सवाई माधोपुर के खण्डीप, वजीरपुर में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना 15 जून को ग्यारहवें दिन भी पूरे जोश और जनसमर्थन के साथ जारी रहा। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराने की इस मांग के समर्थन में हजारों किसानों ने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहनों के साथ एक विशाल वाहन रैली निकालकर सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। करीब 5 किलोमीटर लंबी यह वाहन रैली डिवस्या से शुरू होकर छोटी उदेई, पिलोदा, खेड़ली बगलाई, सेमाला, नयागांव, धूनी, मोहचा का पुरा से होते हुए खण्डीप धरना स्थल पर पहुँची, जिसके बाद इसे फुलवाड़ा पेपट, रायपुर, कुसाय और उपखण्ड मुख्यालय वजीरपुर तक निकाला गया। रैली के दौरान किसानों ने सरकार को चेताते हुए विरोध प्रदर्शन किया और नहरों में पानी छोड़े जाने की अपनी मांग को फिर से दोहराया। किसानों ने 28 जून को होने वाले किसान आंदोलन में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान करते हुए सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए शीघ्र नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा। धरना स्थल पर छोटी उदेई, डिवस्या, छान, बिनेगा, खिदरपुर सहित कमाण्ड क्षेत्र के अनेक गांवों से किसानों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली, जिसने इस आंदोलन को एक व्यापक जनआंदोलन का उग्र रूप दे दिया है। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा धरना स्थल की व्यवस्थाओं को सुचारु और अनुशासित बनाए रखने के लिए गांववार जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं, जहाँ ग्रामीण भोजन, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का सफल संचालन कर रहे हैं। इसी क्रम में, 16 से 17 जून तक ग्राम महस्वा के किसान धरना स्थल की जिम्मेदारी संभालेंगे, जो आंदोलन में एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। महापंचायत के मंच से किसानों ने एकजुट होकर यह संकल्प दोहराया कि पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। किसानों ने अपनी मांग को केवल सिंचाई जल का मुद्दा नहीं बताया, बल्कि इसे लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई करार दिया। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने स्पष्ट किया कि यह अब आर-पार की लड़ाई है और न्याय मिलने तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में समितियां गठित कर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जहाँ सर्वजाति और सर्वसमाज के लोग एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से अपने समर्थन की अपील की है, साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि जो जनप्रतिनिधि किसानों के इस न्यायपूर्ण संघर्ष में साथ नहीं देंगे, उनका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा। इस आंदोलन का नेतृत्व पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति, खण्डीप, वजीरपुर (सवाई माधोपुर) कर रही है।
सवाई माधोपुर के खण्डीप, वजीरपुर में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना 15 जून को ग्यारहवें दिन भी पूरे जोश और जनसमर्थन के साथ जारी रहा। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराने की इस मांग के समर्थन में हजारों किसानों ने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहनों के साथ एक विशाल वाहन रैली निकालकर सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। करीब 5 किलोमीटर लंबी यह वाहन रैली डिवस्या से शुरू होकर छोटी उदेई, पिलोदा, खेड़ली बगलाई, सेमाला, नयागांव, धूनी, मोहचा का पुरा से होते हुए खण्डीप धरना स्थल पर पहुँची, जिसके बाद इसे फुलवाड़ा पेपट, रायपुर, कुसाय और उपखण्ड मुख्यालय वजीरपुर तक निकाला गया। रैली के दौरान किसानों ने सरकार को चेताते हुए विरोध प्रदर्शन किया और नहरों में पानी छोड़े जाने की अपनी मांग को फिर से दोहराया। किसानों ने 28 जून को होने वाले किसान आंदोलन में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान करते हुए सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए शीघ्र नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा। धरना स्थल पर छोटी उदेई, डिवस्या, छान, बिनेगा, खिदरपुर सहित कमाण्ड क्षेत्र के अनेक गांवों से किसानों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली, जिसने इस आंदोलन को एक व्यापक जनआंदोलन का उग्र रूप दे दिया है। