छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के तालाब मोहल्ला में बीती रात एक अज्ञात व्यक्ति ने घरों के बाहर खड़ी तीन गाड़ियों में आग लगा दी। इस वारदात में दो कारें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जबकि एक अन्य वाहन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह घटना देर रात करीब 2 बजे हुई, जब तालाब मोहल्ला निवासी इरफान खान, रमाकांत खरे और गुल्लू खान की गाड़ियां प्रतिदिन की तरह अपने घरों के बाहर खड़ी थीं और एक अज्ञात आरोपी ने उन्हें निशाना बनाया। पीड़ित इरफान खान ने बताया कि उनके छोटे भाई जाहिद ने रात 2 बजे फोन कर उन्हें आग लगने की सूचना दी। बाहर आकर देखने पर उन्होंने अपनी गाड़ियों को आग की लपटों में घिरा पाया। तत्काल डायल 112 और फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। आगजनी में रमाकांत खरे की वैगनआर कार और गुल्लू खान की अमेज कार पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। इरफान खान की क्रूजर गाड़ी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रुपये है, वह भी एक तरफ से काफी हद तक जल गई। जिस स्थान पर गाड़ियां खड़ी थीं, वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। अब पुलिस आरोपी की पहचान कर उसे पकड़ने के लिए आसपास के मोहल्लों में लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इस घटना ने स्थानीय पुलिस की रात्रि गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोहल्ले के निवासियों का आरोप है कि पुलिस की सक्रियता में कमी के कारण अपराधी बेखौफ होकर ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के तालाब मोहल्ला में बीती रात एक अज्ञात व्यक्ति ने घरों के बाहर खड़ी तीन गाड़ियों में आग लगा दी। इस वारदात में दो कारें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जबकि एक अन्य वाहन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह घटना देर रात करीब 2 बजे हुई, जब तालाब मोहल्ला निवासी इरफान
खान, रमाकांत खरे और गुल्लू खान की गाड़ियां प्रतिदिन की तरह अपने घरों के बाहर खड़ी थीं और एक अज्ञात आरोपी ने उन्हें निशाना बनाया। पीड़ित इरफान खान ने बताया कि उनके छोटे भाई जाहिद ने रात 2 बजे फोन कर उन्हें आग लगने की सूचना दी। बाहर आकर देखने पर उन्होंने अपनी गाड़ियों को आग की लपटों में घिरा पाया। तत्काल डायल 112 और फायर ब्रिगेड को
सूचित किया गया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। आगजनी में रमाकांत खरे की वैगनआर कार और गुल्लू खान की अमेज कार पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। इरफान खान की क्रूजर गाड़ी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रुपये है, वह भी एक तरफ से काफी हद तक जल गई। जिस स्थान पर गाड़ियां खड़ी थीं, वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। अब पुलिस आरोपी
की पहचान कर उसे पकड़ने के लिए आसपास के मोहल्लों में लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इस घटना ने स्थानीय पुलिस की रात्रि गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोहल्ले के निवासियों का आरोप है कि पुलिस की सक्रियता में कमी के कारण अपराधी बेखौफ होकर ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
- एक बुजुर्ग महिला ने अपनी बीमारी से तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस दुखद घटना के बाद महिला का पोस्टमार्टम खरगापुर में संपन्न हुआ।1
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा तहसील अंतर्गत ग्राम बेला में सरपंच लक्ष्मी बाई अहिरवार, उनके पति बद्री प्रसाद अहिरवार, पुत्र कैलाश अहिरवार और यशकांत अहिरवार पर शासकीय भूमि की मिट्टी जेसीबी मशीन से खोदकर बेचने का गंभीर आरोप लगा है। ग्राम बेला के निवासी अशोक अहिरवार ने कलेक्टर महोदय, टीकमगढ़ को संबोधित करते हुए यह शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता अशोक अहिरवार के अनुसार, ये सभी लोग जेसीबी मशीन का उपयोग कर शासकीय जमीन से लगातार मिट्टी निकाल रहे हैं और उसे बेच रहे हैं। जब अशोक अहिरवार ने उन्हें इस अवैध कार्य को रोकने के लिए कहा, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और जेसीबी मशीन से कुचलकर जान से मारने की धमकी भी दी। आवेदक ने कलेक्टर महोदय से विनम्र निवेदन किया है कि उनकी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अनावेदकों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।2
