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यह वीडियो विशेष रूप से क्षेत्रवासियों के लिए साझा किया गया है, जिसमें उन्हें 'सच' जानने का अवसर मिलेगा। दर्शकों से इस वीडियो को अवश्य देखने का आग्रह किया गया है, यदि वे सच्चाई जानना चाहते हैं।
Ravi bainsla
यह वीडियो विशेष रूप से क्षेत्रवासियों के लिए साझा किया गया है, जिसमें उन्हें 'सच' जानने का अवसर मिलेगा। दर्शकों से इस वीडियो को अवश्य देखने का आग्रह किया गया है, यदि वे सच्चाई जानना चाहते हैं।
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- करौली जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह 'भीड़' ने सोमवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों से मुखातिब होते हुए केंद्र सरकार के 12 साल के बेहतरीन कार्यकाल की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार ने किसान, युवा, महिला सशक्तिकरण के साथ अपराधों पर अंकुश लगाने सहित सुशासन की अनेक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। इसके अतिरिक्त, डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में अपने ढाई साल के कार्यकाल के दौरान करौली जिले में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों को गति दी है। उन्होंने आकांक्षी जिले के रूप में करौली पर विशेष मेहनत कर विकास के नए आयाम स्थापित करने की बात कही, ताकि जिले को राजस्थान के अग्रणी जिलों में शामिल किया जा सके। इस दौरान, पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने के सवाल पर प्रभारी मंत्री ने सभी पक्षों को मिल बैठकर समाधान निकालने और सभी को उचित पानी दिलवाए जाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने जल्द ही तीनों पक्षों को साथ लेकर भाईचारा कायम रखते हुए समस्या का समाधान करने पर जोर दिया। प्रभारी मंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधते हुए उसके सांसद व विधायक की टिप्पणी को घिनौनी राजनीति बताया। उन्होंने इस बयान को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उसकी घोर निंदा की। उन्होंने हाल ही में सचिन पायलट द्वारा किसान सम्मेलन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ तांत्रिक चंद्र स्वामी का किस्सा सुनाकर दिए गए बयान पर भी टिप्पणी की, जिसे उन्होंने कांग्रेस की आंतरिक लड़ाई के कारण गिरते स्तर का परिणाम बताया, जिससे पार्टी की साख खत्म हो रही है। साथ ही, पूर्व सीएम अशोक गहलोत के उस बयान पर भी प्रभारी मंत्री ने पलटवार किया जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर देश में इंदिरा गांधी होतीं तो भाजपा को बिल्कुल बैन कर देतीं। इस पर मंत्री ने कहा कि ये मुंगेरीलाल के सपने हैं जिन्हें कांग्रेसी खुली आँखों से देख रहे हैं, जो कि संभव नहीं है। जिला प्रभारी मंत्री 'भीड़' कांग्रेस के अशोक गहलोत और सचिन पायलट के इन बयानों पर जमकर गरजे।4
- सवाई माधोपुर के खण्डीप, वजीरपुर में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना 15 जून को ग्यारहवें दिन भी पूरे जोश और जनसमर्थन के साथ जारी रहा। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराने की इस मांग के समर्थन में हजारों किसानों ने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहनों के साथ एक विशाल वाहन रैली निकालकर सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। करीब 5 किलोमीटर लंबी यह वाहन रैली डिवस्या से शुरू होकर छोटी उदेई, पिलोदा, खेड़ली बगलाई, सेमाला, नयागांव, धूनी, मोहचा का पुरा से होते हुए खण्डीप धरना स्थल पर पहुँची, जिसके बाद इसे फुलवाड़ा पेपट, रायपुर, कुसाय और उपखण्ड मुख्यालय वजीरपुर तक निकाला गया। रैली के दौरान किसानों ने सरकार को चेताते हुए विरोध प्रदर्शन किया और नहरों में पानी छोड़े जाने की अपनी मांग को फिर से दोहराया। किसानों ने 28 जून को होने वाले किसान आंदोलन में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान करते हुए सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए शीघ्र नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा। धरना स्थल पर छोटी उदेई, डिवस्या, छान, बिनेगा, खिदरपुर सहित कमाण्ड क्षेत्र के अनेक गांवों से किसानों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली, जिसने इस आंदोलन को एक व्यापक जनआंदोलन का उग्र रूप दे दिया है। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा धरना स्थल की व्यवस्थाओं को सुचारु और अनुशासित बनाए रखने के लिए गांववार जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं, जहाँ ग्रामीण भोजन, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का सफल संचालन कर रहे हैं। इसी क्रम में, 16 से 17 जून तक ग्राम महस्वा के किसान धरना स्थल की जिम्मेदारी संभालेंगे, जो आंदोलन में एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। महापंचायत के मंच से किसानों ने एकजुट होकर यह संकल्प दोहराया कि पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। किसानों ने अपनी मांग को केवल सिंचाई जल का मुद्दा नहीं बताया, बल्कि इसे लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई करार दिया। