गोण्डा जनपद के कटराबाजार थाना क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न से जुड़ी एक महिला की कथित आत्महत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, करनैलगंज क्षेत्र के ग्राम गुडसड़ा पूरे अचली पुरवा निवासी मैकू ने कटराबाजार थाने में तहरीर दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनकी पुत्री नन्दिनी की शादी 25 जुलाई 2025 को ग्राम सिकटहवा (मौजा बनगांव) थाना कटराबाजार निवासी राजकुमार गौतम उर्फ चंचल से हुई थी। शादी के बाद से ही पति, सास और ससुर द्वारा मोटरसाइकिल की मांग को लेकर नन्दिनी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोपों के मुताबिक, इसी उत्पीड़न से परेशान होकर नन्दिनी ने 29 मई 2026 की शाम लगभग 6 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में कटराबाजार थाने में मुकदमा संख्या 128/26, धारा 80(2), 85 बीएनएस एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधे श्याम राय के पर्यवेक्षण में तथा क्षेत्राधिकारी करनैलगंज विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में कटराबाजार पुलिस ने अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की। जांच के दौरान पुलिस ने रविवार को टेढ़ी पुल बनगांव के निकट पाण्डेय तिराहा से मामले में नामजद तीनों आरोपियों—राजकुमार गौतम उर्फ चंचल पुत्र दयाराम, दयाराम गौतम उर्फ ननके पुत्र स्व. मनीराम गौतम, और कलावती पत्नी दयाराम गौतम उर्फ ननके—को गिरफ्तार कर लिया। ये सभी आरोपी ग्राम सिकटहवा (मौजा बनगांव), थाना कटराबाजार, जनपद गोण्डा के निवासी हैं।
गोण्डा जनपद के कटराबाजार थाना क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न से जुड़ी एक महिला की कथित आत्महत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, करनैलगंज क्षेत्र के ग्राम गुडसड़ा पूरे अचली पुरवा निवासी मैकू ने कटराबाजार थाने में तहरीर दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनकी पुत्री नन्दिनी की शादी 25 जुलाई 2025 को ग्राम सिकटहवा (मौजा बनगांव) थाना कटराबाजार निवासी राजकुमार गौतम उर्फ चंचल से हुई थी। शादी के बाद से ही पति, सास और ससुर द्वारा मोटरसाइकिल की मांग को लेकर नन्दिनी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोपों के मुताबिक, इसी उत्पीड़न से परेशान होकर नन्दिनी ने 29 मई 2026 की
शाम लगभग 6 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में कटराबाजार थाने में मुकदमा संख्या 128/26, धारा 80(2), 85 बीएनएस एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधे श्याम राय के पर्यवेक्षण में तथा क्षेत्राधिकारी करनैलगंज विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में कटराबाजार पुलिस ने अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की। जांच के दौरान पुलिस ने रविवार को टेढ़ी पुल बनगांव के निकट पाण्डेय तिराहा से मामले में नामजद तीनों आरोपियों—राजकुमार गौतम उर्फ चंचल पुत्र दयाराम, दयाराम गौतम उर्फ ननके पुत्र स्व. मनीराम गौतम, और कलावती पत्नी दयाराम गौतम उर्फ ननके—को गिरफ्तार कर लिया। ये सभी आरोपी ग्राम सिकटहवा (मौजा बनगांव), थाना कटराबाजार, जनपद गोण्डा के निवासी हैं।
- जनपद गोण्डा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी प्रदीप कुमार का कार्यकाल पूरा होने पर पुलिस विभाग द्वारा उन्हें कैंप कार्यालय में भावभीनी विदाई दी गई। पुलिस अधीक्षक गोण्डा के निर्देशन में आयोजित इस समारोह में अधिकारियों ने प्रदीप कुमार को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रशिक्षण अवधि के दौरान, प्रदीप कुमार ने मोतीगंज थाना प्रभारी के रूप में कार्य करते हुए कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विवेचना, जनसुनवाई और सामुदायिक पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस कार्यप्रणाली को करीब से समझा और अधिकारियों तथा कर्मचारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया। समारोह में उपस्थित अधिकारियों ने प्रदीप कुमार की कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और सीखने की उत्कृष्ट क्षमता की सराहना की, यह विश्वास व्यक्त करते हुए कि उनका सकारात्मक दृष्टिकोण और कार्य के प्रति समर्पण उन्हें भविष्य में एक कुशल एवं प्रभावी पुलिस अधिकारी के रूप में स्थापित करेगा। अपने संबोधन में, प्रदीप कुमार ने जनपद गोण्डा में मिले मार्गदर्शन, सहयोग और आत्मीयता के लिए पुलिस अधीक्षक सहित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव और सीख उनके भावी सेवा जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। कार्यक्रम के अंत में, सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके सफल सेवा जीवन, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ प्रदीप कुमार को विदाई दी।4
