सतना जिला अस्पताल में बुधवार देर रात एक बेहद दुर्लभ और चौंकाने वाला प्रसव का मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहाँ एक सात माह की गर्भवती महिला ने एक साथ तीन बच्चियों (ट्रिपलेट्स) को जन्म दिया है। चिकित्सा जगत में इस मामले को बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि इन तीनों ही बच्चियों का जन्म बिना किसी ऑपरेशन के, पूरी तरह से सामान्य प्रसव (नॉर्मल डिलीवरी) के माध्यम से हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ की मुस्तैदी के चलते करीब डेढ़ घंटे के भीतर तीनों बच्चियों की सुरक्षित और सामान्य डिलीवरी कराई गई। ट्रिपलेट्स के मामलों में आमतौर पर सिजेरियन (ऑपरेशन) की नौबत आती है, लेकिन सतना जिला अस्पताल के डॉक्टरों की सूझबूझ से यह जटिल प्रसव सामान्य रूप से सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। यह सतना जिला अस्पताल में पिछले आठ महीनों के भीतर तीसरा ऐसा मामला है जहाँ किसी महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया है, जिसे लेकर अस्पताल प्रबंधन भी काफी गंभीर और मुस्तैद नजर आ रहा है। प्रसव समय से पहले (यानी सातवें महीने में) होने और तीनों बच्चियों का वजन सामान्य से कम होने के कारण, उन्हें तुरंत डॉक्टरों की विशेष देखरेख में रखा गया है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम नवजातों और माँ की सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है। समय से पहले जन्म के बावजूद डॉक्टरों की इस बड़ी कामयाबी से अस्पताल स्टाफ और परिजनों में खुशी का माहौल है।
सतना जिला अस्पताल में बुधवार देर रात एक बेहद दुर्लभ और चौंकाने वाला प्रसव का मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहाँ एक सात माह की गर्भवती महिला ने एक साथ तीन बच्चियों (ट्रिपलेट्स) को जन्म दिया है। चिकित्सा जगत में इस मामले को बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि इन तीनों ही बच्चियों का जन्म बिना किसी ऑपरेशन के, पूरी तरह से सामान्य प्रसव (नॉर्मल डिलीवरी) के माध्यम से हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ की मुस्तैदी के चलते करीब डेढ़ घंटे के भीतर तीनों बच्चियों की सुरक्षित और सामान्य डिलीवरी कराई गई। ट्रिपलेट्स के मामलों में आमतौर पर सिजेरियन (ऑपरेशन) की नौबत आती है, लेकिन सतना जिला अस्पताल के डॉक्टरों की सूझबूझ से यह जटिल प्रसव सामान्य रूप से सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। यह सतना जिला अस्पताल में पिछले आठ महीनों के भीतर तीसरा ऐसा मामला है जहाँ किसी महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया है, जिसे लेकर अस्पताल प्रबंधन भी काफी गंभीर और मुस्तैद नजर आ रहा है। प्रसव समय से पहले (यानी सातवें महीने में) होने और तीनों बच्चियों का वजन सामान्य से कम होने के कारण, उन्हें तुरंत डॉक्टरों की विशेष देखरेख में रखा गया है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम नवजातों और माँ की सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है। समय से पहले जन्म के बावजूद डॉक्टरों की इस बड़ी कामयाबी से अस्पताल स्टाफ और परिजनों में खुशी का माहौल है।
- मैहर पुलिस के साइबर फ्रॉड जागरूकता अभियान का बड़ा असर देखने को मिला है, जहाँ सतना रोड निवासी हेमा पांडे साइबर ठगों के जाल में फँसने से बाल-बाल बच गईं। उन्होंने बाद में अन्य लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की। यह घटना तब सामने आई जब हेमा के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को एसबीआई का अधिकारी बताया और कहा कि उनके फोनपे अकाउंट से ₹1-1 करके कई बार कटे हैं, जो कुल ₹10,000 हो गए हैं। ठग ने यह पैसा हेमा के खाते में ट्रांसफर करने की पेशकश की और इसके लिए एक प्रक्रिया का पालन करने को कहा। उसने प्रक्रिया न मानने पर खाता बंद करने की धमकी भी दी। लेकिन, हेमा ने एक दिन पहले ही मैहर पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस और जागरूकता अभियान के बारे में खबरें देखी थीं। पुलिस ने इस अभियान में बताया था कि बैंक कभी भी फोन पर बात करके खाते में कोई छेड़छाड़ नहीं करता। सोशल मीडिया सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर वायरल हुई इन खबरों को देखकर हेमा को यह महत्वपूर्ण जानकारी याद आ गई। इसी वजह से उन्होंने ठग की बात मानने से इनकार कर दिया और धमकी के बावजूद न डरते हुए ठग का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया। घटना के बाद हेमा ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी और कहा कि साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाते हैं। उन्होंने सभी से अनजान कॉल पर ओटीपी, पिन या कोई ऐप साझा न करने और ऐसे कॉल आने पर तुरंत काटकर 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया। हेमा ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर भी यह जानकारी साझा करते हुए सतर्क रहने की अपील की है।