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हिंडौन गांव के ढिंढोरा एवं खेड़ी हैवत में संचालित एक अवैध शराब की दुकान को बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध दुकान पर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाओं और बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ता है। प्रवक्ता रिंकू खेड़ी हैवत ने सोमवार दोपहर 1 बजे बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दी जा चुकी हैं। ग्रामीणों ने 7 जून 2026 को भी प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया था, लेकिन इन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है और स्थिति यथावत बनी हुई है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जाता है, तो वे आंदोलन करेंगे।
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हिंडौन गांव के ढिंढोरा एवं खेड़ी हैवत में संचालित एक अवैध शराब की दुकान को बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध दुकान पर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाओं और बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ता है। प्रवक्ता रिंकू खेड़ी हैवत ने सोमवार दोपहर 1 बजे बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दी जा चुकी हैं। ग्रामीणों ने 7 जून 2026 को भी प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया था, लेकिन इन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है और स्थिति यथावत बनी हुई है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जाता है, तो वे आंदोलन करेंगे।
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- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों में दी जाने वाली सेवाओं की जानकारी लेने के लिए सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा ने शिविर स्थलों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने के लिए निर्देशित किया और उन्हें इसके लिए पाबंद भी किया। उनके साथ बीसीएमओ करौली डॉ. ओम प्रकाश महावर, डीपीसी -आईईसी लखन सिंह लोधा, और बीपीओ मुकेश चतुर्वेदी भी मौजूद रहे। डॉ. मीणा ने कोंडर स्थित सेवा केंद्र में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण किया। वहाँ उन्होंने रजिस्टर में मरीजों की संख्या की स्थिति की समीक्षा की और अधिक से अधिक लोगों की बीपी-शुगर की जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही, चिकित्सा अधिकारी प्रभारी को निर्धारित समय तक शिविर में उपस्थित रहने के लिए पाबंद किया गया। इसी क्रम में, उन्होंने मांची में आयोजित शिविर का भी जायजा लिया, जहाँ उन्होंने दवाओं और टीकाकरण की स्थिति का आकलन किया। सीएमएचओ ने बताया कि इन शिविरों में विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इनमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य स्क्रीनिंग के तहत महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग, बच्चों का टीकाकरण, और एनसीडी स्क्रीनिंग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत टीबी रोग की स्क्रीनिंग, निक्षय मित्र बनाना और पोषण किट का वितरण भी किया जा रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शिविरों में पीएमजेवाई कार्ड बनाने और वितरित करने की सेवाएं भी उपलब्ध हैं, जिसका लाभ आमजन अपने नजदीकी शिविर स्थल पर प्राप्त कर सकते हैं।4
- हिंडौन गांव के ढिंढोरा एवं खेड़ी हैवत में संचालित एक अवैध शराब की दुकान को बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध दुकान पर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाओं और बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ता है। प्रवक्ता रिंकू खेड़ी हैवत ने सोमवार दोपहर 1 बजे बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दी जा चुकी हैं। ग्रामीणों ने 7 जून 2026 को भी प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया था, लेकिन इन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है और स्थिति यथावत बनी हुई है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जाता है, तो वे आंदोलन करेंगे।1
- यह वीडियो विशेष रूप से क्षेत्रवासियों के लिए साझा किया गया है, जिसमें उन्हें 'सच' जानने का अवसर मिलेगा। दर्शकों से इस वीडियो को अवश्य देखने का आग्रह किया गया है, यदि वे सच्चाई जानना चाहते हैं।1
- पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर खंडीप में चल रही किसान महापंचायत सोमवार को लगातार 11वें दिन भी जारी रही। इस महापंचायत में भाग लेने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण रैली के रूप में पहुंचे, जो ट्रैक्टर, जुगाड़, जीप और अन्य वाहनों के साथ डीजे की धुन पर नाचते-गाते महापंचायत स्थल तक गए। इसी दौरान, रैली खंडीप रेलवे स्टेशन के पास स्थित समपार फाटक से होकर गुजरी। ग्रामीणों और वाहनों की भारी आवाजाही के कारण फाटक समय पर बंद नहीं हो सका। दोपहर करीब 3 बजे गंगापुर सिटी से रवाना हुई अवध एक्सप्रेस इसी खुले फाटक के पास पहुंच गई, जिससे ट्रेन को रोकना पड़ा। इस घटना से कई मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों को भी अप-डाउन स्टेशनों पर रोकना पड़ा। ग्रामीणों की भीड़ के कारण अवध एक्सप्रेस लगभग एक घंटे तक समपार फाटक के पास खड़ी रही, और ट्रैक के आसपास भी लोगों का जमावड़ा लगा रहा। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और यातायात बनाए रखने के लिए पहले से ही पुलिस बल तैनात था, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण स्थिति को नियंत्रित करने में समय लगा। हालांकि, सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। बाद में, पुलिस ने ग्रामीणों को ट्रैक और फाटक क्षेत्र से हटाकर रास्ता साफ करवाया, जिसके बाद फाटक बंद करके अवध एक्सप्रेस को आगे रवाना किया गया। महापंचायत में लगातार बढ़ रही ग्रामीणों की भागीदारी को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है।1
