माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराते हुए पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर खण्डीप, वजीरपुर में चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना ग्यारहवें दिन भी पूरे जोश और जनसमर्थन के साथ जारी रहा। इस आंदोलन के समर्थन में 15 जून को हजारों किसानों ने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहनों के साथ एक विशाल रैली निकाली, जिसके माध्यम से सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी गई। लगभग 5 किलोमीटर लंबी यह वाहन रैली डिवस्या से शुरू होकर छोटी उदेई, पिलोदा, खेड़ली बगलाई, सेमाला, नयागांव, धूनी, मोहचा का पुरा होते हुए खण्डीप धरना स्थल पहुंची, जिसके बाद यह फुलवाड़ा पेपट, रायपुर, कुसाय और उपखण्ड मुख्यालय वजीरपुर तक निकाली गई। इस दौरान किसानों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को फिर से दोहराया। किसानों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराते हुए नहरों में शीघ्र पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा। इसी क्रम में, किसानों ने आगामी 28 जून को आयोजित होने वाले किसान आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है। धरना स्थल पर कमाण्ड क्षेत्र के कई गांवों जैसे छोटी उदेई, डिवस्या, छान, बिनेगा, खिदरपुर से किसानों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी जा रही है, जिससे यह आंदोलन अब एक व्यापक जनआंदोलन का उग्र रूप ले चुका है। महापंचायत के मंच से किसानों ने एकजुट होकर संकल्प लिया है कि पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा, क्योंकि यह केवल सिंचाई जल की मांग नहीं, बल्कि लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई है। आंदोलन स्थल पर व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा गांववार जिम्मेदारियां तय की गई हैं, जहां ग्रामीण भोजन, पेयजल और साफ-सफाई जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं। इस क्रम में, 16 जून से 17 जून तक ग्राम महस्वा के किसान धरना स्थल की जिम्मेदारी संभालेंगे। किसानों ने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने इसे अब 'आर-पार की लड़ाई' बताया है, जो न्याय मिलने तक निरंतर जारी रहेगी। महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में समितियां गठित कर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, और सर्वजाति व सर्वसमाज के लोग एकजुट होकर इसका समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से समर्थन की अपील की है, साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि जो जनप्रतिनिधि इस न्यायपूर्ण संघर्ष में साथ नहीं देंगे, उनका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा।
माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराते हुए पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर खण्डीप, वजीरपुर में चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना ग्यारहवें दिन भी पूरे जोश और जनसमर्थन के साथ जारी रहा। इस आंदोलन के समर्थन में 15 जून को हजारों किसानों ने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहनों के साथ एक विशाल रैली निकाली, जिसके माध्यम से सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी गई। लगभग 5 किलोमीटर लंबी यह वाहन रैली डिवस्या से शुरू होकर छोटी उदेई, पिलोदा, खेड़ली बगलाई, सेमाला, नयागांव, धूनी, मोहचा का पुरा होते हुए खण्डीप धरना स्थल पहुंची, जिसके बाद यह फुलवाड़ा पेपट, रायपुर, कुसाय और उपखण्ड मुख्यालय वजीरपुर तक निकाली गई। इस दौरान किसानों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को फिर से दोहराया। किसानों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराते हुए नहरों में शीघ्र पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा। इसी क्रम में, किसानों ने आगामी 28 जून को आयोजित होने वाले किसान आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है। धरना स्थल पर कमाण्ड क्षेत्र के कई गांवों जैसे छोटी उदेई, डिवस्या, छान, बिनेगा, खिदरपुर से किसानों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी जा रही है, जिससे यह आंदोलन अब एक व्यापक जनआंदोलन का उग्र रूप ले चुका है। महापंचायत के मंच से किसानों ने एकजुट होकर संकल्प लिया है कि पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा, क्योंकि यह केवल सिंचाई जल की मांग नहीं, बल्कि लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई है। आंदोलन स्थल पर व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा गांववार जिम्मेदारियां तय की गई हैं, जहां