नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक नए युग की दस्तक - गीता चतुर्वेदी नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक नए युग की दस्तक - गीता चतुर्वेदी फोटो- औरैया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में बुधवार को समाजसेवी, प्रबुद्ध महिलाओं ने चौधरी विशंभर सिंह भारतीय बालिका विद्यालय इंटर कॉलेज में प्रेस वार्ता आयोजित की। कॉलेज की प्रधानाचार्य गीता चतुर्वेदी, वी.वी.एस विद्यापीठ औरैया की प्रधानाचार्या रमनीक कौर तथा एस.बी.एस मेमोरियल विद्यालय औरैया प्रधानाचार्य चित्रा अवस्थी एवं समाजसेवी ज्योति शुक्ला दीप्ति द्विवेदी ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया। गीता चतुर्वेदी ने कहा कि आरक्षण देकर सरकार ने महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है और भी सरकार रही हैं किसी ने महिलाओं के बारे इतना नहीं सोचा। आरक्षण से निश्चित तौर पर हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ेंगी और आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे कार्य कर रही हैं। गीता चतुर्वेदी ने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में नारी वंदन अधिनियम एक युगांतरकारी कदम के रूप में सामने आया है। लोकसभा और विधान सभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का प्रावधान केवल प्रतिनिधत्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नीति निर्धारण निर्माण को अधिक समावेशी, संवेदनशील और प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस पहल है। इसका शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन महिलाओं को नीति की लाभार्थी से नीत की निर्माता बनने का मार्ग प्रशस्त करेगा यही विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला बनेगा। इस अधिनियम के लागू होने से सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि शासन की प्राथमिकताओं में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। जब निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं के भागीदारी बढ़ती है तो शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, जल और स्वच्छता जैसी विषय अधिक प्राथमिकता के साथ सामने आते हैं। प्रधानाचार्य रमणीक कौर ने कहा कि महिलाओं के जीवन में गरिमा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए भी व्यापक कदम उठाए गए। इन सभी प्रयासों से मिलकर एक ऐसा मजबूत आधार तैयार किया है जिस पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक परिणामकारी सिद्ध होगा। जब संसद और विधानसभा में महिलाओं की संख्या बढ़ेगी तो योजनाओं को और प्रभावी बनाने के साथ-साथ नई नीतियों के निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी। इससे शासन अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और संवेदनशील बनेगा । यह अधिनियम केवल एक संवैधानिक व्यवस्था नहीं बल्कि विकसित भारत 2047 की संकल्प को गति देने वाला निर्णायक कदम है। जब महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ेंगी तो निश्चित ही विकास की प्रक्रिया और अधिक समावेशी संतुलित और टिकाऊ बनेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट दृष्टिकोण रहा है कि महिला नेतृत्व वाला विकास ही भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है ।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक नए युग की दस्तक - गीता चतुर्वेदी नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक नए युग की दस्तक - गीता चतुर्वेदी फोटो- औरैया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में बुधवार को समाजसेवी, प्रबुद्ध महिलाओं ने चौधरी विशंभर सिंह भारतीय बालिका विद्यालय इंटर कॉलेज में प्रेस वार्ता आयोजित की। कॉलेज की प्रधानाचार्य गीता चतुर्वेदी, वी.वी.एस विद्यापीठ औरैया की प्रधानाचार्या रमनीक कौर तथा एस.बी.एस मेमोरियल विद्यालय औरैया प्रधानाचार्य चित्रा अवस्थी एवं समाजसेवी ज्योति शुक्ला दीप्ति द्विवेदी ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया। गीता चतुर्वेदी ने कहा कि आरक्षण देकर सरकार ने महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है और भी सरकार रही हैं किसी ने महिलाओं के बारे इतना नहीं सोचा। आरक्षण से निश्चित तौर पर हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ेंगी और आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे कार्य कर रही हैं। गीता चतुर्वेदी ने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में नारी वंदन अधिनियम एक युगांतरकारी कदम के रूप में सामने आया है। लोकसभा और विधान सभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का प्रावधान केवल प्रतिनिधत्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नीति निर्धारण निर्माण को अधिक समावेशी, संवेदनशील और प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस पहल है। इसका शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन महिलाओं को नीति की लाभार्थी से नीत की निर्माता बनने का
