हमीरपुर के मौदहा कस्बे में बीती रात नशे में धुत एक कार चालक ने अपनी तेज रफ्तार गाड़ी से सड़क किनारे कुर्सी पर बैठे एक मंदबुद्धि वृद्ध को टक्कर मार दी, जिससे गंभीर रूप से घायल अरशद मोहम्मद (60) पुत्र मुश्ताक अहमद की इलाज के दौरान सदर अस्पताल में मौत हो गई। इस घटना के बाद मौदहा पुलिस ने कार चालक आबिद पठान को हिरासत में ले लिया है और गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया गया है। यह हादसा रहमानिया कॉलेज के निकट कपसा रोड पर हुआ, जहां यूपी 91जेड 1803एक्स एल जी नंबर की तेज रफ्तार कार पहले आरा मशीन में पड़ी लकड़ियों से टकराकर अनियंत्रित हो गई। इसके बाद अनियंत्रित कार विपरीत दिशा में आकर अरशद मोहम्मद को टक्कर मारते हुए साइड में खड़ी आलम दिलशाद की यूपी 32एफ 6219 नंबर की कार से भी टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि खड़ी कार लगभग दो फीट पीछे हट गई और बिजली के सीमेंटेड पोल को तोड़ दिया; साथ ही टक्कर मारने वाली कार के दोनों एयरबैग भी खुलकर फट गए। मृतक अरशद मोहम्मद संतानहीन थे और अपने भाई-भतीजों की देखरेख में जीवन यापन कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, चालक आबिद पठान नशे की हालत में था। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि चालक नशे का कारोबारी है और पहले भी दूसरे राज्य में नशे के कारोबार के सिलसिले में गिरफ्तार हो चुका है। रात की घटना और गाड़ी में चालक के साथ एक अन्य युवक की मौजूदगी भी इसी ओर इशारा करती है। कस्बे सहित पूरे क्षेत्र में युवाओं में नशे का बढ़ता क्रेज चिंता का विषय बना हुआ है, और इसी के चलते ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
हमीरपुर के मौदहा कस्बे में बीती रात नशे में धुत एक कार चालक ने अपनी तेज रफ्तार गाड़ी से सड़क किनारे कुर्सी पर बैठे एक मंदबुद्धि वृद्ध को टक्कर मार दी, जिससे गंभीर रूप से घायल अरशद मोहम्मद (60) पुत्र मुश्ताक अहमद की इलाज के दौरान सदर अस्पताल में मौत हो गई। इस घटना के बाद मौदहा पुलिस ने कार चालक आबिद पठान को हिरासत में ले लिया है और गाड़ी को भी कब्जे
में ले लिया गया है। यह हादसा रहमानिया कॉलेज के निकट कपसा रोड पर हुआ, जहां यूपी 91जेड 1803एक्स एल जी नंबर की तेज रफ्तार कार पहले आरा मशीन में पड़ी लकड़ियों से टकराकर अनियंत्रित हो गई। इसके बाद अनियंत्रित कार विपरीत दिशा में आकर अरशद मोहम्मद को टक्कर मारते हुए साइड में खड़ी आलम दिलशाद की यूपी 32एफ 6219 नंबर की कार से भी टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि खड़ी कार लगभग
दो फीट पीछे हट गई और बिजली के सीमेंटेड पोल को तोड़ दिया; साथ ही टक्कर मारने वाली कार के दोनों एयरबैग भी खुलकर फट गए। मृतक अरशद मोहम्मद संतानहीन थे और अपने भाई-भतीजों की देखरेख में जीवन यापन कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, चालक आबिद पठान नशे की हालत में था। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि चालक नशे का कारोबारी है और पहले भी दूसरे राज्य में नशे के कारोबार
के सिलसिले में गिरफ्तार हो चुका है। रात की घटना और गाड़ी में चालक के साथ एक अन्य युवक की मौजूदगी भी इसी ओर इशारा करती है। कस्बे सहित पूरे क्षेत्र में युवाओं में नशे का बढ़ता क्रेज चिंता का विषय बना हुआ है, और इसी के चलते ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की मौदहा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खण्डेह स्थित कलारन तालाब में सोमवार सुबह एक हृदय विदारक घटना में तीन मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह दर्दनाक हादसा तालाब में हो रहे अवैध मिट्टी खनन के कारण बने गहरे गड्ढों में बच्चों के चले जाने से हुआ। मृतकों की पहचान प्रबल यादव (10), आदित्य कुशवाहा (9) और भोला कुशवाहा (10) के रूप में हुई है। ग्रामीणों ने बच्चों को तालाब से बाहर निकाला और तत्काल सीएचसी मौदहा पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और तीनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दुखद घटना से पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है, जहाँ अवैध मिट्टी खनन को ही इस भीषण त्रासदी का मुख्य कारण बताया जा रहा है।4
- हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम छिरका में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हिंदू-मुस्लिम एकता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। इस कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग और समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जिससे आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सका। भंडारे के दौरान सिंह साहब, यादव जी, शर्मा जी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने मुख्य भूमिका निभाई। बाबा जी यादव और नरेंद्र शर्मा की उपस्थिति विशेष चर्चा का विषय रही। ग्रामीणों ने ऐसे आयोजनों को समाज में भाईचारा और आपसी प्रेम मजबूत करने वाला बताया। कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी मौदहा, कोतवाली प्रभारी और एसडीएम मौदहा की कार्यशैली की भी सराहना की गई। आयोजकों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि क्षेत्र में आपसी सौहार्द और भाईचारा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर मानव अधिकार तहसील अध्यक्ष समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन 'सबका साथ, सबका विकास' और 'जय संग विजय संग, जय मानव अधिकार' के नारों के साथ हुआ।2