- सवाई माधोपुर के खण्डीप, वजीरपुर में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना 15 जून को ग्यारहवें दिन भी पूरे जोश और जनसमर्थन के साथ जारी रहा। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराने की इस मांग के समर्थन में हजारों किसानों ने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहनों के साथ एक विशाल वाहन रैली निकालकर सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। करीब 5 किलोमीटर लंबी यह वाहन रैली डिवस्या से शुरू होकर छोटी उदेई, पिलोदा, खेड़ली बगलाई, सेमाला, नयागांव, धूनी, मोहचा का पुरा से होते हुए खण्डीप धरना स्थल पर पहुँची, जिसके बाद इसे फुलवाड़ा पेपट, रायपुर, कुसाय और उपखण्ड मुख्यालय वजीरपुर तक निकाला गया। रैली के दौरान किसानों ने सरकार को चेताते हुए विरोध प्रदर्शन किया और नहरों में पानी छोड़े जाने की अपनी मांग को फिर से दोहराया। किसानों ने 28 जून को होने वाले किसान आंदोलन में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान करते हुए सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए शीघ्र नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा। धरना स्थल पर छोटी उदेई, डिवस्या, छान, बिनेगा, खिदरपुर सहित कमाण्ड क्षेत्र के अनेक गांवों से किसानों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली, जिसने इस आंदोलन को एक व्यापक जनआंदोलन का उग्र रूप दे दिया है। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा धरना स्थल की व्यवस्थाओं को सुचारु और अनुशासित बनाए रखने के लिए गांववार जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं, जहाँ ग्रामीण भोजन, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का सफल संचालन कर रहे हैं। इसी क्रम में, 16 से 17 जून तक ग्राम महस्वा के किसान धरना स्थल की जिम्मेदारी संभालेंगे, जो आंदोलन में एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। महापंचायत के मंच से किसानों ने एकजुट होकर यह संकल्प दोहराया कि पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। किसानों ने अपनी मांग को केवल सिंचाई जल का मुद्दा नहीं बताया, बल्कि इसे लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई करार दिया। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने स्पष्ट किया कि यह अब आर-पार की लड़ाई है और न्याय मिलने तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में समितियां गठित कर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जहाँ सर्वजाति और सर्वसमाज के लोग एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से अपने समर्थन की अपील की है, साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि जो जनप्रतिनिधि किसानों के इस न्यायपूर्ण संघर्ष में साथ नहीं देंगे, उनका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा। इस आंदोलन का नेतृत्व पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति, खण्डीप, वजीरपुर (सवाई माधोपुर) कर रही है।1
- हिंडौन सिटी के वर्धमान नगर स्थित राधा रानी मैरिज गार्डन में सोमवार को प्रबुद्ध जन सभागार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में करौली जिले के प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, जबकि संगठन के करौली जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर, मंत्री बेढम ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष के कार्यकाल की विभिन्न उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। कार्यक्रम से पहले, स्थानीय भाजपा नेताओं ने मंत्री का भव्य स्वागत किया।1
- हिंडौन में स्टेशन रोड ओवर ब्रिज के नीचे हमेशा गंदा पानी जमा रहने की समस्या बनी हुई है। इस लगातार बने रहने वाले जलभराव के कारण, आए दिन कई वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं।2
- करौली जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह 'भीड़' ने सोमवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों से मुखातिब होते हुए केंद्र सरकार के 12 साल के बेहतरीन कार्यकाल की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार ने किसान, युवा, महिला सशक्तिकरण के साथ अपराधों पर अंकुश लगाने सहित सुशासन की अनेक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। इसके अतिरिक्त, डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में अपने ढाई साल के कार्यकाल के दौरान करौली जिले में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों को गति दी है। उन्होंने आकांक्षी जिले के रूप में करौली पर विशेष मेहनत कर विकास के नए आयाम स्थापित करने की बात कही, ताकि जिले को राजस्थान के अग्रणी जिलों में शामिल किया जा सके। इस दौरान, पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने के सवाल पर प्रभारी मंत्री ने सभी पक्षों को मिल बैठकर समाधान निकालने और सभी को उचित पानी दिलवाए जाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने जल्द ही तीनों पक्षों को साथ लेकर भाईचारा कायम रखते हुए समस्या का समाधान करने पर जोर दिया। प्रभारी मंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधते हुए उसके सांसद व विधायक की टिप्पणी को घिनौनी राजनीति बताया। उन्होंने इस बयान को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उसकी घोर निंदा की। उन्होंने हाल ही में सचिन पायलट द्वारा किसान सम्मेलन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ तांत्रिक चंद्र स्वामी का किस्सा सुनाकर दिए गए बयान पर भी टिप्पणी की, जिसे उन्होंने कांग्रेस की आंतरिक लड़ाई के कारण गिरते स्तर का परिणाम बताया, जिससे पार्टी की साख खत्म हो रही है। साथ ही, पूर्व सीएम अशोक गहलोत के उस बयान पर भी प्रभारी मंत्री ने पलटवार किया जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर देश में इंदिरा गांधी होतीं तो भाजपा को बिल्कुल बैन कर देतीं। इस पर मंत्री ने कहा कि ये मुंगेरीलाल के सपने हैं जिन्हें कांग्रेसी खुली आँखों से देख रहे हैं, जो कि संभव नहीं है। जिला प्रभारी मंत्री 'भीड़' कांग्रेस के अशोक गहलोत और सचिन पायलट के इन बयानों पर जमकर गरजे।4