कर्मणा मनसा वाचा सर्वदाराधयेद् गुरुम्। दीर्घदण्डं नमस्कृत्य निर्लज्जो गुरुसन्निधौ।। 【कर्म, मन वाणी से गुरु की आराधना करें तथा लज्जा त्याग कर गुरु के समीप दण्डवत् प्रणाम करे।】 शरीरमिन्द्रियं प्राण मर्त्यस्वजनबान्धवान्। आत्मदारादिकं सर्व सद्गुरुभ्यो निवेदयेत्।। 【शरीर, इन्द्रिय, प्राण ,स्वजन, बन्धु तथा अपने आप को सद्गुरु को समर्पण करे।】 गुरुरेको जगत्सर्वं ब्रह्माविष्णुशिवात्मकं। गुरो: परतरं नास्ति तस्मात्संपूजयेद्गुरुम्।। 【ब्रह्मा, विष्णु, शिव तथा सम्पूर्ण जगत् गुरुस्वरूप है। गुरु से परे कोई नहीं है, इसलिए गुरु की पूजा करे】 सर्वश्रुतिशिरोरत्न-- निराजित पदाम्बुजम्। वेदान्तार्थप्रवक्तारं तस्मात्संपूजयेद्गुरुम्।। 【सम्पूर्ण श्रुतियों के द्वारा नीराजित गुरु के चरण कमल हैं। अतः वेदान्त के वक्ता गुरुओं की पूजा करें।】 यस्य स्मरणमात्रेण ज्ञानमुत्पद्यते स्वयम्। स एव सर्वसम्पत्तिस्तस्मात्संपूजयेद्गुरुम्।। 【जिनके स्मरण मात्र से ज्ञानोत्पन्न होता है तथा सर्व सम्पत्ति प्राप्त होती है, उन गुरु की पूजा करे।】 कृमिकीट भस्म विष्ठा दुर्गंधि मलमूत्रकम्। श्लेष्मरक्तत्वचामांसै: नेदं चैतद् वरानने।। संसारवृक्षमारूढा पतन्ति नरकार्णवे। यस्मान्नुद्धरते सर्वान् तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【कृमि, कीट, भस्म, विष्ठा, दुर्गंधि तथा मल-मूत्र, रक्तत्वचादि के नरक में पड़े हुये जीवों को संसाररूपी वृक्ष पर चढ़कर जो तारते हैं, ऐसे गुरु को प्रणाम करे।】 गुरुर्ब्रह्मागुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वर:। गुरुरेकं परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【गुरु ब्रह्मा, विष्णु, महेश तथा एकमात्र परब्रह्म है, उनके लिए प्रणाम है।】 अज्ञान तिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जनशलाकया। चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【अज्ञानरूपी अंधकार से युक्त शिष्य को जिन्होंने ज्ञानरूपी अंजन लगाकर नेत्र खोल दिये हैं, ऐसे गुरु को प्रणाम है】 स्थावरं जंगमंजातं यत्किंचितसचराचरम्। त्वं पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【स्थावर-जंगम में व्याप्त जो परमतत्व है, ऐसे त्वं पद के लक्ष्यार्थ को जिन्होंने दिखाया है, उन्हें मैं प्रणाम करता हूँ।】 अखण्डमंडलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्। तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【जिन्होंने अखण्डमण्डलाकार चराचर जगत् में व्याप्त तत् पद रूपी ब्रह्म का साक्षात्कार कराया है, उन गुरु को मैं प्रणाम करता हूँ 】 चिन्मयं व्यापितं सर्वं त्रैलोक्यं सचराचरम्। असित्वं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【तीनों लोकों में व्याप्त चिन्मय असि पद का जिन्होंने दर्शन कराया है, उन गुरु को मैं प्रणाम करता हूँ।】 निमिषार्धार्ध पाताद्वा यद्वाक्याद्वै विलोक्यते। स्वात्मानं स्थिरमादत्ते तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【जिनके वाक्य से चौथाई निमेष में भ्रम दूर हो जाता है तथा आत्मा स्वरूप में स्थिति हो जाती है, ऐसे गुरु को प्रणाम करता हूं।】 चैतन्यं शाश्वतं शान्तं व्योमातीतं निरंजनम्। नादविन्दु कलातीतं तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【जो शान्त, शाश्वत, चैतन्यस्वरूप, आकाशादि पंचमहाभूतों से परे, अज्ञानरूपी अंधकार से रहित, नादविन्दु, कला से अतीत गुरुदेव को मैं प्रणाम करता हूँ।】 निर्गुणं निर्मलं शान्तं जङ्गमं स्थिरमेव च। व्याप्तं येन जगत्सर्वं तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【जो परमतत्त्व निर्गुण-निर्मल एवं शान्त हैं तथा जिससे स्थावर- जङ्गम के समस्त प्राणी व्याप्त है, ऐसे गुरुदेव को मैं प्रणाम करता हूँ】 ------( स्कन्दपुराण के उत्तरखंड में आये "गुरुगीता" के श्लोकसंख्या ३८ से ५२ तक)
