चन्दौली के मुगलसराय में रविवार रात सर्वसमाज के लोगों ने भरत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर एक कैंडल मार्च निकाला। रात करीब 10 बजे नगर में हुए इस विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर नारे लगाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। वक्ताओं ने बताया कि 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी समाजसेवा और गरीबों की मदद के लिए जाने जाते थे, जिन्होंने कोरोना काल में जरूरतमंदों तक भोजन, दवाइयां और ऑक्सीजन पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भरत तिवारी भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते थे, जिसके कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पाया। सर्वसमाज ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो सीबीआई जांच की मांग को और तेज किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मृतक के परिवार को पांच करोड़ रुपये का मुआवजा, आर्थिक सहायता और उनके भाई को सरकारी नौकरी देने की भी मांग उठाई गई है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य संजय पांडेय ने केंद्र और बिहार सरकार से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता व सरकारी नौकरी देने का आग्रह किया। वहीं, कांग्रेस जिला अध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी गरीबों और मजदूरों की आवाज उठाते थे और मांग की कि मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए, साथ ही परिवार की सुरक्षा, आर्थिक सहायता और नौकरी की मांग भी दोहराई। इस कैंडल मार्च में दुर्गेश पांडेय, कुंज बिहारी पांडेय सहित कई प्रमुख लोगों की उपस्थिति में बड़ी संख्या में सर्वसमाज के लोग शामिल हुए, जिन्होंने भरत तिवारी को न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की एक स्वर में मांग की।
चन्दौली के मुगलसराय में रविवार रात सर्वसमाज के लोगों ने भरत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर एक कैंडल मार्च निकाला। रात करीब 10 बजे नगर में हुए इस विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर नारे लगाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। वक्ताओं ने बताया कि 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी समाजसेवा और गरीबों की मदद के लिए जाने जाते थे, जिन्होंने कोरोना काल में जरूरतमंदों तक भोजन, दवाइयां और ऑक्सीजन पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भरत तिवारी भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते थे, जिसके कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पाया। सर्वसमाज ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो सीबीआई जांच की मांग को और तेज किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मृतक के परिवार को पांच करोड़ रुपये का मुआवजा, आर्थिक सहायता और उनके भाई को सरकारी नौकरी देने की भी मांग उठाई गई है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य संजय पांडेय ने केंद्र और बिहार सरकार से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता व सरकारी नौकरी देने का आग्रह किया। वहीं, कांग्रेस जिला अध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी गरीबों और मजदूरों की आवाज उठाते थे और मांग की कि मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए, साथ ही परिवार की सुरक्षा, आर्थिक सहायता और नौकरी की मांग भी दोहराई। इस कैंडल मार्च में दुर्गेश पांडेय, कुंज बिहारी पांडेय सहित कई प्रमुख लोगों की उपस्थिति में बड़ी संख्या में सर्वसमाज के लोग शामिल हुए, जिन्होंने भरत तिवारी को न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की एक स्वर में मांग की।
- हरदोई में लखनऊ-शाहजहांपुर-पलिया नेशनल हाईवे-731 पर सैदपुर शारदा नहर के निर्माणाधीन पुल पर सोमवार सुबह बीम स्थापित करने के दौरान अचानक वह नीचे गिर गई। इस हादसे में राहुल पुत्र छोटेलाल और राजेश्वर पुत्र गेंदालाल नामक दो लोग घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद दोनों घायलों को एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और प्रशासन ने गिरी हुई बीम को हटाने का काम शुरू करवा दिया। निर्माण स्थल पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है। जिलाधिकारी ने हादसे के कारणों की जांच के निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी तरह की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने भी सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। प्रशासन के अनुसार, घटनास्थल पर स्थिति अब पूरी तरह सामान्य है।3
- हरदोई जिले के मुर्तजानगर में चल रहे विशाल शतचंडी महायज्ञ का आज समापन दिवस है। इस अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है, जिसमें माता रानी के प्रसाद की व्यवस्था की गई है। आयोजकों ने सभी लोगों से हाथ जोड़कर निवेदन किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पधारें और माता रानी के भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर अपने जीवन को सफल बनाएं।4
