सनावद में आयोजित एक आध्यात्मिक संगोष्ठी में देश के प्रख्यात जैन चिंतक, विद्वान और अध्यात्म मर्मज्ञ डॉ. विवेक सागर शास्त्री ने स्पष्ट किया कि जैन दर्शन मात्र आस्था का विषय नहीं, बल्कि आत्मोत्कर्ष का एक वैज्ञानिक मार्ग है। उन्होंने इस दर्शन को प्रत्येक आत्मा में निहित अनंत संभावनाओं को पहचानने और उन्हें जागृत करने का सीधा रास्ता बताया। डॉ. शास्त्री ने वर्तमान समय की अधिकांश व्यक्तिगत और सामाजिक समस्याओं के समाधान के रूप में स्वाध्याय, आत्मचिंतन और संस्कारों को रेखांकित किया। पूर्णाश्रय में हुई इस चर्चा के दौरान, डॉ. शास्त्री ने कई प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से समझाया कि यदि मनुष्य स्वयं को समझने का प्रयास करे, तो उसके जीवन की दिशा और दशा दोनों परिवर्तित हो सकती हैं। उनके अनुसार, वास्तविक बाहरी बदलाव की नींव आंतरिक जागरण पर आधारित है, जिसे केवल स्वाध्याय के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने समाज में पाठशालाओं की महत्ता पर भी विशेष बल दिया, यह बताते हुए कि किसी भी समाज का भविष्य उसकी नई पीढ़ी के संस्कारों पर निर्भर करता है। डॉ. शास्त्री ने पाठशालाओं को केवल धार्मिक शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और सांस्कृतिक संरक्षण की आधारशिलाएँ बताया। उन्होंने कहा कि स्वाध्याय और पाठशालाएँ दो ऐसी शक्तिशाली व्यवस्थाएँ हैं, जो समाज को संगठित, संस्कारित और सशक्त बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मात्र 41 वर्ष की आयु में ही डॉ. विवेक सागर शास्त्री ने देश-विदेश के हजारों श्रोताओं के बीच अपनी एक विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उनके सत्यनिष्ठ, स्पष्टवादी और दृढ़ विचारों ने, विशेषकर युवा वर्ग को अत्यधिक प्रभावित किया है। जैन और जैनेतर समाज के अनगिनत युवा उनके व्याख्यानों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सकारात्मक और आमूलचूल परिवर्तन ला रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रतिदिन हजारों लोग उनके प्रवचनों से लाइव जुड़कर उनके तार्किक, सात्विक और जीवनोपयोगी चिंतन से लाभान्वित होते हैं। इस अवसर पर राजेन्द्र महावीर ने शाल और मोतीमाला से डॉ. शास्त्री का आत्मीय स्वागत किया। आशीष चौधरी, संतोष बाकलीवाल, संदीप चौधरी, हेमेंद्र जैन ‘हेमू’, सौरभ जैन मंगलश्री, जितेश जैन, शुभम जैन और सुरभि जैन ने भी उनका सम्मान किया।
सनावद में आयोजित एक आध्यात्मिक संगोष्ठी में देश के प्रख्यात जैन चिंतक, विद्वान और अध्यात्म मर्मज्ञ डॉ. विवेक सागर शास्त्री ने स्पष्ट किया कि जैन दर्शन मात्र आस्था का विषय नहीं, बल्कि आत्मोत्कर्ष का एक वैज्ञानिक मार्ग है। उन्होंने इस दर्शन को प्रत्येक आत्मा में निहित अनंत संभावनाओं को पहचानने और उन्हें जागृत करने का सीधा रास्ता बताया। डॉ. शास्त्री ने वर्तमान समय की अधिकांश व्यक्तिगत और सामाजिक समस्याओं के समाधान के रूप में स्वाध्याय, आत्मचिंतन और संस्कारों को रेखांकित किया। पूर्णाश्रय में हुई इस चर्चा के दौरान, डॉ. शास्त्री ने कई प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से समझाया कि यदि मनुष्य स्वयं को समझने का प्रयास करे, तो उसके जीवन की दिशा और दशा दोनों परिवर्तित हो सकती हैं। उनके अनुसार, वास्तविक बाहरी बदलाव की नींव आंतरिक जागरण पर आधारित है, जिसे केवल स्वाध्याय के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने समाज में पाठशालाओं की महत्ता पर भी विशेष बल दिया, यह बताते हुए कि किसी भी समाज का भविष्य उसकी नई पीढ़ी के संस्कारों पर निर्भर करता है। डॉ. शास्त्री ने पाठशालाओं को केवल धार्मिक शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और सांस्कृतिक संरक्षण की आधारशिलाएँ बताया। उन्होंने कहा कि स्वाध्याय और पाठशालाएँ दो ऐसी शक्तिशाली व्यवस्थाएँ हैं, जो समाज को संगठित, संस्कारित और सशक्त बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मात्र 41 वर्ष की आयु में