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उमरापुर बलखंडी डेरा मार्ग पर विवाद सामने आया है।
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उमरापुर बलखंडी डेरा मार्ग पर विवाद सामने आया है।
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- फतेहपुर जिले के हसवा ब्लॉक के औरेई गाँव में भीषण जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। गाँव की पाइपलाइन में महीने में केवल चार दिन ही पानी आता है, यानी हफ्ते में एक दिन पानी की आपूर्ति होती है। स्थानीय निवासी इस समस्या से बेहद परेशान हैं, खासकर जब गाँव में दो-दो पानी की टंकियाँ होने के बावजूद पानी की किल्लत बनी हुई है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान से अनुरोध किया है कि वे जल्द से जल्द इस जल आपूर्ति को चालू करवाएं ताकि पानी की इस गंभीर समस्या का समाधान हो सके।1
- उमरापुर बलखंडी डेरा मार्ग पर विवाद सामने आया है।1
- सुल्तानपुर घोष में प्रधान की मां का हत्या युक्त शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना की जानकारी मिलते ही, पुलिस अधीक्षक (एसपी) भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए, जहां उन्होंने स्थिति का जायजा लिया।1
- फतेहपुर जिले के हसवा विकासखंड में 24 मई 2026 को सोशल एजुकेशन डेवलपमेंट सोसाइटी मिचकी द्वारा आयोजित 'सामान्य बुद्धि परीक्षा 2026' सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इस परीक्षा के लिए कुल 151 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 128 ने इसमें हिस्सा लिया, जबकि 23 अनुपस्थित रहे। यह परीक्षा अखिल भारतीय सहदेई सेवा संस्थान रसूलपुर भभैचा को केंद्र बनाकर आयोजित की गई थी।1
- फतेहपुर जनपद के असोथर नगर पंचायत क्षेत्र में खनिज विभाग की घोर लापरवाही और प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी खुलकर सामने आ रही है, जिसके चलते मोरम माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद, दिन हो या रात, सड़कें ओवरलोड ट्रकों और डंपरों से बेखौफ फर्राटा भरते नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि बांदा के मार्का खंड संख्या 03 व 04 से ओवरलोड मोरम लेकर ये ट्रक और डंपर धड़ल्ले से असोथर क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। रामनगर कौहन पुल मोरम माफियाओं का मुख्य रास्ता बन चुका है, जहां से लगातार भारी वाहन नियमों को ताक पर रखकर गुजरते रहते हैं। यह सब खुलेआम चल रहा है, फिर भी जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने से बचता दिख रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ओवरलोड वाहनों से उड़ने वाली धूल ने पूरे कस्बे को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे यह धूल का गुबार उनके लिए “सफेद ज़हर” साबित हो रहा है। राहगीरों, दुकानदारों और आसपास के लोगों को सांस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार भारी वाहनों के गुजरने से सड़कों की हालत भी बद से बदतर हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस थाने से चंद कदमों की दूरी से लगातार ओवरलोड वाहन गुजरते हैं, फिर भी जिम्मेदार विभाग और पुलिस प्रशासन कार्रवाई के बजाय मौन धारण किए हुए हैं। वायरल हो रहे लोकेशन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे नियमों को ताक पर रखकर ओवरलोड ट्रक और डंपर खुलेआम दौड़ रहे हैं। क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि सड़क हादसों पर रोक लगाई जा सके और लोगों को धूल प्रदूषण से राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।4
- बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश सचिव जन जागृति के उद्देश्य से सथरियांव पहुँचे। उन्होंने 'चलो गांव की ओर' का आह्वान किया और 'जय मूल निवासी, जय भारत, जय भीम, जय संविधान' के नारे लगाए।2
- प्रशासनिक व्यवस्था की एक कड़वी सच्चाई सामने आई है, जहाँ आम आदमी की फाइलें बिना 'कड़क नोटों' या सिफारिश के एक टेबल से दूसरे टेबल तक नहीं सरकतीं। हवलदार से लेकर थानेदार तक और तहसील के कार्यालयों में गरीब लोग चक्कर काटते-काटते थक जाते हैं, पर बिना लेन-देन के उनका कोई काम नहीं होता। यह स्थिति चौकी से लेकर तहसील स्तर तक फैले भ्रष्टाचार के खुले खेल को उजागर करती है, जहाँ आम इंसान स्वयं को बेबस पाता है। इस विशेष रिपोर्ट में अधिकारियों की इस तानाशाही के खिलाफ आवाज़ उठाने की तुरंत आवश्यकता पर जोर दिया गया है। मनुज क्रांति न्यूज़ (वतन की गरिमा, लखनऊ) द्वारा प्रकाशित इस रिपोर्ट के अनुसार, खोखले दावों से हटकर जमीनी हकीकत यह है कि जब तक 140 करोड़ की आबादी का हर नागरिक जागरूक नहीं होगा, तब तक यह 'लूट तंत्र' नहीं रुकेगा। समाज को बदलने के लिए सभी नागरिकों से इस मुहिम का हिस्सा बनने और सहयोग देने की अपील की गई है। इस रिपोर्ट के संपादक/रिपोर्टर अनुज चौहान हैं और 'अनाया सिंह पाठशाला' (जिसका नारा 'आइए मिलकर समाज बदलें' है) जमीनी सेवा प्रदान कर रही है।4
- फतेहपुर शहर के चौक-चौगलिया इलाके में देर रात अचानक आग लगने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह आग दुकानों के बाहर लगे टट्टर में लगी और देखते ही देखते तेजी से फैल गई। इस घटना के कारण आसपास के दुकानदारों में दहशत फैल गई।2