- Post by Md Arif1
- अयोध्या में तेजी से चल रहे विकास कार्यों, जैसे राम मंदिर निर्माण, रामपथ और चौड़ी सड़कों के बीच, प्राचीन धरोहरों के अस्तित्व पर सवाल खड़े हो गए हैं। गुप्तार घाट स्थित पौराणिक निर्मली कुंड, जिसका संबंध भगवान श्रीराम और देवराज इंद्र से जुड़ी मान्यताओं से है, अब 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के कारण संकट में है। यह कुंड सदियों से आस्था का केंद्र रहा है, जहां श्रावण पूर्णिमा पर विशेष धार्मिक यात्रा निकलती है और श्रद्धालु स्नान कर पापों से मुक्ति पाने की कामना करते हैं।4
- आज लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक संकल्प पत्र जारी किया है। संगठन ने न्यायप्रिय, धर्मनिरपेक्ष और लोक कल्याणकारी शासक के रूप में मालवा की महारानी अहिल्याबाई होलकर को शत्-शत् नमन और अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। मोर्चा ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की वह स्वर्णिम हस्ताक्षर हैं, जिन्होंने यह सिद्ध किया कि शासन का वास्तविक अर्थ जनसेवा है। 31 मई 1725 को जन्मी अहिल्याबाई होलकर ने 1767 से 1795 तक अपने 28 वर्ष के शासनकाल में मालवा को रामराज्य का आदर्श स्वरूप प्रदान किया। उनका जीवन नारी शक्ति, सुशासन, सामाजिक समरसता और जनसेवा का ज्वलंत उदाहरण रहा है। उन्होंने न केवल युद्ध और राजनीति में कुशलता दिखाई, बल्कि पूरे भारतवर्ष में मंदिरों का जीर्णोद्धार कराकर सांस्कृतिक एकता को मजबूत किया। काशी विश्वनाथ मंदिर, सोमनाथ मंदिर, बद्रीनाथ, द्वारका, गया, अयोध्या, मथुरा और हरिद्वार जैसे तीर्थस्थलों का पुनर्निर्माण उनकी धर्मनिरपेक्ष दृष्टि का प्रमाण है। उन्होंने कभी धर्म के नाम पर भेदभाव नहीं किया, बल्कि घाट, बावड़ी, कुएं, धर्मशाला, सड़कें और अन्नक्षेत्र बनवाकर लोक कल्याण को शासन का मूलमंत्र बनाया। अहिल्याबाई होलकर का न्याय इतना प्रसिद्ध था कि प्रजा उन्हें "देवी" कहकर पुकारती थी, और उन्होंने न्याय के लिए अपने इकलौते पुत्र को भी दंड देने में संकोच नहीं किया। "प्रजा की खुशी ही राजा का धर्म है" – यह उनका शासन दर्शन था। उनके सुशासन के तीन स्तंभ पारदर्शी प्रशासन, जनहित सर्वोपरि और नैतिक जवाबदेही थे; उन्होंने कभी खजाने को अपनी निजी संपत्ति नहीं समझा, हर निर्णय से पहले प्रजा की राय ली, महिलाओं को सेना में स्थान दिया और किसानों के लगान माफ किए, जिसे असली लोकतंत्र बताया गया है। राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा का स्पष्ट मत है कि आज जब राजनीति सत्ता, स्वार्थ और भ्रष्टाचार का पर्याय बनती जा रही है, तब लोकमाता का चरित्र हमें आईना दिखाता है। उनकी जयंती पर संगठन ने पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ ही यह संकल्प लिया है कि अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों को राजनीति में वापस लाने के लिए सतत संघर्ष करेगा। मोर्चा ने राइट टू रिकॉल, जवाबदेह प्रतिनिधि और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था जैसे मूल्यों को पुनः स्थापित करने का आह्वान किया है, जो लोकमाता के शासन में जीवंत थे। राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा युवा पीढ़ी से लोकमाता के जीवन से प्रेरणा लेने, नारी शक्ति का सम्मान करने, कमजोर वर्गों का उत्थान करने और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने की अपील करता है, जिसे उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया गया है। संगठन ने देश की समस्त जनता, विशेषकर महिलाओं और युवाओं से आग्रह किया है कि अहिल्याबाई होलकर के पदचिह्नों पर चलकर एक नैतिक, पारदर्शी और जनकल्याणकारी भारत के निर्माण में सहयोग करें। राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा ने "लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी अमर रहें। उनके विचार अमर रहें।।" के उद्घोष के साथ अपनी बात समाप्त की।1
