logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

हिमाचल में 16 अगस्त तक एक्टिव रहेगा मानसून: मौसम विज्ञान केंद्र ने जारी किया ऑरेंज और येलो अलर्ट, नदी-नालों से दूर रहने की हिदायत ​शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वरिष्ठ विज्ञानी संदीप शर्मा ने प्रदेश के मौसम का विस्तृत अपडेट साझा करते हुए बताया है कि 16 अगस्त तक पूरे राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ​बीते 24 घंटों के दौरान पूरे राज्य में मानसून सक्रिय रहा, जिससे अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम तथा कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। चंबा जिले के चौड़ी (Chowari) में सबसे अधिक 95 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा धर्मशाला, पालमपुर सहित कांगड़ा, कुल्लू और सिरमौर के विभिन्न हिस्सों में भी भारी पानी बरसा है। वर्तमान में शिमला, सिरमौर, चंबा, कांगड़ा, मंडी और कुल्लू में बादलों के साथ बारिश का दौर लगातार जारी है। ​आगामी दिनों के पूर्वानुमान की जानकारी देते हुए विज्ञानी संदीप शर्मा ने बताया कि आज चंबा, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मंडी और शिमला जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट है। इसके बाद 12 और 13 अगस्त को बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आएगी और इस दौरान चंबा, कांगड़ा तथा मंडी में कहीं-कहीं भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। हालांकि, 14 से 16 अगस्त के दौरान मौसम प्रणाली एक बार फिर मजबूत होगी, जिससे पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां बढ़ेंगी। विशेषकर 14 और 15 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी वर्षा का नया दौर देखने को मिलेगा। ​मानसून सीजन (1 जून से 11 अगस्त) के कुल आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश भर में अब तक की कुल बारिश सामान्य से 7% कम दर्ज की गई है। हमीरपुर, लाहौल-स्पीति और मंडी में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जबकि शेष 9 जिलों में बारिश सामान्य या उससे अधिक रही है। खासकर कुल्लू, शिमला और किन्नौर जिलों में सामान्य से लगभग 26% से 28% तक अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। बारिश के इस दौर के चलते बीते 24 घंटों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। वर्तमान में शिमला में तापमान 20-22 डिग्री सेल्सियस, सोलन में 26 डिग्री, धर्मशाला में 28 डिग्री तथा कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी व ऊना में 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है, जबकि सबसे अधिक तापमान बजौरा में 32.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। ​प्रशासन और मौसम विभाग ने मौजूदा हालातों को देखते हुए कड़ी सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। भारी बारिश के कारण प्रमुख नदियों और स्थानीय खड्डों-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए आम जनता व पर्यटकों को जल स्रोतों के पास न जाने की सख्त सलाह दी गई है। इसके अलावा, सोलन, शिमला और सिरमौर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में निचले बादलों (low clouds) के कारण दृश्यता (visibility) काफी कम रहेगी, जिससे वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। भूस्खलन (landslide) संभावित क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले सड़कों की स्थिति की पुख्ता जानकारी लेने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

14 hrs ago
user_Roshan Sharma
Roshan Sharma
Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
14 hrs ago

हिमाचल में 16 अगस्त तक एक्टिव रहेगा मानसून: मौसम विज्ञान केंद्र ने जारी किया ऑरेंज और येलो अलर्ट, नदी-नालों से दूर रहने की हिदायत ​शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वरिष्ठ विज्ञानी संदीप शर्मा ने प्रदेश के मौसम का विस्तृत अपडेट साझा करते हुए बताया है कि 16 अगस्त तक पूरे राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ​बीते 24 घंटों के दौरान पूरे राज्य में मानसून सक्रिय रहा, जिससे अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम तथा कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। चंबा जिले के चौड़ी (Chowari) में सबसे अधिक 95 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा धर्मशाला, पालमपुर सहित कांगड़ा, कुल्लू और सिरमौर के विभिन्न हिस्सों में भी भारी पानी बरसा है। वर्तमान में शिमला, सिरमौर, चंबा, कांगड़ा, मंडी और कुल्लू में बादलों के साथ बारिश का दौर लगातार जारी है। ​आगामी दिनों के पूर्वानुमान की जानकारी देते हुए विज्ञानी संदीप शर्मा ने बताया कि आज चंबा, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मंडी और शिमला जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट है। इसके बाद 12 और 13 अगस्त को बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आएगी और इस दौरान चंबा, कांगड़ा तथा मंडी में कहीं-कहीं भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। हालांकि, 14 से 16 अगस्त के दौरान मौसम प्रणाली एक बार फिर मजबूत होगी, जिससे पूरे प्रदेश में

मानसूनी गतिविधियां बढ़ेंगी। विशेषकर 14 और 15 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी वर्षा का नया दौर देखने को मिलेगा। ​मानसून सीजन (1 जून से 11 अगस्त) के कुल आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश भर में अब तक की कुल बारिश सामान्य से 7% कम दर्ज की गई है। हमीरपुर, लाहौल-स्पीति और मंडी में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जबकि शेष 9 जिलों में बारिश सामान्य या उससे अधिक रही है। खासकर कुल्लू, शिमला और किन्नौर जिलों में सामान्य से लगभग 26% से 28% तक अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। बारिश के इस दौर के चलते बीते 24 घंटों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। वर्तमान में शिमला में तापमान 20-22 डिग्री सेल्सियस, सोलन में 26 डिग्री, धर्मशाला में 28 डिग्री तथा कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी व ऊना में 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है, जबकि सबसे अधिक तापमान बजौरा में 32.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। ​प्रशासन और मौसम विभाग ने मौजूदा हालातों को देखते हुए कड़ी सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। भारी बारिश के कारण प्रमुख नदियों और स्थानीय खड्डों-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए आम जनता व पर्यटकों को जल स्रोतों के पास न जाने की सख्त सलाह दी गई है। इसके अलावा, सोलन, शिमला और सिरमौर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में निचले बादलों (low clouds) के कारण दृश्यता (visibility) काफी कम रहेगी, जिससे वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। भूस्खलन (landslide) संभावित क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले सड़कों की स्थिति की पुख्ता जानकारी लेने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

More news from Himachal Pradesh and nearby areas
  • पेट्रोल-डीजल सेस पर विक्रमादित्य सिंह का BJP पर पलटवार, E-20 पेट्रोल को लेकर केंद्र पर उठाए सवाल पेट्रोल-डीजल सेस पर विक्रमादित्य सिंह का BJP पर पलटवार, E-20 पेट्रोल को लेकर केंद्र पर उठाए सवाल
    1
    पेट्रोल-डीजल सेस पर विक्रमादित्य सिंह का BJP पर पलटवार, E-20 पेट्रोल को लेकर केंद्र पर उठाए सवाल
पेट्रोल-डीजल सेस पर विक्रमादित्य सिंह का BJP पर पलटवार, E-20 पेट्रोल को लेकर केंद्र पर उठाए सवाल
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter Shimla ( Rural ), Himachal Pradesh•
    2 hrs ago
