भिवानी की डाबर कॉलोनी की गली नंबर 70 इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है, जहाँ स्थानीय लोग मूलभूत सुविधाओं के अभाव और विकास के दावों की जमीनी हकीकत में बड़े अंतर को लेकर रोष व्यक्त कर रहे हैं। निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में कुछ लोगों के काम तो चुटकियों में हो जाते हैं, लेकिन आम नागरिक अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वार्ड नंबर 17 से जुड़े इस मामले में स्थानीय पार्षद सुभाष एमसी के कामकाज को लेकर भी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहाँ कुछ निवासियों ने क्षेत्र में विकास कार्य होने की बात कही, वहीं कई महिलाओं ने कैमरे पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने मकान तो बना लिए हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में रहना मुश्किल हो रहा है। वीडियो में स्थानीय नागरिकों ने सड़क, जल निकासी, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि विकास के दावों और जमीनी हकीकत में एक बड़ा अंतर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जिससे उनका गुस्सा फूट पड़ा है।
भिवानी की डाबर कॉलोनी की गली नंबर 70 इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है, जहाँ स्थानीय लोग मूलभूत सुविधाओं के अभाव और विकास के दावों की जमीनी हकीकत में बड़े अंतर को लेकर रोष व्यक्त कर रहे हैं। निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में कुछ लोगों के काम तो चुटकियों में हो जाते हैं, लेकिन आम नागरिक अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वार्ड नंबर 17 से जुड़े इस मामले में स्थानीय पार्षद सुभाष एमसी के कामकाज को लेकर भी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहाँ कुछ निवासियों ने क्षेत्र में विकास कार्य होने की बात कही, वहीं कई महिलाओं ने कैमरे पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने मकान तो बना लिए हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में रहना मुश्किल हो रहा है। वीडियो में स्थानीय नागरिकों ने सड़क, जल निकासी, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि विकास के दावों और जमीनी हकीकत में एक बड़ा अंतर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जिससे उनका गुस्सा फूट पड़ा है।
- सभी श्री को राधे-राधे कहकर अभिवादन किया गया है। इस संदेश में मनुष्य के जीवन के चार सुखों का उल्लेख राधे-राधे के रूप में किया गया है।1
- भिवानी की डाबर कॉलोनी की गली नंबर 70 इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है, जहाँ स्थानीय लोग मूलभूत सुविधाओं के अभाव और विकास के दावों की जमीनी हकीकत में बड़े अंतर को लेकर रोष व्यक्त कर रहे हैं। निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में कुछ लोगों के काम तो चुटकियों में हो जाते हैं, लेकिन आम नागरिक अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वार्ड नंबर 17 से जुड़े इस मामले में स्थानीय पार्षद सुभाष एमसी के कामकाज को लेकर भी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहाँ कुछ निवासियों ने क्षेत्र में विकास कार्य होने की बात कही, वहीं कई महिलाओं ने कैमरे पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने मकान तो बना लिए हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में रहना मुश्किल हो रहा है। वीडियो में स्थानीय नागरिकों ने सड़क, जल निकासी, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि विकास के दावों और जमीनी हकीकत में एक बड़ा अंतर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जिससे उनका गुस्सा फूट पड़ा है।1
- सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ स्थित मोदी यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में एक प्रेस मीट का आयोजन किया गया है।1
- नगर परिषद में भ्रष्टाचार का सिलसिला जारी है, जहाँ कथित तौर पर पैसे लेकर प्रॉपर्टी आईडी बदली जा रही हैं। इस गंभीर मामले में नगर परिषद के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जा चुका है। हालांकि, मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अभी तक इन अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस किसके दबाव में काम कर रही है और आखिर क्यों दोषियों को गिरफ्तार करने में देरी हो रही है।1
- महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में, 17 जून को भिवानी जिले के खरक गाँव स्थित शिवा हाई स्कूल में एक राज्य स्तरीय सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।1
- डीसी मनदीप कौर ने जनता की मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देना अपनी जिम्मेदारी बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी जैसी आवश्यक सेवा में किसी भी प्रकार की कमी न आए, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से सजग और प्रतिबद्ध है। उनके इस सक्रिय रुख के चलते अब शहर में पानी की किल्लत गुजरे ज़माने की बात हो जाएगी।1
- रोहतक के गांधी कैंप इलाके में आई तेज आंधी के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए हैं।1
- नगर परिषद में भ्रष्टाचार का सिलसिला 'पार्ट-2' के रूप में लगातार जारी है, जहाँ खुलेआम पैसे लेकर प्रॉपर्टी आईडी बदली जा रही हैं। इस गंभीर मामले में नगर परिषद के अधिकारियों पर मुकदमा भी दर्ज किया जा चुका है, मगर इसके बावजूद उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर इन अधिकारियों की गिरफ्तारी कब होगी और पुलिस किसके दबाव में है, जिसकी वजह से वह अभी तक इन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है।1