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राम जी दीक्षित पत्रकार
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- 2027 आगामी विधानसभा चुनाव से पहले फिर देखने को मिला पोस्टर वार। लखनऊ 2027 आगामी विधानसभा चुनाव से पहले फिर देखने को मिला पोस्टर वार। भाजपा, सपा के बाद अब कांग्रेस का दिखा पोस्टर वार। कांग्रेस पार्टी मुख्यालय के बाहर दिखे अनोखे पोस्टर। पोस्टर में लिखा ' 1980 के दशक में राजीव गांधी लाए थे कंप्यूटर क्रांति अब राहुल गांधी Gen-Z के लिए लाए है शिक्षा में नई क्रांति। साथ ही लिखा 2027 में आ रही है उत्तर प्रदेश में कांग्रेस सरकार। वहीं दूसरे पोस्टर में राहुल गांधी को लिखा 2029 के प्रधानमंत्री। वहीं इन पोस्टरों से राजनीतिक चर्चाओं का बाज़ार हुआ गर्म। कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्वी जोन के प्रभारी हसीब खान ने लगवाए पोस्टर।3
- बाराबंकी से 24 इंडिया न्यूज़ पर बड़ी खबर आ रही है फतेहपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 17 वर्षीय किशोरी के लापता होने का मामला सामने आया है। किशोरी की मां ने पुलिस को शिकायत पत्र देकर एक युवक समेत चार लोगों पर उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है। किशोरी की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। कोतवाल अमित प्रताप सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच चल रही है और लड़की की तलाश के लिए जरूरी कार्रवाई की जा रही है। ऐसी स्थानीय खबरें पाने के लिए 24 इंडिया न्यूज़ चैनल को फॉलो करें रवि राव 24 इंडियन न्यूज़ बाराबंकी1
- जर्जर एलटी लाइन बनी जानलेवा, टूटते तारों से दहशत रसौली नहर क्षेत्र में कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, शिकायतों के बावजूद नहीं बदली लाइन ब्यूरो चीफ बाराबंकी। रसौली नहर क्षेत्र में लंबे समय से जर्जर पड़ी एलटी विद्युत लाइन अब ग्रामीणों के लिए मुसीबत के साथ गंभीर खतरे का कारण बन गई है। आए दिन बिजली के तार टूटकर जमीन पर गिरने से राहगीरों और आसपास के लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। सोमवार को भी तार टूटने की घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जर्जर लाइन को लेकर कई बार विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों के मुताबिक पूर्व में टूटे तार की चपेट में आने से एक गाय की मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद विभाग द्वारा जर्जर तारों को बदलने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई न किए जाने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी दिन टूटे तार की चपेट में कोई राहगीर या बच्चा आ गया तो जिम्मेदारी किसकी होगी? उनका आरोप है कि विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार करता नजर आ रहा है। लगातार तार टूटने की घटनाओं से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराकर जर्जर एलटी लाइन को बदलने, क्षतिग्रस्त तारों को हटाने और नियमित जांच की व्यवस्था कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि हादसा होने से पहले विभाग जागे, वरना किसी दिन यह लापरवाही जनहानि में बदल सकती है।1
- लखनऊ। रायपुर गांव में नहरिया माइनर पर पेड़ों के कटान का आरोप, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल लखनऊ। काकोरी थाना क्षेत्र के रायपुर गांव के पास नहरिया माइनर पर पेड़ों के कथित अवैध कटान का मामला सामने आया है। आरोप है कि भद्रावल निवासी राजपूत द्वारा कथित रूप से पेड़ों की कटाई कराई जा रही है और कटान के बाद लकड़ी को वाहनों के जरिए मौके से हटाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेड़ों की कटाई के लिए वैध अनुमति अथवा आवश्यक दस्तावेजों का पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की जानकारी होने के बावजूद संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मौके की जांच कर कटान की वैधता, अनुमति और लकड़ी के परिवहन की जांच कराने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- Report Sanjay Agarwal Tringel News Lucknow 8574663222 उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और थारू जनजातीय कला का उत्सव: डॉ. स्मिता तिवारी की एकल लोक कला प्रदर्शनी का भव्य समापन लखनऊ, 21 सितम्बर 2026: उत्कर्ष ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय लोक कलाकार और अकादमी की सचिव डॉ. स्मिता तिवारी की थारू जनजातीय शैली पर आधारित चित्रों की भव्य 'एकल-लोक कला प्रदर्शनी' का आज समापन समारोह कैसरबाग स्थित यू.