*Iran War Live Updates: जंग की आग में जल रहा लेबनान, सिर्फ एक दिन में 1 लाख से ज्यादा लोग हुए बेघर* तेहरान: ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध का आज 11वां दिन है. इस युद्ध ने कमोबेश पूरी दुनिया को प्रभावित किया है. खासकर कच्चे तेल और उड़ान को लेकर. अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर लगातार हमले किए जा रहे हैं. वहीं ईरान इजराइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना का अभियान जल्द खत्म करने के संकेत दिए हालांकि इस हफ्ते खत्म नहीं होगा. वहीं ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से ईरान मसले पर फोन पर बात की. इजराइल ईरान के साथ लेबनान में भी एक बड़ा ऑपरेशन चला रहा है, जहाँ वह ईरान समर्थक हिज्बुल्लाह से लड़ रहा है. लेबनान में मरने वालों की संख्या 486 हो गई. ईरान ने सोमवार को इजराइल और खाड़ी देशों पर और हमले किए, इसके कुछ ही घंटों बाद ईरानी सरकारी टीवी ने कहा कि देश के दिवंगत सुप्रीम लीडर के बेटे और लंबे समय से दावेदार माने जाने वाले मोजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी बनाया गया. वहीं इजराइल और ईरान की तरफ से कोई नरमी के कोई संकेत नहीं हैं. इस बीच ईरान के सिक्योरिटी चीफ का कहना है कि जब तक युद्ध चलता रहेगा, होर्मुज स्ट्रेट असुरक्षित रहेगा. ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट को हिलाकर रख दिया है, कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई. यूएस सेंट्रल कमांड द्वारा जारी जानकारी के अनुसार देश के सुरक्षा ढांचे को खत्म करने के उद्देश्य से व्यापक सैन्य अभियान के पहले दस दिनों में अमेरिका ने ईरान में 5000 से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया. ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 28 फरवरी, 2026 को सुबह 1:15 बजे शुरू हुआ और इसमें देश भर में ईरानी सैन्य क्षमताओं को लक्षित करने वाले अमेरिकी वायु, नौसेना और मिसाइल प्रणालियों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है. यूएस सेंट्रल कमांड ने कहा कि अभियान अमेरिका के राष्ट्रपति के निर्देश पर शुरू किया गया. इसमें बलों को ईरानी शासन के सुरक्षा तंत्र से जुड़े साइटों और उन स्थानों पर हमला करने का काम सौंपा गया. इन हमलों B-1 बॉम्बर, B-2 स्टील्थ बॉम्बर और B-52 बॉम्बर जैसे लंबी दूरी के बॉम्बर के साथ-साथ F-15, F-16, F-18, F-22 स्टील्थ फाइटर और F-35 स्टील्थ फाइटर जैसे उन्नत लड़ाकू विमान शामिल हैं. संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच सिर्फ 24 घंटों में लेबनान में और 1 लाख से ज्यादा लोग बेघर हुए हैं. लेबनान में यूएन रिफ्यूजी एजेंसी की प्रतिनिधि कैरोलिना लिंडहोम बिलिंग ने कहा, "आज तक, लेबनान में 667,000 से ज़्यादा लोगों ने (लेबनानी) सरकार के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेघर के तौर पर रजिस्टर किया है. उन्होंने लेबनान की ताजा स्थिति के बारे में बताते हुए कहा कि, यहां सिर्फ एक दिन में 1 लाख, से ज्यादा लोग बेघर हो गए. उन्होंने पत्रकारों से कहा, "यह 2024 की तुलना में बेघर होने की तेज रफ्तार है."
*Iran War Live Updates: जंग की आग में जल रहा लेबनान, सिर्फ एक दिन में 1 लाख से ज्यादा लोग हुए बेघर* तेहरान: ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध का आज 11वां दिन है. इस युद्ध ने कमोबेश पूरी दुनिया को प्रभावित किया है. खासकर कच्चे तेल और उड़ान को लेकर. अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर लगातार हमले किए जा रहे हैं. वहीं ईरान इजराइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना का अभियान जल्द खत्म करने के संकेत दिए हालांकि इस हफ्ते खत्म नहीं होगा. वहीं ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से ईरान मसले पर फोन पर बात की. इजराइल ईरान के साथ लेबनान में भी एक बड़ा ऑपरेशन चला रहा है, जहाँ वह ईरान समर्थक हिज्बुल्लाह से लड़ रहा है. लेबनान में मरने वालों की संख्या 486 हो गई. ईरान ने सोमवार को इजराइल और खाड़ी देशों पर और हमले किए, इसके कुछ ही घंटों बाद ईरानी सरकारी टीवी ने कहा कि देश के दिवंगत सुप्रीम लीडर के बेटे और लंबे समय से दावेदार माने जाने वाले मोजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी बनाया गया. वहीं इजराइल और ईरान की तरफ से कोई नरमी के कोई संकेत नहीं हैं. इस बीच ईरान के सिक्योरिटी चीफ का कहना है कि जब तक युद्ध चलता रहेगा, होर्मुज स्ट्रेट असुरक्षित रहेगा. ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट को हिलाकर रख दिया है, कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई. यूएस सेंट्रल कमांड द्वारा जारी जानकारी के अनुसार देश के सुरक्षा ढांचे को खत्म करने के उद्देश्य से व्यापक सैन्य अभियान के पहले दस दिनों में अमेरिका ने ईरान में 5000 से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया. ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 28 फरवरी, 2026 को सुबह 1:15 बजे शुरू हुआ और इसमें देश भर में ईरानी सैन्य क्षमताओं को लक्षित करने वाले अमेरिकी वायु, नौसेना और मिसाइल प्रणालियों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है. यूएस सेंट्रल कमांड ने कहा कि अभियान अमेरिका के राष्ट्रपति के निर्देश पर शुरू किया गया. इसमें बलों को ईरानी शासन के सुरक्षा तंत्र से जुड़े साइटों और उन स्थानों पर हमला करने का काम सौंपा गया. इन हमलों B-1 बॉम्बर, B-2 स्टील्थ बॉम्बर और B-52 बॉम्बर जैसे लंबी दूरी के बॉम्बर के साथ-साथ F-15, F-16, F-18, F-22 स्टील्थ फाइटर और F-35 स्टील्थ फाइटर जैसे उन्नत लड़ाकू विमान शामिल हैं. संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच सिर्फ 24 घंटों में लेबनान में और 1 लाख से ज्यादा लोग बेघर हुए हैं. लेबनान में यूएन रिफ्यूजी एजेंसी की प्रतिनिधि कैरोलिना लिंडहोम बिलिंग ने कहा, "आज तक, लेबनान में 667,000 से ज़्यादा लोगों ने (लेबनानी) सरकार के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेघर के तौर पर रजिस्टर किया है. उन्होंने लेबनान की ताजा स्थिति के बारे में बताते हुए कहा कि, यहां सिर्फ एक दिन में 1 लाख, से ज्यादा लोग बेघर हो गए. उन्होंने पत्रकारों से कहा, "यह 2024 की तुलना में बेघर होने की तेज रफ्तार है."
- रेलवे स्टेशन सलीमाबाद में ग्राम संघर्ष समिति के द्वारा विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया जी की रेल प्रशासन को विगत 15 वर्षों रेल्वे आवेदन निवेदन का क्रम चलता रहा ग्रामीणों का धैर्य टूट जाने के बाद आंदोलन का एकमात्र सहारा लेते हुए झरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया जिसमें ग्राम संघर्ष समिति के द्वारा विरोध दर्ज कराती हुई वाणिज्य रेल प्रबंधक नितिन सोने के हाथों में ज्ञापन सोपा गया जिसमें समिति के सदस्यों ने एक माह का समय रेल शासन को दिया है संतोषजनक निराकरण नहीं होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है रेल प्रशासन के उच्च अधिकारी डीआरएम गम के प्रतिनिधि नितिन सोने ने हर संभव मदद का भरोसा दिल आया है और रीवा इतवारी का स्टॉपेज 15 दिवस के भीतर देने का आश्वासन दिया है बाकी अन्य ट्रेनों की मांग को पूर्व में ही रेल मंत्रालय के समक्ष डीआरएम कार्यालय की उचित सहमति के साथ भेज दिया गया है जो जल्द ही तीनों के ठहराव के संबंध में निराकरण से क्षेत्र वासियों को अवगत कराने की बात कही है इस मौके पर सतना से ईश्वर चंद्र त्रिपाठी सलीमानाबाद से पंडित प्रदीप त्रिपाठी जिला पंचायत सदस्य दीपक तिवारी ठाकुर मदन सिंह अमरदीप साहू राजाराम गुप्ता धरवारा से अमित गर्ग1
- रीठी बायपास के पास अवैध प्लाटिंग का खेल धड़ल्ले से जारी, प्रशासन मौन कटनी – कटनी शहर के रीठी बायपास क्षेत्र में इन दिनों अवैध प्लाटिंग का खेल तेजी से फैलता नजर आ रहा है। मुख्य सड़क से लगी कृषि भूमि को बिना वैधानिक अनुमति के छोटे-छोटे प्लॉटों में काटकर बेचा जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासन अब तक इस पर सख्त कार्रवाई करता दिखाई नहीं दे रहा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भू - माभिया खेतों को प्लॉट में बदल रहे हैं। न तो कॉलोनी का नक्शा स्वीकृत है और न ही सड़क, नाली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कोई व्यवस्था की जा रही है। इसके बावजूद लोगों को सस्ते प्लॉट का लालच देकर जमीन की खरीद-फरोख्त कराई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई जगहों पर जेसीबी से सड़कें बनाकर कॉलोनी का रूप दिया जा रहा है, जबकि यह पूरी प्रक्रिया नियमों के विपरीत है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में यहां बड़ी संख्या में अवैध मकान खड़े हो सकते हैं। सूत्रो के अनुसार, बिना भूमि कन्वर्जन और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की अनुमति के यह प्लाटिंग की जा रही है। मामले में राजस्व विभाग के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों के मिलीभगत की भी चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना अनुमति की प्लाटिंग से खरीदारों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि ऐसी कॉलोनियों को भविष्य में वैधता मिलना मुश्किल होता है और प्रशासन कभी भी कार्रवाई कर सकता है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रीठी बायपास क्षेत्र में हो रही अवैध प्लाटिंग की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम लोगों को ठगी से बचाया जा सके और शहर का नियोजित विकास सुनिश्चित हो सके।2
