शराब ठेकेदार के गुर्गे अवैध पैरोकारी पर उतारू-विभागीय संरक्षण में हिस्ट्रीशीटर शराब कारोबारी लक्ष्मी जायसवाल हर गली-मोहल्ले में अवैध शराब बिक्री पर हुआ उतारू। *अमरपुर शराब ठेकेदार के गुर्गों की घुसपैठ नाकाम: सुखदाश के युवाओं ने दिखाया साहस, प्रशासन फिर भी खामोश* उमरिया जिले के ग्राम सुखदाश में अवैध शराब के खिलाफ जनजागरण अब खुलकर सामने आने लगा है। रविवार को अमरपुर शराब दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार लक्ष्मी जयसवाल के कथित गुर्गे गांव में अवैध शराब की पैकारी पहुंचाने पहुंचे, लेकिन इस बार उन्हें ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। गांव के जागरूक युवाओं ने न सिर्फ इस अवैध खेप का विरोध किया, बल्कि मौके पर ही उन्हें वापस लौटा दिया। युवाओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी—“हम अपने गांव को नशे का अड्डा नहीं बनने देंगे, चाहे इसके लिए हमें कितनी भी लड़ाई क्यों न लड़नी पड़े।” सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार ठेकेदार के गुर्गे इतनी बेखौफ होकर गांव-गांव अवैध शराब कैसे पहुंचा रहे हैं? क्या आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन को इसकी भनक नहीं है, या फिर सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंद ली गई हैं? स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। लंबे समय से सुखदाश और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब की पैकारी की शिकायतें उठती रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति होती है।अब जबकि गांव के युवाओं ने खुद मोर्चा संभाल लिया है, प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह मामला सिर्फ विरोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
शराब ठेकेदार के गुर्गे अवैध पैरोकारी पर उतारू-विभागीय संरक्षण में हिस्ट्रीशीटर शराब कारोबारी लक्ष्मी जायसवाल हर गली-मोहल्ले में अवैध शराब बिक्री पर हुआ उतारू। *अमरपुर शराब ठेकेदार के गुर्गों की घुसपैठ नाकाम: सुखदाश के युवाओं ने दिखाया साहस, प्रशासन फिर भी खामोश* उमरिया जिले के ग्राम सुखदाश में अवैध शराब के खिलाफ जनजागरण अब खुलकर सामने आने लगा है। रविवार को अमरपुर शराब दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार लक्ष्मी जयसवाल के कथित गुर्गे गांव में अवैध शराब की पैकारी पहुंचाने पहुंचे, लेकिन इस बार उन्हें ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। गांव के जागरूक युवाओं ने न सिर्फ इस अवैध खेप का विरोध किया, बल्कि मौके पर ही उन्हें वापस लौटा दिया। युवाओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी—“हम अपने गांव को नशे का अड्डा नहीं बनने देंगे, चाहे इसके लिए हमें कितनी भी लड़ाई क्यों न लड़नी पड़े।” सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार ठेकेदार के गुर्गे इतनी बेखौफ होकर गांव-गांव अवैध शराब कैसे पहुंचा रहे हैं? क्या आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन को इसकी भनक नहीं है, या फिर सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंद ली गई हैं? स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। लंबे समय से सुखदाश और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब की पैकारी की शिकायतें उठती रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति होती है।अब जबकि गांव के युवाओं ने खुद मोर्चा संभाल लिया है, प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह मामला सिर्फ विरोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
- अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा द्वारा आयोजित 46 वाँ राष्ट्रीय महाधिवेशन जबलपुर कुर्मी क्षत्रिय समाज ।1