कर्मणा मनसा वाचा सर्वदाराधयेद् गुरुम्। दीर्घदण्डं नमस्कृत्य निर्लज्जो गुरुसन्निधौ।। 【कर्म, मन वाणी से गुरु की आराधना करें तथा लज्जा त्याग कर गुरु के समीप दण्डवत् प्रणाम करे।】 शरीरमिन्द्रियं प्राण मर्त्यस्वजनबान्धवान्। आत्मदारादिकं सर्व सद्गुरुभ्यो निवेदयेत्।। 【शरीर, इन्द्रिय, प्राण ,स्वजन, बन्धु तथा अपने आप को सद्गुरु को समर्पण करे।】 गुरुरेको जगत्सर्वं ब्रह्माविष्णुशिवात्मकं। गुरो: परतरं नास्ति तस्मात्संपूजयेद्गुरुम्।। 【ब्रह्मा, विष्णु, शिव तथा सम्पूर्ण जगत् गुरुस्वरूप है। गुरु से परे कोई नहीं है, इसलिए गुरु की पूजा करे】 सर्वश्रुतिशिरोरत्न-- निराजित पदाम्बुजम्। वेदान्तार्थप्रवक्तारं तस्मात्संपूजयेद्गुरुम्।। 【सम्पूर्ण श्रुतियों के द्वारा नीराजित गुरु के चरण कमल हैं। अतः वेदान्त के वक्ता गुरुओं की पूजा करें।】 यस्य स्मरणमात्रेण ज्ञानमुत्पद्यते स्वयम्। स एव सर्वसम्पत्तिस्तस्मात्संपूजयेद्गुरुम्।। 【जिनके स्मरण मात्र से ज्ञानोत्पन्न होता है तथा सर्व सम्पत्ति प्राप्त होती है, उन गुरु की पूजा करे।】 कृमिकीट भस्म विष्ठा दुर्गंधि मलमूत्रकम्। श्लेष्मरक्तत्वचामांसै: नेदं चैतद् वरानने।। संसारवृक्षमारूढा पतन्ति नरकार्णवे। यस्मान्नुद्धरते सर्वान् तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【कृमि, कीट, भस्म, विष्ठा, दुर्गंधि तथा मल-मूत्र, रक्तत्वचादि के नरक में पड़े हुये जीवों को संसाररूपी वृक्ष पर चढ़कर जो तारते हैं, ऐसे गुरु को प्रणाम करे।】 गुरुर्ब्रह्मागुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वर:। गुरुरेकं परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【गुरु ब्रह्मा, विष्णु, महेश तथा एकमात्र परब्रह्म है, उनके लिए प्रणाम है।】 अज्ञान तिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जनशलाकया। चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【अज्ञानरूपी अंधकार से युक्त शिष्य को जिन्होंने ज्ञानरूपी अंजन लगाकर नेत्र खोल दिये हैं, ऐसे गुरु को प्रणाम है】 स्थावरं जंगमंजातं यत्किंचितसचराचरम्। त्वं पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【स्थावर-जंगम में व्याप्त जो परमतत्व है, ऐसे त्वं पद के लक्ष्यार्थ को जिन्होंने दिखाया है, उन्हें मैं प्रणाम करता हूँ।】 अखण्डमंडलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्। तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【जिन्होंने अखण्डमण्डलाकार चराचर जगत् में व्याप्त तत् पद रूपी ब्रह्म का साक्षात्कार कराया है, उन गुरु को मैं प्रणाम करता हूँ 】 चिन्मयं व्यापितं सर्वं त्रैलोक्यं सचराचरम्। असित्वं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【तीनों लोकों में व्याप्त चिन्मय असि पद का जिन्होंने दर्शन कराया है, उन गुरु को मैं प्रणाम करता हूँ।】 निमिषार्धार्ध पाताद्वा यद्वाक्याद्वै विलोक्यते। स्वात्मानं स्थिरमादत्ते तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【जिनके वाक्य से चौथाई निमेष में भ्रम दूर हो जाता है तथा आत्मा स्वरूप में स्थिति हो जाती है, ऐसे गुरु को प्रणाम करता हूं।】 चैतन्यं शाश्वतं शान्तं व्योमातीतं निरंजनम्। नादविन्दु कलातीतं तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【जो शान्त, शाश्वत, चैतन्यस्वरूप, आकाशादि पंचमहाभूतों से परे, अज्ञानरूपी अंधकार से रहित, नादविन्दु, कला से अतीत गुरुदेव को मैं प्रणाम करता हूँ।】 निर्गुणं निर्मलं शान्तं जङ्गमं स्थिरमेव च। व्याप्तं येन जगत्सर्वं तस्मै श्रीगुरवे नमः।। 【जो परमतत्त्व निर्गुण-निर्मल एवं शान्त हैं तथा जिससे स्थावर- जङ्गम के समस्त प्राणी व्याप्त है, ऐसे गुरुदेव को मैं प्रणाम करता हूँ】 ------( स्कन्दपुराण के उत्तरखंड में आये "गुरुगीता" के श्लोकसंख्या ३८ से ५२ तक)
- Post by MAHAVIRSINGH4