मार्ग प्रशस्त करेगा यही विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला बनेगा। इस अधिनियम के लागू होने से सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि शासन की प्राथमिकताओं में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। जब निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं के भागीदारी बढ़ती है तो शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, जल और स्वच्छता जैसी विषय अधिक प्राथमिकता के साथ सामने आते हैं। प्रधानाचार्य रमणीक कौर ने कहा कि महिलाओं के जीवन में गरिमा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए भी व्यापक कदम उठाए गए। इन सभी प्रयासों से मिलकर एक ऐसा मजबूत आधार तैयार किया है जिस पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक परिणामकारी सिद्ध होगा। जब संसद और विधानसभा में महिलाओं की संख्या बढ़ेगी तो योजनाओं को और प्रभावी बनाने के साथ-साथ नई नीतियों के निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी। इससे शासन अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और संवेदनशील बनेगा । यह अधिनियम केवल एक संवैधानिक व्यवस्था नहीं बल्कि विकसित भारत 2047 की संकल्प को गति देने वाला निर्णायक कदम है। जब महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ेंगी तो निश्चित ही विकास की प्रक्रिया और अधिक समावेशी संतुलित और टिकाऊ बनेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट दृष्टिकोण रहा है कि महिला नेतृत्व वाला विकास ही भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है ।
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- ये दर्दनाक हादसा मध्यप्रदेश के छतरपुर के एक होटल परिसर में हुआ है......!! लोहे की पाइप से युवक बंदर को भगा रहा था, ऊपर 33 किलोवाट की बिजली की लाइन दौड़ रही थी.।1
- Exclusive Etawah इटावा- बंदी के बावजूद शराब की धड़ल्ले से बिक्री अंबेडकर जयंती पर खुलेआम उड़ी नियमों की धज्जियां ठेके की कैंटीन से ओवररेट पर बेची गई शराब नीचे बनी अंग्रेजी कंपोजिट दुकान से निकालकर कैंटीन पर बेची गई शराब शराब बिक्री कि लाइव तस्वीरें कैमरे में कैद रेलवे स्टेशन के पास धड़ल्ले से चलता रहा अवैध कारोबार आबकारी विभाग के दफ्तर से 500 मीटर दूर चलता रहा खेल अधिकारियों के आदेश को दुकान मालिक ने दिखाया ठेंगा इटावा के थाना सिविल लाइन क्षेत्र का मामला1
- *नारी शक्ति वंदन अधिनियम,एक नए युग की दस्तक _गीता चतुर्वेदी* *महिलाओं ने किया नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन औरैया --नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में आज समाजसेवी ,प्रबुद्ध महिलाओं ने चौधरी विशंभर सिंह भारतीय बालिका विद्यालय इंटर कॉलेज औरैया में प्रेस वार्ता की प्रेस वार्ता में कॉलेज की प्रधानाचार्या गीता चतुर्वेदी, वी.वी.एस विद्यापीठ औरैया की प्रधानाचार्या रमनीक कौर तथा एस.बी.एस मेमोरियल विद्यालय औरैया प्रधानाचार्या चित्रा अवस्थी एवं समाजसेवी ज्योति शुक्ला दीप्ति द्विवेदी ने प्रेस वार्ता की प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए गीता चतुर्वेदी ने कहा कि आरक्षण लेकर सरकार ने महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है और भी सरकार है रही है किसी ने महिलाओं के इतने नहीं सोचा है आरक्षण से निश्चित तौर पर हर क्षेत्र में महिला आगे बढ़ेंगे और आज महिलाओं हर क्षेत्र में आगे कार्य कर रहे हैं गीता चतुर्वेदी ने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में नारी वंदन अधिनियम एक युगांतरकारी कदम के रूप में सामने आया है। लोकसभा और राज्य विधानसभाओ में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का प्रावधान केवल प्रतिनिधत्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नीति निर्धारण निर्माण को अधिक समावेशी, संवेदनशील और प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस पहल है।