- ब्यौहारी स्टेशन पर खड़ी ट्रेन की बोगी में आग, मचा हड़कंप ब्यौहारी रेलवे स्टेशन पर रविवार दोपहर साइडिंग में खड़ी ट्रैक मशीन की बोगी में अचानक आग लग गई। सूचना पर दमकल और पुलिस मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। समय रहते कार्रवाई से बड़ा हादसा टला, शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है। घटना दोपहर तीन बजे की बताई जा रही है।2
- शहडोल नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत नगर के जय स्तंभ चौक स्थित चंद्रा काम्प्लेक्स में रविवार को लगभग 1:00 बजे तक जिला ब्राह्मण समाज की बैठक संपन्न हुई है,बैठक में ब्राह्मण समाज के लोगों ने चर्चा करते हुए बताया है कि आगामी 20 अप्रैल को भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव के अवसर पर विशाल रूप से शोभायात्रा जय स्तंभ चौक से निकाली जाएगी जिसकी तैयारी को लेकर बैठक संपन्न हुई है,बैठक में ब्राह्मण समाज के लोग मौजूद रहे हैं।1
- मनेंद्रगढ़। बैकुंठपुर जूनापारा में एक नई पहल डे केयर के नाम पर नन्हे कदम पर अपने बच्चों के भविष्य की तैयारी करें और नई पहचान बनाएं। #मनेंद्रगढ़_मे_प्रोग्राम_बहुत_ही_जबरदस्त_रहा_आउट #जूनापारा #छत्तीसगढ़ #post #वायरल1
- पश्चिम मध्य रेलवे के व्योहारी रेलवे स्टेशन पर खड़ी दुर्घटना एवं राहत यान (एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन) में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में यान के कई हिस्से इसकी चपेट में आ गए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने लगे। सुरक्षा के मद्देनजर स्टेशन से गुजरने वाली अप और डाउन दोनों दिशाओं की ट्रेनों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया, जिससे रेल यातायात प्रभावित हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। हालांकि शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल दमकल कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर धीरे-धीरे काबू पाया जा रहा है। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन नुकसान का आकलन किया जा रहा है।1
- निवाड़ी/सागर। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित निवाड़ी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ सेंदरी थाना क्षेत्र के पूंछा की पहाड़ी (ढिमरपुरा) के पास एक युवती की नृशंस हत्या कर दी गई, जबकि घटना स्थल से महज 100 मीटर की दूरी पर एक युवक का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला है। शादी से पहले हुई युवती की हत्या जानकारी के अनुसार, मृत युवती की पहचान सागर जिले के सिंदर क्षेत्र की रहने वाली वर्षा केवट (20 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवती की शादी तय हो चुकी थी और कुछ ही दिनों बाद उसके हाथ पीले होने वाले थे। युवती की हत्या मछली काटने वाली छुरी से गला काटकर की गई है, जिससे इलाके में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। युवक ने भी दी जान पुलिस को जांच के दौरान हत्या वाली जगह से थोड़ी ही दूरी पर उत्तर प्रदेश के रहने वाले एक युवक की लाश पेड़ से लटकी मिली। प्रथम दृष्टया मामला प्रेम-प्रसंग और उसके बाद आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पुलिस की कार्रवाई जारी घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सेंदरी थाना पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। ब्यूरो रिपोर्ट, मध्य भारत न्यूज़1