- बांदा के वार्ड नंबर 10, जिसमें शंकर नगर और आजाद नगर शामिल हैं, का दौरा करने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने क्षेत्र में लटकते अस्थाई बिजली के तारों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इन तारों से इलाके में करंट लगने का खतरा मंडरा रहा है। इस खतरे को देखते हुए, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने शासन-प्रशासन से तुरंत नए खंभे लगाने और स्थाई थ्री-फेस बिजली लाइन बिछाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, दीक्षित ने क्षेत्र में चल रहे नालों के निर्माण कार्य पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या यह निर्माण कार्य इस मानसून में जनता को जलभराव की समस्या से सचमुच निजात दिला पाएगा। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि "असली हकीकत तो पहली बारिश में ही साफ होगी," जो प्रशासन के दावों पर संदेह प्रकट करता है।4
- कमासिन कस्बे में देर रात ज्वेलर्स की एक दुकान में भीषण आग लग गई। यह आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी, जिसे दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया।1
- बांदा जिले की नरैनी तहसील के जमवारा गांव में झाड़ियों से भड़की आग ने एक मजदूर परिवार की जिंदगी भर की जमा-पूंजी को कुछ ही देर में राख में बदल दिया। इस भीषण आग की चपेट में आए घर में रखा लगभग ₹50 हजार नकद, खाद्यान्न, कपड़े, भूसा और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया, वहीं एक बकरी की भी आग में झुलसकर मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी बहादुर पुत्र परदेशी रैदास अपने परिवार के साथ खेतों के बीच बने घर में रहते थे। अचानक घर के पास झाड़ियों में लगी आग तेज हवाओं के साथ तेजी से फैलती हुई उनके मकान तक पहुंच गई। आग की लपटें उठती देख परिवार ने शोर मचाया और किसी तरह महिलाओं, बच्चों तथा पालतू पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग पूरे घर को अपनी चपेट में ले चुकी थी। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम भी पहुंची और आग पर काबू पाया, हालांकि तब तक घर में रखा अधिकांश सामान जलकर राख हो चुका था। देर शाम तक भी घर के मलबे से लगातार धुआं और आग की लपटें निकलती रहीं। पीड़ित बहादुर ने बताया कि घर में बकरियों की बिक्री से मिले ₹50 हजार नकद, करीब 5 कुंतल गेहूं, एक-एक कुंतल अरहर और चना, भूसा, कपड़े तथा अन्य सभी जरूरी सामान रखा था, जो इस घटना में नष्ट हो गया। घटना की सूचना मिलने पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली इलाके के खंडेह गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ तालाब में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। बच्चों के तालाब में डूबने की सूचना पर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और तीनों बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद ग्रामीणों ने बच्चों को डॉक्टर को दिखाया। मौदहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चिकित्सकों की टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद बच्चों के परिजनों में गहरा हड़कंप मच गया है।4
- बांदा पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ठगी के शिकार एक व्यक्ति को उसके 5 लाख 60 हजार 822 रुपये वापस दिलाए हैं। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश पर साइबर क्राइम थाने की टीम ने यह सफलता हासिल की। कोतवाली नगर के मढ़ियानाका निवासी मुकेश कुमार पुत्र बृजलाल साइबर ठगों के जाल में फंस गए थे। ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप कॉल के जरिए व्यापार में भारी मुनाफे का लालच दिया और 5.60 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। ठगी का एहसास होते ही पीड़ित मुकेश कुमार ने तुरंत साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी साइबर अपराध मेविस टॉक के नेतृत्व में साइबर थाने की टीम ने त्वरित तकनीकी जांच शुरू की। बैंक और पेमेंट गेटवे के साथ तत्काल समन्वय स्थापित करके, ठगी की गई पूरी रकम को होल्ड करा दिया गया। इस तत्परतापूर्ण कार्रवाई के चलते पीड़ित की 5,60,822 रुपये की पूरी धनराशि सुरक्षित रूप से उसके खाते में वापस आ गई। रुपये वापस मिलने पर मुकेश कुमार ने बांदा साइबर क्राइम पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया और उनकी त्वरित कार्रवाई की सराहना की। बांदा पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल या संदिग्ध लेन-देन होने पर बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाने/साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस का कहना है कि समय पर सूचना मिलने से ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।2
- बांदा में जैन समाज ने साधु-संतों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। समुदाय ने मांग उठाई है कि सरकार को राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति लागू करनी चाहिए।1