गया गंगा नदी में बड़ा भाई गिड़गिड़ाता रहा लोगों से फरियाद करता रहा कि बचा लो मेरे छोटे भाई को 5 लाख रूपये दूँगा✍️ इसे थोड़ा अलग, ज़्यादा असरदार और भावुक लहज़े में यूँ लिखा जा सकता है: “5 लाख रुपये ले लो… बस मेरे भाई को बचा लो!” एक भाई की ये बेबस पुकार शायद उस वक्त की सबसे दर्दनाक आवाज़ थी… देवप्रयाग के टोंडेश्वर घाट से सामने आए वीडियो में बताया जा रहा है कि एक कांवड़िया गंगा में स्नान करते वक्त तेज़ मानसूनी बहाव की चपेट में आकर बह गया। नदी किनारे खड़ा उसका भाई लगातार मदद की गुहार लगाता रहा— “पैसे ले लो, बस मेरे भाई को बचा लो… प्लीज़ उसे पकड़ लो…” लेकिन गंगा का तेज़ बहाव इतना प्रचंड था कि चाहकर भी लोग कुछ नहीं कर पा रहे थे। एक तरफ़ भाई को खोने का डर और दूसरी तरफ़ आँखों के सामने बेबसी… उस पल का दर्द वही समझ सकता है जिसने किसी अपने को इस तरह मुसीबत में देखा हो। मानसून में पहाड़ी नदियों और गंगा का बहाव अचानक बेहद तेज़ हो सकता है। प्रशासन और सुरक्षा बलों की चेतावनियों के बावजूद जोखिम उठाना कभी-कभी ज़िंदगी की सबसे बड़ी कीमत बन जाता है। श्रद्धा अपनी जगह है, लेकिन ज़िंदगी उससे भी अनमोल है। गंगा स्नान के लिए हमेशा निर्धारित और सुरक्षित घाटों का ही इस्तेमाल करें, जहाँ SDRF और जल पुलिस जैसी सुरक्षा व्यवस्था मौजूद हो। एक पल का रोमांच या लापरवाही, पूरे परिवार की ज़िंदगी भर की कमी बन सकती है।
गया गंगा नदी में बड़ा भाई गिड़गिड़ाता रहा लोगों से फरियाद करता रहा कि बचा लो मेरे छोटे भाई को 5 लाख रूपये दूँगा✍️ इसे थोड़ा अलग, ज़्यादा असरदार और भावुक लहज़े में यूँ लिखा जा सकता है: “5 लाख रुपये ले लो… बस मेरे भाई को बचा लो!” एक भाई की ये बेबस पुकार शायद उस वक्त की सबसे दर्दनाक आवाज़ थी… देवप्रयाग के टोंडेश्वर घाट से सामने आए वीडियो में बताया जा रहा है कि एक कांवड़िया गंगा में स्नान करते वक्त तेज़ मानसूनी बहाव की चपेट में आकर बह गया। नदी किनारे खड़ा उसका भाई लगातार मदद की गुहार लगाता रहा— “पैसे ले लो, बस मेरे भाई को बचा लो… प्लीज़ उसे पकड़ लो…” लेकिन गंगा का तेज़ बहाव इतना प्रचंड था कि चाहकर भी लोग कुछ नहीं कर पा रहे थे। एक तरफ़ भाई को खोने का डर और दूसरी तरफ़ आँखों के सामने बेबसी… उस पल का दर्द वही समझ सकता है जिसने किसी अपने को इस तरह मुसीबत में देखा हो। मानसून में पहाड़ी नदियों और गंगा का बहाव अचानक बेहद तेज़ हो सकता है। प्रशासन और सुरक्षा बलों की चेतावनियों के बावजूद जोखिम उठाना कभी-कभी ज़िंदगी की सबसे बड़ी कीमत बन जाता है। श्रद्धा अपनी जगह है, लेकिन ज़िंदगी उससे भी अनमोल है। गंगा स्नान के लिए हमेशा निर्धारित और सुरक्षित घाटों का ही इस्तेमाल करें, जहाँ SDRF और जल पुलिस जैसी सुरक्षा व्यवस्था मौजूद हो। एक पल का रोमांच या लापरवाही, पूरे परिवार की ज़िंदगी भर की कमी बन सकती है।
- माखन नगर में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के रंग में सराबोर हुआ नगर माखन नगर। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत आज माखन नगर में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। राष्ट्रभक्ति और देशप्रेम की भावना से ओतप्रोत इस यात्रा में नगरवासियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। तिरंगा यात्रा का शुभारंभ नगर के रामलीला मंच से हुआ, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए तालाब परिसर पहुंची, जहां यात्रा का समापन किया गया। यात्रा के दौरान हाथों में तिरंगा लिए बड़ी संख्या में नागरिकों एवं विद्यार्थियों ने देशभक्ति के नारों के साथ सहभागिता की। पूरे मार्ग में ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से वातावरण राष्ट्रभक्ति से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर सोहागपुर विधायक श्री विजयपाल सिंह जी एवं जिला अध्यक्ष श्रीमती प्रीति शुक्ला जी