  • हिमाचल में 16 अगस्त तक एक्टिव रहेगा मानसून: मौसम विज्ञान केंद्र ने जारी किया ऑरेंज और येलो अलर्ट, नदी-नालों से दूर रहने की हिदायत ​शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वरिष्ठ विज्ञानी संदीप शर्मा ने प्रदेश के मौसम का विस्तृत अपडेट साझा करते हुए बताया है कि 16 अगस्त तक पूरे राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ​बीते 24 घंटों के दौरान पूरे राज्य में मानसून सक्रिय रहा, जिससे अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम तथा कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। चंबा जिले के चौड़ी (Chowari) में सबसे अधिक 95 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा धर्मशाला, पालमपुर सहित कांगड़ा, कुल्लू और सिरमौर के विभिन्न हिस्सों में भी भारी पानी बरसा है। वर्तमान में शिमला, सिरमौर, चंबा, कांगड़ा, मंडी और कुल्लू में बादलों के साथ बारिश का दौर लगातार जारी है। ​आगामी दिनों के पूर्वानुमान की जानकारी देते हुए विज्ञानी संदीप शर्मा ने बताया कि आज चंबा, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मंडी और शिमला जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट है। इसके बाद 12 और 13 अगस्त को बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आएगी और इस दौरान चंबा, कांगड़ा तथा मंडी में कहीं-कहीं भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। हालांकि, 14 से 16 अगस्त के दौरान मौसम प्रणाली एक बार फिर मजबूत होगी, जिससे पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां बढ़ेंगी। विशेषकर 14 और 15 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी वर्षा का नया दौर देखने को मिलेगा। ​मानसून सीजन (1 जून से 11 अगस्त) के कुल आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश भर में अब तक की कुल बारिश सामान्य से 7% कम दर्ज की गई है। हमीरपुर, लाहौल-स्पीति और मंडी में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जबकि शेष 9 जिलों में बारिश सामान्य या उससे अधिक रही है। खासकर कुल्लू, शिमला और किन्नौर जिलों में सामान्य से लगभग 26% से 28% तक अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। बारिश के इस दौर के चलते बीते 24 घंटों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। वर्तमान में शिमला में तापमान 20-22 डिग्री सेल्सियस, सोलन में 26 डिग्री, धर्मशाला में 28 डिग्री तथा कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी व ऊना में 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है, जबकि सबसे अधिक तापमान बजौरा में 32.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। ​प्रशासन और मौसम विभाग ने मौजूदा हालातों को देखते हुए कड़ी सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। भारी बारिश के कारण प्रमुख नदियों और स्थानीय खड्डों-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए आम जनता व पर्यटकों को जल स्रोतों के पास न जाने की सख्त सलाह दी गई है। इसके अलावा, सोलन, शिमला और सिरमौर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में निचले बादलों (low clouds) के कारण दृश्यता (visibility) काफी कम रहेगी, जिससे वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। भूस्खलन (landslide) संभावित क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले सड़कों की स्थिति की पुख्ता जानकारी लेने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
    2
    हिमाचल में 16 अगस्त तक एक्टिव रहेगा मानसून: मौसम विज्ञान केंद्र ने जारी किया ऑरेंज और येलो अलर्ट, नदी-नालों से दूर रहने की हिदायत
​शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वरिष्ठ विज्ञानी संदीप शर्मा ने प्रदेश के मौसम का विस्तृत अपडेट साझा करते हुए बताया है कि 16 अगस्त तक पूरे राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
​बीते 24 घंटों के दौरान पूरे राज्य में मानसून सक्रिय रहा, जिससे अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम तथा कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। चंबा जिले के चौड़ी (Chowari) में सबसे अधिक 95 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा धर्मशाला, पालमपुर सहित कांगड़ा, कुल्लू और सिरमौर के विभिन्न हिस्सों में भी भारी पानी बरसा है। वर्तमान में शिमला, सिरमौर, चंबा, कांगड़ा, मंडी और कुल्लू में बादलों के साथ बारिश का दौर लगातार जारी है।
​आगामी दिनों के पूर्वानुमान की जानकारी देते हुए विज्ञानी संदीप शर्मा ने बताया कि आज चंबा, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मंडी और शिमला जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट है। इसके बाद 12 और 13 अगस्त को बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आएगी और इस दौरान चंबा, कांगड़ा तथा मंडी में कहीं-कहीं भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। हालांकि, 14 से 16 अगस्त के दौरान मौसम प्रणाली एक बार फिर मजबूत होगी, जिससे पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां बढ़ेंगी। विशेषकर 14 और 15 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी वर्षा का नया दौर देखने को मिलेगा।
​मानसून सीजन (1 जून से 11 अगस्त) के कुल आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश भर में अब तक की कुल बारिश सामान्य से 7% कम दर्ज की गई है। हमीरपुर, लाहौल-स्पीति और मंडी में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जबकि शेष 9 जिलों में बारिश सामान्य या उससे अधिक रही है। खासकर कुल्लू, शिमला और किन्नौर जिलों में सामान्य से लगभग 26% से 28% तक अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। बारिश के इस दौर के चलते बीते 24 घंटों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। वर्तमान में शिमला में तापमान 20-22 डिग्री सेल्सियस, सोलन में 26 डिग्री, धर्मशाला में 28 डिग्री तथा कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी व ऊना में 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है, जबकि सबसे अधिक तापमान बजौरा में 32.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।
​प्रशासन और मौसम विभाग ने मौजूदा हालातों को देखते हुए कड़ी सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। भारी बारिश के कारण प्रमुख नदियों और स्थानीय खड्डों-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए आम जनता व पर्यटकों को जल स्रोतों के पास न जाने की सख्त सलाह दी गई है। इसके अलावा, सोलन, शिमला और सिरमौर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में निचले बादलों (low clouds) के कारण दृश्यता (visibility) काफी कम रहेगी, जिससे वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। भूस्खलन (landslide) संभावित क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले सड़कों की स्थिति की पुख्ता जानकारी लेने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    14 hrs ago
  • मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि के तहत 1,500 मछुआरों को 3,500 रुपये प्रति लाभार्थी हस्तांतरित मछुआरा समितियों पर लगाया गया जुर्माना माफ, कोल्ड स्टोरेज पर सब्सिडी बढ़ाकर 80 प्रतिशत की बिलासपुर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज बिलासपुर जिला के झंडूता विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना के तहत बिलासपुर जिला के 1,500 मछुआरों को 3,500 रुपये प्रति लाभार्थी की दर से कुल 52.50 लाख रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की। उन्होंने मछुआरा समितियों पर लगाए गए पांच गुना जुर्माने को माफ करने तथा कोल्ड स्टोरेज इकाइयां स्थापित करने के लिए दी जाने वाली सब्सिडी को 70 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने की घोषणा भी की। उन्होंने पूरे प्रदेश में मछुआरों को लाइफ जैकेट उपलब्ध करवाने के लिए 50 लाख रुपये तथा मछुआरों के लिए लैंडिंग सुविधाएं विकसित करने के लिए 10 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, झंडूता विधानसभा क्षेत्र में 10 संपर्क सड़कों के निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए प्रत्येक सड़क के लिए 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने राजकीय स्नातक महाविद्यालय झंडूता में बीसीए और बीबीए कक्षाएं शुरू करने की घोषणा भी की। इस अवसर पर धराडसानी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जन आकांक्षाओं को सुनना और उसी के अनुरूप नीतियां बनाना ही ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का वास्तविक सार व ध्येय है। उन्होंने कहा कि एक साधारण परिवार से मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचने के कारण वह आम लोगों के सामने आने वाली कठिनाइयों को समझते हैं। उन्होंने कहा कि मछुआरों की कड़ी मेहनत और उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने उनके कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। श्री सुक्खू ने कहा कि जलाशयों से पकड़ी जाने वाली मछली पर रॉयल्टी वित्त वर्ष 2025-26 में 15 प्रतिशत से घटाकर 7.50 प्रतिशत की गई थी और अब इसे और घटाकर केवल एक प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्पादित मछलियों को दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख बाजारों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार रेफ्रिजरेटेड वाहनों की खरीद पर 70 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि मछुआरों को बेहतर और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रमुखता से कार्य कर रही है। इस दिशा में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है ताकि लोगों को अपने गांवों में ही आजीविका के साधन उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान हिमाचल प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में देश में 21वें स्थान पर खिसक गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के दृढ़ प्रयासों के कारण हिमाचल प्रदेश अब विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के मामले में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से 150 सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी विद्यालयों में बच्चों के दाखिले में लगभग 24,000 की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने दूध के दाम और प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि वनों को विस्तार प्रदान करने और पौधरोपण के लिए महिला मंडलों एवं युवक मंडलों को भी वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का ध्येय है कि गांवों में रहने वाले लोग अपने गांवों में ही आजीविका कमाएं और आय अर्जित करें। श्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद किया है। सरकार के प्रयासों से बचाए गए धन का उपयोग मछुआरों के कल्याण तथा निराश्रित और अन्य जरूरतमंद बच्चों की उच्च शिक्षा को सहायता प्रदान करने वाली योजनाओं को लागू करने में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को केवल एक प्रतिशत ब्याज दर पर शिक्षा ऋण भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एम्स नई दिल्ली की तर्ज पर प्रदेश के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी सहित उन्नत चिकित्सा सुविधाएं लोगों को अब प्रदेश में ही उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रदेश सरकार आपदा प्रभावित परिवारों को अपने संसाधनों से आठ लाख रुपये की सहायता भी प्रदान कर रही है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि जनता के धन का उपयोग लोगों के कल्याण के लिए हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने भ्रष्टाचार द्वारा संपत्ति अर्जित की है तो सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी। उन्होंने लोगों से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करने का भी आह्वान किया। श्री सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और समाज के अन्य वर्गों के हित में कई निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली भी ऐसा ही एक निर्णय है, जिसे किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं लिया गया, बल्कि इस निर्णय के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि वृद्धावस्था में कर्मचारी सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करें। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में पुरानी पेंशन योजना समाप्त कर दी गई है, लेकिन हमने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में इसे बहाल किया। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि आज का दिन प्रदेश में मछुआरों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और मुख्यमंत्री के संवेदनशील दृष्टिकोण से मछुआरा समुदाय के कल्याण के लिए अनेक महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के उपरांत ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एक अनाथालय का दौरा कर उन बच्चों की आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अपना पहला ही निर्णय निराश्रित बच्चों के कल्याण की दिशा में लिया। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्णय आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं और ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के नारे को वास्तविक अर्थ दे रहे हैं। राजेश धर्माणी ने कहा कि भाजपा ने निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया, लेकिन जनता के आशीर्वाद से कांग्रेस विधायकों की संख्या एक बार फिर 40 हो गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं, जिससे उन्हें भारी जन समर्थन मिल रहा है। किशाऊ बांध परियोजना का उल्लेख करते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में राज्य को अनुमानित लगभग 600 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व प्राप्त होने का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होती, तो राज्य को डबल नुकसान उठाना पड़ता। पूर्व मंत्री, राम लाल ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार 6,000 से अधिक मछुआरों के हितों का ध्यान रख रही है और उनके कल्याण के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला के विकास में कांग्रेस पार्टी की सरकार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पूर्व विधायक, बंबर ठाकुर ने कहा कि भाजपा के सत्ता में लौटने की उम्मीदें पूरी नहीं होंगी और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार प्रदेश में दोबारा सत्तासीन होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता झूठ को सच के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की यह जिम्मेदारी है कि वे सच्चाई को सामने रखें तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और उपलब्धियों को हर घर तक पहुंचाएं। झंडूता से कांग्रेस प्रत्याशी विवेक कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ऐसे वर्ग के लिए योजनाएं तैयार की हैं, जिनको पिछली सरकारों ने हाशिए पर रखा। उन्होंने कहा कि बिलासपुर अपने गठन के बाद से ही विस्थापन का दर्द झेलता रहा है। उन्होंने मछुआरा समुदाय की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी कठिनाइयों को समझा और उन मांगों का समाधान किया, जो चार से पांच दशकों से लंबित थीं। इस अवसर पर पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा और बीरू राम किशोर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष तृप्ता ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, गुड़िया सक्षम बोर्ड की अध्यक्ष अरुणा महाजन, सचिव मत्स्य प्रियंका बसु इंग्टी, उपायुक्त राहुल कुमार और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
    4
    मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि के तहत 1,500 मछुआरों को 3,500 रुपये प्रति लाभार्थी हस्तांतरित
मछुआरा समितियों पर लगाया गया जुर्माना माफ, कोल्ड स्टोरेज पर सब्सिडी बढ़ाकर 80 प्रतिशत की

बिलासपुर 
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज बिलासपुर जिला के झंडूता विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना के तहत बिलासपुर जिला के 1,500 मछुआरों को 3,500 रुपये प्रति लाभार्थी की दर से कुल 52.50 लाख रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की। उन्होंने मछुआरा समितियों पर लगाए गए पांच गुना जुर्माने को माफ करने तथा कोल्ड स्टोरेज इकाइयां स्थापित करने के लिए दी जाने वाली सब्सिडी को 70 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने की घोषणा भी की। उन्होंने पूरे प्रदेश में मछुआरों को लाइफ जैकेट उपलब्ध करवाने के लिए 50 लाख रुपये तथा मछुआरों के लिए लैंडिंग सुविधाएं विकसित करने के लिए 10 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, झंडूता विधानसभा क्षेत्र में 10 संपर्क सड़कों के निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए प्रत्येक सड़क के लिए 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने राजकीय स्नातक महाविद्यालय झंडूता में बीसीए और बीबीए कक्षाएं शुरू करने की घोषणा भी की।
इस अवसर पर धराडसानी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जन आकांक्षाओं को सुनना और उसी के अनुरूप नीतियां बनाना ही ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का वास्तविक सार व ध्येय है। उन्होंने कहा कि एक साधारण परिवार से मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचने के कारण वह आम लोगों के सामने आने वाली कठिनाइयों को समझते हैं। उन्होंने कहा कि मछुआरों की कड़ी मेहनत और उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने उनके कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
