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गंगापुर सिटी दिगंबर जैन सोशल ग्रुप द्वारा स्थानीय रेलवे स्टेशन पर जल सेवा का आयोजन किया गया। इस जल सेवा में भारत विकास परिषद ने भी अपना सहयोग प्रदान किया।
Anil Kumar journalist
गंगापुर सिटी दिगंबर जैन सोशल ग्रुप द्वारा स्थानीय रेलवे स्टेशन पर जल सेवा का आयोजन किया गया। इस जल सेवा में भारत विकास परिषद ने भी अपना सहयोग प्रदान किया।
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- गंगापुर सिटी दिगंबर जैन सोशल ग्रुप द्वारा स्थानीय रेलवे स्टेशन पर जल सेवा का आयोजन किया गया। इस जल सेवा में भारत विकास परिषद ने भी अपना सहयोग प्रदान किया।1
- राजस्थान के खण्डीप गाँव में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना और महापंचायत दसवें दिन भी जारी है। इस आंदोलन में रायपुर, कुसाय, परीता, सैगरपुरा, खोरपुरा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं, युवा और ग्रामीण एकजुट होकर जनसैलाब की तरह उमड़ रहे हैं। किसानों का स्पष्ट कहना है कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए जल्द से जल्द नहरों में पानी छोड़ा जाए और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर व्यवस्थाएं पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा संभाली जा रही हैं, जिसमें गांव-वार जिम्मेदारियां तय की गई हैं। किशोरपुर गांव के ग्रामीणों ने 13 और 14 जून को भोजन, पेयजल और साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी निभाई, जबकि 15 और 16 जून के लिए छोटी उदेई, डिवस्या, बिनेगा, छान और खिदपुर गांवों के किसानों को यह जिम्मेदारी दी गई है। आंदोलन में लोक कलाकारों और गीतकारों द्वारा किसान संघर्ष से जुड़े गीत प्रस्तुत कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी किसानों का उत्साह बढ़ाया जा रहा है, जिसमें महिलाओं की बढ़ती भागीदारी आंदोलन की एक प्रमुख ताकत बनकर उभरी है। महापंचायत में किसानों ने जोर देकर कहा कि यह केवल पानी की लड़ाई नहीं, बल्कि उनके अधिकार, सम्मान और भविष्य की लड़ाई है, जिसमें सर्व समाज और सभी जातियों के लोग एकजुटता से शामिल हो रहे हैं। आगे की रणनीति के तहत, किसानों ने गांव-गांव में कमेटियां गठित करने का निर्णय लिया है और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी नेता किसानों के साथ खड़ा नहीं होगा, उसका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा। किसानों ने सरकार और प्रशासन को साफ शब्दों में आगाह किया है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि न्याय मिलने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।2
- राजस्थान राज्य विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने सवाई माधोपुर वृत्त में विद्युत चोरी और अनधिकृत विद्युत उपयोग पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष सघन विजिलेंस अभियान चलाया। अधीक्षण अभियंता (ओ.एण्ड.एम.) आर.के. मीना के निर्देशन में गठित विभागीय टीमों ने जिले के विभिन्न शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जांच और सत्यापन की कार्यवाही की। इस अभियान में सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, खण्डार, बौंली, बामनवास, चौथ का बरवाड़ा, मलारना डूंगर और वजीरपुर क्षेत्र की टीमों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान के दौरान विभिन्न श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं के परिसरों का निरीक्षण किया गया, जिसमें विद्युत चोरी और अनधिकृत उपयोग के कुल 123 प्रकरण चिन्हित किए गए। निगम के प्रावधानों के अनुसार, सभी मामलों में वीसीआर दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही शुरू की गई। जांच में लगभग 1.41 लाख यूनिट विद्युत ऊर्जा का आकलन किया गया, जिसके आधार पर 23.24 लाख रुपये का प्रारंभिक राजस्व निर्धारण किया गया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यवाही राजस्व संरक्षण के साथ-साथ उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधीक्षण अभियंता आर.के. मीना ने स्पष्ट किया कि विद्युत चोरी से वितरण तंत्र पर अनावश्यक भार बढ़ता है, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियां बढ़ती हैं, और ईमानदार उपभोक्ताओं के हित प्रभावित होते हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी विद्युत चोरी और अनियमितताओं के विरुद्ध इसी प्रकार के विशेष अभियान लगातार चलाए जाएंगे तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे वैध विद्युत कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करें और विद्युत चोरी या अनियमितता की जानकारी मिलने पर निगम को सूचित कर जनहित में सहयोग करें, ताकि सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।1
