अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश सरकार को 15 जुलाई 2026 तक इसकी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर SIT को मिले अतिरिक्त समय के बाद अब विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी, जिसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों की भूमिका, सुरक्षा व्यवस्था की कमियों और कई नए नामों का जिक्र होने की संभावना है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कर्मचारियों द्वारा चढ़ावे की गिनती के दौरान जूते और कपड़ों में नकदी छिपाकर ले जाने जैसे संगठित तरीके अपनाए जाते थे। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे लगभग 80 लाख रुपये नकद और विदेशी मुद्रा बरामद हुई है। जांच में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और मनीष कुमार यादव सहित अन्य आरोपियों की संलिप्तता के साथ चोरी की 70 से अधिक संदिग्ध घटनाएं सामने आई हैं, जो कुंभ मेला से पहले भी हो रही थीं। शासन को सौंपी जाने वाली इस विस्तृत रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया, ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था, भूमि खरीद, भर्ती प्रक्रिया और आरोपी कर्मचारियों की आय के स्रोतों की सघन जांच शामिल है। रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्र जैसे ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों का उल्लेख किया जाएगा। इसके साथ ही, ट्रस्ट द्वारा कुछ अधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार कर सुरक्षा व्यवस्था को सख्त करने के लिए नई सिफारिशें अपनाई जा रही हैं। इस मामले में SIT द्वारा बैंक कर्मियों से पूछताछ करने और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने की सिफारिश की भी संभावना जताई जा रही है। भक्तों के विश्वास के साथ छेड़छाड़ के इस संवेदनशील मामले पर सरकार द्वारा तुरंत कार्रवाई की गई है। वहीं दूसरी ओर, इस मामले को लेकर विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है और सुप्रीम कोर्ट में भी याचिकाएं दायर की गई हैं।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश सरकार को 15 जुलाई 2026 तक इसकी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर SIT को मिले अतिरिक्त समय के बाद अब विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी, जिसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों की भूमिका, सुरक्षा व्यवस्था की कमियों और कई नए नामों का जिक्र होने की संभावना है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कर्मचारियों द्वारा चढ़ावे की गिनती के दौरान जूते और कपड़ों में नकदी छिपाकर ले जाने जैसे संगठित तरीके अपनाए जाते थे। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे लगभग 80 लाख रुपये नकद और विदेशी मुद्रा बरामद हुई है। जांच में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और मनीष कुमार यादव सहित अन्य आरोपियों की संलिप्तता के साथ चोरी की 70 से अधिक संदिग्ध घटनाएं सामने आई हैं, जो कुंभ मेला से पहले भी हो रही थीं। शासन को सौंपी जाने वाली इस विस्तृत रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया, ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था, भूमि खरीद, भर्ती प्रक्रिया और आरोपी कर्मचारियों की आय के स्रोतों की सघन जांच शामिल है। रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्र जैसे ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों का उल्लेख किया जाएगा। इसके साथ ही, ट्रस्ट द्वारा कुछ अधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार कर सुरक्षा व्यवस्था को सख्त करने के लिए नई सिफारिशें अपनाई जा रही हैं। इस मामले में SIT द्वारा बैंक कर्मियों से पूछताछ करने और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने की सिफारिश की भी संभावना जताई जा रही है। भक्तों के विश्वास के साथ छेड़छाड़ के इस संवेदनशील मामले पर सरकार द्वारा तुरंत कार्रवाई की गई है। वहीं दूसरी ओर, इस मामले को लेकर विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है और सुप्रीम कोर्ट में भी याचिकाएं दायर की गई हैं।
- सोशल मीडिया पर एक हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें चलती बाइक का संतुलन बिगड़ने से माता-पिता सड़क पर गिर पड़ते हैं। इसके बाद भी बाइक बिना किसी चालक के करीब 500 मीटर तक सड़क पर दौड़ती रही और इस दौरान एक मासूम बच्चा उस पर अकेला ही सवार रहा। अंत में बाइक सड़क किनारे डिवाइडर के पास पहुंची, जहां बच्चा झाड़ियों में गिर गया। राहत की बात यह रही कि स्थानीय लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए मासूम बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। हालांकि, यह जानकारी वायरल वीडियो और सामने आई रिपोर्टों के दावों पर आधारित है, जिसकी स्वतंत्र रूप से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।1
- दुर्ग के भिलाई में एकतरफा प्रेम प्रसंग में युवती की हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। वैशाली नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत किराए के कमरे में रहने वाली खुशी साहू को लहूलुहान हालत में अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मृतिका की रूममेट ने 10 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 12:00 बजे उसके परिजनों को दी थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बलौदाबाजार निवासी 24 वर्षीय आरोपी लाकेश्वर साहू उर्फ पिन्टू को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार और मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। पूछताछ में हत्या के तरीके का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि आरोपी मृतिका से एकतरफा प्रेम करता था और युवती द्वारा बातचीत करने से मना करने पर उसने हत्या की योजना बनाई थी। वह रायपुर से भिलाई पहुंचा और पहचान व साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उसने दो शर्ट तथा पैंट के अंदर बरमूडा पहन रखा था। कमरे में विवाद के दौरान आरोपी ने खुशी का गला दबाया और फिर धारदार हथियार से शरीर के विभिन्न हिस्सों पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने साक्ष्य नष्ट करने के लिए अपने पहने हुए कपड़े और जूते नदी में फेंक दिए थे। इस मामले में वैशाली नगर पुलिस और एसीसीयू (ACCU) टीम की सराहनीय भूमिका रही। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 285/2026, धारा 103(1) बीएनएस और 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत वैधानिक कार्यवाही कर उसे न्यायालय में पेश किया गया है। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा की सूचना तत्काल पुलिस को दें और कानून को अपने हाथ में न लें।1