श्री सुक्खू ने कहा कि जलाशयों से पकड़ी जाने वाली मछली पर रॉयल्टी वित्त वर्ष 2025-26 में 15 प्रतिशत से घटाकर 7.50 प्रतिशत की गई थी और अब इसे और घटाकर केवल एक प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्पादित मछलियों को दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख बाजारों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार रेफ्रिजरेटेड वाहनों की खरीद पर 70 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि मछुआरों को बेहतर और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रमुखता से कार्य कर रही है। इस दिशा में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है ताकि लोगों को अपने गांवों में ही आजीविका के साधन उपलब्ध हों। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान हिमाचल प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में देश में 21वें स्थान पर खिसक गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के दृढ़ प्रयासों के कारण हिमाचल प्रदेश अब विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के मामले में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से 150 सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी विद्यालयों में बच्चों के दाखिले में लगभग 24,000 की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने दूध के दाम और प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि वनों को विस्तार प्रदान करने और पौधरोपण के लिए महिला मंडलों एवं युवक मंडलों को भी वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का ध्येय है कि गांवों में रहने वाले लोग अपने गांवों में ही आजीविका कमाएं और आय अर्जित करें।
श्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद किया है। सरकार के प्रयासों से बचाए गए धन का उपयोग मछुआरों के कल्याण तथा निराश्रित और अन्य जरूरतमंद बच्चों की उच्च शिक्षा को सहायता प्रदान करने वाली योजनाओं को लागू करने में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को केवल एक प्रतिशत ब्याज दर पर शिक्षा ऋण भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एम्स नई दिल्ली की तर्ज पर प्रदेश के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी सहित उन्नत चिकित्सा सुविधाएं लोगों को अब प्रदेश में ही उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रदेश सरकार आपदा प्रभावित परिवारों को अपने संसाधनों से आठ लाख रुपये की सहायता भी प्रदान कर रही है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि जनता के धन का उपयोग लोगों के कल्याण के लिए हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने भ्रष्टाचार द्वारा संपत्ति अर्जित की है तो सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी। उन्होंने लोगों से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करने का भी आह्वान किया।
श्री सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और समाज के अन्य वर्गों के हित में कई निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली भी ऐसा ही एक निर्णय है, जिसे किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं लिया गया, बल्कि इस निर्णय के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि वृद्धावस्था में कर्मचारी सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करें। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में पुरानी पेंशन योजना समाप्त कर दी गई है, लेकिन हमने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में इसे बहाल किया। 
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि आज का दिन प्रदेश में मछुआरों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और मुख्यमंत्री के संवेदनशील दृष्टिकोण से मछुआरा समुदाय के कल्याण के लिए अनेक महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के उपरांत ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एक अनाथालय का दौरा कर उन बच्चों की आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अपना पहला ही निर्णय निराश्रित बच्चों के कल्याण की दिशा में लिया। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्णय आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं और ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के नारे को वास्तविक अर्थ दे रहे हैं।
राजेश धर्माणी ने कहा कि भाजपा ने निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया, लेकिन जनता के आशीर्वाद से कांग्रेस विधायकों की संख्या एक बार फिर 40 हो गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं, जिससे उन्हें भारी जन समर्थन मिल रहा है। किशाऊ बांध परियोजना का उल्लेख करते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में राज्य को अनुमानित लगभग 600 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व प्राप्त होने का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होती, तो राज्य को डबल नुकसान उठाना पड़ता।
पूर्व मंत्री, राम लाल ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार 6,000 से अधिक मछुआरों के हितों का ध्यान रख रही है और उनके कल्याण के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला के विकास में कांग्रेस पार्टी की सरकार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
पूर्व विधायक, बंबर ठाकुर ने कहा कि भाजपा के सत्ता में लौटने की उम्मीदें पूरी नहीं होंगी और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार प्रदेश में दोबारा सत्तासीन होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता झूठ को सच के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की यह जिम्मेदारी है कि वे सच्चाई को सामने रखें तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और उपलब्धियों को हर घर तक पहुंचाएं।
झंडूता से कांग्रेस प्रत्याशी विवेक कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ऐसे वर्ग के लिए योजनाएं तैयार की हैं, जिनको पिछली सरकारों ने हाशिए पर रखा। उन्होंने कहा कि बिलासपुर अपने गठन के बाद से ही विस्थापन का दर्द झेलता रहा है। उन्होंने मछुआरा समुदाय की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी कठिनाइयों को समझा और उन मांगों का समाधान किया, जो चार से पांच दशकों से लंबित थीं।
इस अवसर पर पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा और बीरू राम किशोर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष तृप्ता ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, गुड़िया सक्षम बोर्ड की अध्यक्ष अरुणा महाजन, सचिव मत्स्य प्रियंका बसु इंग्टी, उपायुक्त राहुल कुमार और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
    user_Inform News
    Inform News
    Press advisory बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • 🚨 पूरे हिमाचल में नशे के कारोबारियों पर कसेगा शिकंजा! 🔥 👥 हर पंचायत से जुड़ेंगे सदस्य 💪 नशे के खिलाफ बनेगी मजबूत संस्था 🚫 नशा मुक्त हिमाचल का संकल्प! 🏔️🇮🇳 Dk News Nalagarh Reg. No. HPCD-15961 AADARSH PATRON-IN-CHIEF Bawa Hardeep Singh MLA Nalagarh Asocation For AntiDrug Abuse, Rehabilitation and Sariour of Humanity HIMACHAL PRADESH STATE PRESIDENT Amarieet Singh Parmal BBN IN-CHARGE Sandeep Singh Saini 8 9 10 12 13. 14. BRAND AMBASSADOR BBN IN-CHARGE SR. VICE PRESIDENT VICE PRESIDENT CHIEF ADVISOR CHIEF ORGANISING SECRETARY GENERAL SECRETARY JOINT SECRETARY ASSISTANT SECRETARY CHIEF PRESS SECRETARY PRESS SECRETARY TREASURER CHIEF LEGAL ADVISOR LEGAL ADVISOR Jasvir Singh Ex Army Retd.| Current Sports Coach Sandeep Singh Saini Ajay Kumar Pritpal Singh Ajay Sharma Vijay Kumar Aman Gupta Daksh Raj Sharma Rahul Kaushik Ajay Rattan Jarnail Singh Dinesh Sharma Priyam Sharma Abhijeet Thakur Sandeep Singh Saini BBN IN-CHARGE Reg, Ofice: H.No. 1850/7, Near Shiv Mandir, Pucca Tank, Nahan (H.P)
    1
    🚨 पूरे हिमाचल में नशे के कारोबारियों पर कसेगा शिकंजा! 🔥
👥 हर पंचायत से जुड़ेंगे सदस्य
💪 नशे के खिलाफ बनेगी मजबूत संस्था
🚫 नशा मुक्त हिमाचल का संकल्प! 🏔️🇮🇳
Dk News Nalagarh
Reg. No. HPCD-15961
AADARSH
PATRON-IN-CHIEF
Bawa Hardeep Singh
MLA Nalagarh
Asocation For AntiDrug Abuse, Rehabilitation and Sariour of Humanity
HIMACHAL PRADESH
STATE PRESIDENT
Amarieet Singh Parmal
BBN IN-CHARGE
Sandeep Singh Saini
8
9
10
12
13.