ही डॉ. विवेक सागर शास्त्री ने देश-विदेश के हजारों श्रोताओं के बीच अपनी एक विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उनके सत्यनिष्ठ, स्पष्टवादी और दृढ़ विचारों ने, विशेषकर युवा वर्ग को अत्यधिक प्रभावित किया है। जैन और जैनेतर समाज के अनगिनत युवा उनके व्याख्यानों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सकारात्मक और आमूलचूल परिवर्तन ला रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रतिदिन हजारों लोग उनके प्रवचनों से लाइव जुड़कर उनके तार्किक, सात्विक और जीवनोपयोगी चिंतन से लाभान्वित होते हैं। इस अवसर पर राजेन्द्र महावीर ने शाल और मोतीमाला से डॉ. शास्त्री का आत्मीय स्वागत किया। आशीष चौधरी, संतोष बाकलीवाल, संदीप चौधरी, हेमेंद्र जैन ‘हेमू’, सौरभ जैन मंगलश्री, जितेश जैन, शुभम जैन और सुरभि जैन ने भी उनका सम्मान किया।
- सेंधवा स्थित शासकीय आदिवासी बालक महाविद्यालय छात्रावास में 9 जून 2026 को धरती आबा महामानव शहीद बिरसा मुंडा की 126वीं पुण्यतिथि पर एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्रावास के विद्यार्थियों ने बिरसा मुंडा सहित अन्य शहीदों के छायाचित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित विद्यार्थियों ने क्रमवार शहीद बिरसा मुंडा के जीवन, उनके संघर्ष, बलिदान और आदिवासी समाज के उत्थान में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पोरलाल खर्ते, जो अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के नेशनल कोऑर्डिनेटर और खरगोन-बड़वानी के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी हैं, ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शहीद बिरसा मुंडा ने मात्र 25 वर्ष की अल्पायु में ही ऐसे ऐतिहासिक कार्य किए, जिनसे आज भी पूरा देश प्रेरणा प्राप्त करता है। खर्ते ने बिरसा मुंडा के शोषणकारी जमींदारी व्यवस्था, अंग्रेजी शासन तथा आदिवासियों पर हो रहे अन्याय, अत्याचार, दमन और शोषण के विरुद्ध किए गए संघर्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिरसा मुंडा ने अपने जीवन के अंतिम क्षण तक अंग्रेजी सत्ता से कोई समझौता नहीं किया और अपने समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत रहे। पोरलाल खर्ते ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा पूर्ण कर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दें, साथ ही संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा एवं सामाजिक न्याय के लिए संघर्षरत रहें। उन्होंने प्रेरित करते हुए कहा कि जिस प्रकार बिरसा मुंडा को उनके बलिदान के 150 वर्ष बाद भी पूरा देश श्रद्धा और सम्मान के साथ याद करता है, उसी प्रकार प्रत्येक विद्यार्थी को भी अपने जीवन में ऐसे कार्य करने चाहिए, जिससे समाज उन्हें भी सदैव स्मरण रखे। इस अवसर पर छात्रावास अध्यक्ष नितेश बर्डे, उपाध्यक्ष मांगीलाल चौहान, कोषाध्यक्ष संतोष नरगावे, सचिव रितेश डावर, सह सचिव जगदीश बंडोड़, संगठन प्रभारी रंजीत तरोले सहित बड़ी संख्या में छात्रावास के विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन गुटीराम सेनानी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन मांगीलाल चौहान ने किया।1
- भोपाल में एएनटी आल इंडिया न्यूज नेटवर्क चैनल और आल न्यूज टाइम्स अखबार द्वारा एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें उन सभी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। इस अवसर पर पत्रकार शाहिद कामिल ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा ही सफलता की एक मजबूत नींव है। एएनटी आल इंडिया न्यूज नेटवर्क चैनल और आल न्यूज टाइम्स अखबार के एडिटर-इन-चीफ मसूद जावेद कादरी भी इस कार्यक्रम से जुड़े थे। यह रिपोर्ट मोहम्मद नेहाल द्वारा भोपाल से प्रस्तुत की गई है।1
- खंडवा में रजत कुमार विनोद कुमार संस्थान के प्रॉपराइटर ने क्षेत्र के किसान भाइयों से एक विशेष अपील की है। इस अपील में किसानों से कहा गया है कि वे आगामी बोवनी के लिए अपनी आवश्यकतानुसार बीज केवल रजत कुमार विनोद कुमार संस्थान से ही खरीदें।1