- राजनांदगांव के रक्षित केंद्र में 12 जुलाई को शहीद दिवस मनाया गया। इस दौरान मदनवाड़ा-कोरकोट्टी नक्सली हमले में वीरगति को प्राप्त हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक वीके चौबे और अन्य शहीद पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम में सांसद संतोष पांडे, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मधुसूदन यादव और पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा उपस्थित रहे। इनके साथ ही पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और कई विशिष्ट अतिथियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।1
- रायपुर के राज टॉकीज ने टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग और अपने व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए आवश्यक जानकारी और लिंक साझा किए हैं। टॉकीज के लिए ऑनलाइन टिकट बुक माय शो (BookMyShow) के माध्यम से बुक किए जा सकते हैं। इसके साथ ही, राज टॉकीज ने संपर्क के लिए फोन नंबर 0771-2229223 भी जारी किया है। टॉकीज प्रशासन ने लोगों से उनके आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होने और दूसरों को भी जोड़ने के लिए लिंक साझा करने की अपील की है।1
- मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक निलंबित इंजीनियर के वायरल वीडियो ने सरकारी सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वित्तीय अनियमितता के आरोपों में पहले ही सस्पेंड हो चुके इंजीनियर सतीश समेले ने इस वीडियो के जरिए विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा खुलासा किया है, जिससे पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में सतीश समेले ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि पंचायत से लेकर भोपाल तक कमीशन का खेल चलता है। उन्होंने दावा किया कि विभाग में बाकायदा "सूटकेस" सिस्टम काम करता है और इंजीनियरों से केवल "वसूली एजेंट" के रूप में काम करवाया जाता है। बंदूक लेकर निरीक्षण पर जाने वाले इस अधिकारी के इस बेबाक बयान ने भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। इस खुलासे के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। संजय पटेल (Sanjay Patel) नाम के एक यूजर ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए लिखा कि एक सामान्य व्यक्ति अगर 10 रुपये का हेरफेर करे तो उसे चोरी माना जाता है, और ये लोग प्रतिष्ठा के अगुवा बने फिर रहे हैं; इस सिस्टम को फेल करने वालों को फांसी की सजा होनी चाहिए। इस पूरे मामले पर फिलहाल शासन-प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- नयापारा राजिम के इंदिरा मार्केट स्थित नेहरू घाट पर शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां महानदी के तेज बहाव में 35 वर्षीय युवक प्रदीप कश्यप लापता हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रदीप अपनी पत्नी मंगला कश्यप के साथ नदी में नहाने गया था। इसी दौरान कुछ बच्चे गहरे पानी में चले गए, जिन्हें डूबने से बचाने के लिए प्रदीप नदी में उतरा। बच्चे तो सुरक्षित बाहर आ गए, लेकिन प्रदीप खुद तेज बहाव में बह गया और उसका कुछ पता नहीं चल सका। घटना की सूचना मिलते ही नवापारा पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय नागरिकों के सहयोग के साथ-साथ रायपुर से गोताखोरों की टीम को भी रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। एसडीआरएफ की टीम ने ऑक्सीजन मास्क और बोट के जरिए करीब तीन घंटे तक नदी में सघन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, देर शाम तक चले इस अभियान के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया। अंधेरा होने और नदी का बहाव बेहद तेज होने के कारण फिलहाल सर्च ऑपरेशन को रोक दिया गया है, जिसे रविवार सुबह दोबारा शुरू किया जाएगा। हादसे की खबर मिलने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी साहू भी नेहरू घाट पहुंचीं और उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। इस दौरान घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा रही और लोग युवक की कुशलता की प्रार्थना करते नजर आए। लापता युवक की पत्नी मंगला कश्यप ने बताया कि प्रदीप ने बच्चों को डूबता देख बिना कुछ सोचे-समझे उन्हें बचाने की कोशिश की थी, जिसके कारण वह खुद गहरे पानी में चला गया। इस हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर और बहाव काफी अधिक है, इसलिए बिना सुरक्षा के नदी में नहाने से बचें।1
- केसीजी जिले के छुईखदान थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ग्राम खैरी में एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अवैध रूप से गांजा बेचने के आरोप में 50 वर्षीय भारत मरकाम उर्फ नंदू को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम खैरी के मुख्य मार्ग पर स्थित कचरा शेड के पास घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा। पूछताछ और तलाशी के दौरान आरोपी के पास मौजूद क्रीम रंग के थैले से 114 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से गांजे के साथ-साथ बिक्री के ₹350 नगद सहित कुल ₹3,150 का मशरूका जब्त किया है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ छुईखदान थाने में अपराध क्रमांक 257/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर उपजेल सलोनी भेज दिया गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- राजनांदगांव में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर नौकरी का झांसा देने और लाखों की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।1