14.
BRAND AMBASSADOR
BBN IN-CHARGE
SR. VICE PRESIDENT
VICE PRESIDENT
CHIEF ADVISOR
CHIEF ORGANISING SECRETARY
GENERAL SECRETARY
JOINT SECRETARY
ASSISTANT SECRETARY
CHIEF PRESS SECRETARY
PRESS SECRETARY
TREASURER
CHIEF LEGAL ADVISOR
LEGAL ADVISOR
Jasvir Singh
Ex Army Retd.| Current Sports Coach
Sandeep Singh Saini
Ajay Kumar
Pritpal Singh
Ajay Sharma
Vijay Kumar
Aman Gupta
Daksh Raj Sharma
Rahul Kaushik
Ajay Rattan
Jarnail Singh
Dinesh Sharma
Priyam Sharma
Abhijeet Thakur
Sandeep Singh Saini
BBN IN-CHARGE
Reg, Ofice: H.No. 1850/7, Near Shiv Mandir, Pucca Tank, Nahan (H.P)
    user_Dk News Nalagarh
    Dk News Nalagarh
    Local News Reporter पंजेहरा, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
  • भदोल गांव से काशी तक गौरव की गाथा—सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति को राष्ट्रीय स्तर पर मिला विशिष्ट सम्मान* *एनसीसी के गार्ड ऑफ *बिलासपुर की माटी के लाल प्रो. बिहारी लाल शर्मा को एनसीसी की मानद ‘कर्नल’ रैंक* *भदोल गांव से काशी तक गौरव की गाथा—सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति को राष्ट्रीय स्तर पर मिला विशिष्ट सम्मान* *एनसीसी के गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ अभिनन्दन; शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का सम्मान* बिलासपुर/झंडूत्ता/वाराणसी, 12 अगस्त। बिलासपुर की पावन धरती ने एक बार फिर हिमाचल प्रदेश का गौरव राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठित किया है। जिला बिलासपुर की तहसील झण्डूत्ता के ग्राम पंचायत रोहल के भदोल गांव में जन्मे और हिमाचल की संस्कारभूमि से निकलकर देश की प्राच्यविद्या एवं संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाने वाले *प्रो. बिहारी लाल शर्मा, कुलपति, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी** को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की प्रतिष्ठित *मानद ‘कर्नल’ रैंक* से अलंकृत किया गया है। यह सम्मान केवल प्रो. बिहारी लाल शर्मा की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भदोल गांव, रोहल पंचायत, झण्डूत्ता क्षेत्र, जिला बिलासपुर और समूचे हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव का विषय बन गया है। एक छोटे से हिमाचली गांव से अपनी जीवन-यात्रा आरम्भ कर देश के प्रतिष्ठित संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति पद तक पहुंचने और अब एनसीसी की मानद कर्नल रैंक से सम्मानित होने की उनकी उपलब्धि ने हिमाचल की प्रतिभा, संस्कार और कर्मनिष्ठा को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित किया है। राष्ट्रीय कैडेट कोर, ग्रुप मुख्यालय वाराणसी ‘बी’ द्वारा बुधवार को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक मुख्य भवन में आयोजित गरिमामय सम्मान एवं अलंकरण समारोह में ग्रुप कैप्टन विकास कुमार पांजियार ने प्रो. बिहारी लाल शर्मा को मानद कर्नल रैंक प्रदान की। सम्मान के उपरान्त एनसीसी कैडेट्स ने उन्हें भव्य *गार्ड ऑफ ऑनर* प्रदान कर सैन्य परम्परा के अनुरूप अभिनंदन किया। *भदोल की धरती से निकली प्रतिभा ने काशी में रचा नया अध्याय* प्रो. बिहारी लाल शर्मा का जन्म जिला बिलासपुर, तहसील झण्डूत्ता, ग्राम पंचायत रोहल के भदोल गांव में हुआ। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय ज्योरा से हुई और इसके बाद उन्होंने झण्ड़ूता राजकीय हाईस्कूल से मैट्रिक की शिक्षा प्राप्त की। हिमाचल की शान्त, सरल और संस्कारसमृद्ध ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर प्रो. शर्मा ने संस्कृत, ज्योतिष और भारतीय ज्ञान-परम्परा के क्षेत्र में उच्च शिक्षा एवं शोध की यात्रा आगे बढ़ाई। उनकी अकादमिक यात्रा उन्हें राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों तक ले गई और उन्होंने दीर्घकालीन अध्यापन, शोध एवं शैक्षणिक-प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन किया। वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति द्वारा उन्हें सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी का कुलपति नियुक्त किया गया। उन्होंने 22 अगस्त 2023 को कुलपति पद का कार्यभार ग्रहण किया। आज काशी जैसे विश्वविख्यात आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नगर में स्थित देश की प्रतिष्ठित संस्कृत शिक्षण संस्था का नेतृत्व करना और उसी अवधि में एनसीसी की *मानद कर्नल रैंक* से सम्मानित होना उनके शैक्षणिक नेतृत्व और राष्ट्रनिष्ठ दृष्टिकोण की विशिष्ट स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है। ‘*भदोल से काशी तक’—हिमाचल की संस्कारभूमि का राष्ट्रीय सम्मान* प्रो. बिहारी लाल शर्मा की उपलब्धि की सबसे विशेष बात यह है कि उनकी जीवन-यात्रा हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से गांव से आरम्भ होकर देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी तक पहुंची है। भदोल की माटी में प्रारम्भिक संस्कार प्राप्त करने वाले प्रो. शर्मा ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम, अध्ययनशीलता और कर्मनिष्ठा के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। अब एनसीसी की मानद कर्नल रैंक से अलंकृत होना इस गौरवगाथा में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जैसा है। ‘*यह सम्मान मेरा नहीं, विश्वविद्यालय की सामूहिक साधना का गौरव है*’ मानद कर्नल रैंक प्रदान किए जाने के अवसर पर भावुक एवं विनम्र स्वर में प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, वाराणसी ‘बी’ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए अत्यन्त गौरव और आत्मविभोर करने वाला क्षण है। उन्होंने कहा— “*यह सम्मान मेरा व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिवार की सामूहिक साधना, आचार्यों की तपःपूत परम्परा, विद्यार्थियों की प्रतिभा एवं परिश्रम तथा अधिकारियों-कर्मचारियों के समर्पण का गौरव है*।” उन्होंने कहा कि *मानद कर्नल की यह रैंक उनके लिए केवल एक सम्मान अथवा अलंकरण नहीं, बल्कि अनुशासन, राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति एक नवीन संकल्प है*। उन्होंने बाबा विश्वनाथ के श्रीचरणों में प्रार्थना करते हुए कहा कि इस दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा, गरिमा और समर्पण के साथ करने की शक्ति प्राप्त हो। *युवाओं में संस्कार और राष्ट्रनिष्ठा का निर्माण शिक्षा का मूल उद्देश्य* प्रो. शर्मा ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति और सबसे मूल्यवान पूंजी हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान अथवा उपाधि प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान के साथ चरित्र, अनुशासन, संस्कार, आत्मविश्वास, सेवा-भाव और राष्ट्रनिष्ठा का निर्माण