नादौती क्षेत्र के कैमला गांव की सर्व समाज की पंचायत झण्डा (थांई) मुख्य बाजार में सर्व समाज के पंच-पटेलों के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि पांचना बांध की नहरों को माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश पर खुलवाने के लिए 17 जून, बुधवार को खंडीप में आयोजित होने वाली किसान महापंचायत में सर्व समाज दल-बल के साथ शामिल होगा। पंचायत के फैसले के अनुसार, कैमला बस स्टैंड से सर्व समाज (30 जाति-बिरादरी) के महिला, पुरुष, युवा, किसान, मजदूर, व्यापारी, सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी, और पंच-पटेल गाजे-बाजे के साथ रैली के रूप में सत्याग्रह में हिस्सा लेंगे। सर्व समाज के पंच-पटेलों और गणमान्य नागरिकों ने यह भी तय किया है कि 17 जून, बुधवार के दिन संपूर्ण बाजार बंद रहेगा। किसान पंचायत, खंडीप में जाने के लिए व्यवस्था की जिम्मेदारी भी बांटी गई है। पांचना बांध की नहरों को खुलवाने की मांग को लेकर कैमला से 500 ट्रैक्टर, 50 जुगाड़, 50 कार, 25 टैक्सी, 20 जेसीबी, 2000 मोटरसाइकिल, 5 बसें, और 2 डीजे के साथ, झंडे, बैनर, और 'पांचना मित्र' की टोपी के नारे लगाते हुए यह रैली खंडीप पहुंचेगी। इस सर्व समाज की पंचायत को प्यारेलाल पूर्व सरपंच, हाकिम सिंह माली पूर्व सरपंच, हरकेश बैरवा पूर्व सरपंच, हरकेश तारा, टेकचंद पटेल, गोपाल शर्मा, मटोली बैरवा, मुकेश गुप्ता, घनश्याम पूर्बिया, राजेश राठौर, सीताराम जांगिड़, मुरारी योगी, जगदीश माली, मगन खटीक, हनुमान लखेरा, आलोक पटेल, और बृजलाल पुरा ने संबोधित किया। पंचायत में हरकेश पटेल, गिर्राज पटेल, नंदराम पटेल, चौथी पटेल, प्रकाश माते, गोविंद तारा, विजेंद्र छीपी, ओमप्रकाश शर्मा, चेतन जंगम, द्वारिका कुम्हार, बाबूलाल गुप्ता, मेघसिंह राठौर, कलुवा खंगार, और मुरारी योगी उपस्थित रहे। पंचायत का संचालन महेंद्र सिंह मीना ने किया।
नादौती क्षेत्र के कैमला गांव की सर्व समाज की पंचायत झण्डा (थांई) मुख्य बाजार में सर्व समाज के पंच-पटेलों के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि पांचना बांध की नहरों को माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश पर खुलवाने के लिए 17 जून, बुधवार को खंडीप में आयोजित होने वाली किसान महापंचायत में सर्व समाज दल-बल के साथ शामिल होगा। पंचायत के फैसले के अनुसार, कैमला बस स्टैंड से सर्व समाज (30 जाति-बिरादरी) के महिला, पुरुष, युवा, किसान, मजदूर, व्यापारी, सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी, और पंच-पटेल गाजे-बाजे के साथ रैली के रूप में सत्याग्रह में हिस्सा लेंगे। सर्व समाज के पंच-पटेलों और गणमान्य नागरिकों ने यह भी तय किया है कि 17 जून, बुधवार के दिन संपूर्ण बाजार बंद रहेगा। किसान पंचायत, खंडीप में जाने के लिए व्यवस्था की जिम्मेदारी भी
बांटी गई है। पांचना बांध की नहरों को खुलवाने की मांग को लेकर कैमला से 500 ट्रैक्टर, 50 जुगाड़, 50 कार, 25 टैक्सी, 20 जेसीबी, 2000 मोटरसाइकिल, 5 बसें, और 2 डीजे के साथ, झंडे, बैनर, और 'पांचना मित्र' की टोपी के नारे लगाते हुए यह रैली खंडीप पहुंचेगी। इस सर्व समाज की पंचायत को प्यारेलाल पूर्व सरपंच, हाकिम सिंह माली पूर्व सरपंच, हरकेश बैरवा पूर्व सरपंच, हरकेश तारा, टेकचंद पटेल, गोपाल शर्मा, मटोली बैरवा, मुकेश गुप्ता, घनश्याम पूर्बिया, राजेश राठौर, सीताराम जांगिड़, मुरारी योगी, जगदीश माली, मगन खटीक, हनुमान लखेरा, आलोक पटेल, और बृजलाल पुरा ने संबोधित किया। पंचायत में हरकेश पटेल, गिर्राज पटेल, नंदराम पटेल, चौथी पटेल, प्रकाश माते, गोविंद तारा, विजेंद्र छीपी, ओमप्रकाश शर्मा, चेतन जंगम, द्वारिका कुम्हार, बाबूलाल गुप्ता, मेघसिंह राठौर, कलुवा खंगार, और मुरारी योगी उपस्थित रहे। पंचायत का संचालन महेंद्र सिंह मीना ने किया।
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव स्थित किसान धरना स्थल पर, उपनेता प्रतिपक्ष विधायक राम के जी मीणा ने पांचना बांध की नहरों में पानी छोड़ने के महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी बात रखी है।1
- करौली में प्रजापति छात्रावास रणगमा ताल में दक्ष प्रजापति विकास संस्थान की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का संचालन संयोजक छीतर लाल प्रजापति ने किया, जिसमें छात्रावास में विभिन्न विकास कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। सचिव गंगाराम प्रजापत ने मंगलवार शाम 4:00 बजे जानकारी दी कि बैठक के दौरान संरक्षक रामेश्वर ठेकेदार ने छात्रावास परिसर के लिए एक मुख्य द्वार और चारदीवारी की ऊंचाई बढ़ाने को आवश्यक बताया। बैठक में यह भी तय किया गया कि भवन की छत की मरम्मत कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, दक्ष प्रजापति की जयंती के अवसर पर करौली स्थित छात्रावास में एक संगोष्ठी का आयोजन करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान, कई भामाशाहों ने छात्रावास के विकास कार्यों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की। इस बैठक में छोटे लाल, मलुआ, छात्रावास अध्यक्ष माधु लाल, रमेश महू, दुर्गा लाल ठेकेदार, भोले, धनसिंह, श्री भगवान, भंवर, लक्ष्मी, रामेश्वर ठेकेदार, छीतर लाल प्रजापति, गंगाराम प्रजापत और कल्याण हलवाई सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।1
- पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर खंडीप में किसानों का आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया। आंदोलन के समर्थन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से हजारों किसान, महिलाएं और ग्रामीण रैली के रूप में खंडीप धरना स्थल पर पहुंचे। बड़ी संख्या में लोगों की इस मौजूदगी से आंदोलन ने निर्णायक रूप ले लिया और पूरे क्षेत्र में किसानों की एकजुटता साफ देखने को मिली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महस्वा रैला सहित आसपास के गांवों से किसान और महिलाएं जुलूस निकालते हुए खंडीप धरना स्थल की ओर रवाना हुए। इसी दौरान बड़ी संख्या में आंदोलनकारी खंडीप रेलवे फाटक के समीप एकत्रित हो गए और नहरों में शीघ्र पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। किसानों का कहना था कि खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक है, ऐसे में नहरों में पानी नहीं पहुंचने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। रेलवे फाटक पर अचानक भीड़ बढ़ने के कारण कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आंदोलनकारियों के रेलवे ट्रैक के समीप पहुंचने से रेल यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी, जिससे प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की चिंता बढ़ गई। सूचना मिलने पर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। दोपहर करीब डेढ़ बजे से बड़ी संख्या में ग्रामीण खंडीप फाटक से महापंचायत स्थल से गुजरने लगे, जिससे फाटक खुला रहा। इस दौरान लगभग दो घंटे तक फाटक खुला रहने से रेल यातायात बाधित हुआ। काफी संख्या में ग्रामीण ट्रैक पर भी आकर धरना-प्रदर्शन करने लगे, जिन्हें काफी समझाइश के बाद पुलिसकर्मियों द्वारा हटाया गया। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले सोमवार को भी ग्रामीण रैली के रूप में फाटक से गुजरे थे और इस दौरान ट्रैक पर जमा होकर बांध से नहरों में पानी छोड़ने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। धरना स्थल पर दिनभर किसानों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। किसानों का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी रोष व्याप्त है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही पांचना बांध से नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। किसानों ने सरकार और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर नहरों में पानी छोड़ने की मांग की है। वहीं, धरना स्थल पर किसानों, महिलाओं और ग्रामीणों की लगातार बढ़ती भागीदारी से आंदोलन को और मजबूती मिल रही है।3
- बाड़ी-बसेड़ी के नादनपुर मोड़ के पास एक गंभीर सड़क हादसे में टेंपो और बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई, जिसमें शुरू में आधा दर्जन लोग घायल हो गए। इस दुखद घटना में घायलों में से दो लोगों की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतकों में 12 वर्षीय बालिका शिवन्या शामिल है, जिसने बसेड़ी अस्पताल में दम तोड़ दिया, वहीं 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला भगवती की बाड़ी रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में मौत हो गई। सभी घायल बाड़ी के बरौलीपुरा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं, जिसके चलते पूरे गांव में शोक की लहर छा गई है। बसेड़ी थाना पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- राजस्थान के सवाई माधोपुर में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन करते हुए दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को पूरी तरह से जाम कर दिया है। सैकड़ों की तादाद में किसान रेलवे ट्रैक पर ही धरने पर बैठ गए हैं, जिसके कारण इस प्रमुख और व्यस्त रेलवे रूट पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों के इस बड़े प्रदर्शन की मुख्य वजह सिंचाई के लिए पानी की कमी है। वे लगातार यह मांग कर रहे हैं कि इलाके के सबसे बड़े पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों के लिए तुरंत पानी छोड़ा जाए। जानकारी के अनुसार, किसान अपनी इस मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से धरने पर बैठे थे, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सुनवाई नहीं होने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने रेलवे ट्रैक पर चक्का जाम कर दिया। दिल्ली-मुंबई रेलवे मार्ग देश के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में आता है, और ट्रैक के मध्य क्षेत्र में किसानों के बैठकर प्रदर्शन करने से ट्रेनों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं, जहाँ वे किसानों से बातचीत कर उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे जल्द से जल्द रेलवे ट्रैक को खाली कर दें और ट्रेनों का संचालन फिर से सुचारु रूप से शुरू हो सके।1
