फ्रांस के एवियन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 16 महीने बाद हुई द्विपक्षीय बैठक में किसी नए सहयोग संबंधी फैसले की घोषणा नहीं की गई। हालांकि, इस मुलाकात में पिछले एक वर्ष के दौरान दोनों देशों के बीच रूस से तेल खरीद, भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क लगाने और पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर उपजे तनाव पर खुलकर बातचीत हुई। बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के प्रति मजबूत समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि यदि भारत पर कोई हमला होता है तो अमेरिका मदद के लिए आगे आएगा। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने के प्रयासों के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया। उन्होंने भारतीय नाविकों की सुरक्षा और इस युद्ध के कारण उन्हें हो रही समस्याओं का मुद्दा भी उठाया। मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत सहित अन्य देशों को होने वाली समस्याओं पर भी अपनी चिंता जताई। ट्रंप ने इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी की कई बार प्रशंसा करते हुए कहा, "वह बेहद सख्त वार्ताकार हैं। मैं आपको एक बात बताता हूं। वह देखने में बहुत सुंदर और अच्छे लगते हैं, बिल्कुल फरिश्ते जैसे। लेकिन असल में वह बेहद कठोर हैं। वह एक किलर हैं, जितने सख्त इंसान हो सकते हैं उनमें से एक। लेकिन उनकी शक्ल इतनी भली है कि वह आपको अचानक चौंका देते हैं। वह भारतीयों को बहुत प्यार करते हैं, लेकिन अमेरिका को भी करते हैं।"
फ्रांस के एवियन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 16 महीने बाद हुई द्विपक्षीय बैठक में किसी नए सहयोग संबंधी फैसले की घोषणा नहीं की गई। हालांकि, इस मुलाकात में पिछले एक वर्ष के दौरान दोनों देशों के बीच रूस से तेल खरीद, भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क लगाने और पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर उपजे तनाव पर खुलकर बातचीत हुई। बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के प्रति मजबूत समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि यदि भारत पर कोई हमला होता है तो अमेरिका मदद के लिए आगे आएगा। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने के प्रयासों के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया। उन्होंने भारतीय नाविकों की सुरक्षा और इस युद्ध के कारण उन्हें हो रही समस्याओं का मुद्दा भी उठाया। मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत सहित अन्य देशों को होने वाली समस्याओं पर भी अपनी चिंता जताई। ट्रंप ने इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी की कई बार प्रशंसा करते हुए कहा, "वह बेहद सख्त वार्ताकार हैं। मैं आपको एक बात बताता हूं। वह देखने में बहुत सुंदर और अच्छे लगते हैं, बिल्कुल फरिश्ते जैसे। लेकिन असल में वह बेहद कठोर हैं। वह एक किलर हैं, जितने सख्त इंसान हो सकते हैं उनमें से एक। लेकिन उनकी शक्ल इतनी भली है कि वह आपको अचानक चौंका देते हैं। वह भारतीयों को बहुत प्यार करते हैं, लेकिन अमेरिका को भी करते हैं।"
- आज के संदेश में जीवन को प्रसन्नता के साथ जीने पर जोर दिया गया है, क्योंकि प्रत्येक दिन के साथ न केवल सूरज ढलता है, बल्कि हमारी ज़िंदगी भी कम होती जाती है। बताया गया है कि जीवन में दुखी रहने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन यदि हम ध्यान से देखें तो खुश रहने के भी कई आधार मिल सकते हैं। लोगों को अक्सर अपने जीवन से बहुत शिकायतें होती हैं, लेकिन यह भी विचार करने पर पता चलेगा कि खुश रहने के भी अनेक कारण मौजूद हैं। उदाहरण के तौर पर, नीम कड़वा होता है लेकिन उसमें कई औषधीय गुण भी होते हैं; इसी तरह जीवन में कुछ बातें कड़वी लग सकती हैं पर वे हमारे लिए हितकर भी हो सकती हैं। संदेश में यह भी कहा गया है कि सरोवर में कीचड़ को देखकर उसे अप्रसन्नता का कारण न बनाएं, बल्कि उसमें खिले कमल को अपनी प्रसन्नता का आधार मानें। कांटों को देखकर दुखी होने के बजाय गुलाब को देखकर प्रसन्न हों। इसमें समझाया गया है कि जीवन में सुख हमारे हाथों में नहीं हो सकता, लेकिन प्रसन्नता हमारे अपने भीतर से ही उत्पन्न होती है।1
- प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका में तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रंप के बगल में बैठकर अमेरिकी हमले में मारे गए तीन भारतीयों का उल्लेख किया और इस घटना पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सच्ची दोस्ती बड़े-बड़े शब्दों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे सहयोग और सम्मान से परिलक्षित होती है।1
