, धारा 413/414/420 भादवि और गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे शामिल हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि अपराधियों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा और क्षेत्र में चोरी व अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह के साथ उपनिरीक्षक मुनेश कुमार, आरक्षी जितेंद्र सिंह, आरक्षी सुरेंद्र चौधरी, आरक्षी सुमित भाटी और थाना हजरतपुर पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल थे। हजरतपुर पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में पशु चोरी करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है और क्षेत्रीय लोगों ने पुलिस की इस कार्यवाही की सराहना की है।4
- Post by Atul Kashyap1
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- बदायूं जिले में पुलिस ने दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई करते हुए बदमाशों के साथ मुठभेड़ की, जिसके परिणामस्वरूप दो अपराधियों को पकड़ा गया। एक मुठभेड़ हजरतपुर थाना क्षेत्र में हुई, जबकि दूसरी बिनावर थाना क्षेत्र में हुई। हजरतपुर थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भैंस चोरी की वारदात में शामिल एक युवक क्षेत्र में मौजूद है। सूचना पर घेराबंदी करने के बाद बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार युवक कासगंज जनपद का रहने वाला है और वह भैंस चोरी की घटना को अंजाम देने के इरादे से आया था। उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी हजरतपुर थाना क्षेत्र से भैंस चोरी की वारदात को अंजाम दे चुका था। पुलिस आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसी के साथ, बिनावर थाना क्षेत्र में भी पुलिस और एक अन्य बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। दोनों मामलों में पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।1
- उत्तर प्रदेश में एक और शहर का नाम बदल दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इस बड़े बदलाव का ऐलान किया है।1
- कासगंज जिले के ग्राम बसुपुरा में ग्रामीणों को पिछले चार-पांच वर्षों से बदहाल व्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। गांव में लगातार कीचड़ और जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।1
- प्रयागराज में एक ही परिवार के चार सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई है, जिनमें पति-पत्नी और उनके बेटा-बेटी शामिल हैं। इस नृशंस घटना का खुलासा मंगलवार दोपहर उस समय हुआ, जब घर से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों को शक हुआ। पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाया और आवाज लगाई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने गेट तोड़कर घर में प्रवेश किया, जहां कमरे के अंदर बेड पर 70 वर्षीय वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी 65 वर्षीय पत्नी अनीता और 40 वर्षीय बेटी मीनाक्षी के शव मिले। तीनों के सिर पर गहरे जख्म थे और आसपास फैला खून सूख चुका था। 38 वर्षीय बेटे अभिषेक का शव घर के ग्राउंड फ्लोर पर बनी दुकान में मिला। घटना साउथ मलाका में हीवेट रोड चौराहा पर हुई है। वीरेंद्र कुमार वैश्य की चौराहे पर ही उनके दो मंजिला मकान के निचले हिस्से में 14 दुकानें थीं, जिनमें से 13 किराए पर थीं। वे अपने परिवार के साथ मकान के ऊपरी हिस्से में रहते थे। परिवार में पत्नी, बेटी-बेटे के अलावा एक छोटा बेटा अश्विनी भी है, जो धोखाधड़ी के एक मामले में कौशांबी जेल में बंद है। बेटी मीनाक्षी एक गिफ्ट की दुकान चलाती थी, जहां वीरेंद्र वैश्य भी बैठते थे, जबकि बेटा अभिषेक फ्लोर क्लीनिंग के काम से जुड़ा था। मीनाक्षी और अभिषेक दोनों अविवाहित थे।1