- राजस्थान के महवा स्थित ग्राम ऊकरूंद में गुरुवार को धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ, जिससे पूरा गांव भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग गया। सुबह से ही गांव में उत्सव का माहौल था और भगवान के जयकारों, भजन-कीर्तन व शंखध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा। आयोजक काडूराम मीना ने बताया कि कथा महोत्सव के शुभारंभ से पहले उनके निज निवास पर वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना, हवन और कलश पूजन किया गया। विद्वान आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में कलश यात्रा विधिवत शुरू हुई। इस यात्रा में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश धारण किए महिलाओं की लंबी कतारें और उनके द्वारा गाए जा रहे मंगल गीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। यात्रा में शामिल श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण और सनातन धर्म के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। यह भव्य कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और धार्मिक स्थलों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं, पुष्प वर्षा, फल और शीतल जलपान से भव्य स्वागत किया। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे ग्रामीणों का उत्साह और सहयोग आयोजन को यादगार बना गया। इस आयोजन में सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल भी दिखी, जहां गांव के सभी वर्गों और समाजों के लोग एक साथ सहभागी बने। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करते हैं, तथा धर्म के माध्यम से प्रेम, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है। आयोजक काडूराम मीना ने श्रीमद्भागवत कथा को मानव जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य ज्ञान गंगा बताया। उन्होंने कहा कि कथा के श्रवण से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक जागृति आती है और उसे धर्म, सत्य, सेवा व सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा में नियमित रूप से उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया। कलश यात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कथा महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया। आगामी दिनों में कथा व्यास द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का रसपान कराया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्तों के प्रति उनकी करुणा, धर्म स्थापना, भक्ति की महिमा और मानव जीवन के कल्याणकारी संदेशों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। आधुनिकता के इस दौर में ये आयोजन समाज में नैतिकता, संस्कार और भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और महिलाओं सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। भक्ति, श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता का यह अद्भुत संगम ऊकरूंद गांव के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार अवसर बन गया है।4
- सवाई माधोपुर स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन के लिए पहुँचने वाले श्रद्धालुओं को इन दिनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- अमेरिका से एक दुखद और बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ अमेरिकी वायुसेना का एक B-52 बॉम्बर विमान कैलिफोर्निया स्थित एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा इतना भीषण था कि विमान में सवार सभी 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही विमान में तकनीकी खराबी आने की आशंका थी, जिसके कारण विमान ने अपना नियंत्रण खो दिया और जमीन पर गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर आग और धुएं का बड़ा गुबार देखा गया। सूचना मिलने पर तुरंत बचाव एवं राहत दल मौके पर पहुंचे, लेकिन विमान में मौजूद किसी भी व्यक्ति को बचाया नहीं जा सका। अमेरिकी वायुसेना और संबंधित जांच एजेंसियों ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम ब्लैक बॉक्स और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की गहन जांच करेगी। B-52 विमान अमेरिकी वायुसेना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लंबी दूरी का रणनीतिक बॉम्बर माना जाता है, जिसका उपयोग दशकों से किया जा रहा है। इस दुखद घटना ने अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठान को झकझोर दिया है। मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं और अमेरिकी वायुसेना इस पूरे मामले पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।1
- दौसा में पुलिस ने भीलवाड़ा के करेडा थाना क्षेत्र के एक वांछित इनामी आरोपी हामिद उर्फ फिरोज मोहमद को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी अवैध शराब के प्रकरण में पिछले एक साल से फरार चल रहा था, और उस पर पंद्रह हजार रुपए का इनाम घोषित था। भरतपुर जिले के पाहड़ी थाना क्षेत्र निवासी हामिद उर्फ फिरोज मोहमद की गिरफ्तारी एसपी पीयूष दीक्षित के निर्देश पर साइबर सेल और डीएसटी की संयुक्त कार्रवाई के तहत हुई। भीलवाड़ा पुलिस द्वारा घोषित इस इनामी आरोपी को दौसा पुलिस ने धर दबोचा।1