बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन में भारत की जनगणना 2027 का प्रथम चरण, जिसमें मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य शामिल था, 30 मई 2026 को सफलतापूर्वक और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया है। कलेक्टर ने राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में मिले अभूतपूर्व सहयोग के लिए जिले के समस्त नागरिकों को धन्यवाद दिया है, जिसके माध्यम से भविष्य के भारत और राज्य के विकास की ठोस नींव तैयार होगी। इस प्रथम चरण के तहत, 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक प्रगणकों ने सभी ग्रामों और नगरीय क्षेत्रों में घर-घर जाकर मोबाइल ऐप के माध्यम से जानकारी एकत्रित की। इस दौरान परिवारों से भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्नों के उत्तर संकलित किए गए, जिनमें मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और परिसंपत्तियों की जानकारी शामिल थी। यह सारी जानकारी अब भारत सरकार के सर्वर में सुरक्षित रख ली गई है। आम नागरिकों द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियमावली 1990 के प्रावधानों के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी। संकलित किए गए इन आंकड़ों का उपयोग केवल नीति निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए ही किया जाएगा तथा संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात भारत सरकार द्वारा यथोचित समय पर इन्हें जारी किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी के मार्गदर्शन में यह कार्य जिले की 12 तहसीलों के अंतर्गत 643 ग्रामों और 05 नगरीय निकायों में व्यापक स्तर पर पूरा किया गया। इसके लिए 12 ग्रामीण और 05 नगरीय चार्ज बनाए गए थे, जिनमें 1,305 मकान सूचीकरण गणना ब्लॉक शामिल थे। इस वृहद कार्य को संपन्न करने हेतु जिले में कुल 1,496 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, जिनमें 3 जिला स्तरीय अधिकारी, 5 अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, 17 चार्ज अधिकारी, 19 तकनीकी सहायक, 2 मास्टर ट्रेनर, 31 फील्ड ट्रेनर, 1,214 प्रगणक तथा 187 पर्यवेक्षक शामिल थे। इस दौरान प्रगणकों द्वारा जिले के सभी क्षेत्रों को पूर्ण रूप से कवर किया गया। जनगणना 2027 का द्वितीय चरण फरवरी 2027 से संपादित किया जाएगा, जिसके लिए कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ने जिले के नागरिकों से सहयोग की अपील की है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन में भारत की जनगणना 2027 का प्रथम चरण, जिसमें मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य शामिल था, 30 मई 2026 को सफलतापूर्वक और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया है। कलेक्टर ने राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में मिले अभूतपूर्व सहयोग के लिए जिले के समस्त नागरिकों को धन्यवाद दिया है, जिसके माध्यम से भविष्य के भारत और राज्य के विकास की ठोस नींव तैयार होगी। इस प्रथम चरण के तहत, 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक प्रगणकों ने सभी ग्रामों और नगरीय क्षेत्रों में घर-घर जाकर मोबाइल ऐप के माध्यम से जानकारी एकत्रित की। इस दौरान परिवारों से भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्नों के उत्तर संकलित किए गए, जिनमें मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और परिसंपत्तियों की जानकारी शामिल थी। यह सारी जानकारी अब भारत सरकार के सर्वर में सुरक्षित रख ली गई है। आम नागरिकों द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियमावली 1990 के प्रावधानों के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी। संकलित किए गए इन आंकड़ों का उपयोग केवल नीति निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए ही किया जाएगा तथा संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात भारत सरकार द्वारा यथोचित समय पर इन्हें जारी किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी के मार्गदर्शन में यह कार्य जिले की 12 तहसीलों के अंतर्गत 643 ग्रामों और 05 नगरीय निकायों में व्यापक स्तर पर पूरा किया गया। इसके लिए 12 ग्रामीण और 05 नगरीय चार्ज बनाए गए थे, जिनमें 1,305 मकान सूचीकरण गणना ब्लॉक शामिल थे। इस वृहद कार्य को संपन्न करने हेतु जिले में कुल 1,496 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, जिनमें 3 जिला स्तरीय अधिकारी, 5 अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, 17 चार्ज अधिकारी, 19 तकनीकी सहायक, 2 मास्टर ट्रेनर, 31 फील्ड ट्रेनर, 1,214 प्रगणक तथा 187 पर्यवेक्षक शामिल थे। इस दौरान प्रगणकों द्वारा जिले के सभी क्षेत्रों को पूर्ण रूप से कवर किया गया। जनगणना 2027 का द्वितीय चरण फरवरी 2027 से संपादित किया जाएगा, जिसके लिए कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ने जिले के नागरिकों से सहयोग की अपील की है।