- करौली शिक्षक संघ अंबेडकर जिला कार्यकारिणी के चुनाव 16 जून, 2026 को सुबह 10 बजे महात्मा ज्योतिबा फुले उच्च माध्यमिक विद्यालय, करौली में आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में घोषणा जिलाध्यक्ष विष्णु मंडल और प्रवक्ता गंगाराम प्रजापत ने रविवार शाम 4 बजे की। इन चुनावों के लिए प्रदेश स्तर से चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जिनमें प्रदेश वरिष्ठ मंत्री मेघराज मीना और प्रदेश उपाध्यक्ष रामहंस खोलिया शामिल हैं। साथ ही, जगमोहन जाटव और राजेंद्र मीना को चुनाव अधिकारी बनाया गया है। चुनाव की व्यवस्थाओं और तैयारियों पर सिटी पार्क में आयोजित एक बैठक में विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक के दौरान, संपूर्ण जिले से संगठन कार्यकर्ताओं से निर्धारित समय पर आकर चुनाव में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की गई। बैठक में जिलाध्यक्ष विष्णु मंडल, कोषाध्यक्ष कुमेश कुमार जाटव, मासलपुर ब्लॉक अध्यक्ष भीमसिंह जाटव, प्रवक्ता गंगाराम प्रजापत, कमल माली और पूर्व कोषाध्यक्ष टीकाराम महावर सहित कई अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।1
- लालसोट बस स्टैंड पर नगर परिषद लालसोट द्वारा जन सुविधाओं के लिए नाले के ऊपर बनाए गए लोक सुलभ कॉम्प्लेक्स को लेकर यात्रियों में भारी आक्रोश है। शिकायत है कि यहां नियुक्त कर्मचारी सुबह आने वाले यात्रियों और आम लोगों से नगर परिषद द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे वसूलते हैं और उनके साथ गलत व्यवहार भी करते हैं। इस कॉम्प्लेक्स पर सुविधा शुल्क का कोई बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, और जब यात्रियों द्वारा निर्धारित दरों के बारे में पूछा जाता है, तो कर्मचारी बदतमीजी और दादागिरी पर उतर आते हैं। इसके अतिरिक्त, सुबह-सुबह यह सुलभ कॉम्प्लेक्स शराबियों का अड्डा बना रहता है, जिसके कारण महिलाओं और पुरुषों दोनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। लोगों ने मांग की है कि ऐसे कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटाकर लोगों की सुविधाओं में आ रही दिक्कत को दूर किया जाए।1
- हिंडौन सिटी में भारत विकास परिषद् शाखा विवेकानंद द्वारा आयोजित बाल एवं महिला अभिरुचि शिविर का रविवार को आदर्श नगर स्थित जुपिटर पब्लिक सेकेंडरी स्कूल में भव्य समापन हुआ। इस शिविर में कुल 150 प्रतिभागियों ने विभिन्न कलाओं का प्रशिक्षण प्राप्त करने के साथ-साथ स्वास्थ्य जांच कराई और जीवन रक्षक सीपीआर के महत्वपूर्ण गुर सीखे। समापन समारोह का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद एवं भारत माता के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया, जिसके बाद परिषद की महिला सदस्यों ने पुष्प वर्षा कर अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमारी जाटव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि शाखा अध्यक्ष विजय गुप्ता ने समारोह की अध्यक्षता की। महिला समन्वयक सुनीता गर्ग, ललिता कटारा और शाखा सचिव शैलेश गोयल भी विशिष्ट अतिथियों में शामिल थे, और मंच संचालन मनीष आर्य ने किया। इस दौरान शिविर में योगदान देने वाले प्रशिक्षकों एवं भामाशाहों को सम्मानित कर उनके प्रयासों की सराहना की गई। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को नृत्य, सिलाई, ढोलक वादन, मेहंदी, ब्यूटीशियन, गिफ्ट पैकिंग, कर्सिव राइटिंग एवं ड्राइंग जैसी विविध कलाओं में प्रशिक्षण दिया गया। स्वास्थ्य जागरूकता के तहत एक निजी लैब द्वारा एनीमिया की जांच, डॉ. आनंद अग्रवाल द्वारा दंत रोग जांच, और डॉ. आदर्श जिंदल द्वारा चर्म रोग जांच की गई। शिविर संयोजिका ललिता कटारा के अनुसार, सभी प्रतिभागियों को इन रोगों की जांच के उपरांत आवश्यक परामर्श दिया गया। इसके अतिरिक्त, डॉ. हिमालयन गर्ग ने आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षा के लिए सीपीआर का प्रशिक्षण प्रदान किया, जिससे प्रतिभागियों ने महत्वपूर्ण जीवन रक्षक गुर सीखे। शाखा सचिव शैलेश गोयल और नगर समन्वयक मुकेश वोडाफोन ने बताया कि मेहंदी का प्रशिक्षण पूजा शर्मा, सिलाई का कुसुम जैन, नृत्य का शालू गोयल एवं नेहा गोयल, ढोलक का सपना शर्मा, गिफ्ट पैकिंग का तन्वी सिंघल, ड्राइंग एवं कर्सिव राइटिंग का अनुष्का मित्तल तथा ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण मंजू अग्रवाल द्वारा दिया गया। मुख्य अतिथि राजकुमारी जाटव ने महिलाओं और बच्चों को प्रतिवर्ष शिविरों के माध्यम से विभिन्न कलाओं का प्रशिक्षण देने के भारत विकास परिषद् के कार्य को सराहनीय बताया। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने तथा बच्चों को नई-नई विधाएं सीखने के लिए विभिन्न गतिविधियों में स्वयं को व्यस्त रखने की सलाह भी दी। इस भव्य समापन समारोह में नगर समन्वयक मुकेश वोडाफोन, प्रांतीय प्रभारी मनीष आर्य, रामावतार बंसल, अतुल विजय, सोनू बलमगढिया, जयप्रकाश गुप्ता, राजेंद्र कटारा, डॉ. सत्येंद्र भदोरिया, बबीता आर्य, रजनी गुप्ता, सविता जिंदल, सपना पटवारी, ललिता गुप्ता, अंजलि विजय, नीलम मित्तल, गीता गुप्ता, अलका भदौरिया, मधु रानी गुप्ता और ममता अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में परिषद के पदाधिकारी, सदस्य और प्रतिभागियों के अभिभावक उपस्थित रहे।4
- ग्राम खण्डीप में चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना दसवें दिन भी पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी है, जिसमें पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की जा रही है। यह मांग माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद पानी न मिलने के विरोध में है। धरना स्थल पर रायपुर, कुसाय, परीता, सैगरपुरा और खोरपुरा सहित कमांड क्षेत्र के कई गाँवों के किसानों का भारी जनसमूह उमड़ रहा है, जिसमें महिलाओं, पंच-पटेलों, युवाओं और बच्चों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जिससे यह आंदोलन अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। आंदोलन की व्यवस्थाओं को सुचारु और अनुशासित बनाए रखने के लिए पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने गांव-वार जिम्मेदारियाँ तय की हैं। इसी क्रम में किशोरपुर गांव के ग्रामीणों ने 13 से 14 जून तक भोजन, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया, जबकि 15 से 16 जून तक छोटी उदेई, डिवस्या, बिनेगा, छान और खिदपुर के किसान धरने की जिम्मेदारी संभालेंगे। धरना स्थल पर दिनभर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जहाँ लोक कलाकारों और गीतकारों ने अपने ओजस्वी गीतों से किसानों में नई ऊर्जा का संचार किया। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत के रूप में देखा जा रहा है। महापंचायत के मंच से किसानों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित कराते हुए पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। किसानों ने स्पष्ट किया कि यह केवल सिंचाई के लिए पानी की मांग नहीं है, बल्कि लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा, और ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली सभी परिस्थितियों की जिम्मेदारी सरकार एवं प्रशासन की होगी। किसानों ने कहा कि अब आर-पार की लड़ाई का समय आ गया है और न्याय मिलने तक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। आंदोलन को सफल बनाने के लिए गाँव-गाँव में कमेटियाँ गठित करने का निर्णय लिया गया है और सभी जाति तथा समाज एक साथ उठ खड़े हुए हैं। सरकार को कड़ी चेतावनी दी जा रही है। सभी पार्टियों के नेताओं से बात की जा रही है, और यह भी निर्णय लिया गया है कि जो नेता किसानों का साथ नहीं देगा, उसका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा।1
- सवाई माधोपुर जिले में पंचना बांध के पानी को लेकर किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। किसानों का आरोप है कि पंचना बांध से नहरों में पानी नहीं ले जाने दिया जा रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए एक महापंचायत का आयोजन रखा गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नहरों में पंचना बांध का पानी लाना है।2