सोमवार को लालसोट पुलिस थाने में डिप्टी एसपी दिलीप मीणा के तबादले के अवसर पर एक भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों, पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों ने उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी, उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान, अतिथियों ने डीएसपी दिलीप मीणा को साफा पहनाकर, पुष्पमालाएं अर्पित कर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर एडीएम मनमोहन मीणा, एसडीएम विजेंद्र मीणा, एएसपी विनोद सीपा, थाना प्रभारी पवन जाट, श्रीकिशन मीणा, सुधीर उपाध्याय, मदनलाल मीणा और प्रेस क्लब लालसोट के पदाधिकारियों सहित अन्य वक्ताओं ने भी डीएसपी मीणा को साफा, पुष्पमाला और भगवान गोविंद देवजी महाराज की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. मूर्ति मीणा ने भी एएसपी विनोद सीपा और डीएसपी दिलीप मीणा का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। वक्ताओं ने उनके कार्यकाल में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को याद करते हुए उनकी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की प्रशंसा की, यह कहते हुए कि ऐसे अधिकारी जो निष्पक्षता, ईमानदारी और जनसेवा की भावना से काम करते हैं, उन्हें समाज हमेशा याद रखता है। डीएसपी दिलीप मीणा ने लालसोट क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। अपने संबोधन में डीएसपी दिलीप मीणा ने क्षेत्र में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और बेहतर पुलिस व्यवस्था स्थापित करने का श्रेय पुलिस टीम के साथ-साथ आमजन के भरपूर सहयोग को दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता के विश्वास और सहयोग से ही पुलिस का मनोबल बढ़ता है और बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। इस कार्यक्रम में सहायक पुलिस निरीक्षक रविंद्र सिंह, SI रामफूल सैनी, सुषमा चौधरी, कंचन, लहरीलाल, राजेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, गणमान्य नागरिक और समाजसेवी भी उपस्थित रहे।
सोमवार को लालसोट पुलिस थाने में डिप्टी एसपी दिलीप मीणा के तबादले के अवसर पर एक भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों, पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों ने उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी, उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान, अतिथियों ने डीएसपी दिलीप मीणा को साफा पहनाकर, पुष्पमालाएं अर्पित कर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर एडीएम मनमोहन
मीणा, एसडीएम विजेंद्र मीणा, एएसपी विनोद सीपा, थाना प्रभारी पवन जाट, श्रीकिशन मीणा, सुधीर उपाध्याय, मदनलाल मीणा और प्रेस क्लब लालसोट के पदाधिकारियों सहित अन्य वक्ताओं ने भी डीएसपी मीणा को साफा, पुष्पमाला और भगवान गोविंद देवजी महाराज की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. मूर्ति मीणा ने भी एएसपी विनोद सीपा और डीएसपी दिलीप मीणा का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। वक्ताओं ने उनके कार्यकाल में किए
गए उल्लेखनीय कार्यों को याद करते हुए उनकी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की प्रशंसा की, यह कहते हुए कि ऐसे अधिकारी जो निष्पक्षता, ईमानदारी और जनसेवा की भावना से काम करते हैं, उन्हें समाज हमेशा याद रखता है। डीएसपी दिलीप मीणा ने लालसोट क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। अपने संबोधन में डीएसपी दिलीप मीणा ने क्षेत्र में अपराधों पर
प्रभावी नियंत्रण और बेहतर पुलिस व्यवस्था स्थापित करने का श्रेय पुलिस टीम के साथ-साथ आमजन के भरपूर सहयोग को दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता के विश्वास और सहयोग से ही पुलिस का मनोबल बढ़ता है और बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। इस कार्यक्रम में सहायक पुलिस निरीक्षक रविंद्र सिंह, SI रामफूल सैनी, सुषमा चौधरी, कंचन, लहरीलाल, राजेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, गणमान्य नागरिक और समाजसेवी भी उपस्थित रहे।