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोबरा नवापारा में 108 और 102 आपातकालीन एंबुलेंस सेवाओं का स्थायी स्टॉपेज न होने के कारण मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आपातकाल में कॉल करने पर एंबुलेंस के देर से पहुँचने के कारण कई मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन ने शासन को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया है, जहाँ बताया गया कि आपात स्थिति में एंबुलेंस दूर-दराज से आती हैं, जिससे महत्वपूर्ण 'गोल्डन आवर' निकल जाता है और मरीजों को समय पर रेफर या उपचार नहीं मिल पाता। प्रसव, सड़क हादसे और हार्ट अटैक जैसी स्थितियों में यह देरी जानलेवा साबित हो रही है। गौरतलब है कि केंद्र के पास केवल एक शासकीय वाहन चालक है, जिसकी ड्यूटी केवल कार्यदिवस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रहती है, जिसके चलते रात और अवकाश के दिनों में आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह ठप रहती हैं। इस गंभीर विषय पर विधायक इंद्रकुमार साहू ने बताया कि उन्होंने मंत्री और संबंधित जिला स्वास्थ्य अधिकारी को इसकी जानकारी दी है और जल्द ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस स्टॉपेज की व्यवस्था कराई जाएगी। वहीं, नगर के लोग सुशासन तिहार शिविर में उच्च अधिकारियों को लिखित में इस समस्या से दोबारा अवगत कराने की तैयारी में हैं। क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग से जनहित में गोबरा नवापारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल 108 और 102 एंबुलेंस की तैनाती की मांग की है, ताकि आपातकाल में मरीजों को समय पर जीवनरक्षक सेवा मिल सके।1
- राज टॉकीज रायपुर अब दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा प्रदान कर रहा है। दर्शक बुक माय शो (Book My Show) के माध्यम से अपनी टिकटें ऑनलाइन बुक कर सकते हैं। अधिक जानकारी या सहायता के लिए 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही, राज टॉकीज ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए लिंक दिया गया है। दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि वे खुद ग्रुप से जुड़ें और यह लिंक अन्य लोगों के साथ भी साझा करें।1
- राजनांदगांव की बसंतपुर थाना पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए 18 परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है। पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल का उपयोग कर लगभग ₹3 लाख रुपये कीमत के 18 गुम मोबाइल फोन बरामद किए और उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। यह उपलब्धि पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत मिली है, जिसका उद्देश्य गुम मोबाइलों की तलाश करना था। बरामद किए गए इन मोबाइल फोनों को 31 मई 2026 को बसंतपुर थाना परिसर में उनके वास्तविक स्वामियों को विधिवत सुपुर्द किया गया। अपने मोबाइल फोन वापस मिलने पर आवेदकों के चेहरे खुशी से खिल उठे, क्योंकि कई लोगों ने बताया कि उनके फोन में परिवार की महत्वपूर्ण यादें, आवश्यक दस्तावेज, संपर्क नंबर और व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित थी, जिन्हें वापस पाने की उन्हें कोई उम्मीद नहीं थी। मोबाइल वापस मिलने के बाद आवेदकों ने राजनांदगांव पुलिस और विशेष रूप से बसंतपुर थाना पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को कोई गुम मोबाइल फोन मिलता है, तो उसका उपयोग न करें, बल्कि उसे तत्काल नजदीकी थाने में जमा कराएं, ताकि उसे उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाया जा सके। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी एमन साहू के साथ सीसीटीएनएस आरक्षक श्रवण पैकरा, आरक्षक फागूराम साहू, ललित रावटे, भुनेश्वर जायसी, चन्द्रशेखर श्रीवास, कुश बघेल और बसंतपुर थाना के अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अवैध शराब की आपूर्ति करते हुए ग्रामीणों ने कुछ कोचियों को रंगे हाथों पकड़ा है। यह घटना बालोद के गोटिया देसी कंबोजित मदीना दुकान में हुई, जहाँ से कोचिए शराब की सप्लाई करने का आरोप है। ग्रामीणों ने इन पकड़े गए कोचियों को पंचायत भवन ले गए। इस दौरान ग्रामीणों ने शराब दुकान संचालकों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं कि वे सरकारी रेट से भी ज्यादा कीमत पर इन कोचियों को नियम विरुद्ध तरीके से दारू बेच रहे हैं, जिससे दारूकोचियों का वर्चस्व बढ़ रहा है।1
- गरियाबंद के न्यू सर्किट हाउस में रविवार सुबह करीब 6:30 बजे अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। इस भीषण आग में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग स्टोर रूम से शुरू हुई और शॉर्ट सर्किट के कारण किचन तक फैल गई। आग की चपेट में आने से फ्रिज, अलमारी, सीलिंग फैन सहित बड़ी मात्रा में रखा सामान जलकर राख हो गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई। घटना की जानकारी मिलते ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।4