रायबरेली जिले के ऊंचाहार क्षेत्र में जंगली और झखरीलें बबूल के पेड़ तथा खस्ताहाल सड़कें राहगीरों और स्कूली बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। ये बबूल के पेड़ सड़क के दोनों ओर इतने अधिक बढ़ गए हैं कि वे सड़क पर आ चुके हैं, जिससे आवागमन मुश्किल और खतरनाक हो गया है। ऊंचाहार के सलीमपुर भैरव, अकोढियां और अन्य ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाली सड़कों पर देर रात तक बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों, राहगीरों, मजदूरों और आम जनता का आवागमन होता है। अकोढियां गांव से स्टेशन को जोड़ने वाली सड़क, जो पुरवारा और खालिकपुर के मलकाना से होकर स्टेशन और सलोन राजमार्ग पर मिलती है, उसकी स्थिति विशेष रूप से दयनीय है। इस सड़क का एक हिस्सा बेहद क्षतिग्रस्त है, जिसमें बड़े-बड़े गड्ढे हैं और सरिया बाहर निकली हुई है, जो लोगों के लिए आफत बनी हुई है। इसके साथ ही, नालियों का गंदा और बजबजाता पानी सड़क पर जमा होने से भी स्थानीय निवासियों और स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में ये जंगली और झखरीलें बबूल के पेड़ किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं, जहाँ लोग इनमें फंसकर चोटिल हो सकते हैं। इन सब समस्याओं के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी इन गंभीर खतरों से अनजान बने हुए हैं, मानो वे कुंभकर्ण की नींद सो रहे हों। सवाल यह उठता है कि क्या ये जिम्मेदार लोग किसी बड़े हादसे के बाद ही अपनी नींद से जागेंगे?
रायबरेली जिले के ऊंचाहार क्षेत्र में जंगली और झखरीलें बबूल के पेड़ तथा खस्ताहाल सड़कें राहगीरों और स्कूली बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। ये बबूल के पेड़ सड़क के दोनों ओर इतने अधिक बढ़ गए हैं कि वे सड़क पर आ चुके हैं, जिससे आवागमन मुश्किल और खतरनाक हो गया है। ऊंचाहार के सलीमपुर भैरव, अकोढियां और अन्य ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाली सड़कों पर देर रात तक बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों, राहगीरों, मजदूरों और आम
जनता का आवागमन होता है। अकोढियां गांव से स्टेशन को जोड़ने वाली सड़क, जो पुरवारा और खालिकपुर के मलकाना से होकर स्टेशन और सलोन राजमार्ग पर मिलती है, उसकी स्थिति विशेष रूप से दयनीय है। इस सड़क का एक हिस्सा बेहद क्षतिग्रस्त है, जिसमें बड़े-बड़े गड्ढे हैं और सरिया बाहर निकली हुई है, जो लोगों के लिए आफत बनी हुई है। इसके साथ ही, नालियों का गंदा और बजबजाता पानी सड़क पर जमा होने से भी स्थानीय निवासियों और
स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में ये जंगली और झखरीलें बबूल के पेड़ किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं, जहाँ लोग इनमें फंसकर चोटिल हो सकते हैं। इन सब समस्याओं के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी इन गंभीर खतरों से अनजान बने हुए हैं, मानो वे कुंभकर्ण की नींद सो रहे हों। सवाल यह उठता है कि क्या ये जिम्मेदार लोग किसी बड़े हादसे के बाद ही अपनी नींद से जागेंगे?