- संत निरंकारी मंडल लालसोट के तत्वावधान में खटवा रोड स्थित सामुदायिक भवन में एक मासिक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता मुखी चौथमल सेन ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सेवा और सत्संग के विस्तार पर गहन मंथन करना था। कार्यक्रम की शुरुआत में आनंदी लाल जी ने वर्षभर का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया, जबकि संरक्षक महात्मा घनश्याम जी ने मासिक फंड के प्रबंधन और संगत को आगे बढ़ाने के अपने मूल्यवान अनुभव साझा किए। बैठक में सेवादल बहनों की संचालिका श्यामा शर्मा ने आपसी सहयोग, मिल-वर्तन और समय पर सेवा प्रदान करने के महत्व पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। महात्मा रामावतार जी ने सेवादल महात्माओं को अनुशासन बनाए रखते हुए सेवा करने और अपने भक्ति भाव को अक्षुण्ण रखने की प्रेरणा दी। इसी कड़ी में, लेखराज जी ने भी सभी से आपसी सहयोग के माध्यम से संगत को और अधिक मजबूत व विस्तारित करने का आग्रह किया। इस दौरान प्रकाश जी, रवि जी, अजय जी, राजनती जी, प्रभाती जी और खेड़ला से भरतलाल प्रजापत सहित कई अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। श्री मुरली सैनी ने विशेष रूप से सत्संग में निस्वार्थ भाव से सेवा करने और पूर्ण भक्ति भावना के साथ सद्गुरु की सेवा में लीन रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन गोपाल बोहरा ने किया और बैठक का समापन सत्संग, सेवा और मानवता के उदात्त संदेश के साथ हुआ।1
- सवाई माधोपुर जिले के लिवाली गांव में मुख्य सड़क पर नाली की उचित व्यवस्था न होने के कारण सारा गंदा पानी सड़क पर ही लगातार बहता रहता है। इस स्थिति के चलते राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने इस गंदे पानी की निकासी और समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से मांग की है।1
- दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र की ग्राम पंचायत भांवता में सोमवार को दो महिलाएं पानी की टंकी पर चढ़ गईं। यह कार्रवाई लगभग 15 दिन पहले जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर हुए जानलेवा हमले के बचे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर की गई। महिलाएं सुबह 6 बजे टंकी पर चढ़ीं और 6 घंटे 15 मिनट बाद दोपहर 12:15 बजे पुलिस और प्रशासन के आश्वासन के बाद नीचे उतरीं। यह घटना कोलवा पुलिस थाना क्षेत्र के भांवता गांव में पिछले महीने की 29-30 मई की रात को हुई थी। उस रात आधा दर्जन बदमाशों ने कोलवा रोड पर घर में घुसकर सो रहे जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया था। इस हमले में जगदीश मीणा के दोनों पैर टूट गए थे और उनके शरीर पर कई अन्य जगहों पर भी चोटें आई थीं, जिसके चलते उन्हें गंभीर हालत में जयपुर के जेएनयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पत्नी को भी चोटें आई थीं, और दोनों का कई दिनों तक जयपुर में इलाज चला। इस मामले में पीड़ित परिवार द्वारा कोलवा थाना में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने 10 दिन के अंदर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन दो आरोपी अभी भी फरार हैं। फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, गिरफ्तार आरोपियों का जुलूस निकालने, पीड़ित परिवार के लिए संविधान नौकरी की व्यवस्था करने, इलाज में खर्च हुए पैसों की मुख्यमंत्री सहायता कोष से कुछ राशि दिलाने, और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांगों को लेकर जगदीश मीणा की पत्नी संती देवी और बहन राजू देवी गांव में श्मशान घाट में बनी पानी की टंकी पर चढ़ी थीं। सूचना मिलते ही बांदीकुई सीओ लक्ष्मीकांत, कोलवा थाना पुलिस अधिकारी मनोहर लाल, बांदीकुई थाना पुलिस अधिकारी जहीर अब्बास सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा, डिप्टी एसपी लक्ष्मीकांत शर्मा, बांदीकुई सहायक कलेक्टर चिमनलाल, तहसीलदार राजेश सैनी और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। कोलवा थाना प्रभारी मनोहर लाल ने महिलाओं से समझाईश की, और प्रशासन ने उनकी उचित मांगों को मानने का आश्वासन दिया। इसके बाद ननद और भाभी दोनों पानी की टंकी से नीचे उतर गईं।4