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा धरना स्थल की व्यवस्थाओं को सुचारु और अनुशासित बनाए रखने के लिए गांववार जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं, जहाँ ग्रामीण भोजन, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का सफल संचालन कर रहे हैं। इसी क्रम में, 16 से 17 जून तक ग्राम महस्वा के किसान धरना स्थल की जिम्मेदारी संभालेंगे, जो आंदोलन में एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। महापंचायत के मंच से किसानों ने एकजुट होकर यह संकल्प दोहराया कि पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। किसानों ने अपनी मांग को केवल सिंचाई जल का मुद्दा नहीं बताया, बल्कि इसे लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई करार दिया। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने स्पष्ट किया कि यह अब आर-पार की लड़ाई है और न्याय मिलने तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में समितियां गठित कर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जहाँ सर्वजाति और सर्वसमाज के लोग एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से अपने समर्थन की अपील की है, साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि जो जनप्रतिनिधि किसानों के इस न्यायपूर्ण संघर्ष में साथ नहीं देंगे, उनका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा। इस आंदोलन का नेतृत्व पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति, खण्डीप, वजीरपुर (सवाई माधोपुर) कर रही है।
- गंगापुर सिटी के दीवान का बाग, रॉयल नया गांव, कैमला स्थित नगेश्वर बाबा की धूनी पर 41 दिवसीय धूनी तपस्या का आयोजन किया जा रहा है। यह धूनी तपस्या नागा संत प्रमोद गिरी जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हो रही है।1
- सवाई माधोपुर जिले के लिवाली गांव में मुख्य सड़क पर नाली की उचित व्यवस्था न होने के कारण सारा गंदा पानी सड़क पर ही लगातार बहता रहता है। इस स्थिति के चलते राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने इस गंदे पानी की निकासी और समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से मांग की है।1
- करौली जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह 'भीड़' ने सोमवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों से मुखातिब होते हुए केंद्र सरकार के 12 साल के बेहतरीन कार्यकाल की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार ने किसान, युवा, महिला सशक्तिकरण के साथ अपराधों पर अंकुश लगाने सहित सुशासन की अनेक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। इसके अतिरिक्त, डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में अपने ढाई साल के कार्यकाल के दौरान करौली जिले में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों को गति दी है। उन्होंने आकांक्षी जिले के रूप में करौली पर विशेष मेहनत कर विकास के नए आयाम स्थापित करने की बात कही, ताकि जिले को राजस्थान के अग्रणी जिलों में शामिल किया जा सके। इस दौरान, पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने के सवाल पर प्रभारी मंत्री ने सभी पक्षों को मिल बैठकर समाधान निकालने और सभी को उचित पानी दिलवाए जाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने जल्द ही तीनों पक्षों को साथ लेकर भाईचारा कायम रखते हुए समस्या का समाधान करने पर जोर दिया। प्रभारी मंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधते हुए उसके सांसद व विधायक की टिप्पणी को घिनौनी राजनीति बताया। उन्होंने इस बयान को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उसकी घोर निंदा की। उन्होंने हाल ही में सचिन पायलट द्वारा किसान सम्मेलन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ तांत्रिक चंद्र स्वामी का किस्सा सुनाकर दिए गए बयान पर भी टिप्पणी की, जिसे उन्होंने कांग्रेस की आंतरिक लड़ाई के कारण गिरते स्तर का परिणाम बताया, जिससे पार्टी की साख खत्म हो रही है। साथ ही, पूर्व सीएम अशोक गहलोत के उस बयान पर भी प्रभारी मंत्री ने पलटवार किया जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर देश में इंदिरा गांधी होतीं तो भाजपा को बिल्कुल बैन कर देतीं। इस पर मंत्री ने कहा कि ये मुंगेरीलाल के सपने हैं जिन्हें कांग्रेसी खुली आँखों से देख रहे हैं, जो कि संभव नहीं है। जिला प्रभारी मंत्री 'भीड़' कांग्रेस के अशोक गहलोत और सचिन पायलट के इन बयानों पर जमकर गरजे।4
- यह वीडियो विशेष रूप से क्षेत्रवासियों के लिए साझा किया गया है, जिसमें उन्हें 'सच' जानने का अवसर मिलेगा। दर्शकों से इस वीडियो को अवश्य देखने का आग्रह किया गया है, यदि वे सच्चाई जानना चाहते हैं।1
