नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मचा हड़कंप, प्रशासन और पुलिस महकमा अलर्ट नैनीताल- नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को सोमवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। जिला जज को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें कोर्ट परिसर में विस्फोटक लगाए जाने का दावा किया गया था। ई-मेल में दोपहर 12:15 बजे धमाका होने की चेतावनी दी गई थी।तस्वीर में दिख रहे ई-मेल के अनुसार कोर्ट को उड़ाने की धमकी तमिलनाडु में EWS आरक्षण लागू करने का विरोध जताने के नाम पर दी गई है। मैसेज में लिखा है कि “EWS Reservation Implementation in Tamil Nadu by DMK Government” को रोका जाए, वरना दोपहर 12:15 बजे विस्फोट होगा। यानी धमकी देने वाला व्यक्ति/समूह इस नीति का विरोध जताने के लिए डर फैलाने की कोशिश कर रहा है। धमकी मिलने के तुरंत बाद प्रशासन और पुलिस महकमा अलर्ट हो गया। एहतियातन पूरे कोर्ट कैंपस को खाली करा लिया गया। न्यायिक कार्यवाही अस्थायी रूप से रोक दी गई और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई।पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर सर्च अभियान शुरू कर दिया। कोर्ट परिसर के हर हिस्से की गहन तलाशी ली जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा के मद्देनजर सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।प्राथमिक जांच में सामने आया है कि धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई थी। ई-मेल में आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषा का प्रयोग किया गया है। साइबर सेल की टीम ई-मेल के स्रोत और प्रेषक की पहचान करने में जुट गई है। पुलिस ने बताया कि फिलहाल किसी भी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियातन तलाशी अभियान जारी रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।
नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मचा हड़कंप, प्रशासन और पुलिस महकमा अलर्ट नैनीताल- नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को सोमवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। जिला जज को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें कोर्ट परिसर में विस्फोटक लगाए जाने का दावा किया गया था। ई-मेल में दोपहर 12:15 बजे धमाका होने की चेतावनी दी गई थी।तस्वीर में दिख रहे ई-मेल के अनुसार कोर्ट को उड़ाने की धमकी तमिलनाडु में EWS आरक्षण लागू करने का विरोध जताने के नाम पर दी गई है। मैसेज में लिखा है कि “EWS Reservation Implementation in Tamil Nadu by DMK Government” को रोका जाए, वरना दोपहर 12:15 बजे विस्फोट होगा। यानी धमकी देने वाला व्यक्ति/समूह इस नीति का विरोध जताने के लिए डर फैलाने की कोशिश कर रहा है। धमकी मिलने के तुरंत बाद प्रशासन और पुलिस महकमा अलर्ट हो गया। एहतियातन पूरे कोर्ट कैंपस को खाली करा लिया गया। न्यायिक कार्यवाही अस्थायी रूप से रोक दी गई और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई।पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर सर्च अभियान शुरू कर दिया। कोर्ट परिसर के हर हिस्से की गहन तलाशी ली जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा के मद्देनजर सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।प्राथमिक जांच में सामने आया है कि धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई थी। ई-मेल में आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषा का प्रयोग किया गया है। साइबर सेल की टीम ई-मेल के स्रोत और प्रेषक की पहचान करने में जुट गई है। पुलिस ने बताया कि फिलहाल किसी भी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियातन तलाशी अभियान जारी रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।