- टीकमगढ़ जिले के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब IPL कंपनी की खाद सीधे टीकमगढ़ रैक पॉइंट पर पहुँचेगी, जिससे किसानों को खाद के लिए दूसरे जिलों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और उन्हें समय पर खाद मिल सकेगी। पहले, जिले में खाद की रैक अन्य जिलों में आती थी, और वहाँ से सड़क मार्ग द्वारा टीकमगढ़ लाई जाती थी, जिससे परिवहन में काफी समय लगता था और किसानों को अक्सर खाद की किल्लत का सामना करना पड़ता था। इस व्यवस्था में बदलाव के बाद, IPL कंपनी की खाद सीधे टीकमगढ़ रेलवे रैक पर उतरेगी। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के नेतृत्व में रेलवे ट्रैक पर खाद के समुचित वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके तहत, खाद सीधे जिले के सरकारी गोदामों और सहकारी समितियों तक समय पर पहुँचाई जाएगी ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इस नई व्यवस्था से किसानों को कई फायदे होंगे। इससे खाद वितरण में लगने वाला समय बचेगा और बुवाई के सीजन में उन्हें खाद की किल्लत से राहत मिलेगी। साथ ही, दूसरे जिलों से खाद लाने का अतिरिक्त भाड़ा और परिवहन खर्च भी बचेगा। सीधी आपूर्ति से खाद की कालाबाजारी और अधिक दामों पर बिक्री पर भी लगाम लगने की उम्मीद है।1
- एक विशेष रिपोर्ट में अंजना कश्यप द्वारा शिक्षकों को लेकर की गई विभिन्न टिप्पणियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है। इस रिपोर्ट में यह भी दर्शाया गया है कि शिक्षकों ने अंजना कश्यप के विषय में क्या कुछ कहा है, जिससे दोनों पक्षों की बातें सामने आई हैं।1
- बमीठा थाना क्षेत्र के ग्राम टपरियन निवासी 35 वर्षीय यशोदा पाल को खेत में काम करते समय एक जहरीले सांप ने डस लिया। महिला के पति घनश्याम पाल ने बताया कि आज 3 जून की सुबह लगभग 11:30 बजे यशोदा अपने खेत में घुइयां लगा रही थीं। इसी दौरान, घुइयां के ढेर से अरबी निकालते समय वहां छिपे एक जहरीले सांप ने उनके सीधे हाथ की उंगली में काट लिया। घटना के समय खेत पर मौजूद उनके बच्चों ने तुरंत अपने पिता को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलने पर घनश्याम पाल खेत पहुंचे और अपनी पत्नी यशोदा को एक निजी वाहन से पहले ग्राम भियताल ले गए, जहां झाड़-फूंक करवाई गई। महिला की हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल छतरपुर लेकर पहुंचे, जहां उन्हें महिला मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया है और उनका उपचार जारी है।1
- टीकमगढ़ जिले का जतारा विद्युत विभाग समस्याओं का अखाड़ा बन गया है, जिसके कारण यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस संबंध में एक खास रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें बताया गया है कि विभाग में क्या कुछ हुआ है और क्या नहीं।1
- छतरपुर जिले में कांग्रेस नेत्री डॉ. कंचन शुक्ला से जुड़ा एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस नए वायरल वीडियो में कथित तौर पर "ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है, सुन लो कान खोलकर जलने वालों" लिखा दिखाई दे रहा है। यह वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में डॉ. कंचन शुक्ला की चर्चा और तेज हो गई है। इससे पहले भी डॉ. कंचन शुक्ला का एक वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो में कांग्रेस नेत्री डॉ. कंचन शुक्ला और सपा नेत्री ऊषा अहिरवार एक कार्यक्रम के दौरान बैंड-बाजे के बीच कथित रूप से बंदूक के साथ प्रदर्शन करती नजर आई थीं। उस वीडियो को लेकर भी सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं थीं और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग भी उठी थी। अब दूसरे वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों के बीच यह चर्चा है कि जिला प्रशासन और पुलिस इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाते हैं। प्रशासन की ओर से वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई गई परिस्थितियों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल, सभी की निगाहें कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि वायरल वीडियो में किसी नियम या आदेश का उल्लंघन पाया जाता है, तो प्रशासन द्वारा नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की संभावना है। छतरपुर में कांग्रेस नेत्री डॉ. कंचन शुक्ला से जुड़े लगातार दो वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पहले बंदूक के प्रदर्शन वाले वीडियो और अब कथित चुनौतीपूर्ण संदेश वाले वीडियो ने प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है।2