*स्कूली वाहनों की सुरक्षा हेतु विशेष अभियान 01 से 15 अप्रैल तक-ऑनलाइन पोर्टल/एप का शुभारम्भ* *वाहनों की फिटनेस, चालक विवरण एवं सुरक्षा मानकों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी, सभी विद्यालयों को विवरण अपलोड करना अनिवार्य* कुशीनगर विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने तथा स्कूली वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार स्कूली वाहनों के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल/एप का शुभारम्भ किया गया है। इसके अंतर्गत दिनांक 01 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक स्कूली वाहनों की फिटनेस एवं सुरक्षा मानकों के सत्यापन हेतु विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त पोर्टल 01 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो जाएगा तथा इसका लिंक जनपद के सभी विद्यालयों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। सभी विद्यालय प्रबंधन को पोर्टल पर लॉगिन कर अपने विद्यालय से संबंधित स्कूली वाहनों का विवरण अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। पोर्टल पर वाहन संख्या दर्ज करते ही परिवहन विभाग के VAHAN-4.0 से वाहन से संबंधित आवश्यक अभिलेख जैसे फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, परमिट आदि की वैधता स्वतः प्रदर्शित हो जाएगी। इसी प्रकार चालक का ड्राइविंग लाइसेंस नंबर दर्ज करने पर सारथी पोर्टल से चालक का विवरण उपलब्ध होगा। साथ ही चालकों का चरित्र सत्यापन संबंधित थाने से कराकर उसकी प्रति भी अपलोड करना अनिवार्य होगा। विद्यालय प्रबंधन को स्कूली वाहनों में उपलब्ध सुरक्षा मानकों जैसे अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन खिड़की, फर्स्ट-एड बॉक्स, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर आदि की जानकारी भी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। यह व्यवस्था सभी प्रकार के वाहनों पर लागू होगी, जिनमें विद्यालय के नाम से पंजीकृत वाहन, विद्यालय द्वारा अनुबंधित वाहन तथा अभिभावकों द्वारा संचालित वाहन शामिल हैं। विद्यालय प्रबंधन को पोर्टल पर शपथपत्र भी अपलोड करना होगा कि उनके विद्यालय में संचालित सभी वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं। जिन विद्यालयों में स्कूली वाहन संचालित नहीं हैं, उन्हें भी पोर्टल पर “विद्यालय में कोई वाहन संचालित नहीं है” की सूचना दर्ज करना अनिवार्य होगा। अभिभावकों की सुविधा के लिए पोर्टल पर “Know Your Bus” सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिसके माध्यम से अभिभावक यह सत्यापित कर सकेंगे कि उनके बच्चों को ले जाने वाला वाहन निर्धारित नियमों का पालन कर रहा है या नहीं। साथ ही चालक अथवा परिचालक के व्यवहार संबंधी शिकायतें भी ऑनलाइन दर्ज की जा सकेंगी। पोर्टल की मॉनिटरिंग प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, सम्भागीय परिवहन अधिकारी, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं अपर जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा अपनी लॉगिन आईडी से की जाएगी किसी वाहन में कमी पाए जाने पर पोर्टल पर रेड फ्लैग के माध्यम से चेतावनी प्रदर्शित होगी। परिवहन विभाग द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान तहसीलवार विशेष शिविर आयोजित कर स्कूली वाहनों का भौतिक एवं तकनीकी निरीक्षण तथा चालक एवं परिचालकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण भी कराया जाएगा, जिससे स्कूली वाहनों का संचालन सुरक्षित एवं सुगम बनाया जा सके। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी ने सभी विद्यालय प्रबंधनों से अपील की है कि निर्धारित अवधि 01 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के मध्य अभियान को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करते हुए पोर्टल पर सभी सूचनाएं समय से अपलोड करना सुनिश्चित करें। *स्कूली वाहनों की सुरक्षा हेतु विशेष अभियान 01 से 15 अप्रैल तक-ऑनलाइन पोर्टल/एप का शुभारम्भ* *वाहनों की फिटनेस, चालक विवरण एवं सुरक्षा मानकों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी, सभी विद्यालयों को विवरण अपलोड करना अनिवार्य* कुशीनगर विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने तथा स्कूली वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार स्कूली वाहनों के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल/एप का शुभारम्भ किया गया है। इसके अंतर्गत दिनांक 01 