- भवाली। युवती की गुमशुदगी के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के बाद उसे बिजनौर से सकुशल बरामद कर लिया मामले में आरोपी युवक सुहैल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जिसके खिलाफ अपहरण और बलात्कार की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है वहीं कोतवाली पहुंचे भाजपा पदाधिकारियों ने लव जिहाद लैंड जिहाद में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की महिला मोर्चा की निर्वितमान महामंत्री भावना मेहरा ने कहा कि बाहरी प्रदेशों से आए लोग स्थानीय बच्चियों को बरगलाने का काम कर रहे हैं ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई के साथ उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जानी चाहिए कोतवाल प्रकाश सिंह मेहरा ने बताया कि गरमपानी निवासी युवती के पिता की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया जिसके बाद पुलिस की दो टीमों को तत्काल रवाना किया गया । युवक को दिल्ली–बिजनौर बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया गया मामले में आरोपी के खिलाफ अपहरण और बलात्कार की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है रविवार को मेडिकल के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं ने त्वरित कार्रवाई और युवती की सकुशल बरामदगी पर पुलिस टीम को सम्मानित किया।1
- विडियो देखें-दिल्ली AISA - All India Students' Association : जब वंचित लोग बराबरी की बात करते हैं, तो जातिवादी ताकतें खुद को पीड़ित बताने लगती हैं: हालिया मामला दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंसा और रुचि तिवारी की भूमिका। जातिवादियों झूठ बोलना बंद करो! UGC की समानता नियमावली लागू करो! दिल्ली विश्वविद्यालय में UGC सोशल इक्विटी रेगुलेशन्स लागू करने की मांग को लेकर जो प्रदर्शन हुआ, उसे कुछ मीडिया चैनल और दक्षिणपंथी लोग गलत तरीके से “ऊँची जाति के लोगों पर हमला” बताकर पेश कर रहे हैं। सच्चाई यह है कि रुचि तिवारी नाम की एक महिला, जो खुद को पत्रकार बताती हैं, प्रदर्शन के दौरान माहौल खराब करने की कोशिश कर रही थीं। अब वे खुद को पीड़िता बता रही हैं। दूसरी ओर, AISA की कार्यकर्ता अंजलि और नेहा को लगातार बलात्कार और जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं। जब-जब दलित, आदिवासी, पिछड़े और वंचित समुदाय अपने सम्मान और बराबरी की बात करते हैं, तब-तब जातिवादी ताकतें उल्टा खुद को पीड़ित बताने लगती हैं। मंडल आंदोलन के समय भी यही हुआ था — बराबरी की मांग करने वालों के खिलाफ नफरत फैलाई गई थी। *आखिर क्या हुआ था?* 1. 12 फरवरी को AISA द्वारा आयोजित समता उत्सव के दौरान आर्ट्स फैकल्टी में इतिहासकार एस. इरफान हबीब पर ABVP के गुंडों ने हमला किया। प्रो. हबीब RSS का इतिहास लेखन जाति व्यवस्था को स्वीकार नहीं करती, संबंधी विषय पर बोल रहे थे। तभी सभा के दौरान पत्थर फेंके गए और पानी से भरी डस्टबिन सार्वजनिक बैठक में फेंकी गई। इसके बावजूद आयोजकों और वक्ता ने शांति बनाए रखी और कार्यक्रम जारी रखा। हमलावरों की पहचान कर ली गई है और उनके वीडियो AISA द्वारा सार्वजनिक किए गए, जिन्हें व्यापक रूप से देखा और निंदा की गई। 2. UGC नियमावली पर लगी रोक के कारण SC/ST/OBC समुदायों के छात्रों और शिक्षकों में व्यापक आक्रोश है। 13 फरवरी को अखिल भारतीय वंचित अधिकार दिवस के तहत देशभर के 100 से अधिक परिसरों में UGC नियमावली लागू करने की मांग उठी। इसी क्रम में आर्ट्स फैकल्टी में विभिन्न संगठनों और आंदोलनों के छात्रों ने एक शांतिपूर्ण और संगठित सार्वजनिक सभा आयोजित की। 3. सभा के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने उकसाने और अराजकता फैलाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। 