नर्मदापुरम के बनखेड़ी के नयाखेड़ा क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज की धीमी रफ्तार आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गई है। ठेकेदार की लापरवाही और जिम्मेदार विभागों की उदासीनता के कारण स्कूली छात्र-छात्राओं, वार्डवासियों, वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार दो दिनों से हो रही बारिश ने इस निर्माण कार्य की खामियों को पूरी तरह उजागर कर दिया है। निर्माण के दौरान न तो वैकल्पिक सर्विस रोड का काम पूरा किया गया है और न ही पानी की निकासी के लिए नाली बनाई गई है, जिससे घरों और आसपास का सारा पानी सड़क पर जमा हो गया है और मुख्य मार्ग कीचड़ व तालाब में तब्दील हो चुका है। इस वजह से स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता दुर्घटना का कारण बन रहा है और लोग पानी के बीच से निकलने को मजबूर हैं। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले क्षेत्रीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी, लोक निर्माण विभाग (PWD) और रेलवे के अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर गुणवत्ता के साथ काम शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बाद भी स्थिति सुधरने की बजाय निर्माण कार्य और अधिक सुस्त पड़ गया है। इससे नाराज स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से ओवरब्रिज निर्माण में तेजी लाने, तत्काल सर्विस रोड चालू करने और जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
नर्मदापुरम के बनखेड़ी के नयाखेड़ा क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज की धीमी रफ्तार आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गई है। ठेकेदार की लापरवाही और जिम्मेदार विभागों की उदासीनता के कारण स्कूली छात्र-छात्राओं, वार्डवासियों, वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार दो दिनों से हो रही बारिश ने इस निर्माण कार्य की खामियों को पूरी तरह उजागर कर दिया है। निर्माण के दौरान न तो वैकल्पिक सर्विस रोड का काम पूरा किया गया है और न ही पानी की निकासी के लिए नाली बनाई गई है, जिससे घरों और आसपास का सारा पानी सड़क पर जमा हो गया है और मुख्य मार्ग कीचड़ व तालाब में तब्दील हो चुका है। इस वजह से स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता दुर्घटना का कारण बन रहा है और लोग पानी के बीच से निकलने को मजबूर हैं। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले क्षेत्रीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी, लोक निर्माण विभाग (PWD) और रेलवे के अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर गुणवत्ता के साथ काम शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बाद भी स्थिति सुधरने की बजाय निर्माण कार्य और अधिक सुस्त पड़ गया है। इससे नाराज स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से ओवरब्रिज निर्माण में तेजी लाने, तत्काल सर्विस रोड चालू करने और जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
- नर्मदापुरम के बनखेड़ी के नयाखेड़ा क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज की धीमी रफ्तार आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गई है। ठेकेदार की लापरवाही और जिम्मेदार विभागों की उदासीनता के कारण स्कूली छात्र-छात्राओं, वार्डवासियों, वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार दो दिनों से हो रही बारिश ने इस निर्माण कार्य की खामियों को पूरी तरह उजागर कर दिया है। निर्माण के दौरान न तो वैकल्पिक सर्विस रोड का काम पूरा किया गया है और न ही पानी की निकासी के लिए नाली बनाई गई है, जिससे घरों और आसपास का सारा पानी सड़क पर जमा हो गया है और मुख्य मार्ग कीचड़ व तालाब में तब्दील हो चुका है। इस वजह से स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता दुर्घटना का कारण बन रहा है और लोग पानी के बीच से निकलने को मजबूर हैं। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले क्षेत्रीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी, लोक निर्माण विभाग (PWD) और रेलवे के अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर गुणवत्ता के साथ काम शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बाद भी स्थिति सुधरने की बजाय निर्माण कार्य और अधिक सुस्त पड़ गया है। इससे नाराज स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से ओवरब्रिज निर्माण में तेजी लाने, तत्काल सर्विस रोड चालू करने और जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।1
- नर्मदापुरम के पिपरिया में कई दुकानों पर उपभोक्ताओं को खुलेआम चूना लगाने का खेल चल रहा है। दुकानों पर बिक रहे पैकेटों पर न तो मैन्युफैक्चरिंग डेट दर्ज है और न ही एक्सपायरी डेट लिखी गई है। इसके बावजूद दुकानदार ब्रेड और पाव जैसी चीज़ों पर तय एमआरपी (MRP) से ज़्यादा पैसों की वसूली कर रहे हैं। मुनाफाखोरी के इस धंधे में दुकानदार पैकेटों से ओरिजिनल पर्ची हटाकर अपनी खुद की मनमानी पर्ची चिपका रहे हैं। पिपरिया की तमाम दुकानों पर यह धोखाधड़ी बेधड़क जारी है, लेकिन इसके बाद भी नापतौल विभाग की तरफ से इन दुकानदारों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।1
- नर्मदापुरम जिले के माखन नगर "बाबई" निवासी वरिष्ठ चिकित्सक आदरणीय डॉ. डी.के. रैना ने अपने पूज्य पिताजी स्वर्गीय श्री दया कृष्ण जी रैना, भाई स्वर्गीय श्री राजेंद्र जी रैना और भाभी श्रीमती विभा रैना जी की पुण्यतिथि पर एक बड़ी मिसाल पेश की है। उन्होंने रोने के बजाय सेवा का मार्ग चुना और अपने अपनों की याद को सेवा की थाली में बदल दिया। इस पुनीत कार्य में डॉ. रैना की बहन ग्वालियर निवासी श्रीमती मंजू दर जी ने भी उनका पूरा साथ दिया। दोनों ने मिलकर लगातार तीन दिनों तक राम रहीम रोटी बैंक के माध्यम से गरीब, असहाय, निःशक्त और वृद्धजनों को विभिन्न व्यंजनों के साथ स्वादिष्ट भोजन कराया। इसके साथ ही, डॉ. रैना ने जरूरतमंदों की भोजन व्यवस्था के लिए समिति को दान की राशि भी भेंट की। राम रहीम रोटी बैंक समिति ने डॉ. डी.के. रैना और श्रीमती मंजू दर जी को कोटि-कोटि नमन करते हुए आभार जताया है और कहा है कि उनके सहयोग से ही उनके चूल्हे जल रहे हैं और दुआएं मिल रही हैं। चले गए लोगों को याद रखने के इस सबसे सुंदर तरीके और इस सेवा भाव को ही सच्ची श्रद्धांजलि और सच्चा पुण्य माना गया है।1
- नरसिंहपुर के गोटेगांव में पोस्ट मार्टम भवन की बदहाली और उसकी जर्जर इमारत का मामला सामने आया है। इस भवन की दयनीय स्थिति और बदहाली की पूरी कहानी खुद व्यवस्था के जिम्मेदारों की जुबानी उजागर हो रही है, जो इसके जर्जर ढांचे की सच्चाई को बयां कर रहे हैं।1
- छिंदवाड़ा जिले के तामिया में संचालित एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों को घटिया भोजन परोसे जाने का एक वीडियो सामने आया है। इस मामले में बच्चों द्वारा की गई शिकायत के बाद, जिला कलेक्टर ने सहायक आयुक्त को जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी। अब यह देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।1
- गोटेगांव थाना प्रभारी पर मारपीट और कथित वसूली का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में गायब युवक के परिजनों ने कलेक्टर के समक्ष पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।1
- नर्मदापुरम के पिपरिया में मंगलवारा पुलिस द्वारा 'नशे से दूरी जरूरी' अभियान के तहत सिलारी चौक पर लोगों को जागरूक किया गया। इस जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को दुर्घटना के समय मरीज को दी जाने वाली सीपीआर की ट्रेनिंग भी दी गई।1
- पीएम आवास के बाहर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने धरना दिया। इसके करीब 3 घंटे बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के दौरान धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज भी हुआ।1