- सशक्त पत्रकार समिति और बुरहानपुर मीडिया क्लब के संयुक्त तत्वावधान में बुरहानपुर के पुरानी तहसील कार्यालय के बाहर 11 जून 2026 को सुबह 10 बजे एक सांकेतिक कलमबंद हड़ताल, शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम पत्रकारों की विभिन्न मांगों एवं अधिकारों के समर्थन में आयोजित किया जा रहा है। सशक्त पत्रकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष उमेश जंगाले ने जिले सहित प्रदेशभर के सभी पत्रकार बंधुओं से इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने और एकजुट उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों पर अपनी सहभागिता दर्ज कराकर पत्रकार एकता का परिचय देना आवश्यक है। कार्यक्रम के उपरांत, मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को सौंपा जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष उमेश जंगाले ने सभी पत्रकार साथियों से समय पर उपस्थित होकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।1
- जीवन के एक सीधे-सादे नियम पर जोर देते हुए यह संदेश दिया गया है कि व्यक्ति को हमेशा मुस्कुराते रहना चाहिए। इसमें बताया गया है कि खाने-पीने और जीवन के हर पल को सकारात्मकता के साथ 'यस' करते हुए उसका आनंद लेना ही वास्तविक जिंदगी का सिद्धांत है।1
- बड़वानी जिले के लखनगांव निवासी एक व्यक्ति ने अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय में आवेदन सौंपा है। यह आवेदन अतिक्रमण को हटाने की अपील के साथ प्रस्तुत किया गया।1
- नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें देश के 23 दलों ने भाग लिया। इस अहम बैठक में विपक्षी एकता को मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीतियों को लेकर गहन विचार-मंथन किया गया। इंडिया गठबंधन ने इस अवसर पर अपनी एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया।1
- ढोढर पुलिस ने एक सख्त अभियान चलाते हुए 32 युवकों के खिलाफ कार्रवाई की है। ये युवक ढोढर क्षेत्र में अय्याशी करते हुए पाए गए थे, जिसके बाद पुलिस ने उन पर शिकंजा कसा। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप, अब इन युवकों के लिए ढोढर में अय्याशी करना संभव नहीं होगा।1
- बुरहानपुर के गुड हॉस्पिटल में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के निर्देशों की अनदेखी कर मरीजों को भर्ती किए जाने का मामला सामने आया है। अस्पताल पर मरीजों को गुमराह करने और आयुष्मान योजना के नाम पर ठगी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने शिकायत की है कि उन्हें पहले मुफ्त उपचार का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में आयुष्मान कार्ड लाने को कहा गया और इस तरह गुमराह कर भर्ती किया गया। कई मरीजों का यह भी आरोप है कि 5 जून से उन्हें केवल आईवी लगाकर इलाज किया जा रहा है। शिकायतें यह भी मिली हैं कि जब मरीजों ने छुट्टी मांगी, तो उन्हें 8 दिन तक डिस्चार्ज नहीं करने की बात कही गई। मरीज के परिजन सुमित वारूडे ने विशेष रूप से आरोप लगाया है कि छोटी बीमारी को बड़ी बीमारी बताकर आयुष्मान योजना से लाखों के बिल निकाले जा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि मरीजों को झूठे आश्वासन देकर भर्ती किया जा रहा है और खंडवा क्षेत्र से आए मरीजों को छोटे कमरों में जमीन पर लिटाकर उपचार किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि CMHO ने अस्पताल में खामियों के चलते उसे एक महीने तक मरीज भर्ती नहीं करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अस्पताल में भर्ती प्रक्रिया जारी रहने के आरोप लगे हैं, जिससे CMHO के आदेशों की अनदेखी स्पष्ट होती है। हालांकि, अस्पताल संचालक ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं पूरी हैं और आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का उपचार जारी है।1