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धौलपुर में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान विकास कार्यों को गति देने के निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य जिले में चल रहे विभिन्न विकास परियोजनाओं में तेजी लाना है।
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धौलपुर में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान विकास कार्यों को गति देने के निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य जिले में चल रहे विभिन्न विकास परियोजनाओं में तेजी लाना है।
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- शुक्रवार सुबह सारसोप गांव में 5 बजे से 7 बजे तक एक प्रभात फेरी निकाली गई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस धार्मिक शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बुजुर्ग श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्होंने भगवान के भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ गांव के विभिन्न मोहल्लों और प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया। प्रभात फेरी के दौरान ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर इसका भव्य स्वागत किया, जिससे पूरे गांव में श्रद्धा और भक्ति का माहौल छा गया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रभात फेरी का मुख्य उद्देश्य धार्मिक जागरूकता बढ़ाना और समाज में भाईचारे, सद्भाव व सकारात्मक ऊर्जा का संदेश प्रसारित करना है। यह कार्यक्रम सामूहिक प्रार्थना के साथ संपन्न हुआ।1
- केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के बाद अब राजस्थान में इसके आगमन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे प्रदेशवासियों को मानसून से राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यदि समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो राजस्थान में मानसून 25 से 30 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। मौसम विभाग के मानसून प्रोग्रेस चार्ट के मुताबिक, इस वर्ष मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। शुरुआती चरण में राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जिनमें तेज हवाएं, बादलों की गरज, धूलभरी आंधियां और हल्की से मध्यम बारिश शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान में मानसून की पहली दस्तक दक्षिण-पूर्वी जिलों में हो सकती है, जिसके बाद यह धीरे-धीरे मध्य राजस्थान और फिर पश्चिमी क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा। मानसून के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार भी दक्षिण-पश्चिम मानसून बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों शाखाओं के माध्यम से आगे बढ़ेगा। फिलहाल, मौसम विभाग इसकी प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जून के अंतिम सप्ताह में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। प्रदेश में किसान, आमजन और जल संसाधनों से जुड़े विभाग मानसून की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि अच्छी बारिश से खेती, पेयजल व्यवस्था और भूजल स्तर को लाभ मिलने की उम्मीद है।1
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी को समंदर की सैर करते हुए देखा गया है। इस यात्रा का वीडियो कांग्रेस के 'भारत जोड़ो' इंस्टाग्राम अकाउंट से साझा किया गया है। 'भारत जोड़ो' अकाउंट के अनुसार, राहुल गांधी के आधिकारिक 'YouTube' चैनल पर अब इस पूरे एपिसोड का वीडियो उपलब्ध है।1
- बिलासपुर में BBPL का भव्य आगाज किया गया, जहाँ एक ट्रॉफी रैली ने खूब धूम मचाई। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा गया।1
- गुरुवार शाम को हाड़ौती क्षेत्र, जिसमें कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिले शामिल हैं, में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी और 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे क्षेत्र का जनजीवन प्रभावित हुआ। कोटा शहर और आसपास के इलाकों में धूलभरी आंधी के बाद हुई इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। इसी तरह, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों में भी तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर गईं और कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। तापमान में गिरावट आने से लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली। मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भी हाड़ौती क्षेत्र के कुछ हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।1
- राजस्थान में राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने नीरज डांगी को एक बार फिर अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी के इस निर्णय के बाद नीरज डांगी आज जयपुर में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के निकट हाउसिंग बोर्ड स्थित श्याम वाटिका कॉलोनी (वार्ड-21) में वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ी सड़क स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का सबब बन गई है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे, कीचड़ और जलभराव के चलते आए दिन राहगीर, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। इसके बावजूद, जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं, जिससे कॉलोनीवासियों में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक को लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। हालत यह है कि सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों में बारिश का पानी भर जाता है, जिससे लोगों का आवागमन तक दूभर हो जाता है। स्थानीय निवासी हेमा शर्मा ने बताया कि खराब सड़क के कारण वाहन अक्सर गड्ढों में फंस जाते हैं और स्कूली बच्चे गिरकर चोटिल हो जाते हैं; बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना तक मुश्किल हो जाता है। वहीं इंद्रा देवी ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क पर बने गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं को खुला न्योता दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा। स्थानीय निवासी राकेश मीणा ने भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने पर चिंता जताई। कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि मानसून सिर पर है और यदि समय रहते सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो उन्हें जलभराव और कीचड़ के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। लोगों ने जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास के दावों के बीच श्याम वाटिका की यह बदहाल सड़क प्रशासनिक उदासीनता की कहानी बयां कर रही है, और अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी इस जायज मांग पर कब तक ध्यान देते हैं।1