- 🟥 ब्रेकिंग न्यूज़ | The Aman Times 📍 प्रेमनगर (देहरादून) ⚖️ संपत्ति विवाद में पुलिस की बड़ी कार्रवाई दिनांक 16 अप्रैल 2026 को प्रेमनगर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव में जमीन के मालिकाना हक को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। 🚨 सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां दोनों पक्ष आमने-सामने आक्रामक स्थिति में थे। काफी समझाने के बावजूद जब मामला शांत नहीं हुआ तो पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। 📌 सभी आरोपियों को धारा 170 BNSS के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। 📌 पुलिस ने स्वयं वादी बनते हुए सीमा चौहान समेत दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। 📌 मामला अपराध संख्या 75/26 के तहत दर्ज, जांच जारी। 🛑 विवादित भूमि को लेकर अलग से धारा 164 BNSS के तहत रिपोर्ट भेजी जा रही है। 👉 फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था कायम है।1
- ■ पब्लिक का भी ग़ज़ब हाल है! हापुड में रेलवे लाइन के पास पालीथीन में महिला की हेयर विग पड़ी थीं। किसी ने पुलिस को सूचना सरका दी, रेलवे लाइन के पास "महिला का सिर कटा पड़ा है"। पुलिस पहुंची, जांच की तो कटे सर का रहस्य पुलिस की समझ में आ गया। मौके पर बरामद स्टाइलिश हेयर विग को देखकर पुलिस भी हंसी नहीं रोक पाई।...1
- Post by Rajkumar mehra press reporter1
- main Javed adhyaksh bhajpa cal mantri ji aur vidhayak ji MLC Sahab jila Panchayat sadasya jila adhyaksh ji mahila aayog adhyaksh ji block Pramukh ji ke sath mulakat Hui, 🇮🇳1
- दक्षिण अमेरिकी रैली में दर्दनाक हादसा: अर्जेंटीना के कॉर्डोबा में चल रही दक्षिण अमेरिकी रैली के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। गिउलिओ सिसरे स्ट्रेच पर तेज रफ्तार रेसिंग वाहन नियंत्रण खो बैठा और दर्शकों की भीड़ में जा घुसा। इस दर्दनाक टक्कर में एक दर्शक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कम से कम तीन अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव टीमों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने प्रतियोगिता को तुरंत निलंबित कर दिया। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल उठने लगे हैं।1
- पुलिस मुख्यालय स्तर पर चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार अभियान के तहत दिनांक 19.04.2026 को कोतवाली गंगनहर क्षेत्रांतर्गत शक्ति विहार में आमदा फसाद करने तथा गाली गलौच कर शांति व्यवस्था भंग करने वाले तरुण वर्मा पुत्र नंदकिशोर वर्मा निवासी मुक्तुल पूरी रुड़की हाल निवासी शक्ति विहार कॉलोनी रुड़की व राजकुमार पुत्र स्वर्गीय ओमप्रकाश निवासी शक्ति विहार कॉलोनी को हिरासत में लेकर आरोपितों का चालान अंतर्गत धारा 170 BNSS कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाई की जा रही है। *नाम पता आरोपित* 1- तरुण वर्मा पुत्र नंदकिशोर वर्मा निवासी मुक्तुल पूरी रुड़की हाल निवासी शक्ति विहार कॉलोनी रुड़की। 2- राजकुमार पुत्र स्वर्गीय ओमप्रकाश निवासी शक्ति विहार कॉलोनी। *पुलिस टीम-* 1- अपर उप निरीक्षक कान्ता प्रसाद। 2- हेड कांस्टेबल अरविंद।1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | The Aman Times 📍 गदरपुर, उत्तराखंड ⚡ ट्रांसफार्मर से उठी चिंगारी ने मचाई तबाही — 2 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख गदरपुर के राधाकांतपुर गांव में देर रात बड़ा हादसा सामने आया, जहां खेत के पास लगे ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी ने किसान सत्येंद्र बैध की करीब दो एकड़ गेहूं की फसल को आग के हवाले कर दिया। 🔥 आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी फसल जलकर राख हो गई। 🙏 राहत की बात यह रही कि ग्रामीणों की सतर्कता से आग को समय रहते काबू में कर लिया गया, जिससे आग गांव की आबादी तक नहीं पहुंच पाई और बड़ा नुकसान टल गया। 🚒 ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार सूचना देने के बावजूद दमकल विभाग समय पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। 🗣️ भाजपा जिला उपाध्यक्ष अमित नारंग ने आश्वासन दिया है कि दिनेशपुर क्षेत्र में जल्द ही 24 घंटे दमकल वाहन की व्यवस्था की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से तुरंत निपटा जा सके। 👉 सतर्क रहें — बिजली उपकरणों के आसपास सावधानी बरतें, खासकर खेतों में।1
- Post by Rajkumar mehra press reporter1