- रायबरेली और फतेहपुर को जोड़ने वाले गेगासों गंगा पुल को मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद अब हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया है। जिलाधिकारी सरनीत कौर और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने पुल का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने बताया कि पुल के पिलर्स सहित आवश्यक सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरी तरह से संपन्न हो चुका है। प्रशासन के अनुसार, यह पुल 10 से 15 जुलाई के बीच भारी वाहनों के लिए भी खोल दिया जाएगा।1
- रायबरेली के जगतपुर क्षेत्र में अपराधियों, झगड़ालुओं और दुर्घटना करने वालों से कथित तौर पर एक अजीबोगरीब अनुरोध किया गया है कि वे सुबह 8 बजे कोई घटना न करें, क्योंकि उस समय पुलिस सक्रिय नहीं रहती। यह आग्रह जगतपुर थाने का प्रभार संभाल रहे दारोगा अजय मलिक की दिनचर्या का सम्मान करने के लिए है। खुद दारोगा मलिक ने कथित तौर पर कहा है कि "सुबह आठ बजे पुलिस एक्टिव नहीं रहती है।" फोन करने वाले लोगों से भी यह सोचने को कहा गया है कि सुबह 8 बजे दारोगा जी के सोने का समय होता है, इसलिए बिना मतलब के एक्सीडेंट और झगड़े की सूचना सुबह-सुबह न दें। यह स्थिति तब सामने आई है जब रात में जगतपुर थाना क्षेत्र में कथित गोलीकांड और मारपीट का एक मामला हुआ था, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक तक को मौके पर जाना पड़ा। इसके बावजूद, दारोगा मलिक के सुबह 8 बजे तक कथित रूप से सुस्त रहने पर सवाल उठाए गए हैं। टेक्स्ट में यह भी बताया गया है कि अजय मलिक बिना किसी आधिकारिक तैनाती के थानेदार के रूप में कार्य कर रहे हैं, जिससे उनका रुतबा तो बढ़ा है। उनके पुराने कारनामों का जिक्र खीरों और शहर कोतवाली की किला चौकी इंचार्ज रहते हुए भी किया गया है। इस पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं कि क्या कानून-व्यवस्था अब घड़ी देखकर चलेगी, क्योंकि पुलिस की वर्दी 24 घंटे की जिम्मेदारी का प्रतीक है, न कि सुविधा के हिसाब से चलने वाली नौकरी का। जनता को समय पर मदद की आवश्यकता है, न कि ऐसे बहानों की।1
- रायबरेली जिले के ऊंचाहार क्षेत्र में जंगली और झखरीलें बबूल के पेड़ तथा खस्ताहाल सड़कें राहगीरों और स्कूली बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। ये बबूल के पेड़ सड़क के दोनों ओर इतने अधिक बढ़ गए हैं कि वे सड़क पर आ चुके हैं, जिससे आवागमन मुश्किल और खतरनाक हो गया है। ऊंचाहार के सलीमपुर भैरव, अकोढियां और अन्य ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाली सड़कों पर देर रात तक बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों, राहगीरों, मजदूरों और आम जनता का आवागमन होता है। अकोढियां गांव से स्टेशन को जोड़ने वाली सड़क, जो पुरवारा और खालिकपुर के मलकाना से होकर स्टेशन और सलोन राजमार्ग पर मिलती है, उसकी स्थिति विशेष रूप से दयनीय है। इस सड़क का एक हिस्सा बेहद क्षतिग्रस्त है, जिसमें बड़े-बड़े गड्ढे हैं और सरिया बाहर निकली हुई है, जो लोगों के लिए आफत बनी हुई है। इसके साथ ही, नालियों का गंदा और बजबजाता पानी सड़क पर जमा होने से भी स्थानीय निवासियों और स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में ये जंगली और झखरीलें बबूल के पेड़ किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं, जहाँ लोग इनमें फंसकर चोटिल हो सकते हैं। इन सब समस्याओं के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी इन गंभीर खतरों से अनजान बने हुए हैं, मानो वे कुंभकर्ण की नींद सो रहे हों। सवाल यह उठता है कि क्या ये जिम्मेदार लोग किसी बड़े हादसे के बाद ही अपनी नींद से जागेंगे?3
- Post by महंत बालक दास ब्रह्मचारी राम ज2
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में एक सर्राफा व्यापारी के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया गया है। इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय है, जिस पर कौशाम्बी पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस से संज्ञान लेने की अपेक्षा की जा रही है।1
- रायबरेली के जगतपुर थाना परिसर में शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं, जहाँ कुल आठ शिकायतें प्राप्त हुईं। इन शिकायतों में अधिकतर मामले भूमि विवाद, रास्ते के विवाद और राजस्व संबंधी समस्याओं से जुड़े थे। कार्यक्रम के दौरान राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित अभिलेखों की जाँच भी की, लेकिन अफसोस की बात यह है कि मौके पर किसी भी मामले का निस्तारण नहीं हो सका। फरियादियों ने अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की, जिसके जवाब में अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कार्यवाहक थाना प्रभारी अजय मलिक ने जानकारी दी कि प्राप्त सभी आठ शिकायतों को जांच के लिए संबंधित विभागों और कर्मचारियों को सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, और यह भी स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप लोगों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। इस अवसर पर उपनिरीक्षक काशीराम, उपनिरीक्षक अजीतसिंह, उपनिरीक्षक नागेंद्र नाथ मिश्रा, लेखपाल उदित जयसवाल, और विजय अग्रहरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र में कल्यानपुर स्थित जियो पेट्रोल पंप के सामने एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रहा एक तेज रफ्तार बाइक सवार अचानक एक चलते ट्रक से भिड़ गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए, जिससे बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत एक एम्बुलेंस की मदद से घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घायल युवक पश्चिम बंगाल का निवासी बताया जा रहा है। हादसे के बाद ट्रक चालक अपने वाहन के साथ मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और फरार ट्रक चालक की तलाश में जुट गई है।1