- मुजफ्फरनगर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम आदमपुर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ कथित तौर पर 21 वर्षीय अदीबा की उसके भाई द्वारा गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी संजय कुमार वर्मा, एसपी ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक और अन्य पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। पुलिस के अनुसार, यह वारदात इसलिए अंजाम दी गई क्योंकि युवती किसी युवक से बातचीत करती थी, जिससे उसका भाई नाराज था। इसी नाराजगी के चलते भाई ने इस घटना को अंजाम दिया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं, और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसएसपी ने बताया है कि आरोपी भाई घटना के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं, और अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- निरंकरपुर हैबतपुर स्थित राणा पाली चौकी के तहत एक किसान की भूमि पर पुलिस और राजस्व प्रशासन की मिलीभगत से कब्जा करा दिया गया है। इस घटनाक्रम के दौरान, पीड़ित किसान लगातार रोता रहा और न्याय की गुहार लगाता रहा, परंतु उसकी एक भी नहीं सुनी गई।3
- अयोध्या के रामनगर धौरहरा निवासी भाजपा कार्यकर्ता शिवम सिंह की दिनदहाड़े पीट-पीटकर की गई हत्या के मामले में लखनऊ की विभूतिखंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में शांतनु रावत उर्फ अंकित रावत, हरि तिवारी और विवेक सिंह नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, इन गिरफ्तार आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। मामले में एडीसीपी ईस्ट डॉ. अमोल मुरकूट ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी भी दी। हालांकि, इस हत्याकांड का एक चौथा आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिस पर इनाम भी घोषित किया गया है। इन गिरफ्तारियों के बावजूद, पूरे अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में अब एक गंभीर सवाल चर्चा का विषय बन गया है: क्या कानून का पैमाना सबके लिए एक समान है? अयोध्या के सपा नेता अनूप सिंह ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कई चर्चित मामलों में अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर, बुलडोजर और अन्य कठोर कार्रवाई देखने को मिली है। लेकिन भाजपा कार्यकर्ता शिवम सिंह की निर्मम हत्या के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई केवल गिरफ्तारी और जेल भेजने तक ही क्यों सीमित रही? जनता के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि जब अन्य गंभीर अपराधों में आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलता है और पुलिस सख्त संदेश देने के लिए एनकाउंटर जैसी कार्रवाई करती है, तो आखिर इस मामले में ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि शिवम सिंह की सार्वजनिक रूप से पीट-पीटकर की गई हत्या कोई सामान्य घटना नहीं थी। ऐसे में, जनता का एक वर्ग उम्मीद कर रहा था कि सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति इसी मामले में भी उतनी ही कठोरता से दिखाई देगी, जितनी अन्य चर्चित मामलों में देखने को मिलती है। इसके अलावा, मामले का चौथा आरोपी अब तक फरार क्यों है, जबकि तीन आरोपी अपना जुर्म कबूल कर चुके हैं, यह भी एक बड़ा सवाल है जिस पर जनता पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न लगा रही है। सामूहिक रूप से कई बड़े सवाल उठ रहे हैं: क्या भाजपा कार्यकर्ता की हत्या का मामला कम गंभीर माना जा रहा है? क्या अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का पैमाना अलग-अलग है? जब अन्य मामलों में बुलडोजर और एनकाउंटर की चर्चा होती है, तो इस मामले में कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक ही क्यों सीमित रही? और फरार आरोपी को पकड़ने में देरी क्यों हो रही है? शिवम सिंह हत्याकांड में हुई गिरफ्तारियों के बावजूद इन सवालों ने प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है। अब लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी कब होती है और क्या इस मामले में आगे कोई और कठोर कार्रवाई देखने को मिलेगी।1
- लखनऊ के चारबाग रेलवे प्लेटफॉर्म पर 'स्वच्छ भारत अभियान' का स्पष्ट प्रभाव दिखाई दे रहा है, जिसके चलते यह प्लेटफॉर्म बेहद सुंदर और आकर्षक नज़र आ रहा है। लाल चंद सोनी ने 'आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ' के लिए यह रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें प्लेटफॉर्म की स्वच्छता और सुंदरता की सराहना की गई है।1