- हरदोई जिले के थाना बेहटा गोकुल क्षेत्र में लखनऊ-शहाजहाँपुर मार्ग (NH-731) पर निर्माणाधीन एक ओवरब्रिज का बीम निर्माण कार्य के दौरान अचानक गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने दुर्घटना में घायल हुए लोगों को शीघ्र उपचार हेतु चिकित्सालय भिजवाने की व्यवस्था की और साथ ही संबंधित पक्षों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।1
- आज 21.06.2026 को जनपद हरदोई के बेनीगंज थाना क्षेत्र में एक घटना घटित हुई। इस संबंध में, श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जनपद हरदोई ने मौके पर पहुँचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने घटना से प्रभावित परिजनों से भी विस्तृत वार्ता की और उन्हें न्यायोचित कार्यवाही का पूरा आश्वासन दिया।1
- शाहजहांपुर में ब्राम्हण समाज समिति रजिस्टर्ड से जुड़े तमाम ब्राह्मणों ने कलेक्ट्रेट में इकट्ठा होकर भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर के मामले में अपनी आवाज़ बुलंद की। इस दौरान उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें भरत तिवारी के फर्जी एनकाउंटर की सीबीआई द्वारा जांच कराए जाने की प्रमुख मांग उठाई गई। इस अवसर पर हरिशरण बाजपेई ने, जिनकी पहचान प्रदेश महामंत्री ब्राम्हण समाज के रूप में बताई गई, स्पष्ट शब्दों में कहा कि फर्जी एनकाउंटर को अंजाम देने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ 103 बी०एन०एस० के तहत तत्काल मुकदमा पंजीकृत किया जाना चाहिए और सभी दोषी पुलिस कर्मियों की सेवा भी समाप्त की जाए। राजेश अवस्थी ने मांग की कि पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए। ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विजय पाठक ने अपनी बात रखते हुए यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि भविष्य में किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ इस प्रकार की कोई कार्रवाई न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी सभी मांगें नहीं मानी गईं, तो भारत के सभी ब्राह्मणों को एक साथ लेकर एक बड़ा आंदोलन करने के लिए समाज बाध्य होगा।4
- सच बोलना देश का चौथा स्तंभ है। इसी सिद्धांत को मानते हुए, खबरों और विज्ञापन से संबंधित कार्यों के लिए अनुभवी पत्रकारों की आवश्यकता बताई गई है। इच्छुक व्यक्ति संपर्क कर सकते हैं।2
- चन्दौली के मुगलसराय में रविवार रात सर्वसमाज के लोगों ने भरत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर एक कैंडल मार्च निकाला। रात करीब 10 बजे नगर में हुए इस विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर नारे लगाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। वक्ताओं ने बताया कि 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी समाजसेवा और गरीबों की मदद के लिए जाने जाते थे, जिन्होंने कोरोना काल में जरूरतमंदों तक भोजन, दवाइयां और ऑक्सीजन पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भरत तिवारी भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते थे, जिसके कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पाया। सर्वसमाज ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो सीबीआई जांच की मांग को और तेज किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मृतक के परिवार को पांच करोड़ रुपये का मुआवजा, आर्थिक सहायता और उनके भाई को सरकारी नौकरी देने की भी मांग उठाई गई है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य संजय पांडेय ने केंद्र और बिहार सरकार से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता व सरकारी नौकरी देने का आग्रह किया। वहीं, कांग्रेस जिला अध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी गरीबों और मजदूरों की आवाज उठाते थे और मांग की कि मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए, साथ ही परिवार की सुरक्षा, आर्थिक सहायता और नौकरी की मांग भी दोहराई। इस कैंडल मार्च में दुर्गेश पांडेय, कुंज बिहारी पांडेय सहित कई प्रमुख लोगों की उपस्थिति में बड़ी संख्या में सर्वसमाज के लोग शामिल हुए, जिन्होंने भरत तिवारी को न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की एक स्वर में मांग की।1
- सोनभद्र जिले में एक घरेलू विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जहाँ बेटे ने अपने 52 वर्षीय पिता की जान ले ली। विंढमगंज थाना क्षेत्र के पकरी गांव में पिता श्रीनाथ और पुत्र सोनू के बीच कहासुनी हुई, जो विवाद बढ़ने पर हमले में बदल गई। पुत्र सोनू ने पिता श्रीनाथ पर डंडे से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं। परिजनों ने आनन-फानन में घायल श्रीनाथ को सीएचसी विंढमगंज पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने सघन जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक खबर से परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी पुत्र सोनू को हिरासत में लेकर मामले की जाँच शुरू कर दी है।1