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने स्पष्ट किया कि यह अब आर-पार की लड़ाई है और न्याय मिलने तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में समितियां गठित कर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जहाँ सर्वजाति और सर्वसमाज के लोग एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से अपने समर्थन की अपील की है, साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि जो जनप्रतिनिधि किसानों के इस न्यायपूर्ण संघर्ष में साथ नहीं देंगे, उनका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा। इस आंदोलन का नेतृत्व पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति, खण्डीप, वजीरपुर (सवाई माधोपुर) कर रही है।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा में सफाईकर्मियों ने नगरपालिका कार्यालय के गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन नगरपालिका कार्यालय के बाहर किया गया था।1
- माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराते हुए पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर खण्डीप, वजीरपुर में चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना ग्यारहवें दिन भी पूरे जोश और जनसमर्थन के साथ जारी रहा। इस आंदोलन के समर्थन में 15 जून को हजारों किसानों ने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहनों के साथ एक विशाल रैली निकाली, जिसके माध्यम से सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी गई। लगभग 5 किलोमीटर लंबी यह वाहन रैली डिवस्या से शुरू होकर छोटी उदेई, पिलोदा, खेड़ली बगलाई, सेमाला, नयागांव, धूनी, मोहचा का पुरा होते हुए खण्डीप धरना स्थल पहुंची, जिसके बाद यह फुलवाड़ा पेपट, रायपुर, कुसाय और उपखण्ड मुख्यालय वजीरपुर तक निकाली गई। इस दौरान किसानों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को फिर से दोहराया। किसानों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराते हुए नहरों में शीघ्र पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा। इसी क्रम में, किसानों ने आगामी 28 जून को आयोजित होने वाले किसान आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है। धरना स्थल पर कमाण्ड क्षेत्र के कई गांवों जैसे छोटी उदेई, डिवस्या, छान, बिनेगा, खिदरपुर से किसानों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी जा रही है, जिससे यह आंदोलन अब एक व्यापक जनआंदोलन का उग्र रूप ले चुका है। महापंचायत के मंच से किसानों ने एकजुट होकर संकल्प लिया है कि पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा, क्योंकि यह केवल सिंचाई जल की मांग नहीं, बल्कि लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई है। आंदोलन स्थल पर व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा गांववार जिम्मेदारियां तय की गई हैं, जहां ग्रामीण भोजन, पेयजल और साफ-सफाई जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं। इस क्रम में, 16 जून से 17 जून तक ग्राम महस्वा के किसान धरना स्थल की जिम्मेदारी संभालेंगे। किसानों ने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने इसे अब 'आर-पार की लड़ाई' बताया है, जो न्याय मिलने तक निरंतर जारी रहेगी। महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में समितियां गठित कर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, और सर्वजाति व सर्वसमाज के लोग एकजुट होकर इसका समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से समर्थन की अपील की है, साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि जो जनप्रतिनिधि इस न्यायपूर्ण संघर्ष में साथ नहीं देंगे, उनका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा।1
- धौलपुर जिले के बाड़ी में कांग्रेस पार्टी पिछले छह घंटे से लगातार प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रही है। कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन इसलिए जारी है क्योंकि प्रशासन की ओर से कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनका ज्ञापन लेने के लिए मौके पर नहीं पहुँचा है। छह घंटे बीत जाने के बावजूद भी प्रशासन द्वारा ज्ञापन न लिया जाना कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गहरा रोष पैदा कर रहा है।1
