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#सांचौर: डमी अभ्यर्थी बनकर पटवारी बनी महिला की मददगार गिरफ्तार, एसओजी ने 10 हजार की इनामी आरोपी को दबोचा।
खटक न्यूज सेड़वा
#सांचौर: डमी अभ्यर्थी बनकर पटवारी बनी महिला की मददगार गिरफ्तार, एसओजी ने 10 हजार की इनामी आरोपी को दबोचा।
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- जालौर शनिवार को भेरुनाथ अखाड़े के पीर गंगा नाथ जी महाराज ने चातु मार्च के लिए वेरठ गांव किया प्रस्थान जालौर शनिवार को भेरुनाथ अखाडे के पीर गंगा नाथ जी महाराज ने चातु मार्च के लिए वेरठ गांव के लिए किया प्रस्थान भेरुनाथ अखाड़े से ढोल धमाका के साथ शोभायात्रा रवाना हुई शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति दी इस दौरान महिलाओं ने मांगलिक गीतों का गायन कर भक्ति मैं प्रस्तुति दी शोभायात्रा भेरुनाथ अखाड़े से रवाना होकर अस्पताल चौराया जोशी सर्कल सूरजपोल भीनमाल रोड होते हुए वेरठ गांव पहुंची जहां पर ग्रामीणों ने पीर जी का स्वागत अभिनंदन किया शोभा यात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत अभिनंदन किया शोभायात्रा में सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे3
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी विवाद – रुछिका सिंह ने मांगी माफी बहीरंग माफी: CJP कार्यकर्ता रुछिका सिंह ने देशवासियों से वीडियो जारी कर क्षमा मांगी। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रदर्शन के दौरान दूसरों के उकसावे और दबाव में आकर ही उनके मुंह से अनुचित शब्द निकले। - भविष्य का आश्वासन: सिंह ने भरोसा दिलाया कि आगे कभी ऐसी घटना दोहराई नहीं जाएगी। - कानूनी कार्रवाई: इस मामले में नोएडा पुलिस ने FIR दर्ज की है। जांच को दिल्ली पुलिस को सौंपा गया है। - राजनीतिक प्रतिक्रिया: घटना पर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। यह विवाद दिखाता है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए गए बयान कितने संवेदनशील होते हैं। राजनीतिक व्यक्तित्वों पर व्यक्तिगत टिप्पणी न केवल सामाजिक असंतोष को जन्म देती है, बल्कि कानूनी कार्रवाई का कारण भी बन सकती है।1
- जैसलमेर में दर्दनाक हादसा: ऊंट से भिड़ी सेना की SUV, कई बार पलटी; मेजर की मौत, दो लेफ्टिनेंट गंभीर जैसलमेर। शहर के पास थईयात आर्मी एरिया में गुरुवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में भारतीय सेना के एक युवा मेजर की मौत हो गई, जबकि दो लेफ्टिनेंट गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब तेज रफ्तार टाटा सफारी के सामने अचानक ऊंट आ गया और वाहन उससे जा टकराया। जानकारी के अनुसार, मेजर हमजा आरिफ अपने साथी अधिकारियों के साथ ड्यूटी पूरी कर आर्मी स्टेशन लौट रहे थे। रात करीब 12:30 बजे जैसलमेर शहर से लगभग 18 किलोमीटर दूर थईयात आर्मी एरिया के पास सड़क पर अचानक ऊंट आ जाने से SUV उससे टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन अनियंत्रित होकर करीब 4 से 5 बार पलट गया और लगभग 100 मीटर तक घिसटता चला गया। हादसे के बाद वाहन में सवार तीनों अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही मिलिट्री और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और वाहन में फंसे अधिकारियों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने मेजर हमजा आरिफ को मृत घोषित कर दिया। मेजर हमजा आरिफ की उम्र करीब 26 वर्ष बताई जा रही है और वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि उनकी शादी करीब एक महीने पहले ही हुई थी। हादसे में घायल लेफ्टिनेंट आयुष्मान और लेफ्टिनेंट अभिनव राठौड़ का सेना के अस्पताल में इलाज चल रहा है। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मेजर के पार्थिव शरीर को राजकीय जवाहर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। हादसे की वजह और पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस तथा आर्मी पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही है।1
- जावाल के आस पास गांवों में आज अच्छी बारिश हुई जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी जावाल के आस पास गांवों में बारिश अच्छी आई जिसमें गांवों में लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और किसानो को खुशी मिलेगी2
- अगले 3 घंटों में बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर, जालौर और फलोदी के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चलने की बहुत संभावना है।1