करना भी है। उन्होंने कहा कि एनसीसी युवाओं के व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण तथा उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए तैयार करने का अत्यन्त प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की समृद्ध भारतीय ज्ञान-परम्परा और एनसीसी की अनुशासन, सेवा एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के समन्वय को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान-परम्परा केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि वर्तमान को दिशा और भविष्य को दृष्टि देने वाली जीवनदृष्टि है। युवाओं को अपनी संस्कृति, परम्परा और गौरवशाली विरासत से जोड़ते हुए उनमें आधुनिक ज्ञान, वैज्ञानिक दृष्टि, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का भाव विकसित करना समय की आवश्यकता है। *एनसीसी ग्रुप कैपटन ने कहा—अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सम्मान* एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, वाराणसी ‘बी’ के ग्रुप कैप्टन विकास कुमार पांजियार ने प्रो. शर्मा को मानद कर्नल रैंक प्रदान करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके नेतृत्व, अनुशासन, राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण और युवाओं के व्यक्तित्व-निर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का अभिनन्दन है। उन्होंने कहा कि एनसीसी केवल सैन्य प्रशिक्षण का माध्यम नहीं है। इसका व्यापक उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, आत्मविश्वास, सेवा-भाव, कर्तव्यबोध और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। *गार्ड ऑफ ऑनर से बढ़ी समारोह की गरिमा* मानद कर्नल रैंक प्रदान किए जाने के बाद एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रो. बिहारी लाल शर्मा को भव्य गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अनुशासित कदमताल, सैन्य परम्परा और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत वातावरण ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की। समारोह का प्रारम्भ वैदिक मन्त्रोच्चार एवं मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद दीपप्रज्ज्वलन, रैंक प्रदान, स्वस्तिवाचन तथा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं। लोकनृत्य और लोकगीत की प्रस्तुतियों ने समारोह में भारतीय संस्कृति की जीवंत छटा प्रस्तुत की। *शिक्षा और सैन्य अनुशासन का अद्भुत संगम* प्रो. बिहारी लाल शर्मा को प्रदान की गई मानद कर्नल रैंक का महत्व इस दृष्टि से भी विशेष है कि सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान-परम्परा, संस्कृत, दर्शन और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की प्रतिष्ठित संस्था है, जबकि एनसीसी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, सेवा और राष्ट्रनिष्ठा के संस्कार विकसित करने वाली राष्ट्रीय संस्था है। इन दोनों धाराओं का समन्वय युवा पीढ़ी के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा सकता है। प्रो. शर्मा ने विश्वविद्यालय में एनसीसी की गतिविधियों को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। *हिमाचल के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत* प्रो. बिहारी लाल शर्मा की उपलब्धि हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी संदेश लेकर आई है। भदोल जैसे ग्रामीण परिवेश से प्रारम्भ हुई उनकी यात्रा यह प्रमाणित करती है कि प्रतिभा को यदि परिश्रम, संस्कार, अनुशासन और लक्ष्यबद्ध साधना का आधार मिल जाए तो भौगोलिक सीमाएं उसके मार्ग में बाधा नहीं बन सकतीं। बिलासपुर जिले के झण्डूत्ता क्षेत्र के भदोल गांव से निकलकर काशी की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था के कुलपति पद तक पहुंचना और अब राष्ट्रीय कैडेट कोर की मानद कर्नल रैंक प्राप्त करना निश्चय ही उनके जन्मस्थान और समूचे हिमाचल के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। यह उपलब्धि उस हिमाचली जीवन-मूल्य को भी रेखांकित करती है जिसमें सरलता, संस्कार, परिश्रम, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को जीवन की आधारशिला माना जाता है। *प्रमुख शिक्षाविद् एवं सैन्य अधिकारी रहे उपस्थित* समारोह में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी, केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ के कुलपति प्रो. (डॉ.) वांगचुक दोरजे नेगी, आईयूसीटीई के निदेशक प्रो. प्रेम नारायण सिंह, एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, वाराणसी ‘बी’ के ग्रुप कमांडर ग्रुप कैप्टन विकास कुमार पांजियार, 97 उत्तर प्रदेश बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रकरण वर्मा, 100 उत्तर प्रदेश बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल राकेश रौशन, प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल संजेश राय सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारीगण, एनसीसी कैडेट्स तथा अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। *भदोल से काशी तक—बिलासपुर के लिए गर्व का क्षण* प्रो. बिहारी लाल शर्मा को मिली एनसीसी की मानद ‘कर्नल’ रैंक को बिलासपुर जिले के लिए केवल एक सम्मान के रूप में नहीं, बल्कि अपनी माटी से निकली प्रतिभा के राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने के गौरवपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है। जिस भदोल-ज्योरा गांव में उनकी जीवन-यात्रा की पहली पाठशाला आरम्भ हुई, वहीं से निकली प्रतिभा आज काशी में भारतीय ज्ञान-परम्परा की प्रतिष्ठित संस्था का नेतृत्व कर रही है और राष्ट्र के युवा-चरित्र निर्माण से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था एनसीसी की मानद कर्नल रैंक से सम्मानित हुई है। भदोल की माटी से काशी की गरिमा तक प्रो. बिहारी लाल शर्मा की यह यात्रा न केवल उनके व्यक्तिगत पुरुषार्थ की कहानी है, बल्कि यह बिलासपुर की धरती, झंडूत्ता क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश की प्रतिभा, संस्कार और सामर्थ्य की भी गौरवगाथा है।
    1
    भदोल गांव से काशी तक गौरव की गाथा—सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति को राष्ट्रीय स्तर पर मिला विशिष्ट सम्मान*

*एनसीसी के गार्ड ऑफ
*बिलासपुर की माटी के लाल प्रो. बिहारी लाल शर्मा को एनसीसी की मानद ‘कर्नल’ रैंक*
*भदोल गांव से काशी तक गौरव की गाथा—सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति को राष्ट्रीय स्तर पर मिला विशिष्ट सम्मान*
*एनसीसी के गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ अभिनन्दन; शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का सम्मान*
बिलासपुर/झंडूत्ता/वाराणसी, 12 अगस्त।