पी. प्रेस क्लब में गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संस्कृति, समाज और पत्रकारिता जगत की अनेक गणमान्य विभूतियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।मुख्य अतिथि महंत कमलनयन दास जी के प्रेरक विचारकार्यक्रम के मुख्य अतिथि, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य और मणिराम दास छावनी (अयोध्या धाम) के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने दीप प्रज्वलित कर समापन समारोह का आधिकारिक शुभारंभ किया। अपने संबोधन में महंत जी ने थारू जनजाति की कला को वैश्विक मंच पर लाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा:"भारतीय संस्कृति की जड़ें हमारी लोक परंपराओं और जनजातीय कलाओं में निहित हैं।थारू जनजाति की कला सिर्फ चित्रकारी नहीं, बल्कि हमारी आदि-संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति है। डॉ. स्मिता तिवारी जैसे समर्पित कलाकार जब ऐसी धरोहरों को सहेजते हैं, तो इससे न केवल लोक कलाकारों की रचनाओं को व्यापकता मिलती है, बल्कि युवा पीढ़ी भी अपनी जड़ों से जुड़ती है। भारतीय संस्कृति के संवर्धन के लिए लोक कलाओं का संरक्षण और प्रसार आज के समय की महती आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने थारू जनजाति की अनूठी लोक संस्कृति और कला को बढ़ावा देने के लिए आयोजित एकल कला प्रदर्शनी की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। इस अवसर पर उन्होंने लोक संस्कृति के संरक्षण को राष्ट्र की प्राथमिकता बताया।प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद अपने विचार साझा करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा, "थारू जनजाति की प्रगति और उनकी लोक संस्कृति को अक्षुण्ण रखना प्रत्येक भारतीय का दायित्व है। जनजातीय समाज हमारे देश की जड़ों और समृद्ध इतिहास का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश सरकार उनकी कला, संस्कृति और आर्थिक उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"लोक कला को मिला नया आयामकृषि मंत्री ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए इसे लोक कला के क्षेत्र में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह कला प्रदर्शनी लोक कला को समाज और वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। ऐसी प्रदर्शनियाँ हमारी आने वाली पीढ़ियों को अपनी मूल संस्कृति से जोड़ने का काम करती हैं। मंत्री जी ने प्रख्यात लोक कलाकार डॉ. स्मिता तिवारी के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "लोक कलाकार डॉ. स्मिता तिवारी ने अपनी उत्कृष्ट कला और लगन के माध्यम से थारू जनजाति के जनजीवन और उनकी विरासत को कैनवास पर जीवंत कर दिया है। उनकी कलाकृतियों में थारू समाज की सादगी, संघर्ष और प्रकृति के साथ उनके जुड़ाव की स्पष्ट झलक मिलती है।"इस कला प्रदर्शनी में थारू जनजाति के पारंपरिक रहन-सहन, त्योहारों और लोक कलाकृतियों को बेहद खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया, जिसे आगंतुकों और कला प्रेमियों द्वारा काफी सराहा जा रहा है। विशिष्ट अतिथि, यू.पी. वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन (लखनऊ इकाई) के अध्यक्ष के शिव शरण सिंह ने कहा कि लोक कलाएं हमारे ग्रामीण और जनजातीय समाज का दर्पण हैं, जिन्हें मीडिया और समाज के हर वर्ग द्वारा प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं उत्कर्ष ललित कला अकादमी, उ.प्र. के अध्यक्ष कलाभूषण डॉ. राजेन्द्र सिंह पुण्डीर ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए लोक कलाकारों को हर संभव मंच प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि अकादमी भविष्य में भी लोक संस्कृति के विकास के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर गति देती रहेगी। आयोजक मंडल की गरिमामयी उपस्थिति समापन समारोह में उत्कर्ष ललित कला अकादमी के सलाहकार शरद शर्मा और कोषाध्यक्ष ममता दीक्षित,पूर्व जन सूचना आयुक्त नरेन्द्र श्रीवास्तव,वरिष्ठ पत्रकार अमित सिंह सहित कला प्रेमियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रदर्शनी में प्रदर्शित थारू जनजातीय शैली के अनूठे चित्रों ने आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उपस्थित सभी अतिथियों ने कलाकृतियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इस सफल आयोजन के लिए डॉ. स्मिता तिवारी को शुभकामनाएं दीं। Sanjay Agrawal Tringel News Lucknow 8574663222 Report Sanjay Agarwal Tringel News Lucknow 8574663222 उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और थारू जनजातीय कला का उत्सव: डॉ. स्मिता तिवारी की एकल लोक कला प्रदर्शनी का भव्य समापन लखनऊ, 21 सितम्बर 2026: उत्कर्ष ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय लोक कलाकार और अकादमी की सचिव डॉ. स्मिता तिवारी की थारू जनजातीय शैली पर आधारित चित्रों की भव्य 'एकल-लोक कला प्रदर्शनी' का आज समापन समारोह कैसरबाग स्थित यू.