- लालसोट शहर के प्राचीन घाटेश्वर नाथ महादेव मंदिर से रविवार को गाजे-बाजे और धार्मिक जयघोषों के साथ एक विशाल कलशयात्रा निकाली गई। इस भव्य यात्रा में 1100 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर हिस्सा लिया, जिससे पूरा शहर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। यह कलशयात्रा घाटेश्वर नाथ महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य बाजारों और प्रमुख मार्गों से गुज़रते हुए गोबरया पाड़ा स्थित मालेश्वर नाथ महादेव मंदिर पहुँची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारे लगाए और विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर कलशयात्रा का स्वागत किया। इस कलशयात्रा के साथ ही मालेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में आचार्य पंडित राजेश जी खांडल के सान्निध्य एवं नेतृत्व में तीन दिवसीय शिव पंचायत प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस महोत्सव के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कई धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ और पूजा-अर्चना संपन्न कराई जाएगी। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धर्मप्रेमी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूरे क्षेत्र में धार्मिक आस्था का एक अनूठा संगम नजर आया।3
- सोमवार को लालसोट पुलिस थाने में डिप्टी एसपी दिलीप मीणा के तबादले के अवसर पर एक भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों, पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों ने उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी, उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान, अतिथियों ने डीएसपी दिलीप मीणा को साफा पहनाकर, पुष्पमालाएं अर्पित कर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर एडीएम मनमोहन मीणा, एसडीएम विजेंद्र मीणा, एएसपी विनोद सीपा, थाना प्रभारी पवन जाट, श्रीकिशन मीणा, सुधीर उपाध्याय, मदनलाल मीणा और प्रेस क्लब लालसोट के पदाधिकारियों सहित अन्य वक्ताओं ने भी डीएसपी मीणा को साफा, पुष्पमाला और भगवान गोविंद देवजी महाराज की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. मूर्ति मीणा ने भी एएसपी विनोद सीपा और डीएसपी दिलीप मीणा का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। वक्ताओं ने उनके कार्यकाल में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को याद करते हुए उनकी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की प्रशंसा की, यह कहते हुए कि ऐसे अधिकारी जो निष्पक्षता, ईमानदारी और जनसेवा की भावना से काम करते हैं, उन्हें समाज हमेशा याद रखता है। डीएसपी दिलीप मीणा ने लालसोट क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। अपने संबोधन में डीएसपी दिलीप मीणा ने क्षेत्र में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और बेहतर पुलिस व्यवस्था स्थापित करने का श्रेय पुलिस टीम के साथ-साथ आमजन के भरपूर सहयोग को दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता के विश्वास और सहयोग से ही पुलिस का मनोबल बढ़ता है और बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। इस कार्यक्रम में सहायक पुलिस निरीक्षक रविंद्र सिंह, SI रामफूल सैनी, सुषमा चौधरी, कंचन, लहरीलाल, राजेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, गणमान्य नागरिक और समाजसेवी भी उपस्थित रहे।4
- गंगापुर सिटी दिगंबर जैन सोशल ग्रुप द्वारा स्थानीय रेलवे स्टेशन पर जल सेवा का आयोजन किया गया। इस जल सेवा में भारत विकास परिषद ने भी अपना सहयोग प्रदान किया।1
- भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री डॉ. मूर्ति मीणा ने लालसोट पुलिस थाना स्थित महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया, साथ ही महिलाओं से निर्भीक होकर अपनी आवाज उठाने का आह्वान किया। डॉ. मीणा ने इस बात पर जोर दिया कि महिला सुरक्षा को समाज की प्राथमिकता बनाया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने "कम तेल की थाली, स्वस्थ भारत की खुशहाली" अभियान के तहत स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में सुषमा चौधरी, एडवोकेट रजनी गुप्ता, कांस्टेबल भोजंती और कांस्टेबल किरण सहित कई महिलाएं मौजूद रहीं।3
- हिंडौन सिटी के वर्धमान नगर स्थित राधा रानी मैरिज गार्डन में सोमवार को प्रबुद्ध जन सभागार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में करौली जिले के प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, जबकि संगठन के करौली जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर, मंत्री बेढम ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष के कार्यकाल की विभिन्न उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। कार्यक्रम से पहले, स्थानीय भाजपा नेताओं ने मंत्री का भव्य स्वागत किया।1