भीलवाड़ा के प्रमुख चौराहे का नाम 'संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज सर्कल' करने की मांग भीलवाड़ा के प्रमुख चौराहे का नाम 'संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज सर्कल' करने की मांग भीलवाड़ा तेली (साहु) समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शहर के ईरास सर्किल अथवा किसी अन्य प्रमुख चौराहे का नाम 'संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज सर्कल' रखने तथा वहां संत राजूराम जी महाराज का स्मारक निर्माण कराने की अनुमति देने की मांग की। समाज के अध्यक्ष नानूराम तेली ने बताया कि संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज का जन्म विक्रम संवत 1663 में जोधपुर जिले के गाणा मंगरा (बिलाड़ा) गांव में हुआ था। वे लोकदेवता बाबा रामदेव जी के परम भक्त थे और उन्होंने समाज में भक्ति, सद्भावना, मानवता तथा भेदभाव मिटाने का संदेश दिया। उन्होंने विक्रम संवत 1777 में पाली जिले के बगड़ी नगर स्थित रामदेव मंदिर में जीवित समाधि ली। वर्तमान में राजस्थान सहित देशभर में उनके लाखों अनुयायी हैं। समाज के सचिव पप्पू लाल तेली ने बताया कि भीलवाड़ा में भी संत राजूराम जी महाराज के प्रति समाज के लोगों में गहरी आस्था है। नई पीढ़ी को उनके आदर्शों और प्रेरणादायी जीवन से परिचित कराने तथा जनभावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से शहर के किसी प्रमुख चौराहे, विशेष रूप से ईरास सर्किल, का नाम उनके नाम पर रखा जाना चाहिए। साथ ही वहां उनकी प्रतिमा एवं स्मारक निर्माण की स्वीकृति भी प्रदान की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में ज्ञापन की प्रतियां नगर विकास न्यास के सचिव एवं नगर निगम आयुक्त को भी भेजकर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। ज्ञापन सौंपने के दौरान अध्यक्ष नानूराम तेली, सचिव पप्पू लाल तेली, राजू आसरवा, नन्दलाल तेली आम्बा, दुर्गेश तेली, पूर्व पार्षद गोपाल तेली, कालू सोनावा, गोपाल तेली सांगवा, राजू तेली, एडवोकेट प्रताप तेली, गोपाल अग्रवाल, शंकर तेली, किशन तेली, शिव तेली, दिनेश तेली दादीया, प्यारेलाल तेली, श्यामलाल तेली, विष्णु कुमार तेली सहित समाज के अनेक पदाधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भीलवाड़ा के प्रमुख चौराहे का नाम 'संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज सर्कल' करने की मांग भीलवाड़ा के प्रमुख चौराहे का नाम 'संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज सर्कल' करने की मांग भीलवाड़ा तेली (साहु) समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शहर के ईरास सर्किल अथवा किसी अन्य प्रमुख चौराहे का नाम 'संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज सर्कल' रखने तथा वहां संत राजूराम जी महाराज का स्मारक निर्माण कराने की अनुमति देने की मांग की। समाज के अध्यक्ष नानूराम तेली ने बताया कि संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज का जन्म विक्रम संवत 1663 में जोधपुर जिले के गाणा मंगरा (बिलाड़ा) गांव में हुआ था। वे लोकदेवता बाबा रामदेव जी के परम भक्त थे और उन्होंने समाज में भक्ति, सद्भावना, मानवता तथा भेदभाव मिटाने का संदेश दिया। उन्होंने विक्रम संवत 1777 में पाली जिले के बगड़ी नगर स्थित रामदेव मंदिर में जीवित समाधि ली। वर्तमान में राजस्थान सहित देशभर में उनके लाखों अनुयायी हैं। समाज के सचिव पप्पू लाल तेली ने बताया कि भीलवाड़ा में भी संत राजूराम