- दौसा में जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने सोमवार, 15 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिविरों में आमजन की समस्याओं का प्रभावी और वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को धरातल पर राहत मिल सके। जिला कलक्टर ने कहा कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य लंबित कार्यों का मौके पर ही निस्तारण कर आमजन को त्वरित राहत प्रदान करना है, जो राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। समीक्षा बैठक में डॉ. झा ने आगामी सप्ताह से आयोजित होने वाले शिविरों के लिए 'प्री-कैंप' आयोजित करने और इस सप्ताह संपन्न हुए शिविरों के लिए 'फॉलोअप कैंप' लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों को शिविरों में प्राथमिकता के साथ हल किया जाए, जिससे लंबित प्रकरणों की कुल संख्या को न्यूनतम स्तर तक लाया जा सके। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शिविरों में आने वाली प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए विभागीय अधिकारी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। जिला कलक्टर ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नामांतरण और फार्मर रजिस्ट्री जैसी विभिन्न सेवाओं से जुड़े लंबित आवेदनों की शत-प्रतिशत पेंडेंसी समाप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को इन सेवाओं का लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को ग्रामीण सेवा शिविरों के साथ-साथ शहरी सेवा शिविरों का भी नियमित निरीक्षण और प्रभावी पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए, जिससे शिविरों का उद्देश्य पूरी तरह से सफल हो सके। इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा और जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नगर परिषद आयुक्त और अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।1
- पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर खंडीप में चल रही किसान महापंचायत सोमवार को लगातार 11वें दिन भी जारी रही। इस महापंचायत में भाग लेने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण रैली के रूप में पहुंचे, जो ट्रैक्टर, जुगाड़, जीप और अन्य वाहनों के साथ डीजे की धुन पर नाचते-गाते महापंचायत स्थल तक गए। इसी दौरान, रैली खंडीप रेलवे स्टेशन के पास स्थित समपार फाटक से होकर गुजरी। ग्रामीणों और वाहनों की भारी आवाजाही के कारण फाटक समय पर बंद नहीं हो सका। दोपहर करीब 3 बजे गंगापुर सिटी से रवाना हुई अवध एक्सप्रेस इसी खुले फाटक के पास पहुंच गई, जिससे ट्रेन को रोकना पड़ा। इस घटना से कई मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों को भी अप-डाउन स्टेशनों पर रोकना पड़ा। ग्रामीणों की भीड़ के कारण अवध एक्सप्रेस लगभग एक घंटे तक समपार फाटक के पास खड़ी रही, और ट्रैक के आसपास भी लोगों का जमावड़ा लगा रहा। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और यातायात बनाए रखने के लिए पहले से ही पुलिस बल तैनात था, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण स्थिति को नियंत्रित करने में समय लगा। हालांकि, सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। बाद में, पुलिस ने ग्रामीणों को ट्रैक और फाटक क्षेत्र से हटाकर रास्ता साफ करवाया, जिसके बाद फाटक बंद करके अवध एक्सप्रेस को आगे रवाना किया गया। महापंचायत में लगातार बढ़ रही ग्रामीणों की भागीदारी को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है।1
- सवाई माधोपुर के खण्डीप, वजीरपुर में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना 15 जून को ग्यारहवें दिन भी पूरे जोश और जनसमर्थन के साथ जारी रहा। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराने की इस मांग के समर्थन में हजारों किसानों ने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहनों के साथ एक विशाल वाहन रैली निकालकर सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। करीब 5 किलोमीटर लंबी यह वाहन रैली डिवस्या से शुरू होकर छोटी उदेई, पिलोदा, खेड़ली बगलाई, सेमाला, नयागांव, धूनी, मोहचा का पुरा से होते हुए खण्डीप धरना स्थल पर पहुँची, जिसके बाद इसे फुलवाड़ा पेपट, रायपुर, कुसाय और उपखण्ड मुख्यालय वजीरपुर तक निकाला गया। रैली के दौरान किसानों ने सरकार को चेताते हुए विरोध प्रदर्शन किया और नहरों में पानी छोड़े जाने की अपनी मांग को फिर से दोहराया। किसानों ने 28 जून को होने वाले किसान आंदोलन में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान करते हुए सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए शीघ्र नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा। धरना स्थल पर छोटी उदेई, डिवस्या, छान, बिनेगा, खिदरपुर सहित कमाण्ड क्षेत्र के अनेक गांवों से किसानों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली, जिसने इस आंदोलन को एक व्यापक जनआंदोलन का उग्र रूप दे दिया है। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा धरना स्थल की व्यवस्थाओं को सुचारु और अनुशासित बनाए रखने के लिए गांववार जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं, जहाँ ग्रामीण भोजन, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का सफल संचालन कर रहे हैं। इसी क्रम में, 16 से 17 जून तक ग्राम महस्वा के किसान धरना स्थल की जिम्मेदारी संभालेंगे, जो आंदोलन में एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। महापंचायत के मंच से किसानों ने एकजुट होकर यह संकल्प दोहराया कि पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। किसानों ने अपनी मांग को केवल सिंचाई जल का मुद्दा नहीं बताया, बल्कि इसे लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई करार दिया। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने स्पष्ट किया कि यह अब आर-पार की लड़ाई है और न्याय मिलने तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में समितियां गठित कर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जहाँ सर्वजाति और सर्वसमाज के लोग एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से अपने समर्थन की अपील की है, साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि जो जनप्रतिनिधि किसानों के इस न्यायपूर्ण संघर्ष में साथ नहीं देंगे, उनका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा। इस आंदोलन का नेतृत्व पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति, खण्डीप, वजीरपुर (सवाई माधोपुर) कर रही है।1
- दौसा जिले के लालसोट उपखंड के डिडवाना गाँव में खराब सड़कों के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लालसोट रोड से बुटालिया ढाणी, रामू बाबा की ढाणी, बागवालों की ढाणी और रेल लाइन तक जाने वाला मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए बजट स्वीकृत होने और शिलान्यास हो जाने के बावजूद भी अभी तक कार्य शुरू नहीं किया गया है। सड़कों की इस बदहाली के चलते किसानों, विद्यार्थियों और वाहन चालकों को न सिर्फ रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, डिडवाना के ग्रामीणों ने सरकार और पीडब्ल्यूडी विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य को शीघ्र अति शीघ्र शुरू किया जाए।3
- लालसोट बस स्टैंड पर नगर परिषद लालसोट द्वारा जन सुविधाओं के लिए नाले के ऊपर बनाए गए लोक सुलभ कॉम्प्लेक्स को लेकर यात्रियों में भारी आक्रोश है। शिकायत है कि यहां नियुक्त कर्मचारी सुबह आने वाले यात्रियों और आम लोगों से नगर परिषद द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे वसूलते हैं और उनके साथ गलत व्यवहार भी करते हैं। इस कॉम्प्लेक्स पर सुविधा शुल्क का कोई बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, और जब यात्रियों द्वारा निर्धारित दरों के बारे में पूछा जाता है, तो कर्मचारी बदतमीजी और दादागिरी पर उतर आते हैं। इसके अतिरिक्त, सुबह-सुबह यह सुलभ कॉम्प्लेक्स शराबियों का अड्डा बना रहता है, जिसके कारण महिलाओं और पुरुषों दोनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। लोगों ने मांग की है कि ऐसे कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटाकर लोगों की सुविधाओं में आ रही दिक्कत को दूर किया जाए।1
- दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र की ग्राम पंचायत भांवता में 15 दिन पहले जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर हुए जानलेवा हमले के बाद न्याय की मांग को लेकर पीड़ित महिला और उनकी ननद सोमवार सुबह 6 बजे से पानी की टंकी पर चढ़ी हुई हैं। इस हमले में जगदीश मीणा के दोनों पैर काट दिए गए थे और उनके सिर में भी गंभीर चोटें आई थीं, जबकि उनकी पत्नी को भी शरीर पर कई जगह चोटें लगी थीं। सूचना मिलने पर कोलवा थाना प्रभारी मनोहर लाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके अतिरिक्त, बांदीकुई CO लक्ष्मीकांत, बांदीकुई थाना प्रभारी ज़हीर अब्बास, बांदीकुई तहसीलदार राजेश सैनी और सिविल डेफिनेशन की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। प्रशासन से मांग की जा रही है कि सभी आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए, आरोपियों का जुलूस निकाला जाए और चारागाह भूमि पर बने उनके मकानों को तोड़ा जाए। बताया गया है कि इस मामले में पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।4