इसका शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन महिलाओं को नीति की लाभार्थी से नीत की निर्माता बनने का मार्ग प्रशस्त करेगा यही विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला बनेगा। इस अधिनियम के लागू होने से सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि शासन की प्राथमिकताओं में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा ।जब निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं के भागीदारी बढ़ती है तो शिक्षा, स्वास्थ्य , पोषण , सुरक्षा,जल और स्वच्छता जैसी विषय अधिक प्राथमिकता के साथ सामने आते हैं। प्रधानाचार्या रमणीक कौर ने कहा कि महिलाओं के जीवन में गरिमा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए भी व्यापक कदम उठाए गए इन सभी प्रयासों से मिलकर एक ऐसा मजबूत आधार तैयार किया है जिस पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक परिणामकारी सिद्ध होगा जब संसद और विधानसभा में महिलाओं की संख्या बढ़ेगी तो योजनाओं को और प्रभावी बनाने के साथ-साथ नई नीतियों के निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी इससे शासन अधिक उत्तरदायी पारदर्शी और संवेदनशील बनेगा यह अधिनियम केवल एक संवैधानिक व्यवस्था नहीं बल्कि विकसित भारत 2047 की संकल्प को गति देने वाला निर्णायक कदम है ।जब महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ेंगी तो निश्चित ही विकास की प्रक्रिया और अधिक समावेशी संतुलित और टिकाऊ बनेगी ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट दृष्टिकोण रहा है कि महिला नेतृत्व वाला विकास ही भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है ।2
- *चौधरी विशंभर सिंह भारतीय बालिका विद्यालय इंटर कॉलेज में आयोजित हुई प्रेस वार्ता।* *प्रधानाचार्य गीता चतुर्वेदी समेत प्रबुद्ध महिलाओं की रही प्रमुख भागीदारी।* *महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने के फैसले का जोरदार समर्थन।* *अधिनियम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में बताया बड़ा और ऐतिहासिक कदम।* *प्रधानाचार्य गीता चतुर्वेदी ने कहा कि इससे नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी होगी मजबूत और प्रभावी।* *शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बढ़ेगा महिला नेतृत्व का फोकस।* *समाज में संतुलित विकास और समान भागीदारी को मिलेगा बढ़ावा।* *ग्रामीण और शहरी स्तर पर महिलाओं की आवाज होगी और मजबूत।* *विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में मिलेगी नई गति।* *बाइट — प्रधानाचार्य गीता चतुर्वेदी*2
- औरैया। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन जनपद औरैया के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि संगठन द्वारा शासन को भेजे गए मांग पत्र में पेंशनरों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वित्त विधेयक 2025 में तिथि आधारित भेदभाव समाप्त कर पुराने पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग में शामिल किया जाए। साथ ही अलग सीपीआई लागू करने, ओपीएस बहाली, राशिकरण कटौती 10 वर्ष में बंद करने, आयकर से पेंशन मुक्त करने और कोरोना काल के 18 माह के डीए एरियर भुगतान की मांग की गई है। इन मांगों को लेकर 21 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। जिलाध्यक्ष ने सभी पेंशनरों से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।1
- औरैया जनपद बिधूना सराय महाजनान में भारत रत्न बाबा साहब डाॅ. #भीमराव_अम्बेडकर जी का 135वी जयंती सभी ग्राम वासिओ नें बड़ी बड़ी हर्षोल्लास से मनायी गयी और सभ सूरज बनकर चमके वो, बनकर ज्ञान का सागर आए, कलम की ताकत से जिन्होंने, सोए हुए भाग्य जगाए। नमन है उस महामानव को, जिसने झुकना नहीं, लड़ना सिखाया, अंधेरों को चीरकर जिसने, हक का सूरज दिखाया बाबा साहब डाॅ. #भीमराव_अम्बेडकर जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।4
- Exclusive इटावा- अंधेरे में NH-19 पर खनन माफियाओं का साम्राज्य ओवरलोड खनन वाहन बेखौफ दौड़ रहे हाईवे पर ARTO-पुलिस की मिलीभगत से पास हो रहीं गाड़ियां - सूत्र रात में सिस्टम ‘साइलेंट’, माफिया ‘एक्टिव’ सिपाही के मैसेज पर हाइवे से गुजरती हैं गाड़ियां - सूत्र थानों में माफियाओं कि है सेटिंगल, प्रशासन बेखबर कार्रवाई के दावों के बीच जारी बड़ा खेल इटावा का NH-19 बना अवैध खनन का कॉरिडोर1