जी महाराज के प्रति समाज के लोगों में गहरी आस्था है। नई पीढ़ी को उनके आदर्शों और प्रेरणादायी जीवन से परिचित कराने तथा जनभावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से शहर के किसी प्रमुख चौराहे, विशेष रूप से ईरास सर्किल, का नाम उनके नाम पर रखा जाना चाहिए। साथ ही वहां उनकी प्रतिमा एवं स्मारक निर्माण की स्वीकृति भी प्रदान की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में ज्ञापन की प्रतियां नगर विकास न्यास के सचिव एवं नगर निगम आयुक्त को भी भेजकर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। ज्ञापन सौंपने के दौरान अध्यक्ष नानूराम तेली, सचिव पप्पू लाल तेली, राजू आसरवा, नन्दलाल तेली आम्बा, दुर्गेश तेली, पूर्व पार्षद गोपाल तेली, कालू सोनावा, गोपाल तेली सांगवा, राजू तेली, एडवोकेट प्रताप तेली, गोपाल अग्रवाल, शंकर तेली, किशन तेली, शिव तेली, दिनेश तेली दादीया, प्यारेलाल तेली, श्यामलाल तेली, विष्णु कुमार तेली सहित समाज के अनेक पदाधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- भीलवाड़ा के प्रमुख चौराहे का नाम 'संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज सर्कल' करने की मांग भीलवाड़ा के प्रमुख चौराहे का नाम 'संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज सर्कल' करने की मांग भीलवाड़ा तेली (साहु) समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शहर के ईरास सर्किल अथवा किसी अन्य प्रमुख चौराहे का नाम 'संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज सर्कल' रखने तथा वहां संत राजूराम जी महाराज का स्मारक निर्माण कराने की अनुमति देने की मांग की। समाज के अध्यक्ष नानूराम तेली ने बताया कि संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज का जन्म विक्रम संवत 1663 में जोधपुर जिले के गाणा मंगरा (बिलाड़ा) गांव में हुआ था। वे लोकदेवता बाबा रामदेव जी के परम भक्त थे और उन्होंने समाज में भक्ति, सद्भावना, मानवता तथा भेदभाव मिटाने का संदेश दिया। उन्होंने विक्रम संवत 1777 में पाली जिले के बगड़ी नगर स्थित रामदेव मंदिर में जीवित समाधि ली। वर्तमान में राजस्थान सहित देशभर में उनके लाखों अनुयायी हैं। समाज के सचिव पप्पू लाल तेली ने बताया कि भीलवाड़ा में भी संत राजूराम जी महाराज के प्रति समाज के लोगों में गहरी आस्था है। नई पीढ़ी को उनके आदर्शों और प्रेरणादायी जीवन से परिचित कराने तथा जनभावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से शहर के किसी प्रमुख चौराहे, विशेष रूप से ईरास सर्किल, का नाम उनके नाम पर रखा जाना चाहिए। साथ ही वहां उनकी प्रतिमा एवं स्मारक निर्माण की स्वीकृति भी प्रदान की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में ज्ञापन की प्रतियां नगर विकास न्यास के सचिव एवं नगर निगम आयुक्त को भी भेजकर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। ज्ञापन सौंपने के दौरान अध्यक्ष नानूराम तेली, सचिव पप्पू लाल तेली, राजू आसरवा, नन्दलाल तेली आम्बा, दुर्गेश तेली, पूर्व पार्षद गोपाल तेली, कालू सोनावा, गोपाल तेली सांगवा, राजू तेली, एडवोकेट प्रताप तेली, गोपाल अग्रवाल, शंकर तेली, किशन तेली, शिव तेली, दिनेश तेली दादीया, प्यारेलाल तेली, श्यामलाल तेली, विष्णु कुमार तेली सहित समाज के अनेक पदाधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- https://youtu.be/BrHB0nYC-78?si=ThVa-cPvcjAkO5VF 🚨 रायला में रेलवे के फैसले पर जनता का फूटा गुस्सा! 