- 💥*मधुमक्खियों के हमले से वृद्ध किसान की दर्दनाक मौत,खेत में तोड़ा दम* इंदवार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पनपथा में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है,जहां खेत पर गेहूं की कटाई करने गए एक वृद्ध किसान की मधुमक्खियों के हमले से मौत हो गई।घटना शनिवार देर शाम की बताई जा रही है।मिली जानकारी के अनुसार,गोविंद जायसवाल पिता चुनई जायसवाल उम्र 65 वर्ष,अपने घर से कुछ दूरी पर मौजूद सोसायटी के करीब खेत में काम करने गए थे।खेत के पास एक बरगद के पेड़ पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता लगा हुआ था।अचानक छत्ते से निकली मधुमक्खियां आक्रामक हो गईं और उन्होंने गोविंद पर हमला कर दिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,मधुमक्खियों ने वृद्ध के शरीर पर झुंड बनाकर हमला किया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। हमले के दौरान गोविंद काफी देर तक मदद के लिए चिल्लाते रहे,लेकिन सुनसान जगह होने के कारण समय पर कोई सहायता नहीं पहुंच सकी।अत्यधिक डंक लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना की सूचना बाद में उनके घर,जो हाईस्कूल के पास स्थित है,पहुंची। खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है।2
- कल भारत ने कुछ असाधारण हासिल कर लिया है..... जिसके बारे में ज्यादा लोगों को पता नहीं.... इस उपलब्धि की अहमियत का पता नहीं. कलपक्कम न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने “क्रिटिकलिटी” प्राप्त कर ली है। कल रात 8:25 बजे भारत ने वो कर दिखाया, जिसकी दुनिया सालों से इंतजार कर रही थी। मतलब? रिएक्टर अब खुद-ब-खुद न्यूट्रॉन पैदा करके परमाणु विखंडन की आग को जलाए रख सकता है। बिना किसी बाहरी मदद के! ये कोई साधारण घटना नहीं... ये भारत के तीन चरणीय परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण आधिकारिक तौर पर सक्रिय होने का ऐलान है। PM मोदी ने खुद इसे “defining step” बताया और कहा — ये गर्व का पल है! अब समझिए इसकी भयंकर ताकत: 1 किलो कोयला जलाओ → सिर्फ 8 kWh बिजली 1 किलो यूरेनियम-235 → 2 करोड़ 40 लाख kWh बिजली लेकिन 1 किलो थोरियम... वो देगा जितनी बिजली 200 टन यूरेनियम या 3500 टन कोयला से मिलती है! भारत के पास दुनिया का 25% थोरियम भंडार है — यानी 10 लाख टन से ज्यादा! अगर हम इसे पूरा इस्तेमाल कर लें, तो 3,58,000 गीगावॉट ईयर बिजली पैदा कर सकते हैं। तुलना करो: भारत अभी पूरे साल में जितनी बिजली बनाता है — वो सिर्फ 170-190 गीगावॉट ईयर है। यानी थोरियम पर चलते हुए हम कई सौ सालों तक स्वच्छ, सस्ती और आत्मनिर्भर ऊर्जा में तैर सकते हैं! ये कोई साधारण रिएक्टर नहीं है। ये भारतीय डिजाइन, भारतीय वैज्ञानिकों और BHAVINI + IGCAR की दशकों की रात-दिन की मेहनत का नतीजा है। डॉ. होमी भाभा ने 1950-60 के दशक में जो सपना देखा था — थोरियम से ऊर्जा का अमृत — वो आज हकीकत बन रहा है। जब पूरी दुनिया कोयला, गैस और यूरेनियम के लिए लड़ रही है, तब भारत चुपचाप अपना भविष्य गढ़ रहा है। इस उपलब्धि के पीछे वो अनाम हीरो हैं — वैज्ञानिक, इंजीनियर और टेक्नीशियन — जिन्होंने सालों तक बिना सुर्खियों के, बिना थके, असंभव को संभव बनाया। भारत अब सिर्फ ऊर्जा आत्मनिर्भर नहीं... ऊर्जा का साम्राज्य बनाने की राह पर है! ये पल गर्व का है। ये पल इतिहास रचने का है। सभी उन वैज्ञानिकों को सलाम, जिन्होंने सिर्फ रिएक्टर नहीं... भारत के आने वाले सैकड़ों सालों को रोशन कर दिया है।1
- मैहर में जंगलराज की बानगी जरूर देखे जिम्मेवार। भदनपुर बराखुर्द मार्ग बना मौत का जाल, ओवरलोड ट्रकों पर भड़के ग्रामीण, दी सीधी चेतावनी! मैहर के भदनपुर बराखुर्द मार्ग की जर्जर हालत ने अब स्थानीय लोगों का गुस्सा विस्फोटक बना दिया है। सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है, गड्ढों में तब्दील रास्ता हादसों को खुला न्योता दे रहा है। इसके बावजूद बेलगाम ओवरलोड ट्रक धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, जिससे हालात और भयावह हो गए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रक चालकों को लड्डू खिलाकर सख्त संदेश दिया है—इस मार्ग का इस्तेमाल तुरंत बंद करें और निजी रास्तों का उपयोग करें। चेतावनी साफ है, अगर अब भी अनदेखी हुई तो ग्रामीण खुद सड़कों पर उतरकर ट्रकों की आवाजाही पूरी तरह ठप कर देंगे।1