बिलासपुर की पावन धरती ने एक बार फिर हिमाचल प्रदेश का गौरव राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठित किया है। जिला बिलासपुर की तहसील झण्डूत्ता के ग्राम पंचायत रोहल के भदोल गांव में जन्मे और हिमाचल की संस्कारभूमि से निकलकर देश की प्राच्यविद्या एवं संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाने वाले *प्रो. बिहारी लाल शर्मा, कुलपति, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी** को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की प्रतिष्ठित *मानद ‘कर्नल’ रैंक* से अलंकृत किया गया है।
यह सम्मान केवल प्रो. बिहारी लाल शर्मा की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भदोल गांव, रोहल पंचायत, झण्डूत्ता क्षेत्र, जिला बिलासपुर और समूचे हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव का विषय बन गया है। एक छोटे से हिमाचली गांव से अपनी जीवन-यात्रा आरम्भ कर देश के प्रतिष्ठित संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति पद तक पहुंचने और अब एनसीसी की मानद कर्नल रैंक से सम्मानित होने की उनकी उपलब्धि ने हिमाचल की प्रतिभा, संस्कार और कर्मनिष्ठा को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित किया है।
राष्ट्रीय कैडेट कोर, ग्रुप मुख्यालय वाराणसी ‘बी’ द्वारा बुधवार को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक मुख्य भवन में आयोजित गरिमामय सम्मान एवं अलंकरण समारोह में ग्रुप कैप्टन विकास कुमार पांजियार ने प्रो. बिहारी लाल शर्मा को मानद कर्नल रैंक प्रदान की। सम्मान के उपरान्त एनसीसी कैडेट्स ने उन्हें भव्य *गार्ड ऑफ ऑनर* प्रदान कर सैन्य परम्परा के अनुरूप अभिनंदन किया।
*भदोल की धरती से निकली प्रतिभा ने काशी में रचा नया अध्याय*
प्रो. बिहारी लाल शर्मा का जन्म जिला बिलासपुर, तहसील झण्डूत्ता, ग्राम पंचायत रोहल के भदोल गांव में हुआ। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा  प्राथमिक विद्यालय ज्योरा से हुई और इसके बाद उन्होंने झण्ड़ूता राजकीय हाईस्कूल से मैट्रिक की शिक्षा प्राप्त की। 
हिमाचल की शान्त, सरल और संस्कारसमृद्ध ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर प्रो. शर्मा ने संस्कृत, ज्योतिष और भारतीय ज्ञान-परम्परा के क्षेत्र में उच्च शिक्षा एवं शोध की यात्रा आगे बढ़ाई। उनकी अकादमिक यात्रा उन्हें राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों तक ले गई और उन्होंने दीर्घकालीन अध्यापन, शोध एवं शैक्षणिक-प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन किया।
वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति द्वारा उन्हें सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी का कुलपति नियुक्त किया गया। उन्होंने 22 अगस्त 2023 को कुलपति पद का कार्यभार ग्रहण किया।
आज काशी जैसे विश्वविख्यात आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नगर में स्थित देश की प्रतिष्ठित संस्कृत शिक्षण संस्था का नेतृत्व करना और उसी अवधि में एनसीसी की *मानद कर्नल रैंक* से सम्मानित होना उनके शैक्षणिक नेतृत्व और राष्ट्रनिष्ठ दृष्टिकोण की विशिष्ट स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है।
‘*भदोल से काशी तक’—हिमाचल की संस्कारभूमि का राष्ट्रीय सम्मान*
प्रो. बिहारी लाल शर्मा की उपलब्धि की सबसे विशेष बात यह है कि उनकी जीवन-यात्रा हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से गांव से आरम्भ होकर देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी तक पहुंची है।
भदोल की माटी में प्रारम्भिक संस्कार प्राप्त करने वाले प्रो. शर्मा ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम, अध्ययनशीलता और कर्मनिष्ठा के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। 
अब एनसीसी की मानद कर्नल रैंक से अलंकृत होना इस गौरवगाथा में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जैसा है।
‘*यह सम्मान मेरा नहीं, विश्वविद्यालय की सामूहिक साधना का गौरव है*’
मानद कर्नल रैंक प्रदान किए जाने के अवसर पर भावुक एवं विनम्र स्वर में प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, वाराणसी ‘बी’ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए अत्यन्त गौरव और आत्मविभोर करने वाला क्षण है।
उन्होंने कहा—
“*यह सम्मान मेरा व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिवार की सामूहिक साधना, आचार्यों की तपःपूत परम्परा, विद्यार्थियों की प्रतिभा एवं परिश्रम तथा अधिकारियों-कर्मचारियों के समर्पण का गौरव है*।”
उन्होंने कहा कि *मानद कर्नल की यह रैंक उनके लिए केवल एक सम्मान अथवा अलंकरण नहीं, बल्कि अनुशासन, राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति एक नवीन संकल्प है*।
उन्होंने बाबा विश्वनाथ के श्रीचरणों में प्रार्थना करते हुए कहा कि इस दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा, गरिमा और समर्पण के साथ करने की शक्ति प्राप्त हो।
*युवाओं में संस्कार और राष्ट्रनिष्ठा का निर्माण शिक्षा का मूल उद्देश्य*
प्रो. शर्मा ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति और सबसे मूल्यवान पूंजी हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान अथवा उपाधि प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान के साथ चरित्र, अनुशासन, संस्कार, आत्मविश्वास, सेवा-भाव और राष्ट्रनिष्ठा का निर्माण करना भी है।
उन्होंने कहा कि एनसीसी युवाओं के व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण तथा उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए तैयार करने का अत्यन्त प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की समृद्ध भारतीय ज्ञान-परम्परा और एनसीसी की अनुशासन, सेवा एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के समन्वय को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान-परम्परा केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि वर्तमान को दिशा और भविष्य को दृष्टि देने वाली जीवनदृष्टि है। युवाओं को अपनी संस्कृति, परम्परा और गौरवशाली विरासत से जोड़ते हुए उनमें आधुनिक ज्ञान, वैज्ञानिक दृष्टि, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का भाव विकसित करना समय की आवश्यकता है।
*एनसीसी ग्रुप कैपटन ने कहा—अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सम्मान*
एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, वाराणसी ‘बी’ के ग्रुप कैप्टन विकास कुमार पांजियार ने प्रो. शर्मा को मानद कर्नल रैंक प्रदान करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके नेतृत्व, अनुशासन, राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण और युवाओं के व्यक्तित्व-निर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का अभिनन्दन है।
उन्होंने कहा कि एनसीसी केवल सैन्य प्रशिक्षण का माध्यम नहीं है। इसका व्यापक उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, आत्मविश्वास, सेवा-भाव, कर्तव्यबोध और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है।