🚆✊ राजस्थान के रायला में रेलवे के एक फैसले के विरोध में लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। स्थानीय नागरिकों ने भूख हड़ताल और चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर प्रशासन व रेलवे के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। आखिर क्या है पूरा मामला और क्यों नाराज़ हैं लोग? जानिए इस रिपोर्ट में। 📢 👉 क्या आपको लगता है कि जनता की मांगों पर जल्द कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। 💬 👍 वीडियो पसंद आए तो Like, Share और Subscribe करना न भूलें। 🔔1
- ग्रामीण सेवा शिविर, तहसीलदार अधिकारी महोदय के स्वागत एवं अभिनंदन1
- आसींद कस्बे के नर्सिंग द्वारा मंदिर में मनाया गया गुरुपूर्णिमा का पर्व, गुरु रामचरण दास जी महाराज का शिष्यों ने किया सम्मान विशाल भंडारे का हुआ आयोजन आसींद/ आसींद कस्बे में स्थिति नर्सिंग द्वारा मंदिर पर श्री केशव भक्त मंडल नर्सिंग द्वारा आज गुरु पूर्णिमा का पर्व बड़े ही हर्षौल्लास के साथ मनाया गया वही सुबह से ही नृसिंह द्वारे में पहुंचकर गुरु शिष्य की परम्परा का निर्वाह करते हुए शिष्यों ने गुरु को नमन किया और गुरुभक्ति का संगम देखने को मिला, वही इस मौके पर आसींद कस्बे एवं बाहर से आने वाले भक्तजनों के लिए विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया तथा हजारों भक्तों में गुरु भक्ति में लीन होकर भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया आसींद मंजूर 94138895963
- देशभक्ति का नया तूफान! 'बंटवारा 1947' का ट्रेलर सबसे पहले देखें, 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज़ � देशभक्ति से भरपूर सनी देओल की 'बंटवारा 1947' 14 अगस्त को होगी रिलीज़, सबसे पहले देखें ऑफिशियल ट्रेलर | Hello Chittorgarh News2
- चपरासी कॉलोनी में बात करने का बहाना कर युवक को उसके घर बुलाया, दरवाजा खोलते ही रिश्तेदारों ने चाकू से किया ताबड़तोड़ हमला भीलवाड़ा। शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित चपरासी कॉलोनी में मंगलवार को पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर उसके ही घर में घुसकर चाकू से हमला करने का मामला सामने आया है। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलने पर गांधीनगर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और घायल के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। घायल अभिषेक सेन पुत्र श्यामलाल सेन उम्र 26 वर्ष निवासी चपरासी कॉलोनी ने शाम करीब 6 बजे जिला अस्पताल में बताया कि उसकी घीसूलाल सेन निवासी लांबिया से करीब तीन वर्ष से रंजिश चल रही थी, हालांकि दोनों पक्षों के बीच पहले समझौता हो चुका था। अभिषेक का कहना है कि मंगलवार को घीसूलाल ने फोन कर कहा कि बैठकर बात करनी है और उसे उसके घर आने के लिए कहा। वह काम से आधे दिन की छुट्टी लेकर अपने घर पहुंचा। कुछ देर बाद घीसूलाल सेन निवासी लांबिया, करण सेन , मुकेश तेली, लीला देवी और घीसू लाल की पत्नी उसके घर पहुंचे और जैसे ही उसने अपने घर का दरवाजा खोला करण ने उस पर चाकू से हमला कर दिया और आंख में उंगली डालकर घायल कर दिया। इसके बाद घीसूलाल ने उसके पैर पर चाकू से वार किया, जबकि अन्य लोगों ने भी मेरे साथ मारपीट करी। घटना की सूचना पर गांधीनगर थाना पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और घायल से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। फिलहाल पुलिस घायल के बयान के आधार पर हमलावरों की तलाश कर रही है1