4. स्वयं को पत्रकार बताने वाली रुचि तिवारी, जो UGC नियमावली के समर्थन में हो रहे प्रदर्शनों में लगातार उकसावे की भूमिका निभाती रही हैं, अपने साथ कई लोगों को लेकर वहां पहुँचीं। उन्होंने दलित पत्रकार नवीन को निशाना बनाया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। नवीन के अनुसार, AISA की कार्यकर्ता अंजलि और नेहा ने हस्तक्षेप करते हुए रुचि तिवारी को पुलिस के हवाले करने की कोशिश की। 5. इस घटना के दो वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो में रुचि तिवारी नवीन पर हमला करती और अंजलि को मुक्का मारती दिख रही हैं, जिससे अंजलि गिर जाती हैं। दूसरे वीडियो में अंजलि और नेहा रुचि तिवारी को पकड़कर पुलिस के पास ले जाने की कोशिश कर रही हैं। दूसरा वीडियो जातिवादी तंत्र द्वारा बिना आवाज़ के प्रसारित किया जा रहा है, क्योंकि आवाज़ के साथ स्पष्ट सुना जा सकता है— “मार के भागी है ये, इसको पुलिस के पास लेकर जाना है।” 6. तमाम व्यवधानों के बावजूद सार्वजनिक सभा शाम 5 बजे शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुई। 7. शाम 6:30 बजे अंजलि और अन्य AISA कार्यकर्ता मॉरिस नगर थाने में रुचि तिवारी और उनके साथियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पहुँचे। वहां पहले से ही एक भीड़ मौजूद थी, जिसने अंजलि को पहचान कर थाने के अंदर उनका पीछा किया। पुलिस ने AISA कार्यकर्ताओं को एक छोटे कमरे में ले जाकर बंद किया, जबकि लगभग 50 लोगों की भीड़ ने गालियाँ दीं और बलात्कार व हत्या की धमकियाँ दीं। लगभग 4 घंटे तक चार AISA कार्यकर्ता थाने के अंदर घिरे रहे। 8. दिल्ली विश्वविद्यालय के सामान्य छात्र और AISA कार्यकर्ताओं एवं अन्य लोग भी मॉरिस नगर थाने के बाहर एकत्र हुए। पुलिस 200 से अधिक जातिवादी गुंडों की भीड़ को नियंत्रित करने में असफल रही। कई वीडियो में स्पष्ट दिखता है कि भीड़ “गोली मारो सालों को” और “ब्राह्मणवाद ज़िंदाबाद” जैसे नारे पुलिस की मौजूदगी में लगा रही थी। घंटों तक धमकियाँ और डराने का सिलसिला जारी रहा। 9. रात लगभग 12 बजे पुलिस ने भीड़ को हटाया और AISA कार्यकर्ताओं की शिकायत दर्ज की गई। कार्यकर्ताओं को रिहा किया गया और अंजलि का चिकित्सीय परीक्षण (मेडिको-लीगल सर्टिफिकेट) कराया गया। वहीं दक्षिणपंथी सोशल मीडिया और मुख्यधारा की मीडिया द्वारा लगातार छात्राओं के खिलाफ झूठी नाराटिव चला रही है, इसके कारण उन छात्राओं को लगातार मारपीट भरी धमकी दी जा रही है। साथ ही, आंदोलन को भी बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि समानता की मांग को जातिवादी और स्त्री-विरोधी भीड़ से नहीं दबाया जा सकता! AISA न्यायप्रिय लोगों से अपील करता है कि इस नफरत भरी नाराटिव का प्रतिरोध करें और विश्वविद्यालयों में वंचित समुदायों की गरिमा और समानता की मांग का समर्थन करें! नोट- यह जानकारी शोशल मीडिया में वायरल विडियो से ली गई है1
- अल्मोड़ा में अग्निशमन विभाग की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। 14 फरवरी को शाम 6:16 बजे फायर स्टेशन अल्मोड़ा को सूचना मिली कि पातलिबगड़ क्षेत्र के ग्राम सभा बज्युड़ा के जंगल में आग लग गई है, जो तेजी से रिहायशी क्षेत्र की ओर बढ़ रही थी। सूचना मिलते ही प्रभारी फायर स्टेशन के नेतृत्व में फायर सर्विस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और MFE से पंपिंग करते हुए होज रील व मॉनिटर ब्रांच की मदद से आग पर काबू पाया। समय रहते की गई कार्रवाई से आसपास के घरों को सुरक्षित बचा लिया गया।1
- Post by शैल शक्ति1
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- चंपावत:लोहाघाट से पोंटा साहिब जा रही रोडवेज बस में लगी आग।1
- महाशिवरात्रि के साथ सरोवर नगरी से कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। रविवार को गाजे बाजे के साथ शिवभक्तों के दल को रवाना किया गया।2
- Post by शैल शक्ति1
- उत्तराखंड:चारधाम यात्रा को लेकर बड़ी खुशखबरी,1