*गार्ड ऑफ ऑनर से बढ़ी समारोह की गरिमा*
मानद कर्नल रैंक प्रदान किए जाने के बाद एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रो. बिहारी लाल शर्मा को भव्य गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अनुशासित कदमताल, सैन्य परम्परा और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत वातावरण ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।
समारोह का प्रारम्भ वैदिक मन्त्रोच्चार एवं मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद दीपप्रज्ज्वलन, रैंक प्रदान, स्वस्तिवाचन तथा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं। लोकनृत्य और लोकगीत की प्रस्तुतियों ने समारोह में भारतीय संस्कृति की जीवंत छटा प्रस्तुत की।
*शिक्षा और सैन्य अनुशासन का अद्भुत संगम*
प्रो. बिहारी लाल शर्मा को प्रदान की गई मानद कर्नल रैंक का महत्व इस दृष्टि से भी विशेष है कि सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान-परम्परा, संस्कृत, दर्शन और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की प्रतिष्ठित संस्था है, जबकि एनसीसी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, सेवा और राष्ट्रनिष्ठा के संस्कार विकसित करने वाली राष्ट्रीय संस्था है।
इन दोनों धाराओं का समन्वय युवा पीढ़ी के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा सकता है। प्रो. शर्मा ने विश्वविद्यालय में एनसीसी की गतिविधियों को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
*हिमाचल के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत*
प्रो. बिहारी लाल शर्मा की उपलब्धि हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी संदेश लेकर आई है। भदोल जैसे ग्रामीण परिवेश से प्रारम्भ हुई उनकी यात्रा यह प्रमाणित करती है कि प्रतिभा को यदि परिश्रम, संस्कार, अनुशासन और लक्ष्यबद्ध साधना का आधार मिल जाए तो भौगोलिक सीमाएं उसके मार्ग में बाधा नहीं बन सकतीं।
बिलासपुर जिले के झण्डूत्ता क्षेत्र के भदोल गांव से निकलकर काशी की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था के कुलपति पद तक पहुंचना और अब राष्ट्रीय कैडेट कोर की मानद कर्नल रैंक प्राप्त करना निश्चय ही उनके जन्मस्थान और समूचे हिमाचल के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
यह उपलब्धि उस हिमाचली जीवन-मूल्य को भी रेखांकित करती है जिसमें सरलता, संस्कार, परिश्रम, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को जीवन की आधारशिला माना जाता है।
*प्रमुख शिक्षाविद् एवं सैन्य अधिकारी रहे उपस्थित*
समारोह में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी, केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ के कुलपति प्रो. (डॉ.) वांगचुक दोरजे नेगी, आईयूसीटीई के निदेशक प्रो. प्रेम नारायण सिंह, एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, वाराणसी ‘बी’ के ग्रुप कमांडर ग्रुप कैप्टन विकास कुमार पांजियार, 97 उत्तर प्रदेश बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रकरण वर्मा, 100 उत्तर प्रदेश बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल राकेश रौशन, प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल संजेश राय सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारीगण, एनसीसी कैडेट्स तथा अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
*भदोल से काशी तक—बिलासपुर के लिए गर्व का क्षण*
प्रो. बिहारी लाल शर्मा को मिली एनसीसी की मानद ‘कर्नल’ रैंक को बिलासपुर जिले के लिए केवल एक सम्मान के रूप में नहीं, बल्कि अपनी माटी से निकली प्रतिभा के राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने के गौरवपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
जिस भदोल-ज्योरा गांव में उनकी जीवन-यात्रा की पहली पाठशाला आरम्भ हुई, वहीं से निकली प्रतिभा आज काशी में भारतीय ज्ञान-परम्परा की प्रतिष्ठित संस्था का नेतृत्व कर रही है और राष्ट्र के युवा-चरित्र निर्माण से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था एनसीसी की मानद कर्नल रैंक से सम्मानित हुई है।
भदोल की माटी से काशी की गरिमा तक प्रो. बिहारी लाल शर्मा की यह यात्रा न केवल उनके व्यक्तिगत पुरुषार्थ की कहानी है, बल्कि यह बिलासपुर की धरती, झंडूत्ता क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश की प्रतिभा, संस्कार और सामर्थ्य की भी गौरवगाथा है।
    user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
  • पंचकूला पहुंचे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी... मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि कर रहे हैं शिरकत...
    1
    पंचकूला पहुंचे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी...

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि कर रहे हैं शिरकत...
    user_Newz India 27
    Newz India 27
    Crime News Channel Panchkula, Haryana•
    9 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिलासपुर में अपने संबोधन में कहा की जो लोग अटैचिया लेकर बड़ी कमाई कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिलासपुर में अपने संबोधन में कहा की जो लोग अटैचिया लेकर बड़ी कमाई कर रहे हैं। उन पर भी जल्दी ही कार्रवाई होगी यदि आम जनता मेरा साथ देंगे। तो मैं उन लोगों पर भी कार्रवाई कर सकता हूं
    1
    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिलासपुर में अपने संबोधन में कहा की जो लोग अटैचिया लेकर बड़ी कमाई कर रहे हैं। 
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिलासपुर में अपने संबोधन में कहा की जो लोग अटैचिया लेकर बड़ी कमाई कर रहे हैं।  उन पर भी जल्दी ही कार्रवाई होगी यदि आम जनता मेरा साथ देंगे। तो मैं उन लोगों पर भी कार्रवाई कर सकता हूं
    user_Inform News
    Inform News
    Press advisory बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सेरी पुल के पास सड़क पर गिरा विशाल पत्थर, यातायात प्रभावित जेसीबी भी नहीं हटा पाई चट्टान, लोक निर्माण विभाग की टीम जुटी सड़क बहाली में सेरी पुल के पास सड़क पर गिरा विशाल पत्थर, यातायात प्रभावित जेसीबी भी नहीं हटा पाई चट्टान, लोक निर्माण विभाग की टीम जुटी सड़क बहाली में
    1
    सेरी पुल के पास सड़क पर गिरा विशाल पत्थर, यातायात प्रभावित

जेसीबी भी नहीं हटा पाई चट्टान, लोक निर्माण विभाग की टीम जुटी सड़क बहाली में


सेरी पुल के पास सड़क पर गिरा विशाल पत्थर, यातायात प्रभावित
जेसीबी भी नहीं हटा पाई चट्टान, लोक निर्माण विभाग की टीम जुटी सड़क बहाली में
    user_Him News Update
    Him News Update
    रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.