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अवैध हथियार की सूचना पर चैनपुर पुलिस की कार्रवाई, तलाशी में निकली बच्चों की खिलौना बंदूक चैनपुर : अवैध हथियार की गुप्त सूचना मिलने पर चैनपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अल्बर्ट चौक, चैनपुर के समीप एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर उसकी तलाशी ली। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति हथियार लेकर इलाके में घूम रहा है। सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध व्यक्ति को घेरकर रोक लिया।
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अवैध हथियार की सूचना पर चैनपुर पुलिस की कार्रवाई, तलाशी में निकली बच्चों की खिलौना बंदूक चैनपुर : अवैध हथियार की गुप्त सूचना मिलने पर चैनपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अल्बर्ट चौक, चैनपुर के समीप एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर उसकी तलाशी ली। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति हथियार लेकर इलाके में घूम रहा है। सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध व्यक्ति को घेरकर रोक लिया।
- Binay lakraSimdega, Jharkhand😡48 min ago
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- चैनपुर : अवैध हथियार की गुप्त सूचना मिलने पर चैनपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अल्बर्ट चौक, चैनपुर के समीप एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर उसकी तलाशी ली। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति हथियार लेकर इलाके में घूम रहा है। सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध व्यक्ति को घेरकर रोक लिया।1
- चैनपुर के ब्लॉक कार्यालय से बाल विवाह के खिलाफ चैनपुर प्रखंड कार्यालय से शुक्रवार को जागरूकता रथ रवाना।4
- गुमला: जिले में भूमि विवाद एवं अंचल से संबंधित विभिन्न समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा संचालित अंचल दिवस 3.0 का तृतीय चरण शुक्रवार को सिसई अंचल कार्यालय परिसर में आयोजित किया गया। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित स्वयं शिविर में उपस्थित रहीं और उन्होंने आमजनों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि अंचल स्तर पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक न आना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि विवाद सहित सभी अंचल संबंधित मामलों का निष्पादन पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ किया जाए।शिविर के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल प्राप्त 82 आवेदनों में से 70 आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन किया गया, जबकि 12 मामलों में आवश्यक जांच के आदेश दिए गए। इस प्रकार कुल मामलों का लगभग 85 प्रतिशत त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया गया। आवेदन एवं निष्पादन का संक्षिप्त विवरण अंचल दिवस के दौरान विभिन्न विषयों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। इनमें भूमि विवाद के 08 मामले आए, जिनमें से 06 का निष्पादन किया गया तथा 02 मामलों को जांच हेतु भेजा गया।दाखिल-खारिज के 24 मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया गया।पंजी-II सुधार के 11 मामलों में से 01 का निष्पादन तथा 10 मामलों में जांच के आदेश दिए गए।इसके अतिरिक्त जाति, आय एवं आवासीय प्रमाण पत्र से संबंधित 19 मामलों, पारिवारिक सदस्यता के 10 मामलों तथा भू-धारण/जनशिकायत निवारण दिवस से संबंधित 10 मामलों का भी शिविर में ही निष्पादन किया गया।भूमि विवाद से संबंधित मामलों के संदर्भ में उपायुक्त ने उपस्थित ग्रामीणों को जानकारी देते हुए कहा कि ट्राइबल भूमि से जुड़े मामलों के निष्पादन के लिए प्रशासन गंभीर है और ऐसे मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि भूमि विवाद से संबंधित मामलों को लेकर अंचल दिवस में अवश्य आएं, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन अंचल स्तर पर ही संभव हो सके।इस अवसर पर अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक, भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) राजीव कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) सदर राजीव नीरज, सिसई प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।ज्ञात हो कि अंचल दिवस 3.0 के अंतर्गत प्रत्येक शुक्रवार को विभिन्न अंचलों में समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहकर आमजनों की समस्याओं की सुनवाई करेंगे और यथासंभव ऑन द स्पॉट समाधान सुनिश्चित करेंगे।जिलेवासियों से अपील की है कि वे भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, मापी, सीमांकन एवं अन्य राजस्व से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु निर्धारित तिथि पर आयोजित अंचल दिवस में भाग लें, ताकि समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।अंचल दिवस 3.0 के अंतर्गत अगले चरण का आयोजन 20 मार्च 2026 को भरनो अंचल कार्यालय परिसर में किया जाएगा। इस अवसर पर भी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहकर आमजनों की समस्याओं की सुनवाई करेंगे तथा यथासंभव मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।3