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक स्कूली वाहनों की फिटनेस एवं सुरक्षा मानकों के सत्यापन हेतु विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त पोर्टल 01 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो जाएगा तथा इसका लिंक जनपद के सभी विद्यालयों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। सभी विद्यालय प्रबंधन को पोर्टल पर लॉगिन कर अपने विद्यालय से संबंधित स्कूली वाहनों का विवरण अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। पोर्टल पर वाहन संख्या दर्ज करते ही परिवहन विभाग के VAHAN-4.0 से वाहन से संबंधित आवश्यक अभिलेख जैसे फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, परमिट आदि की वैधता स्वतः प्रदर्शित हो जाएगी। इसी प्रकार चालक का ड्राइविंग लाइसेंस नंबर दर्ज करने पर सारथी पोर्टल से चालक का विवरण उपलब्ध होगा। साथ ही चालकों का चरित्र सत्यापन संबंधित थाने से कराकर उसकी प्रति भी अपलोड करना अनिवार्य होगा। विद्यालय प्रबंधन को स्कूली वाहनों में उपलब्ध सुरक्षा मानकों जैसे अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन खिड़की, फर्स्ट-एड बॉक्स, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर आदि की जानकारी भी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। यह व्यवस्था सभी प्रकार के वाहनों पर लागू होगी, जिनमें विद्यालय के नाम से पंजीकृत वाहन, विद्यालय द्वारा अनुबंधित वाहन तथा अभिभावकों द्वारा संचालित वाहन शामिल हैं। विद्यालय प्रबंधन को पोर्टल पर शपथपत्र भी अपलोड करना होगा कि उनके विद्यालय में संचालित सभी वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं। जिन विद्यालयों में स्कूली वाहन संचालित नहीं हैं, उन्हें भी पोर्टल पर “विद्यालय में कोई वाहन संचालित नहीं है” की सूचना दर्ज करना अनिवार्य होगा। अभिभावकों की सुविधा के लिए पोर्टल पर “Know Your Bus” सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिसके माध्यम से अभिभावक यह सत्यापित कर सकेंगे कि उनके बच्चों को ले जाने वाला वाहन निर्धारित नियमों का पालन कर रहा है या नहीं। साथ ही चालक अथवा परिचालक के व्यवहार संबंधी शिकायतें भी ऑनलाइन दर्ज की जा सकेंगी। पोर्टल की मॉनिटरिंग प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, सम्भागीय परिवहन अधिकारी, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं अपर जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा अपनी लॉगिन आईडी से की जाएगी किसी वाहन में कमी पाए जाने पर पोर्टल पर रेड फ्लैग के माध्यम से चेतावनी प्रदर्शित होगी। परिवहन विभाग द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान तहसीलवार विशेष शिविर आयोजित कर स्कूली वाहनों का भौतिक एवं तकनीकी निरीक्षण तथा चालक एवं परिचालकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण भी कराया जाएगा, जिससे स्कूली वाहनों का संचालन सुरक्षित एवं सुगम बनाया जा सके। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी ने सभी विद्यालय प्रबंधनों से अपील की है कि निर्धारित अवधि 01 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के मध्य अभियान को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करते हुए पोर्टल पर सभी सूचनाएं समय से अपलोड करना सुनिश्चित करें।
*स्कूली वाहनों की सुरक्षा हेतु विशेष अभियान 01 से 15 अप्रैल तक-ऑनलाइन पोर्टल/एप का शुभारम्भ* *वाहनों की फिटनेस, चालक विवरण एवं सुरक्षा मानकों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी, सभी विद्यालयों को विवरण अपलोड करना अनिवार्य* कुशीनगर विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने तथा स्कूली वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार स्कूली वाहनों के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल/एप का शुभारम्भ किया गया है। इसके अंतर्गत दिनांक 01 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक स्कूली वाहनों की फिटनेस एवं सुरक्षा मानकों के सत्यापन हेतु विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त पोर्टल 01 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो जाएगा तथा इसका लिंक जनपद के सभी विद्यालयों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। सभी विद्यालय प्रबंधन को पोर्टल पर लॉगिन कर अपने विद्यालय से संबंधित स्कूली वाहनों का विवरण अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। पोर्टल पर वाहन संख्या दर्ज करते ही परिवहन विभाग के VAHAN-4.0 