रोहतास के नौहट्टा प्रखंड स्थित नवाडीह कला निवासी राजमा कुमारी जी की जान सासाराम के एक निजी अस्पताल में बचा ली गई, जहाँ वे जिंदगी और मौत से जूझ रही थीं। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए चार यूनिट रक्त की तत्काल मांग की थी, जिससे उनके परिजन अत्यधिक चिंतित और टूट चुके थे। इस कठिन समय में, नौहट्टा के मंगल जी और सरोज जी ने मदद के लिए एक कॉल किया, जिसके बाद इंसानियत की एक जंग शुरू हुई। सूचना मिलते ही, एक बहन की जान बचाने के एकमात्र उद्देश्य के साथ, विशाल डायग्नोस्टिक सेंटर के अल्ट्रासाउंड इंचार्ज विजय गुप्ता जी, राजेश पासवान जी, और दीपक पासवान जी तुरंत रक्त दान करने अस्पताल पहुँचे। इन तीनों भाइयों ने मिलकर तीन यूनिट रक्त का दान किया, जिससे राजमा कुमारी जी की स्थिति में सुधार आया और वे अब खतरे से बाहर बताई जा रही हैं। इस नेक कार्य के लिए विजय गुप्ता जी, राजेश भाई और दीपक भाई को उनके जज़्बे के लिए दिल से धन्यवाद दिया गया है, और उन्हें 'असली हीरो' बताया गया है। उनके इस निस्वार्थ रक्त दान को एक महान पुण्य का कार्य बताया गया है, क्योंकि उनका रक्त अब किसी की नसों में दौड़कर उसे नया जीवन दे रहा है।
रोहतास के नौहट्टा प्रखंड स्थित नवाडीह कला निवासी राजमा कुमारी जी की जान सासाराम के एक निजी अस्पताल में बचा ली गई, जहाँ वे जिंदगी और मौत से जूझ रही थीं। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए चार यूनिट रक्त की तत्काल मांग की थी, जिससे उनके परिजन अत्यधिक चिंतित
और टूट चुके थे। इस कठिन समय में, नौहट्टा के मंगल जी और सरोज जी ने मदद के लिए एक कॉल किया, जिसके बाद इंसानियत की एक जंग शुरू हुई। सूचना मिलते ही, एक बहन की जान बचाने के एकमात्र उद्देश्य के साथ, विशाल डायग्नोस्टिक सेंटर के अल्ट्रासाउंड इंचार्ज विजय गुप्ता जी,
राजेश पासवान जी, और दीपक पासवान जी तुरंत रक्त दान करने अस्पताल पहुँचे। इन तीनों भाइयों ने मिलकर तीन यूनिट रक्त का दान किया, जिससे राजमा कुमारी जी की स्थिति में सुधार आया और वे अब खतरे से बाहर बताई जा रही हैं। इस नेक कार्य के लिए विजय गुप्ता जी, राजेश
भाई और दीपक भाई को उनके जज़्बे के लिए दिल से धन्यवाद दिया गया है, और उन्हें 'असली हीरो' बताया गया है। उनके इस निस्वार्थ रक्त दान को एक महान पुण्य का कार्य बताया गया है, क्योंकि उनका रक्त अब किसी की नसों में दौड़कर उसे नया जीवन दे रहा है।
- RENATA Health World की डिजिटल मार्केटिंग ट्रेनिंग में उत्साह और सीखने का अद्भुत माहौल देखने को मिला। इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने स्वास्थ्य, डिजिटल मार्केटिंग और विकास के नए अवसरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। आयोजकों के अनुसार, जब सही मार्गदर्शन, सही उत्पाद और सही दृष्टिकोण एक साथ मिलते हैं, तो सफलता की एक नई कहानी बनती है। इस प्रशिक्षण सत्र का उद्देश्य प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवन, स्मार्ट लर्निंग, एक मजबूत नेटवर्क और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए सशक्त करना था। RENATA Health World ने आज जुड़ने वाले सभी साथियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं, और इच्छुक लोगों को स्वास्थ्य और विकास के इस मिशन का हिस्सा बनने के लिए तुरंत संपर्क करने का आह्वान किया है। इस पहल का मुख्य संदेश 'सीखिए, बढ़िए और दूसरों को भी आगे बढ़ाइए' है, जो केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि एक बेहतर भविष्य बनाने के दृष्टिकोण पर केंद्रित है।1
- गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर देशभर में चल रहे ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के द्वितीय चरण को सफल बनाने के उद्देश्य से रविवार को कैमूर जिले की वृंदावन वाटिका में गौ रक्षकों और गौ प्रेमियों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी 27 जुलाई को जिलाधिकारी को पांच लाख हस्ताक्षरों के साथ एक ज्ञापन सौंपने का संकल्प लिया गया। बैठक की अध्यक्षता हिंदूवादी नेता उत्तम पटेल ने की। इस अवसर पर काशी से पधारे संत ओमकार दास महाराज ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा करते हुए अधिक से अधिक लोगों को हस्ताक्षर अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि गौ संरक्षण और गौ संवर्धन के प्रति जनजागरण अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिलेभर में व्यापक स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाकर 27 जुलाई तक पांच लाख हस्ताक्षर एकत्र किए जाएंगे, जिसके बाद जिलाधिकारी कैमूर नितिन कुमार सिंह के माध्यम से इस मांग को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए ज्ञापन सौंपा जाएगा। कार्यक्रम में पवन गुप्ता, अभिषेक पटेल, डॉ. उत्सव सिंह, विनोद तिवारी, प्रिंस सिंह, प्रिंस यादव सहित बड़ी संख्या में गौ रक्षक और गौ प्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाने और जनसमर्थन जुटाने का दृढ़ संकल्प लिया।4
