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क्षेत्र में आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण सेलवा में एक आशियाना पूरी तरह से उजड़ गया है। आंधी-तूफान और बारिश से हुए इस 'गदर' यानी नुकसान को देखते हुए प्रशासनिक तंत्र सक्रिय हो गया है। प्रशासन अब प्रभावित क्षेत्र में हुए नुकसान के आंकलन में जुट गया है।
Dev Anand
क्षेत्र में आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण सेलवा में एक आशियाना पूरी तरह से उजड़ गया है। आंधी-तूफान और बारिश से हुए इस 'गदर' यानी नुकसान को देखते हुए प्रशासनिक तंत्र सक्रिय हो गया है। प्रशासन अब प्रभावित क्षेत्र में हुए नुकसान के आंकलन में जुट गया है।
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- क्षेत्र में आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण सेलवा में एक आशियाना पूरी तरह से उजड़ गया है। आंधी-तूफान और बारिश से हुए इस 'गदर' यानी नुकसान को देखते हुए प्रशासनिक तंत्र सक्रिय हो गया है। प्रशासन अब प्रभावित क्षेत्र में हुए नुकसान के आंकलन में जुट गया है।1
- सिवनी में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिवनी के अध्यक्ष श्री सतीश चंद्र राय ने शनिवार को लखनादौन उपजेल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल में निरुद्ध बंदियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य, उपलब्ध सुविधाओं तथा उनके प्रकरणों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के क्रम में, न्यायाधीश श्री राय ने बंदियों से उनके मुकदमों की पैरवी को लेकर चर्चा की और उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के उनके अधिकार के बारे में बताया। उन्होंने जानकारी दी कि जिन बंदियों के पास अपना कोई अधिवक्ता नहीं है, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, दोषसिद्ध बंदियों से अपील संबंधी जानकारी ली गई और उन्हें आवश्यक कानूनी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। इस निरीक्षण के अवसर पर प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश लखनादौन श्री संजीव कुमार पॉलीवाल और न्यायाधीश एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिवनी श्री रवि नायक सहित जेल का समस्त स्टाफ भी उपस्थित रहा।1
- आज शाम करीब 5 बजे बालाघाट शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया, जहां तेज तापमान के बीच तूफान, तेज आंधी और बारिश का कहर देखने को मिला। लगभग 30 मिनट तक चली इस तेज आंधी, तूफान और बारिश के कारण सड़क किनारे कई पेड़ गिर गए, जिससे अनेक मार्ग अवरुद्ध हो गए और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इसके साथ ही, बिजली आपूर्ति भी ठप पड़ गई। शहर में आए इस अचानक बदलाव से 'नवतपा' के दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिसने स्थानीय निवासियों को उमस से काफी सुकून दिया। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण जिले और आसपास के इलाकों में यह मौसमी बदलाव देखा गया है। उन्होंने अगले तीन-चार दिनों तक जिले की अन्य तहसीलों में भी इसी तरह आंधी, तूफान और बारिश की संभावना जताई है। नवतपा के छठे दिन जमकर बरसे बादलों ने बालाघाट शहर में बारिश का कहर बरपाया, जिससे तेज आंधी-तूफान के कारण सड़कें बाधित हुईं और बिजली आपूर्ति भी ठप रही।1
- आदिवासी समाज ने 'वनवासी' शब्द के इस्तेमाल पर गहरा विरोध दर्ज कराया है। यह विरोध बालाघाट में एक जनसभा के आयोजन के बाद निकाली गई एक रैली के माध्यम से स्पष्ट रूप से सामने आया। आदिवासी समाज ने इस मामले में अमित शाह से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और संबंधितों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।1
- बोरिया ग्राम पंचायत में मोक्षधाम सड़क और स्टॉप डेम के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया है, जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई है। इन विकास कार्यों की सौगात के साथ ही सड़क और स्टॉप डेम का निर्माण शुरू हो गया है, जो ग्रामीण विकास को एक नई रफ्तार देगा। इस पहल के तहत मोक्षधाम तक सड़क का निर्माण किया जाएगा, जबकि टाडा टोला में स्टॉप डेम बनेगा। यह परियोजना जल संरक्षण और आवागमन सुविधा को बढ़ावा देगी, जिससे जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।1
- सिवनी जिले में पिछले कई दिनों से जारी नौतपे की भीषण गर्मी और तपिश के बीच, आज दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। जिले के कान्हीवाड़ा और कलारबांकी सहित अन्य कई इलाकों में तेज आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से भीषण गर्मी, उमस और लू से बेहाल आम जनता को बड़ी राहत मिली है, जिससे मौसम खुशनुमा हो गया है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। तेज बारिश ने तपते तापमान पर ब्रेक लगा दिया है। हालांकि, तेज हवाओं के चलते कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां गिरने और बिजली गुल होने की भी खबरें हैं।1
- कोसुंबा-बांडारेव सड़क मार्ग पिछले तीन माह से अधूरा पड़ा है, जिसके कारण स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- एक हृदय विदारक घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसमें 'मौत की रफ्तार' का भयावह दृश्य साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। इस तेज रफ्तार हादसे के कारण कार के परखच्चे उड़ गए और एक छात्र की दुखद मृत्यु हो गई।1