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक आशा कार्यकर्ता पर गंभीर मरीज को जिला अस्पताल से निजी डॉक्टर के पास ले जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और कथित दलाली को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। वायरल वीडियो के साथ किए गए दावों में यह आरोप लगाया गया है कि जिला अस्पताल में मरीजों को निजी अस्पतालों और क्लीनिकों तक पहुंचाने का यह खेल काफी लंबे समय से चल रहा है। लोगों का कहना है कि गरीब मरीजों को सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज मिलने के बजाय निजी चिकित्सा संस्थानों की ओर मोड़ा जा रहा है। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनकी यह भी मांग है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए और अस्पताल परिसर में कथित दलालों तथा अनधिकृत गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। हालांकि, इस वायरल वीडियो और उसमें किए गए दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग या जिला अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और प्रशासन की प्रतिक्रिया मिलने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।1
- मैहर से प्राप्त जानकारी में यह प्रश्न बार-बार दोहराया गया है कि 'यह है मैहर के युवा की आवाज़?' इस प्रश्न की लगातार पुनरावृत्ति इस बात पर जोर देती है कि मैहर के युवा वर्ग की वास्तविक आवाज़ क्या है या किसे उनकी आवाज़ के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, इसे लेकर एक स्पष्ट सवाल उठाया गया है।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के चंदनपुरा सिटी फॉरेस्ट क्षेत्र के समीप एक बार फिर बाघ की मौजूदगी दर्ज की गई है।1
- मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए मैहर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नज़र आया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से, मैहर कोतवाली पुलिस ने शहर के प्रमुख मार्गों पर एक फ्लैग मार्च निकाला। यह फ्लैग मार्च मैहर पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन में और मैहर कोतवाली प्रभारी अनिमेष द्विवेदी के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। इस दौरान पुलिस बल ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे मोहर्रम पर्व को आपसी भाईचारे और शांति के साथ मनाएँ। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। मैहर पुलिस ने पर्व को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि शहर में अमन, शांति और सद्भाव का माहौल कायम रहे।3
- सतना जिला अस्पताल में बुधवार देर रात एक बेहद दुर्लभ और चौंकाने वाला प्रसव का मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहाँ एक सात माह की गर्भवती महिला ने एक साथ तीन बच्चियों (ट्रिपलेट्स) को जन्म दिया है। चिकित्सा जगत में इस मामले को बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि इन तीनों ही बच्चियों का जन्म बिना किसी ऑपरेशन के, पूरी तरह से सामान्य प्रसव (नॉर्मल डिलीवरी) के माध्यम से हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ की मुस्तैदी के चलते करीब डेढ़ घंटे के भीतर तीनों बच्चियों की सुरक्षित और सामान्य डिलीवरी कराई गई। ट्रिपलेट्स के मामलों में आमतौर पर सिजेरियन (ऑपरेशन) की नौबत आती है, लेकिन सतना जिला अस्पताल के डॉक्टरों की सूझबूझ से यह जटिल प्रसव सामान्य रूप से सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। यह सतना जिला अस्पताल में पिछले आठ महीनों के भीतर तीसरा ऐसा मामला है जहाँ किसी महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया है, जिसे लेकर अस्पताल प्रबंधन भी काफी गंभीर और मुस्तैद नजर आ रहा है। प्रसव समय से पहले (यानी सातवें महीने में) होने और तीनों बच्चियों का वजन सामान्य से कम होने के कारण, उन्हें तुरंत डॉक्टरों की विशेष देखरेख में रखा गया है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम नवजातों और माँ की सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है। समय से पहले जन्म के बावजूद डॉक्टरों की इस बड़ी कामयाबी से अस्पताल स्टाफ और परिजनों में खुशी का माहौल है।1
- सतना में एसडीएम उचेहरा सुमेश द्विवेदी के निर्देशों का पालन करते हुए, राजस्व विभाग की टीम ने अवैध खनन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत, रामपथ गमन मार्ग पर गोवराव खुर्द और कुंदहरी कला के बीच अवैध उत्खनन में लगी एक जेसीबी मशीन और एक हाइवा वाहन को जब्त किया गया। राजस्व अमले ने मौके पर ही दोनों वाहनों को अपने कब्जे में लेकर उन्हें उचेहरा थाने में खड़ा करवा दिया। प्रशासन अब इस मामले की जांच कर रहा है, और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।2
- उज्जैन में स्थित बाबा महाकाल की प्रसिद्ध भस्म आरती के दर्शन अब श्रद्धालु अपने घर बैठे ही कर सकते हैं। यह सुविधा भक्तों को बिना कहीं जाए, अपने निवास स्थान से ही इस पवित्र आरती का अनुभव करने और महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर प्रदान कर रही है।1