ग्रामीण भोजन, पेयजल और साफ-सफाई जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं। इस क्रम में, 16 जून से 17 जून तक ग्राम महस्वा के किसान धरना स्थल की जिम्मेदारी संभालेंगे। किसानों ने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने इसे अब 'आर-पार की लड़ाई' बताया है, जो न्याय मिलने तक निरंतर जारी रहेगी। महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में समितियां गठित कर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, और सर्वजाति व सर्वसमाज के लोग एकजुट होकर इसका समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से समर्थन की अपील की है, साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि जो जनप्रतिनिधि इस न्यायपूर्ण संघर्ष में साथ नहीं देंगे, उनका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा।
- पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर खंडीप में चल रही किसान महापंचायत सोमवार को लगातार 11वें दिन भी जारी रही। इस महापंचायत में भाग लेने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण रैली के रूप में पहुंचे, जो ट्रैक्टर, जुगाड़, जीप और अन्य वाहनों के साथ डीजे की धुन पर नाचते-गाते महापंचायत स्थल तक गए। इसी दौरान, रैली खंडीप रेलवे स्टेशन के पास स्थित समपार फाटक से होकर गुजरी। ग्रामीणों और वाहनों की भारी आवाजाही के कारण फाटक समय पर बंद नहीं हो सका। दोपहर करीब 3 बजे गंगापुर सिटी से रवाना हुई अवध एक्सप्रेस इसी खुले फाटक के पास पहुंच गई, जिससे ट्रेन को रोकना पड़ा। इस घटना से कई मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों को भी अप-डाउन स्टेशनों पर रोकना पड़ा। ग्रामीणों की भीड़ के कारण अवध एक्सप्रेस लगभग एक घंटे तक समपार फाटक के पास खड़ी रही, और ट्रैक के आसपास भी लोगों का जमावड़ा लगा रहा। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और यातायात बनाए रखने के लिए पहले से ही पुलिस बल तैनात था, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण स्थिति को नियंत्रित करने में समय लगा। हालांकि, सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। बाद में, पुलिस ने ग्रामीणों को ट्रैक और फाटक क्षेत्र से हटाकर रास्ता साफ करवाया, जिसके बाद फाटक बंद करके अवध एक्सप्रेस को आगे रवाना किया गया। महापंचायत में लगातार बढ़ रही ग्रामीणों की भागीदारी को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है।1
- सवाई माधोपुर के खण्डीप, वजीरपुर में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना 15 जून को ग्यारहवें दिन भी पूरे जोश और जनसमर्थन के साथ जारी रहा। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराने की इस मांग के समर्थन में हजारों किसानों ने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहनों के साथ एक विशाल वाहन रैली निकालकर सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। करीब 5 किलोमीटर लंबी यह वाहन रैली डिवस्या से शुरू होकर छोटी उदेई, पिलोदा, खेड़ली बगलाई, सेमाला, नयागांव, धूनी, मोहचा का पुरा से होते हुए खण्डीप धरना स्थल पर पहुँची, जिसके बाद इसे फुलवाड़ा पेपट, रायपुर, कुसाय और उपखण्ड मुख्यालय वजीरपुर तक निकाला गया। रैली के दौरान किसानों ने सरकार को चेताते हुए विरोध प्रदर्शन किया और नहरों में पानी छोड़े जाने की अपनी मांग को फिर से दोहराया। किसानों ने 28 जून को होने वाले किसान आंदोलन में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान करते हुए सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए शीघ्र नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा। धरना स्थल पर छोटी उदेई, डिवस्या, छान, बिनेगा, खिदरपुर सहित कमाण्ड क्षेत्र के अनेक गांवों से किसानों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली, जिसने इस आंदोलन को एक व्यापक जनआंदोलन का उग्र रूप दे दिया है। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा धरना स्थल की व्यवस्थाओं को सुचारु और अनुशासित बनाए रखने के लिए गांववार जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं, जहाँ ग्रामीण भोजन, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का सफल संचालन कर रहे हैं। इसी क्रम में, 16 से 17 जून तक ग्राम महस्वा के किसान धरना स्थल की जिम्मेदारी संभालेंगे, जो आंदोलन में एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। महापंचायत के मंच से किसानों ने एकजुट होकर यह संकल्प दोहराया कि पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। किसानों ने अपनी मांग को केवल सिंचाई जल का मुद्दा नहीं बताया, बल्कि इसे लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई करार दिया। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने स्पष्ट किया कि यह अब आर-पार की लड़ाई है और न्याय मिलने तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में समितियां गठित कर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जहाँ सर्वजाति और सर्वसमाज के लोग एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से अपने समर्थन की अपील की है, साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि जो जनप्रतिनिधि किसानों के इस न्यायपूर्ण संघर्ष में साथ नहीं देंगे, उनका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा। इस आंदोलन का नेतृत्व पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति, खण्डीप, वजीरपुर (सवाई माधोपुर) कर रही है।1
- सवाई माधोपुर जिले के लिवाली गांव में सड़कों पर गंदा पानी बह रहा है। इस गंदे पानी के जमाव से पूरे क्षेत्र में गंदगी फैल रही है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों में दी जाने वाली सेवाओं की जानकारी लेने के लिए सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा ने शिविर स्थलों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने के लिए निर्देशित किया और उन्हें इसके लिए पाबंद भी किया। उनके साथ बीसीएमओ करौली डॉ. ओम प्रकाश महावर, डीपीसी -आईईसी लखन सिंह लोधा, और बीपीओ मुकेश चतुर्वेदी भी मौजूद रहे। डॉ. मीणा ने कोंडर स्थित सेवा केंद्र में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण किया। वहाँ उन्होंने रजिस्टर में मरीजों की संख्या की स्थिति की समीक्षा की और अधिक से अधिक लोगों की बीपी-शुगर की जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही, चिकित्सा अधिकारी प्रभारी को निर्धारित समय तक शिविर में उपस्थित रहने के लिए पाबंद किया गया। इसी क्रम में, उन्होंने मांची में आयोजित शिविर का भी जायजा लिया, जहाँ उन्होंने दवाओं और टीकाकरण की स्थिति का आकलन किया। सीएमएचओ ने बताया कि इन शिविरों में विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इनमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य स्क्रीनिंग के तहत महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग, बच्चों का टीकाकरण, और एनसीडी स्क्रीनिंग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत टीबी रोग की स्क्रीनिंग, निक्षय मित्र बनाना और पोषण किट का वितरण भी किया जा रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शिविरों में पीएमजेवाई कार्ड बनाने और वितरित करने की सेवाएं भी उपलब्ध हैं, जिसका लाभ आमजन अपने नजदीकी शिविर स्थल पर प्राप्त कर सकते हैं।4
- हिंडौन गांव के ढिंढोरा एवं खेड़ी हैवत में संचालित एक अवैध शराब की दुकान को बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध दुकान पर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाओं और बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ता है। प्रवक्ता रिंकू खेड़ी हैवत ने सोमवार दोपहर 1 बजे बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दी जा चुकी हैं। ग्रामीणों ने 7 जून 2026 को भी प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया था, लेकिन इन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है और स्थिति यथावत बनी हुई है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जाता है, तो वे आंदोलन करेंगे।1
- नादौती क्षेत्र के कैमला गांव की सर्व समाज की पंचायत झण्डा (थांई) मुख्य बाजार में सर्व समाज के पंच-पटेलों के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि पांचना बांध की नहरों को माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश पर खुलवाने के लिए 17 जून, बुधवार को खंडीप में आयोजित होने वाली किसान महापंचायत में सर्व समाज दल-बल के साथ शामिल होगा। पंचायत के फैसले के अनुसार, कैमला बस स्टैंड से सर्व समाज (30 जाति-बिरादरी) के महिला, पुरुष, युवा, किसान, मजदूर, व्यापारी, सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी, और पंच-पटेल गाजे-बाजे के साथ रैली के रूप में सत्याग्रह में हिस्सा लेंगे। सर्व समाज के पंच-पटेलों और गणमान्य नागरिकों ने यह भी तय किया है कि 17 जून, बुधवार के दिन संपूर्ण बाजार बंद रहेगा। किसान पंचायत, खंडीप में जाने के लिए व्यवस्था की जिम्मेदारी भी बांटी गई है। पांचना बांध की नहरों को खुलवाने की मांग को लेकर कैमला से 500 ट्रैक्टर, 50 जुगाड़, 50 कार, 25 टैक्सी, 20 जेसीबी, 2000 मोटरसाइकिल, 5 बसें, और 2 डीजे के साथ, झंडे, बैनर, और 'पांचना मित्र' की टोपी के नारे लगाते हुए यह रैली खंडीप पहुंचेगी। इस सर्व समाज की पंचायत को प्यारेलाल पूर्व सरपंच, हाकिम सिंह माली पूर्व सरपंच, हरकेश बैरवा पूर्व सरपंच, हरकेश तारा, टेकचंद पटेल, गोपाल शर्मा, मटोली बैरवा, मुकेश गुप्ता, घनश्याम पूर्बिया, राजेश राठौर, सीताराम जांगिड़, मुरारी योगी, जगदीश माली, मगन खटीक, हनुमान लखेरा, आलोक पटेल, और बृजलाल पुरा ने संबोधित किया। पंचायत में हरकेश पटेल, गिर्राज पटेल, नंदराम पटेल, चौथी पटेल, प्रकाश माते, गोविंद तारा, विजेंद्र छीपी, ओमप्रकाश शर्मा, चेतन जंगम, द्वारिका कुम्हार, बाबूलाल गुप्ता, मेघसिंह राठौर, कलुवा खंगार, और मुरारी योगी उपस्थित रहे। पंचायत का संचालन महेंद्र सिंह मीना ने किया।2
- माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराते हुए पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर खण्डीप, वजीरपुर में चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना ग्यारहवें दिन भी पूरे जोश और जनसमर्थन के साथ जारी रहा। इस आंदोलन के समर्थन में 15 जून को हजारों किसानों ने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहनों के साथ एक विशाल रैली निकाली, जिसके माध्यम से सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी गई। लगभग 5 किलोमीटर लंबी यह वाहन रैली डिवस्या से शुरू होकर छोटी उदेई, पिलोदा, खेड़ली बगलाई, सेमाला, नयागांव, धूनी, मोहचा का पुरा होते हुए खण्डीप धरना स्थल पहुंची, जिसके बाद यह फुलवाड़ा पेपट, रायपुर, कुसाय और उपखण्ड मुख्यालय वजीरपुर तक निकाली गई। इस दौरान किसानों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को फिर से दोहराया। किसानों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराते हुए नहरों में शीघ्र पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा। इसी क्रम में, किसानों ने आगामी 28 जून को आयोजित होने वाले किसान आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है। धरना स्थल पर कमाण्ड क्षेत्र के कई गांवों जैसे छोटी उदेई, डिवस्या, छान, बिनेगा, खिदरपुर से किसानों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी जा रही है, जिससे यह आंदोलन अब एक व्यापक जनआंदोलन का उग्र रूप ले चुका है। महापंचायत के मंच से किसानों ने एकजुट होकर संकल्प लिया है कि पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा, क्योंकि यह केवल सिंचाई जल की मांग नहीं, बल्कि लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई है। आंदोलन स्थल पर व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा गांववार जिम्मेदारियां तय की गई हैं, जहां ग्रामीण भोजन, पेयजल और साफ-सफाई जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं। इस क्रम में, 16 जून से 17 जून तक ग्राम महस्वा के किसान धरना स्थल की जिम्मेदारी संभालेंगे। किसानों ने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने इसे अब 'आर-पार की लड़ाई' बताया है, जो न्याय मिलने तक निरंतर जारी रहेगी। महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में समितियां गठित कर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, और सर्वजाति व सर्वसमाज के लोग एकजुट होकर इसका समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से समर्थन की अपील की है, साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि जो जनप्रतिनिधि इस न्यायपूर्ण संघर्ष में साथ नहीं देंगे, उनका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा।1
- सवाई माधोपुर जिले से गुजरने वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर आज भगवतगढ़ के नजदीक एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा त्रिलोकपुरा अंडरपास के समीप दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के चैनल नंबर 270.5 पर हुआ, जहां मिर्ची से भरा एक केंटा ट्रक (MH 19 CX 7362) दुर्घटनाग्रस्त होकर एक्सप्रेसवे से नीचे गिर गया। मृतक की पहचान जलगांव, महाराष्ट्र निवासी 24 वर्षीय सोनू शेख के रूप में हुई है, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, अयान नामक एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए सवाई माधोपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर भगवतगढ़ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और चौकी प्रभारी दीपक शर्मा के निर्देश पर जेसीबी की सहायता से क्षतिग्रस्त केंटा ट्रक को अंडरपास से हटवाया गया। पुलिस ने मृतक सोनू शेख के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। परिजनों के सवाई माधोपुर पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर उन्हें सौंपा जाएगा। फिलहाल, पुलिस इस सड़क दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।2