- बारिस बहुत दिन बाद आज बारिश आने से गर्मी और उम्स बड़ा वातावरण से छुटकारा मिला आज कोजरा गांव में जमाजम बारिश की धमाकेदार एंट्री हो गई है गर्मी और उमस से थोड़ा बहुत छुटकारा मिला है और किसानों के लिए भी अपनी फसलों को जीवादन मिलने की संभावना और थोड़ी बहुत बारिश आकर फिर वापस धूप खिल गई है2
- एबीवीपी के पूर्व अध्यक्ष ने SHO (थानाधिकारी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सेना और सुरक्षा बलों द्वारा सीमावर्ती क्षेत्र में तिरंगा फहराने पर आपत्ति जताने का मामला और तूल पकड़ता जा रहा है। धरना स्थल से बयान जारी करते हुए उन्होंने कहा कि SHO खुद अपनी सफाई में पोस्टर बनवाकर अपने ही अधीनस्थ कर्मचारियों के जरिए सोशल मीडिया पर प्रसारित करवा रहे हैं।1
- बारिश से मौसम हुआ सुहावना, गर्मी व उमस से मिली राहत..... बारिश से मौसम हुआ सुहावना, गर्मी व उमस से मिली राहत रानी/नाडोल। कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को शनिवार शाम हुई बारिश ने बड़ी राहत दी। शाम करीब 5 से 6 बजे तक लगभग एक घंटे तक लगातार हुई बारिश से नाडोल सहित आसपास के गांवों का मौसम सुहावना हो गया। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। काफी दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई। जिन किसानों ने पहले ही बुवाई कर दी थी, उनके लिए यह बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं रही। बारिश से खेतों में नमी बढ़ने से फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। लगातार उमस भरे मौसम से परेशान आमजन ने बारिश का आनंद लिया। कई स्थानों पर लोगों ने घरों से बाहर निकलकर ठंडी फुहारों का आनंद उठाया। मौसम में आए इस बदलाव से क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह खुशनुमा हो गया।1
- बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी 300 महिलाओं को दिया रोजगार,सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी* *बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी 300 महिलाओं को दिया रोजगार,सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी* उपखण्ड बाली क्षेत्र बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी महिलाओं को दिया रोजगार, सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी बेड़ा कस्बे के युवा उद्यमी मुकेश ओझा ने उदयपुर के पास जसवंतगढ़ में अपनी सोच, नवाचार और सामाजिक सरोकार के दम पर आदिवासी अंचल की महिलाओं के लिए रोजगार का नया मॉडल तैयार किया है उन्होंने जंगलों में मिलने वाले सीताफल और जामुन जैसे फलों का प्रसंस्करण कर फूड प्रोसेसिंग का कार्य शुरू किया, जिससे आज करीब 300 आदिवासी महिलाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है । डीके देवासी को जानकारी गिरीश वियास देते हुए मुकेश ओझा ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में हर वर्ष बड़ी मात्रा में सीताफल और जामुन उपलब्ध होते हैं, लेकिन समय पर बाजार नहीं मिलने के कारण अधिकांश फल खराब हो जाते थे किसानों और आदिवासी परिवारों को इसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता था इसी समस्या को अवसर में बदलने की सोच के साथ उन्होंने फूड प्रोसेसिंग यूनिट की नवम्बर 2025 में सखी एग्रो कम्पनी से शुरुआत की कंपनी के माध्यम से महिलाएं फल संग्रह, छंटाई, गूदा निकालने, प्रसंस्करण और पैकेजिंग जैसे कार्यों से जुड़ी हैं। इससे उन्हें अपने गांव के आसपास ही रोजगार मिल रहा है और उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है। यह पहल आदिवासी परिवारों के लिए आर्थिक संबल बनकर उभरी है ओझा ने बताया कि कंपनी प्राकृतिक स्वाद और गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए सीताफल और जामुन से विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही है। इन उत्पादों में किसी प्रकार के कृत्रिम स्वाद या रसायनों का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे उपभोक्ताओं को प्राकृतिक और पौष्टिक उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। भविष्य में इस पहल का विस्तार कर और अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की योजना है ग्रामीणों का कहना है कि पहले जंगलों से मिलने वाले फल बेकार चले जाते थे, लेकिन अब उन्हें उचित दाम मिलने लगे हैं महिलाओं को गांव में ही रोजगार मिलने से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनके जीवन स्तर में भी सुधार आया है मुकेश ओझा की यह पहल आज ग्रामीण उद्यमिता, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह प्रयास अब सैकड़ों परिवारों के लिए आजीविका का मजबूत आधार बन गया है2