से वाहन से संबंधित आवश्यक अभिलेख जैसे फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, परमिट आदि की वैधता स्वतः प्रदर्शित हो जाएगी। इसी प्रकार चालक का ड्राइविंग लाइसेंस नंबर दर्ज करने पर सारथी पोर्टल से चालक का विवरण उपलब्ध होगा। साथ ही चालकों का चरित्र सत्यापन संबंधित थाने से कराकर उसकी प्रति भी अपलोड करना अनिवार्य होगा। विद्यालय प्रबंधन को स्कूली वाहनों में उपलब्ध सुरक्षा मानकों जैसे अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन खिड़की, फर्स्ट-एड बॉक्स, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर आदि की जानकारी भी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। यह व्यवस्था सभी प्रकार के वाहनों पर लागू होगी, जिनमें विद्यालय के नाम से पंजीकृत वाहन, विद्यालय द्वारा अनुबंधित वाहन तथा अभिभावकों द्वारा संचालित वाहन शामिल हैं। विद्यालय प्रबंधन को पोर्टल पर शपथपत्र भी अपलोड करना होगा कि उनके विद्यालय में संचालित सभी वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं। जिन विद्यालयों में स्कूली वाहन संचालित नहीं हैं, उन्हें भी पोर्टल पर “विद्यालय में कोई वाहन संचालित नहीं है” की सूचना दर्ज करना अनिवार्य होगा। अभिभावकों की सुविधा के लिए पोर्टल पर “Know Your Bus” सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिसके माध्यम से अभिभावक यह सत्यापित कर सकेंगे कि उनके बच्चों को ले जाने वाला वाहन निर्धारित नियमों का पालन कर रहा है या नहीं। साथ ही चालक अथवा परिचालक के व्यवहार संबंधी शिकायतें भी ऑनलाइन दर्ज की जा सकेंगी। पोर्टल की मॉनिटरिंग प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, सम्भागीय परिवहन अधिकारी, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं अपर जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा अपनी लॉगिन आईडी से की जाएगी किसी वाहन में कमी पाए जाने पर पोर्टल पर रेड फ्लैग के माध्यम से चेतावनी प्रदर्शित होगी। परिवहन विभाग द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान तहसीलवार विशेष शिविर आयोजित कर स्कूली वाहनों का भौतिक एवं तकनीकी निरीक्षण तथा चालक एवं परिचालकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण भी कराया जाएगा, जिससे स्कूली वाहनों का संचालन सुरक्षित एवं सुगम बनाया जा सके। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी ने सभी विद्यालय प्रबंधनों से अपील की है कि निर्धारित अवधि 01 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के मध्य अभियान को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करते हुए पोर्टल पर सभी सूचनाएं समय से अपलोड करना सुनिश्चित करें। *स्कूली वाहनों की सुरक्षा हेतु विशेष अभियान 01 से 15 अप्रैल तक-ऑनलाइन पोर्टल/एप का शुभारम्भ* *वाहनों की फिटनेस, चालक विवरण एवं सुरक्षा मानकों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी, सभी विद्यालयों को विवरण अपलोड करना अनिवार्य* कुशीनगर विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने तथा स्कूली वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार स्कूली वाहनों के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल/एप का शुभारम्भ किया गया है। इसके अंतर्गत दिनांक 01 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक स्कूली वाहनों की फिटनेस एवं सुरक्षा मानकों के सत्यापन हेतु विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त पोर्टल 01 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो जाएगा तथा इसका लिंक जनपद के सभी विद्यालयों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। सभी विद्यालय प्रबंधन को पोर्टल पर लॉगिन कर अपने विद्यालय से संबंधित स्कूली वाहनों का विवरण अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। पोर्टल पर वाहन संख्या दर्ज करते ही परिवहन विभाग के VAHAN-4.0 से वाहन से संबंधित आवश्यक अभिलेख जैसे फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, परमिट आदि की वैधता स्वतः प्रदर्शित हो जाएगी। इसी प्रकार चालक का ड्राइविंग लाइसेंस नंबर दर्ज करने पर सारथी पोर्टल से चालक का विवरण उपलब्ध होगा। साथ ही चालकों का चरित्र सत्यापन संबंधित थाने से कराकर उसकी प्रति भी अपलोड करना अनिवार्य होगा। विद्यालय प्रबंधन को स्कूली वाहनों में उपलब्ध सुरक्षा मानकों जैसे अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन खिड़की, फर्स्ट-एड बॉक्स, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर आदि की जानकारी भी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। यह व्यवस्था सभी प्रकार के वाहनों पर लागू होगी, जिनमें विद्यालय के नाम से पंजीकृत वाहन, विद्यालय द्वारा अनुबंधित वाहन तथा अभिभावकों द्वारा संचालित वाहन शामिल हैं। विद्यालय प्रबंधन को पोर्टल पर शपथपत्र भी अपलोड करना होगा कि उनके विद्यालय में संचालित सभी वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं। जिन विद्यालयों में स्कूली वाहन संचालित नहीं हैं, उन्हें भी पोर्टल पर “विद्यालय में कोई वाहन संचालित नहीं है” की सूचना दर्ज करना अनिवार्य होगा। अभिभावकों की सुविधा के लिए पोर्टल पर “Know Your Bus” सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिसके माध्यम से अभिभावक यह सत्यापित कर सकेंगे कि उनके बच्चों को ले जाने वाला वाहन निर्धारित नियमों का पालन कर रहा है या नहीं। साथ ही चालक अथवा परिचालक के व्यवहार संबंधी शिकायतें भी ऑनलाइन दर्ज की जा सकेंगी। पोर्टल की मॉनिटरिंग प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, सम्भागीय परिवहन अधिकारी, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं अपर जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा अपनी लॉगिन आईडी से की जाएगी किसी वाहन में कमी पाए जाने पर पोर्टल पर रेड फ्लैग के माध्यम से चेतावनी प्रदर्शित होगी। परिवहन विभाग द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान तहसीलवार विशेष शिविर आयोजित कर स्कूली वाहनों का भौतिक एवं तकनीकी निरीक्षण तथा चालक एवं परिचालकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण भी कराया जाएगा, जिससे स्कूली वाहनों का संचालन सुरक्षित एवं सुगम बनाया जा सके। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी ने सभी विद्यालय प्रबंधनों से अपील की है कि निर्धारित अवधि 01 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के मध्य अभियान को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करते हुए पोर्टल पर सभी सूचनाएं समय से अपलोड करना सुनिश्चित करें।
- 🔵 प्रभारी मंत्री बोले-भारत युद्ध का नहीं, बुद्ध का देश 🔴 युगान्धर टाइम्स व्यूरो कुशीनगर। बुद्धनगरी में तीन दिवसीय इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव 2026 का शुभारंभ महापरिनिर्वाण मंदिर परिसर में पारंपरिक बौद्ध वंदना के साथ हुआ। देश-विदेश से आए भिक्षुओं, विद्वानों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को वैश्विक स्वरूप दे दिया। कार्यक्रम का श्रीगणेश प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन कुशीनगर को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध एवं पसांस्कृतिक केंद्र बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। “भारत युद्ध का नहीं, बुद्ध का देश है,” कहते हुए उन्होंने शांति मार्ग के संदेश को विश्व तक पहुंचाने पर जोर दिया। महावीर जयंती के अवसर पर बौद्ध और जैन दर्शन के संगम को उन्होंने भारतीय संस्कृति की विशेषता बताया। साथ ही कहा कि इस कॉन्क्लेव से न केवल आध्यात्मिक विमर्श होगा, बल्कि पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि बौद्ध दर्शन, शांति और वैश्विक सहयोग पर चर्चा करेंगे। यह आयोजन कुशीनगर को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- Post by Mantosh Jaiswal4
- कुशीनगर की पावन धरती पर तीन दिवसीय इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव 2026 का मंगलवार को भव्य शुभारंभ हुआ। महापरिनिर्वाण मंदिर परिसर में पारंपरिक बौद्ध वंदना के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया, जिसमें देश-विदेश से आए बौद्ध भिक्षु, श्रद्धालु और अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।3
- Breaking - कुशीनगर - तीन दिवसीय इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कांक्लेव का .हुआ आगाज - प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया शुभारंभ . - उत्तर प्रदेश संस्कृति एवं पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित है कार्यक्रम - बुद्धिस्ट देश के लगभग 300 प्रतिनिधि ले रहे हैं - भगवान बुद्ध के सिद्धांतों उनके जीवन पर होगा गहन मंथन - उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने कहा विश्व को युद्ध की नहीं बुद्ध की है आवश्यकता - थाईलैंड जापान म्यांमार बर्मा सहित कई बुद्धिस्ट देशों ने लगाई है प्रदर्शनी - अतिथियों ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन - महापरिनिर्वाण मंदिर परिसर में हुआ उद्घाटन4