- बायोमेट्रिक से आदिम जनजाति और बुजुर्गों के खातों से निकाले हजारों रुपये, बैंक कर्मियों व बिचौलियों पर कार्रवाई की मांग चैनपुर प्रखंड के लिगरपाठ गांव में आदिम जनजाति और बुजुर्गों के साथ ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। सरकारी योजनाओं की राशि दिलाने के नाम पर बिचौलियों द्वारा ग्रामीणों से बायोमेट्रिक अंगूठा लगवाकर उनके बैंक खातों से हजारों रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और इसमें शामिल बैंक कर्मियों व बिचौलियों पर कार्रवाई की मांग उठने लगी है। जानकारी देते हुए शुक्रवार सुबह सात बजे ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई बुजुर्ग और आदिम जनजाति परिवार इस ठगी का शिकार हुए हैं। आरोप है कि मोबाइल और बायोमेट्रिक मशीन के जरिए अंगूठा लगवाकर खातों से रुपये निकाल लिए गए। पेंशन निकालने पहुंचे बुजुर्ग से ठगी पीड़ित मंगरा मुंडा अपनी वृद्धावस्था पेंशन निकालने की उम्मीद में पहुंचे थे। आरोप है कि बिरसू गोप नामक व्यक्ति ने उनका अंगूठा लगवाकर खाते से रुपये निकाल लिए। वहीं मंगरा मुंडा की पत्नी फिरो मुंडा ने बताया कि बैंक ऑफ इंडिया के बीसी नीरज ने इक्कीस फरवरी दो हजार छब्बीस को उनका अंगूठा लगवाकर खाते से दस हजार रुपये निकाल लिए। जब उन्होंने पैसे मांगे तो उन्हें खाता बंद होने और केवाईसी कराने की बात कहकर टाल दिया गया। बताया गया कि चौबीस फरवरी को बिरसू गोप उन्हें ग्रामीण बैंक चैनपुर ले गया, जहां फिर से उनके खाते से लगभग चौंतीस हजार रुपये की निकासी कर ली गई। पीड़िता को मात्र पांच हजार रुपये देकर घर भेज दिया गया। आदिम जनजाति महिला के खाते से पच्चीस हजार रुपये निकाले ठगी का दूसरा मामला लिगरपाठ निवासी आदिम जनजाति महिला दशमी असुर के साथ सामने आया। उन्होंने बताया कि रामपुर निवासी बिरसू गोप ने उनका अंगूठा लगवाकर उनके खाते से पच्चीस हजार रुपये निकाल लिए। उन्हें इसकी जानकारी तब हुई जब उन्होंने पोस्ट ऑफिस जाकर खाता जांच करवाया। जांच में सामने आया कि निकासी पोस्ट ऑफिस कर्मी कृष्ण रौतिया की आईडी से की गई थी। ग्रामीणों के दबाव पर लौटाई गई राशि मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों ने विरोध जताया और दबाव बनाया। इसके बाद आरोपी बिचौलिये द्वारा निकाली गई राशि वापस कर दी गई। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी आदिम जनजाति और बुजुर्गों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर इसमें शामिल बिचौलियों और संबंधित बैंकिंग कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में गरीब और असहाय लोगों के साथ इस तरह की घटना दोबारा न हो।1
- Post by Nikhil Chauhan1
- सरकार का न तो प्रशासन का एक इंच झारखंड में जमीन नहीं है1
- गुमला | 13 मार्च 2026 गुमला जिला प्रशासन ने सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक अनूठी और भावनात्मक पहल शुरू की है।* भविष्य की पीढ़ी को जागरूक कर अभिभावकों के व्यवहार में बदलाव लाने के उद्देश्य से *जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज राजकियकृत उच्च मध्य विद्यालय ,अरमई में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल (डीटीओ) ने कक्षा 4 से 8 तक के बच्चों को सड़क दुर्घटनाओं की वास्तविक वीडियो फुटेज दिखाई। सीसीटीवी कैमरों में कैद उन भयावह दृश्यों को देखकर बच्चे सिहर उठे। इस दौरान उन्हें समझाया गया कि कैसे महज एक सेकंड की लापरवाही खुशहाल परिवारों को तबाह कर देती है। तकनीकी बारीकियों को साझा करते हुए बताया गया कि सड़क हादसों में होने वाली अधिकांश मौतों का मुख्य कारण सिर की चोट है, जिससे एक मानक हेलमेट आसानी से बचा सकता है। "गार्जियन को बनना होगा रोल मॉडल" कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते हुए डीटीओ ने अभिभावकों की जिम्मेदारी पर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा: > "जब घर के बड़े खुद हेलमेट नहीं पहनते, तो वे बच्चों से नियमों के पालन की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? माता-पिता ही बच्चों के पहले शिक्षक होते हैं। अगर वे खुद हेलमेट पहनकर गाड़ी चलाएंगे, तो आने वाली पीढ़ी इसे संस्कार के रूप में अपनाएगी।" > *बच्चों ने ली शपथ: "बिना हेलमेट घर से नहीं निकलने देंगे माता-पिता को"* प्रशासन की इस इमोशनल अपील का बच्चों पर गहरा असर दिखा। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं ने सामूहिक शपथ ली कि: *वे अपने माता-पिता को तब तक गाड़ी की चाबी नहीं देंगे या घर से बाहर नहीं जाने देंगे, जब तक वे हेलमेट या सीट बेल्ट न लगा लें।* *वाहन चलाते समय यदि परिजन तेज रफ्तार में होंगे, तो बच्चे उन्हें तुरंत टोकेंगे।* *वे अपने आसपास के लोगों को 'धीमी गति' और 'सुरक्षित सफर' के लिए प्रेरित करेंगे।* *पूरे जिले में गूंज रही है 'सुरक्षा की आवाज'* *डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल ने बताया कि प्रशासन केवल स्कूलों तक सीमित नहीं है।* गुमला के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम (लाउडस्पीकर) सक्रिय कर दिए गए हैं। इन लाउडस्पीकरों के माध्यम से लगातार लोगों को यातायात नियमों, हेलमेट की अनिवार्यता और तेज रफ्तार के खतरों के प्रति सचेत किया जा रहा है। *प्रशासन का सीधा संदेश: आपकी जान अनमोल है। इसे सड़क पर लापरवाही की भेंट न चढ़ाएं। सुरक्षित चलें, सुरक्षित रहें।* *सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो , सड़क सुरक्षा के टीम शामिल थे।1