सहित समस्त जनप्रतिनिधिगण, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बंधु उपस्थित रहे। वहीं माखन नगर की समस्त शैक्षणिक संस्थाओं एवं विद्यालयों के छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता कर यात्रा को भव्य स्वरूप प्रदान किया। यात्रा के समापन अवसर पर राष्ट्रकवि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उनके राष्ट्रप्रेम एवं साहित्यिक योगदान को स्मरण करते हुए युवाओं और विद्यार्थियों को देश के प्रति समर्पण की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति को लेकर उपस्थित जनसमुदाय एवं विद्यार्थियों को शपथ भी दिलाई गई। सभी ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। विधायक श्री विजयपाल सिंह ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान देशवासियों में राष्ट्रभक्ति, एकता एवं अखंडता की भावना को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने तथा राष्ट्रहित में अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। भव्य तिरंगा यात्रा ने माखन नगर में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जागरूकता और एकता का संदेश दिया तथा नागरिकों में देश के प्रति गौरव और समर्पण की भावना को और अधिक मजबूत किया।4
- सांसद दर्शन सिंह चौधरी के प्रयासों से नयाखेड़ा रेलवे गेट पुनः खुला, क्षेत्रवासियों को मिली राहत बनखेड़ी रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के चलते अस्थायी रूप से बंद किए गए नयाखेड़ा रेलवे गेट को क्षेत्रवासियों की सुविधा को देखते हुए पुनः खोल दिया गया है। गेट खुलने से किसानों, विद्यार्थियों, स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को आवागमन में राहत मिली है। जानकारी के अनुसार, रेलवे गेट बंद होने के कारण क्षेत्रवासियों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय नागरिकों ने अपनी समस्या नर्मदापुरम–नरसिंहपुर सांसद दर्शन सिंह चौधरी के समक्ष रखी। सांसद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित रेलवे अधिकारियों से चर्चा की और जनहित में रेलवे गेट को पुनः खोलने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। इस अवसर पर सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ आम नागरिकों की सुविधा और सुगम आवागमन को भी प्राथमिकता दे रही है। रेलवे ओवर ब्रिज क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान आम जनता को अनावश्यक परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखा जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनसुविधा, सुगम आवागमन और क्षेत्रवासियों की समस्याओं का त्वरित समाधान उनकी प्राथमिकता है। नयाखेड़ा रेलवे गेट के पुनः खुलने से आसपास के ग्रामीणों और आम राहगीरों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। NDPM NEWS twenty four नर्मदापुरम2
- इटारसी यार्ड रोड निर्माण में रेलवे की अजीब लापरवाही! रेलवे स्टेशन से 3 पुलिया तक नई सड़क बन रही है और ग्वाल बाबा से नूरानी मस्जिद मार्ग तक का हिस्सा पहले ही बन चुका है। लेकिन बीच का महज 100 मीटर का टुकड़ा और नाले की पुलिया का काम छोड़ दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, दीपावली के बाद पुलिया चौड़ी करने के लिए सड़क फिर तोड़ी जाएगी। जब 3 महीने से रोड बंद है, तो यह काम अभी लगे हाथ क्यों नहीं किया जा रहा? देखिए इटारसी अपडेट की यह विशेष रिपोर्ट। #ItarsiUpdate #YardRoadItarsi #ItarsiNews #RailwayCivilWork #ItarsiIssues इटारसी यार्ड रोड निर्माण में रेलवे की अजीब लापरवाही! रेलवे स्टेशन से 3 पुलिया तक नई सड़क बन रही है और ग्वाल बाबा से नूरानी मस्जिद मार्ग तक का हिस्सा पहले ही बन चुका है। लेकिन बीच का महज 100 मीटर का टुकड़ा और नाले की पुलिया का काम छोड़ दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, दीपावली के बाद पुलिया चौड़ी करने के लिए सड़क फिर तोड़ी जाएगी। जब 3 महीने से रोड बंद है, तो यह काम अभी लगे हाथ क्यों नहीं किया जा रहा? देखिए इटारसी अपडेट की यह विशेष रिपोर्ट। #ItarsiUpdate #YardRoadItarsi #ItarsiNews #RailwayCivilWork #ItarsiIssues1