पी. प्रेस क्लब में गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संस्कृति, समाज और पत्रकारिता जगत की अनेक गणमान्य विभूतियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।मुख्य अतिथि महंत कमलनयन दास जी के प्रेरक विचारकार्यक्रम के मुख्य अतिथि, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य और मणिराम दास छावनी (अयोध्या धाम) के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने दीप प्रज्वलित कर समापन समारोह का आधिकारिक शुभारंभ किया। अपने संबोधन में महंत जी ने थारू जनजाति की कला को वैश्विक मंच पर लाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा:"भारतीय संस्कृति की जड़ें हमारी लोक परंपराओं और जनजातीय कलाओं में निहित हैं।थारू जनजाति की कला सिर्फ चित्रकारी नहीं, बल्कि हमारी आदि-संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति है। डॉ. स्मिता तिवारी जैसे समर्पित कलाकार जब ऐसी धरोहरों को सहेजते हैं, तो इससे न केवल लोक कलाकारों की रचनाओं को व्यापकता मिलती है, बल्कि युवा पीढ़ी भी अपनी जड़ों से जुड़ती है। भारतीय संस्कृति के संवर्धन के लिए लोक कलाओं का संरक्षण और प्रसार आज के समय की महती आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने थारू जनजाति की अनूठी लोक संस्कृति और कला को बढ़ावा देने के लिए आयोजित एकल कला प्रदर्शनी की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। इस अवसर पर उन्होंने लोक संस्कृति के संरक्षण को राष्ट्र की प्राथमिकता बताया।प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद अपने विचार साझा करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा, "थारू जनजाति की प्रगति और उनकी लोक संस्कृति को अक्षुण्ण रखना प्रत्येक भारतीय का दायित्व है। जनजातीय समाज हमारे देश की जड़ों और समृद्ध इतिहास का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश सरकार उनकी कला, संस्कृति और आर्थिक उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"लोक कला को मिला नया आयामकृषि मंत्री ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए इसे लोक कला के क्षेत्र में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह कला प्रदर्शनी लोक कला को समाज और वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। ऐसी प्रदर्शनियाँ हमारी आने वाली पीढ़ियों को अपनी मूल संस्कृति से जोड़ने का काम करती हैं। मंत्री जी ने प्रख्यात लोक कलाकार डॉ. स्मिता तिवारी के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "लोक कलाकार डॉ. स्मिता तिवारी ने अपनी उत्कृष्ट कला और लगन के माध्यम से थारू जनजाति के जनजीवन और उनकी विरासत को कैनवास पर जीवंत कर दिया है। उनकी कलाकृतियों में थारू समाज की सादगी, संघर्ष और प्रकृति के साथ उनके जुड़ाव की स्पष्ट झलक मिलती है।"इस कला प्रदर्शनी में थारू जनजाति के पारंपरिक रहन-सहन, त्योहारों और लोक कलाकृतियों को बेहद खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया, जिसे आगंतुकों और कला प्रेमियों द्वारा काफी सराहा जा रहा है। विशिष्ट अतिथि, यू.पी. वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन (लखनऊ इकाई) के अध्यक्ष के शिव शरण सिंह ने कहा कि लोक कलाएं हमारे ग्रामीण और जनजातीय समाज का दर्पण हैं, जिन्हें मीडिया और समाज के हर वर्ग द्वारा प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं उत्कर्ष ललित कला अकादमी, उ.प्र. के अध्यक्ष कलाभूषण डॉ. राजेन्द्र सिंह पुण्डीर ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए लोक कलाकारों को हर संभव मंच प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि अकादमी भविष्य में भी लोक संस्कृति के विकास के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर गति देती रहेगी। आयोजक मंडल की गरिमामयी उपस्थिति समापन समारोह में उत्कर्ष ललित कला अकादमी के सलाहकार शरद शर्मा और कोषाध्यक्ष ममता दीक्षित,पूर्व जन सूचना आयुक्त नरेन्द्र श्रीवास्तव,वरिष्ठ पत्रकार अमित सिंह सहित कला प्रेमियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रदर्शनी में प्रदर्शित थारू जनजातीय शैली के अनूठे चित्रों ने आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उपस्थित सभी अतिथियों ने कलाकृतियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इस सफल आयोजन के लिए डॉ. स्मिता तिवारी को शुभकामनाएं दीं। Sanjay Agrawal Tringel News Lucknow 85746632224