- शिवसेना (UBT) में संभावित फूट की अटकलों के बीच, गुरुवार दोपहर तक पार्टी की संसदीय बैठक में केवल तीन लोकसभा सांसद ही शामिल हुए, जबकि यह बैठक सुबह 11 बजे के लिए निर्धारित थी। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता संजय राउत के साथ, लोकसभा सांसद अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे ही बैठक में पहुंचे। किसी भी बागी खेमे के माने जाने वाले सांसद ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। संसद परिसर पहुंचने पर संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जो आएंगे वे उनके हैं, और जो नहीं आएंगे वे "बेईमान और गद्दार" हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट में संभावित दलबदल की खबरों के बीच, इस बैठक पर बारीकी से नजर रखी जा रही है, जहां पार्टी नेता अपने खेमे में समर्थन का आकलन करने और बदलती राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने की उम्मीद कर रहे थे। मीटिंग में शामिल होने संसद के लिए निकलने से पहले संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संदेश देने के बजाय पहले देश के अंदर के घटनाक्रमों पर ध्यान देना चाहिए। राउत ने यह भी बताया कि अरविंद सावंत ने पार्टी व्हिप जारी किया है और पार्टी कोई भी तत्काल कार्रवाई शुरू करने से पहले थोड़ा इंतजार करेगी।1
- फ्रांस के एवियन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 16 महीने बाद हुई द्विपक्षीय बैठक में किसी नए सहयोग संबंधी फैसले की घोषणा नहीं की गई। हालांकि, इस मुलाकात में पिछले एक वर्ष के दौरान दोनों देशों के बीच रूस से तेल खरीद, भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क लगाने और पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर उपजे तनाव पर खुलकर बातचीत हुई। बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के प्रति मजबूत समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि यदि भारत पर कोई हमला होता है तो अमेरिका मदद के लिए आगे आएगा। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने के प्रयासों के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया। उन्होंने भारतीय नाविकों की सुरक्षा और इस युद्ध के कारण उन्हें हो रही समस्याओं का मुद्दा भी उठाया। मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत सहित अन्य देशों को होने वाली समस्याओं पर भी अपनी चिंता जताई। ट्रंप ने इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी की कई बार प्रशंसा करते हुए कहा, "वह बेहद सख्त वार्ताकार हैं। मैं आपको एक बात बताता हूं। वह देखने में बहुत सुंदर और अच्छे लगते हैं, बिल्कुल फरिश्ते जैसे। लेकिन असल में वह बेहद कठोर हैं। वह एक किलर हैं, जितने सख्त इंसान हो सकते हैं उनमें से एक। लेकिन उनकी शक्ल इतनी भली है कि वह आपको अचानक चौंका देते हैं। वह भारतीयों को बहुत प्यार करते हैं, लेकिन अमेरिका को भी करते हैं।"1
- अल्तम मलिक नाम के एक व्यक्ति ने अपने यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक चैनलों को फॉलो करने का अनुरोध किया है। उपयोगकर्ता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के लिए समर्थन मांगा है।1
- राम भैया भगतजी गाजियाबाद दरबार माता काली बाबा बुलाकी whatsapp 85272336461
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में बड़े बदलावों की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ये बदलाव जल्द ही देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री के इस ऐलान से संकेत मिलता है कि आगामी समय में उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए जाएंगे।1
- सड़क पर दौड़ता एक सामान्य ऑटो उस समय चर्चा का विषय बन गया जब ट्रैफिक पुलिस ने उसे रोका और उसमें से एक के बाद एक कुल 19 सवारियां बाहर निकलीं। यह नजारा देखकर पुलिसकर्मी और राहगीर सभी हैरान रह गए। पुलिस को भी इतनी संख्या में लोगों के होने का अंदाजा नहीं था, लेकिन जब यात्रियों को उतरने के लिए कहा गया तो गिनती बढ़ती ही चली गई। पुलिस अपने नियमित अभियान के तहत वाहनों की जांच कर रही थी, तभी उन्हें दूर से ही क्षमता से अधिक भरी हुई एक ऑटो दिखाई दी। टीएसआई आफाक खान को सूचना मिलते ही उन्होंने ऑटो को रुकवाया। पहले उन्हें लगा कि 10-12 लोग होंगे, लेकिन जब यात्री उतरने लगे तो पहले आगे की सीट से, फिर पीछे से और उसके बाद बच्चों सहित लोग निकलते रहे। गिनती 10 तक पहुंचने पर राहगीरों ने देखना शुरू कर दिया और 15 होने पर लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। आखिरकार, जब 19वीं सवारी बाहर निकली, तो सभी अचंभित रह गए कि इतने लोग एक छोटे से ऑटो में कैसे फिट हुए थे। बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को मिलाकर यह संख्या किसी मिनी बस की क्षमता के बराबर लग रही थी। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ऑटो पूरी तरह भरा हुआ था, कुछ यात्री सीटों पर, कुछ किनारों पर और कुछ बच्चे गोद में बैठे थे। चालक सामान्य ढंग से वाहन चला रहा था। पुलिस ने जब चालक से इतनी सवारियां बैठाने का कारण पूछा, तो उसने जवाब दिया कि केवल 15 सवारियां थीं, बाकी बच्चे थे और लोगों को दूसरा साधन नहीं मिल रहा था। हालांकि, पुलिस इस दलील से संतुष्ट नहीं हुई और अधिकारियों ने कहा कि सड़क पर नियम सभी के लिए समान होते हैं और दुर्घटना का खतरा भी सभी को बराबर होता है। पुलिस ने ऑटो को तुरंत सीज कर दिया और सभी यात्रियों को दूसरे वाहनों से उनके गंतव्य तक भेजा गया। टीएसआई आफाक खान ने स्पष्ट किया कि ओवरलोडिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह अभियान जारी रहेगा।2