- विकास खंड विशुनपुरा के किंदर पट्टी बाजार स्थित शिव मंदिर पर शिवरात्रि के दिन मेला लगता है। सावन में यहां श्रद्धालू बाबा का जलाभिशेष करते है।1
- Post by धर्मेंद्र गुप्ता1
- Post by Mantosh Jaiswal3
- 🔴नियम तोड़कर दुकान शिफ्ट कराने की साजिश 🔴मंदिर से दूरी नियम का उल्लंघन, राजनीतिक दबाव का आरोप 🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो कुशीनगर। जनपद में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पडरौना क्षेत्र में शराब की दुकान के स्थानांतरण को लेकर उठे विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले में एक अनुज्ञापी ने जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए न सिर्फ नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है, बल्कि राजनीतिक दबाव में फैसले होने की आशंका भी जताई है। पडरौना दुकान संख्या-2 (शॉप आईडी 4890) के अनुज्ञापी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने शिकायती पत्र में कहा है कि पडरौना दुकान संख्या- 1 (शॉप आईडी 4834) की दुकान को 1 अप्रैल 2026 से निर्धारित चौहद्दी को तोड़कर उनके क्षेत्र में शिफ्ट करने की कोशिश की जा रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने विभाग की नवनीकरण नीति के तहत सभी नियमों का पालन करते हुए लाइसेंस नवीनीकरण कराया, लेकिन अब उसी नियम को ताक पर रखकर दूसरे को लाभ पहुंचाने की तैयारी चल रही है। शिकायत में इस पूरे प्रकरण को सीधे उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1910 की धारा 60 का उल्लंघन बताया गया है।इस धारा के तहत चौहद्दी का उल्लंघन न केवल अवैध है, बल्कि लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या विभाग खुद ही अपने बनाए नियमों को धता बता रहा है? 🔴मंदिर के पास शराब दुकान? नियम ध्वस्त मामले का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि जिस स्थान पर दुकान शिफ्ट की जा रही है, वहां से मात्र 48.5 मीटर दूरी पर मंदिर स्थित है, जबकि नियमानुसार कम से कम 75 मीटर दूरी अनिवार्य है।यानी न सिर्फ चौहद्दी, बल्कि धार्मिक स्थल से दूरी के नियमों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है जो सामाजिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से गंभीर मामला है। 🔴 दबाव में निर्णय का आरोप लाइसेंसी अनुज्ञापी जितेंद्र का आरोप है कि आबकारी निरीक्षक ने स्वयं टेलिफोनिक बातचीत में ऊपर से दबाव की बात कही है। शिकायत में स्थानीय विधायक के भाई संतोष जायसवाल का नाम लेते हुए कहा गया है कि निजी जमीन पर दुकान शिफ्ट कर किराये का लाभ लेने के लिए पूरा खेल खेला जा रहा है। अगर यह आरोप सही हैं, तो यह मामला सिर्फ नियम उल्लंघन नहीं, बल्कि सत्ता के प्रभाव में सिस्टम झुकने का संकेत भी है। 🔴79 लाख का सवाल कौन देगा जवाब? पीडित का कहना है कि कुल: ₹78,51,000 लाइसेंस फीस, ₹50,000 प्रोसेसिंग फीस, ₹90,000 नवनीकरण शुल्क जमा किए हैं।ऐसे में अगर नियमों को दरकिनार कर दूसरी दुकान को उसके क्षेत्र में खोला जाता है तो उसका पूरा निवेश खतरे में पड़ जाएगा। यह सीधे-सीधे आर्थिक शोषण जैसा मामला बन सकता है। 🔴न्याय नहीं मिला तो हाईकोर्ट जाएंगे शिकायत का साफ तौर पर चेतावनी है कि प्रशासन द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, तो वह उच्च न्यायालय की शरण लेने के लिए बाध्य होगा। साथ ही उसने यह भी कहा है कि मानसिक और आर्थिक नुकसान की पूरी जिम्मेदारी आबकारी विभाग की होगी। इस पूरे मामले में नजर जिलाधिकारी की कार्रवाई पर टिकी हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या तय चौहद्दी का पालन कराया जाएगा?क्या नियमों के उल्लंघन पर रोक लगेगी?या फिर दबाव के आगे सिस्टम झुक जाएगा?1
- कुशीनगर। प्रदेश सरकार किसानों को मजबूत बनाने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। कैबिनेट मंत्री Surya Pratap Shahi ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 11 लाख 25 हजार किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही किसानों के खातों में 314 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि अनुदान के रूप में सीधे भेजी गई है। उन्होंने बताया कि चालू वर्ष में भी सरकार का प्रयास किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने का है। इसी क्रम में 12 लाख 73 हजार किसानों को 54,847 क्विंटल बीज निःशुल्क वितरित किया गया है। सरकार की इस पहल से किसानों को खेती की लागत में कमी आएगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1