- कैमूर जिले के कुदरा थाना क्षेत्र के अमीरथा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) पर शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। सड़क किनारे खराब खड़े एक ट्रक को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार कंटेनर ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ट्रक के नीचे घुसकर तकनीकी खराबी ठीक कर रहा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। मिली जानकारी के अनुसार, मोहनियां की ओर जाने वाले लेन पर ट्रक संख्या CG04 PJ 9286 में अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके चलते उसे सड़क किनारे खड़ा किया गया था। ट्रक चालक वाहन के नीचे घुसकर खराबी ठीक करने का प्रयास कर रहा था। तभी, पीछे से आ रही बेहद तेज गति के कंटेनर ट्रक संख्या UP21 ET 2139 ने खड़े ट्रक में टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि इसकी आवाज से आसपास के लोग दहशत में आ गए। हादसे में घायल हुए चालक की पहचान आलमगीर आलम (45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय मोहम्मद कादिर बख्श के पुत्र और भोजपुर जिले के जगदीशपुर (पोस्ट-ककीला) के निवासी हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही NHAI की पेट्रोलिंग टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। वहीं, 112 पुलिस टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और घायल चालक को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), कुदरा में भर्ती कराया। कुदरा CHC में प्राथमिक उपचार के बाद भी चालक की हालत नाजुक बनी हुई थी, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल भभुआ रेफर कर दिया गया है। इस भीषण टक्कर के कारण NH-19 पर कुछ समय के लिए वाहनों का परिचालन बाधित रहा और जाम की स्थिति बन गई थी, जिसे पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर सुचारू रूप से बहाल कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह कंटेनर चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही मानी जा रही है।4
- Post by Chandan kumar gupta1
- कैमूर की पहाड़ियों में रहने वाले आदिवासी समाज को आज भी पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए गंभीर संघर्ष करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में पानी का इतना भीषण संकट है कि महिलाएं और बच्चे मीलों दूर से पीने का पानी लाने को विवश हैं, जो उनकी दैनिक दिनचर्या का एक कठिन हिस्सा बन चुका है। इस विकट स्थिति के बावजूद, सरकार और प्रशासन की ओर से अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस या बड़ा कदम नहीं उठाया गया है। यह वीडियो कैमूर के पहाड़ी इलाकों की वास्तविक और अनदेखी स्थिति को दर्शाता है, जिसकी ओर मीडिया और नेता कथित तौर पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जैसा कि स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त किया गया है, "नेता आते हैं… लेकिन पानी नहीं!", जो पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए आदिवासी समाज की निरंतर मजबूरी को रेखांकित करता है। इस आवाज को सरकार तक पहुँचाने और इस गंभीर समस्या पर ध्यान आकर्षित करने के लिए वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है।1
- Post by Anil Das3
- मुख्यमंत्री के संभावित कैमूर दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रशासनिक स्तर पर युद्धस्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जिसके तहत कृषि विभाग की भूमि पर हेलीपैड निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। इसके साथ ही, जिला अतिथि गृह को भी सजाने-संवारने का काम चल रहा है। मुख्यमंत्री के आगमन के मद्देनजर विभिन्न विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, और जिला अतिथि गृह में विभागीय स्टॉल लगाए जाने की भी चर्चा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री का कार्यक्रम 2 मई अथवा 16 मई को प्रस्तावित है, हालाँकि अंतिम तिथि को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संभावित कैमूर प्रवास के दौरान, मुख्यमंत्री जिले की किसी पंचायत में आयोजित विशेष सहयोग शिविर में भाग ले सकते हैं। साथ ही, देश के प्राचीनतम शक्तिपीठों में शामिल मां मुंडेश्वरी धाम में पूजा-अर्चना करने की भी संभावना जताई जा रही है। जिला प्रशासन सरकार की विभिन्न योजनाओं की अद्यतन रिपोर्ट तैयार करने में जुटा है, और सभी विभागों से योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट मांगी गई है, जिसमें लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी शामिल हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है ताकि कार्यक्रम के दौरान कोई कमी न रहे। मुख्यमंत्री के संभावित आगमन के चलते जिले में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।3
- कैमूर के मोहनिया में रविवार सुबह एक टूरिस्ट बस मोहनिया चेक पोस्ट के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह बस आंध्र प्रदेश से श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी दर्शन के लिए ले जा रही थी। इस हादसे में बस में सवार सात यात्री घायल हो गए। बताया गया है कि बस चालक को झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस और एनएचएआई की टीम घटनास्थल पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायल यात्रियों को उपचार के लिए अनुमंडलीय अस्पताल मोहनिया भेजा गया, जहाँ चिकित्सकों द्वारा उन्हें प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। घायलों में चमाचम (पिता- अपना), मोहिनी (पिता- सुखबइया), आर. सोरमा (पिता- तऊडू), वलग कुमार (पिता- लक्ष्मी नारायण), चेंना राव (पिता- यनकना), सुखबइया (पिता- गुडईया) और अपना (पिता- तउड़ी) शामिल हैं। ये सभी घायल आंध्र प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने जानकारी दी कि दुर्घटना चालक को नींद आने के कारण हुई प्रतीत होती है और मामले की जांच की जा रही है। अस्पताल में सभी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।2