- स्लीमनाबाद में फूटा जनआक्रोश: एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग पर हजारों ग्रामीणों का प्रदर्शन, रेलवे ने दिया लिखित आश्वासन स्लीमनाबाद/कटनी। लंबे समय से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर स्लीमनाबाद रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को जनआक्रोश का बड़ा विस्फोट देखने को मिला। ग्राम विकास संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में सुबह 8 बजे से ही हजारों की संख्या में ग्रामीण, अपडाउनर्स, छात्र और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि स्टेशन परिसर में जुट गए। देखते ही देखते पूरा स्टेशन आंदोलनकारियों से भर गया और ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग जोरदार तरीके से उठने लगी। ग्रामीणों का कहना था कि स्लीमनाबाद क्षेत्र का प्रमुख केंद्र होने के बावजूद यहां महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं है, जिससे व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूर के स्टेशनों तक जाना पड़ता है। इन प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की उठी मांग आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से रीवा-इतवारी एक्सप्रेस, जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी और जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के स्लीमनाबाद स्टेशन पर नियमित ठहराव की मांग उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि इन ट्रेनों के रुकने से पूरे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। रेलवे अधिकारियों को मौके पर बुलाना पड़ा आंदोलन की तीव्रता को देखते हुए जबलपुर डीआरएम कार्यालय से वरिष्ठ रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों और समिति के पदाधिकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों को गंभीरता से सुना। इस दौरान रेलवे अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को लिखित आश्वासन पत्र सौंपा, जिसमें बताया गया कि— रीवा-इतवारी एक्सप्रेस (11753/54) के स्लीमनाबाद में प्रायोगिक ठहराव के लिए रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है और इसकी अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी। जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी तथा जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के ठहराव का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को अग्रसारित कर दिया गया है और इस पर सकारात्मक विचार चल रहा है। रेलवे के इस लिखित आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने फिलहाल आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया, हालांकि समिति ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ठहराव शुरू नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद इस प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य प्रदीप त्रिपाठी, अमरदीप साहू, दीपक तिवारी, सरपंच कल्लू दास बैरागी, मदन सिंह, जगदेव पटेल, महेंद्र दुबे, रामानुज पांडे, ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, सीताराम दुबे, अमित गर्ग और विजय साहू सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इसके अलावा दीनू पांडे, संटु अग्रहरि, अरविंद अग्रहरि, संतोष सिंह, विक्की जैन, अजय विश्वकर्मा, बिंदेश्वरी पटेल, गंगाधर बढ़गैया, अविनाश तिवारी, मंगल सिंह, माधुरी जैन, अजय नामदेव, जितेंद्र सिंह, विपिन सिंह और लालू खान समेत सैकड़ों ग्रामीण और अपडाउनर्स आंदोलन में शामिल रहे। ✍️ संवाददाता: बंटी नामदेव1
- Post by Saurabh Singh1
- ग्राम कटारिया में महापुरुषों के विचारों को जन जन तक पहुंचाने का प्रयास।1
- कटनी: मंगलवार को कटनी कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब एक परिवार ने अपनी समस्या का समाधान न होने पर आत्महत्या की धमकी दे दी। जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार लंबे समय से अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों के पास पहुंच रहा था, लेकिन समाधान नहीं होने से नाराज होकर उन्होंने जनसुनवाई में जमकर विरोध जताया।1
- मैहर जिले के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत भेडा गेट के पास चलती बस मे लगी आग, गनीमत रही कि समय रहते ड्राइवर ने सभी को निकाला बाहर, जिसके चलते बड़ी घटना टली जा सकी, आग लगने के कारण सड़क पर बन रही ट्रैफिक जाम की स्थिति, डायल 100पुलिस पहुंची मौके पर, फायर ब्रिगेड को दी गयी सूचना4
- स्लीमनाबाद रेल्वे स्टेशन ग्राम संघर्ष समिति के द्वारा विगत 15 वर्षों से रेल प्रशासन को दी गई मांग पर उचित विचार न किए पर आक्रोशित होकर विशाल धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें जिला पंचायत सदस्य पंडित प्रदीप त्रिपाठी ईश्वर चंद्र त्रिपाठी दीपक तिवारी अमरदीप साहू कटनी से विंधेश्वरी पटेल मंगल सिंह धरवारा शिव सरपंच अमित गर्ग आदि भारी जन सैलाब रेल रुको आंदोलन में उमर पाड़ा वही रेल प्रशासन की ओर से वाणिज्य रेल प्रबंधक नितिन सोने डीआरएम तथा जीएमसी प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित होकर ज्ञापन को प्राप्त किया और इतवारी को 15 दिन में आरंभ करने तथा निर्दोषी ट्रेनों के ठहराव के लिए 15 दोनों का समय मांगा है1