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मूंग तू लॉन्ग किस बनी करूं बोल मोहन काका में क्या-क्या करू😙😙🌱
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मूंग तू लॉन्ग किस बनी करूं बोल मोहन काका में क्या-क्या करू😙😙🌱
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- मूंग तू लॉन्ग किस बनी करूं बोल मोहन काका में क्या-क्या करू😙😙🌱1
- इटारसी के शीतला माता चौराहा पर आज एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई, जहाँ कुछ अज्ञात लोगों ने एक बुजुर्ग ई-रिक्शा चालक को एक घंटे तक परेशान किया। इन शरारती तत्वों ने मोबाइल ऐप का उपयोग करके ई-रिक्शा को लॉक कर दिया, जिससे बुजुर्ग चालक अपनी आजीविका कमाने से वंचित हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर, समाजसेवी राहिल सोनकर और अनु चौकसे जी तुरंत मौके पर पहुँचे और तकनीकी सहायता की मदद से रिक्शा को फिर से चालू करवाया। इस हरकत की कड़ी निंदा की गई है, क्योंकि यह रिक्शा किसी गरीब परिवार की रोज़ी-रोटी का एकमात्र साधन है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे जिम्मेदार नागरिक बनें और दूसरों की आजीविका का सम्मान करें, ऐसी निंदनीय गतिविधियों को बंद करें जो केवल 'मजे लेने' के लिए किसी गरीब के पेट पर लात मारती हैं।1
- सुहागपुर विधानसभा में पुष्पराज सिंह पटेल अन्नदाताओं की छोटी-बड़ी समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। विशेष रूप से मूंग खरीदी के मुद्दे पर उनके नेतृत्व में जगह-जगह रैलियाँ, प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दादा पुष्पराज सिंह पटेल ने सरकार पर अन्नदाताओं के साथ अन्याय और अत्याचार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार किसानों की बात नहीं मानती है, तो वे सड़कों को जाम कर देंगे। उन्होंने बताया कि अन्नदाता किसान हर जगह परेशान हैं और उनका शोषण हो रहा है। ऐसे समय में, पुष्पराज सिंह पटेल ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो अन्नदाताओं की आवाज को बुलंद कर रहे हैं, जबकि अन्य जन प्रतिनिधियों ने चुप्पी साध रखी है। श्री पटेल ने जोर दिया कि आम जनता भी इस बात को बखूबी समझ गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में आम जनता वोट के माध्यम से इसका करारा जवाब देगी। पुष्पराज सिंह पटेल को सुहागपुर विधानसभा की बुलंद आवाज बताया गया है, जो लगातार किसानों के हितों के लिए आवाज़ उठा रहे हैं।1
- हरदा जिले के नगर परिषद सिराली में, सिराली पुलिस द्वारा 'सेफ क्लिक' अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम करना और युवाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। इसी कड़ी में, शासकीय महाविद्यालय सिराली में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों की विस्तृत जानकारी दी और उनसे बचाव के लिए महत्वपूर्ण उपाय भी बताए। विद्यार्थियों को विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, सिम स्वैप, सोशल मीडिया धोखाधड़ी और फर्जी कस्टमर केयर कॉल जैसे खतरों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिस ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। साथ ही, उन्हें सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, मजबूत पासवर्ड रखने और टू-स्टेप वेरिफिकेशन अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करना चाहिए या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इस जागरूकता कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, सभी प्राध्यापकगण, पुलिस स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में, विद्यार्थियों से साइबर सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक रहने और दूसरों को भी इस विषय पर जागरूक करने का आह्वान किया गया।2
- क्रिस्टियानो रोनाल्डो भले ही अपने करियर में FIFA विश्व कप की ट्रॉफी कभी हासिल न कर पाए हों, लेकिन उन्होंने दुनिया भर में करोड़ों लोगों का दिल जीता है। यही वजह है कि उनका नाम सिर्फ रिकॉर्ड्स में ही नहीं, बल्कि प्रशंसकों की यादों में हमेशा ज़िंदा रहेगा। उनकी आँखों में आज जो आँसू हैं, वे किसी हार की वजह से नहीं, बल्कि उस गहरे अधूरे सपने के प्रतीक हैं जिसे हर खिलाड़ी अपने दिल में संजोकर रखता है। रोनाल्डो ने दुनिया को यह सिखाया कि अथक मेहनत, बेजोड़ अनुशासन और कभी हार न मानने का जज़्बा ही किसी खिलाड़ी की असली विरासत होती है। अफ़सोस इस बात का रहेगा कि हम उन्हें FIFA विश्व कप जीतते हुए नहीं देख पाए, लेकिन यह सुकून हमेशा रहेगा कि हम उस ऐतिहासिक दौर के गवाह बने जब CR 7 फुटबॉल के मैदान पर नए कीर्तिमान रच रहे थे। यह साबित करता है कि कुछ सपने भले ही पूरे न हों, फिर भी वे किसी व्यक्ति की महानता को कम नहीं कर पाते, और कुछ खिलाड़ी खेल के मैदान से भले ही विदा हो जाएं, पर वे खेल के इतिहास से कभी नहीं जाते।1
- मूंग खरीदी के मुद्दे पर कांग्रेस ने मोहन सरकार के खिलाफ तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। इस उग्र विरोध के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोहन सरकार का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।1