- लखनऊ के केजीएमयू में नर्सिंग छात्रा दिव्यांशी की मौत के बाद नर्सिंग कॉलेज में छात्र-छात्राओं का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि दिव्यांशी की तबीयत खराब होने के बावजूद उससे ओपीडी में काम कराया जाता था। छात्र-छात्राओं ने प्रिंसिपल के इस्तीफा देने की मांग रखी और कहां प्रिंसिपल को हटाया जाए प्रदर्शन के दौरान छात्रों में नाराजगी देखने को मिली। अब सभी की नजर इस बात पर है कि मामले में संस्थान और प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है। . . . #lucknow #kgmulucknow #trandingvideo #kgmuhospital #explore ...1
- इन्धौलिया में धूमधाम से गणेश जी की विदाई, जयकारों से गूंजा गांव ब्यूरो चीफ बाराबंकी। जैदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत अकबरपुर धनेठी के इन्धौलिया गांव में गणेश उत्सव के समापन पर सोमवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ गणेश प्रतिमा का विसर्जन सफदरगंज स्थित कल्याणी नदी में किया गया। विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। डीजे, ढोल-नगाड़ों और “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों से पूरा गांव भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु नाचते-गाते हुए प्रतिमा को विसर्जन स्थल तक लेकर पहुंचे। जैदपुर पुलिस टीम के साथ दरोगा अजय, पंकज वर्मा व सिपाही सुनील यादव समेत पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद रहे। शांतिपूर्ण माहौल में विसर्जन संपन्न होने के साथ ही गणेश उत्सव का विधिवत समापन हुआ। इस दौरान रामगोपाल वर्मा, अजय वर्मा, सीतांशु, ओंकार, मुकेश कुमार, रामसारन, सुरेश, धीरेंद्र वर्मा, कृष्णानंद कोटेदार, विवेक मास्टर, लल्लन सहित बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से गांव की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।1
- आम्रपाली में 5 दिन पहले हुई मरम्मत फिर धंसी सड़क, हादसे का खतरा* *लखनऊ* *आम्रपाली में 5 दिन पहले हुई मरम्मत फिर धंसी सड़क, हादसे का खतरा* इंदिरानगर के लाल बहादुर शास्त्री प्रथम वार्ड में आम्रपाली क्षेत्र स्थित इंद्रप्रस्थ आनंद अपार्टमेंट के सामने सड़क दोबारा धंस गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब 5 दिन पहले ही यहां सड़क की मरम्मत का काम कराया गया था। सड़क को दुरुस्त किए जाने के कुछ ही दिनों बाद दोबारा धंसने से लोगों में नाराजगी है। धंसे हुए हिस्से की लंबाई करीब 4 फीट और चौड़ाई करीब 2 फीट बताई जा रही है। हादसे की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोगों ने मौके पर ईंटें लगाकर घेरा बना दिया है चारों तरफ रात में पलटा ठेला, बाल-बाल बचा हादसा मौके पर मौजूद दुकानदार ने बताया कि रविवार देर रात सड़क धंसने की वजह से एक ठेला भी पलट गया था। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। *PWD की सड़क, पार्षद बोले- विभाग की जिम्मेदारी* *स्थानीय लोगों के मुताबिक यह सड़क PWD के अंतर्गत आती है। लाल बहादुर शास्त्री प्रथम वार्ड के पार्षद का कहना है कि सड़क PWD की है, इसलिए अब इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है।* *समीर नक़वी*4
- *ग्राम बैना गांव में तालाब मे डूबने से तीन मासूमों की दर्दनाक मौत*। राहुल रावत की रिपोर्ट लोकेशन निंदूरा। बाराबंकी के कुर्सी थाना क्षेत्र स्थित बैना गांव में रविवार शाम करीब 4:00 बजे गड्ढे में भरे बारिश के पानी में नहाते समय तीन बच्चे डूब गए हादसे में तीनों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने दो बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत्यु घोषित कर दिया तीसरे बच्चे का शव गांव के गोताखोरों ने बरामद किया पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है मामला कुर्सी थाना क्षेत्र बैना गांव का है।1