- हिंडौन सिटी में भारत विकास परिषद् शाखा विवेकानंद द्वारा आयोजित बाल एवं महिला अभिरुचि शिविर का रविवार को आदर्श नगर स्थित जुपिटर पब्लिक सेकेंडरी स्कूल में भव्य समापन हुआ। इस शिविर में कुल 150 प्रतिभागियों ने विभिन्न कलाओं का प्रशिक्षण प्राप्त करने के साथ-साथ स्वास्थ्य जांच कराई और जीवन रक्षक सीपीआर के महत्वपूर्ण गुर सीखे। समापन समारोह का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद एवं भारत माता के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया, जिसके बाद परिषद की महिला सदस्यों ने पुष्प वर्षा कर अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमारी जाटव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि शाखा अध्यक्ष विजय गुप्ता ने समारोह की अध्यक्षता की। महिला समन्वयक सुनीता गर्ग, ललिता कटारा और शाखा सचिव शैलेश गोयल भी विशिष्ट अतिथियों में शामिल थे, और मंच संचालन मनीष आर्य ने किया। इस दौरान शिविर में योगदान देने वाले प्रशिक्षकों एवं भामाशाहों को सम्मानित कर उनके प्रयासों की सराहना की गई। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को नृत्य, सिलाई, ढोलक वादन, मेहंदी, ब्यूटीशियन, गिफ्ट पैकिंग, कर्सिव राइटिंग एवं ड्राइंग जैसी विविध कलाओं में प्रशिक्षण दिया गया। स्वास्थ्य जागरूकता के तहत एक निजी लैब द्वारा एनीमिया की जांच, डॉ. आनंद अग्रवाल द्वारा दंत रोग जांच, और डॉ. आदर्श जिंदल द्वारा चर्म रोग जांच की गई। शिविर संयोजिका ललिता कटारा के अनुसार, सभी प्रतिभागियों को इन रोगों की जांच के उपरांत आवश्यक परामर्श दिया गया। इसके अतिरिक्त, डॉ. हिमालयन गर्ग ने आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षा के लिए सीपीआर का प्रशिक्षण प्रदान किया, जिससे प्रतिभागियों ने महत्वपूर्ण जीवन रक्षक गुर सीखे। शाखा सचिव शैलेश गोयल और नगर समन्वयक मुकेश वोडाफोन ने बताया कि मेहंदी का प्रशिक्षण पूजा शर्मा, सिलाई का कुसुम जैन, नृत्य का शालू गोयल एवं नेहा गोयल, ढोलक का सपना शर्मा, गिफ्ट पैकिंग का तन्वी सिंघल, ड्राइंग एवं कर्सिव राइटिंग का अनुष्का मित्तल तथा ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण मंजू अग्रवाल द्वारा दिया गया। मुख्य अतिथि राजकुमारी जाटव ने महिलाओं और बच्चों को प्रतिवर्ष शिविरों के माध्यम से विभिन्न कलाओं का प्रशिक्षण देने के भारत विकास परिषद् के कार्य को सराहनीय बताया। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने तथा बच्चों को नई-नई विधाएं सीखने के लिए विभिन्न गतिविधियों में स्वयं को व्यस्त रखने की सलाह भी दी। इस भव्य समापन समारोह में नगर समन्वयक मुकेश वोडाफोन, प्रांतीय प्रभारी मनीष आर्य, रामावतार बंसल, अतुल विजय, सोनू बलमगढिया, जयप्रकाश गुप्ता, राजेंद्र कटारा, डॉ. सत्येंद्र भदोरिया, बबीता आर्य, रजनी गुप्ता, सविता जिंदल, सपना पटवारी, ललिता गुप्ता, अंजलि विजय, नीलम मित्तल, गीता गुप्ता, अलका भदौरिया, मधु रानी गुप्ता और ममता अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में परिषद के पदाधिकारी, सदस्य और प्रतिभागियों के अभिभावक उपस्थित रहे।4
- धौलपुर के सरमथुरा में, पूरुषोत्तम मास के अंतिम दिन सोमवती अमावस्या के शुभ अवसर पर एक विशेष आयोजन किया गया। इस मौके पर राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से सर्किट हाउस गेट पर संचालित सार्वजनिक शीतल जल प्याऊ पर आमजन और राहगीरों को बादाम की ठंडाई प्रसादी का वितरण किया गया।1
- गंगापुर सिटी के दीवान का बाग, रॉयल नया गांव, कैमला स्थित नगेश्वर बाबा की धूनी पर 41 दिवसीय धूनी तपस्या का आयोजन किया जा रहा है। यह धूनी तपस्या नागा संत प्रमोद गिरी जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हो रही है।1
- सवाई माधोपुर जिले से गुजरने वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर आज भगवतगढ़ के नजदीक एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा त्रिलोकपुरा अंडरपास के समीप दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के चैनल नंबर 270.5 पर हुआ, जहां मिर्ची से भरा एक केंटा ट्रक (MH 19 CX 7362) दुर्घटनाग्रस्त होकर एक्सप्रेसवे से नीचे गिर गया। मृतक की पहचान जलगांव, महाराष्ट्र निवासी 24 वर्षीय सोनू शेख के रूप में हुई है, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, अयान नामक एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए सवाई माधोपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर भगवतगढ़ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और चौकी प्रभारी दीपक शर्मा के निर्देश पर जेसीबी की सहायता से क्षतिग्रस्त केंटा ट्रक को अंडरपास से हटवाया गया। पुलिस ने मृतक सोनू शेख के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। परिजनों के सवाई माधोपुर पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर उन्हें सौंपा जाएगा। फिलहाल, पुलिस इस सड़क दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।2