- पुण्यतिथि पर सेवा से दी श्रद्धांजलि,, जरूरतमंदों को भी कराए गए भोजन- सोहागपुर (नर्मदापुरम) तहसील निर्वाचन शाखा सोहागपुर के श्री अमित मिश्रा "बंटी भाई" एवं आर्मी सेवानिवृत्त श्री सचिन मिश्रा ने आज अपने पूज्य पिताजी स्व. श्री संतोष कुमार मिश्रा जी "रिटायर्ड डिप्टी रेंजर" की 16वीं पुण्यतिथि पर बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराकर अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया। "अमित भाई ने कहा" - _"कुछ रिश्ते दिल से निभाए जाते हैं। पिताजी के संस्कार ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। पिताजी को शत्-शत् नमन 🙏"_ आज का दिन और भी खास रहा क्योंकि सचिन भाई के सुपुत्र शुभ मिश्रा का जन्मदिन भी था। इस अवसर पर मिष्ठान, नमकीन व फल-फ्रूट का वितरण भी किया गया। ईश्वर स्व. संतोष कुमार जी मिश्रा की आत्मा को शांति प्रदान करें💐 "सेवा_ही_सच्ची_श्रद्धांजलि" 🙏1
- पॉलीथिन एवं कचरा नालियों में न फेंकें,पॉलीथिन एवं कचरा नालियों में न फेंकें, स्वच्छ और सुचारु जल निकासी व्यवस्था बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छ और सुचारु जल निकासी व्यवस्था बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।1
- इटारसी में श्री हैहय क्षत्रिय कलचुरी समाज की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में समाज भवन निर्माण कार्य की प्रगति, 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान समारोह और पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण जैसे प्रमुख मुद्दों पर निर्णय लिए गए। #Itarsi #ItarsiNews #KalchuriSamaj #ItarsiUpdate #MadhyaPradeshNews इटारसी में श्री हैहय क्षत्रिय कलचुरी समाज की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में समाज भवन निर्माण कार्य की प्रगति, 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान समारोह और पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण जैसे प्रमुख मुद्दों पर निर्णय लिए गए। #Itarsi #ItarsiNews #KalchuriSamaj #ItarsiUpdate #MadhyaPradeshNews1
- गया गंगा नदी में बड़ा भाई गिड़गिड़ाता रहा लोगों से फरियाद करता रहा कि बचा लो मेरे छोटे भाई को 5 लाख रूपये दूँगा✍️ इसे थोड़ा अलग, ज़्यादा असरदार और भावुक लहज़े में यूँ लिखा जा सकता है: “5 लाख रुपये ले लो… बस मेरे भाई को बचा लो!” एक भाई की ये बेबस पुकार शायद उस वक्त की सबसे दर्दनाक आवाज़ थी… देवप्रयाग के टोंडेश्वर घाट से सामने आए वीडियो में बताया जा रहा है कि एक कांवड़िया गंगा में स्नान करते वक्त तेज़ मानसूनी बहाव की चपेट में आकर बह गया। नदी किनारे खड़ा उसका भाई लगातार मदद की गुहार लगाता रहा— “पैसे ले लो, बस मेरे भाई को बचा लो… प्लीज़ उसे पकड़ लो…” लेकिन गंगा का तेज़ बहाव इतना प्रचंड था कि चाहकर भी लोग कुछ नहीं कर पा रहे थे। एक तरफ़ भाई को खोने का डर और दूसरी तरफ़ आँखों के सामने बेबसी… उस पल का दर्द वही समझ सकता है जिसने किसी अपने को इस तरह मुसीबत में देखा हो। मानसून में पहाड़ी नदियों और गंगा का बहाव अचानक बेहद तेज़ हो सकता है। प्रशासन और सुरक्षा बलों की चेतावनियों के बावजूद जोखिम उठाना कभी-कभी ज़िंदगी की सबसे बड़ी कीमत बन जाता है। श्रद्धा अपनी जगह है, लेकिन ज़िंदगी उससे भी अनमोल है। गंगा स्नान के लिए हमेशा निर्धारित और सुरक्षित घाटों का ही इस्तेमाल करें, जहाँ SDRF और जल पुलिस जैसी सुरक्षा व्यवस्था मौजूद हो। एक पल का रोमांच या लापरवाही, पूरे परिवार की ज़िंदगी भर की कमी बन सकती है।1