दूनी के दूनी-नगरफोर्ट मार्ग (34A) पर स्थित घाड़ के मिनी रीको औद्योगिक क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा होने से बाल-बाल बच गया। यहाँ एक अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक सड़क किनारे बने पाराशर परिवार के सती माता मंदिर में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर का ऊपरी गुंबद ढह गया और पूरा ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त मंदिर के पास कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। इस हादसे में गर्भगृह में स्थापित सती माता की प्रतिमा को एक खरोंच तक नहीं आई और वह पूरी तरह सुरक्षित रही, जिसे स्थानीय लोग एक बड़ा चमत्कार मान रहे हैं। इस घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए दूसरे ट्रैक्टर की मदद से क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को मंदिर के मलबे से बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही घाड़ पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंच गया और स्थिति को संभालते हुए क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को अपनी हिरासत में ले लिया। वहीं, ग्रामीणों के आक्रोश और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रैक्टर मालिक भी तुरंत मौके पर पहुंचा। उसने ग्रामीणों को क्षतिग्रस्त मंदिर का जल्द से जल्द अपने खर्च पर पुनर्निर्माण कराने का पूरा आश्वासन दिया, जिसके बाद ही मामला शांत हो सका।
दूनी के दूनी-नगरफोर्ट मार्ग (34A) पर स्थित घाड़ के मिनी रीको औद्योगिक क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा होने से बाल-बाल बच गया। यहाँ एक अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक सड़क किनारे बने पाराशर परिवार के सती माता मंदिर में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर का ऊपरी गुंबद ढह गया और पूरा ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त मंदिर के पास कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। इस हादसे में गर्भगृह में स्थापित सती माता की प्रतिमा को एक खरोंच तक नहीं आई और वह पूरी तरह सुरक्षित रही, जिसे स्थानीय लोग एक बड़ा चमत्कार मान रहे हैं। इस घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए दूसरे ट्रैक्टर की मदद से क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को मंदिर के मलबे से बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही घाड़ पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंच गया और स्थिति को संभालते हुए क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को अपनी हिरासत में ले लिया। वहीं, ग्रामीणों के आक्रोश और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रैक्टर मालिक भी तुरंत मौके पर पहुंचा। उसने ग्रामीणों को क्षतिग्रस्त मंदिर का जल्द से जल्द अपने खर्च पर पुनर्निर्माण कराने का पूरा आश्वासन दिया, जिसके बाद ही मामला शांत हो सका।
- प्रयागराज में बदहाल सड़कों और जाम नालियों के कारण ग्रामीण बेहद परेशान हैं। इस बदहाली से जूझ रहे ग्रामीण अब इस गंभीर समस्या पर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- टोंक में एक महिला द्वारा पुलिस पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज न करने का गंभीर आरोप लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित महिला का कहना है कि उनकी भैंस का एक्सीडेंट हो गया था, जिसके बाद उन्होंने गाड़ी नंबर समेत सभी पुख्ता सबूत पुलिस को सौंप दिए थे। इसके बावजूद टोंक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने से साफ मना कर दिया। महिला न्याय की आस में कई बार थाने के चक्कर काट चुकी हैं, लेकिन हर बार उन्हें वहां से वापस लौटा दिया गया। जब सारे सबूत मौजूद हैं, तो पुलिस द्वारा कार्रवाई में ढिलाई बरतने पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बेजुबान जानवरों और गरीब ग्रामीणों को न्याय पाने के लिए इस तरह चक्कर काटने पड़ रहे हैं। राजस्थान पुलिस और टोंक पुलिस से इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने और पीड़ित महिला को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग की जा रही है।1
- राजस्थान के बूंदी जिले से मां भवानी की एक कहानी का संक्षिप्त जिक्र किया गया है।1
- बूंदी के छत्रपुरा स्थित श्री कल्याण राय मंदिर में शनिवार को छत्रपुरा सुंदरकाण्ड मंडली द्वारा श्रद्धा और भक्ति के साथ सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया। जगदीश राठौर के सान्निध्य में संपन्न हुए इस धार्मिक कार्यक्रम में क्षेत्र के महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर और उत्साहपूर्वक भाग लिया। सुंदरकाण्ड पाठ के दौरान पूरा मंदिर परिसर भगवान श्रीराम और हनुमानजी के जयघोष से पूरी तरह भक्तिमय हो उठा, जहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने परिवार, समाज और देश की सुख-समृद्धि व मंगल की कामना की। मंडली के सदस्यों के अनुसार, छत्रपुरा सुंदरकाण्ड मंडली हर शनिवार को शहर के अलग-अलग स्थानों पर निःशुल्क सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन करती है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज में धार्मिक आस्था, संस्कार, भाईचारा और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। इस आयोजन के समापन पर सभी उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ उठाया।1
- बूंदी जिले के इंद्रगढ़ क्षेत्र में बलदेवपुरा से घाट का बराना तक किसानों के खेतों से बरसाती पानी की निकासी के लिए सीएडी विभाग ने रविवार सुबह ड्रेनेज खुदाई का कार्य शुरू कर दिया है। इस कार्य के शुरू होने से क्षेत्र के किसानों की वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है। हर साल बरसात के दिनों में खेतों में पानी भर जाने से हजारों बीघा भूमि पर खड़ी फसलें खराब हो जाती थीं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। किसानों की इसी गंभीर समस्या को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर सीएडी विभाग द्वारा सीपेज ड्रेनों की सफाई एवं खुदाई का काम कराया जा रहा है, ताकि खेतों से पानी की सुचारु निकासी हो सके। जल समिति के अध्यक्ष रामराज मीणा सहित जुगराज गोचर, सज्जन गोचर, बुद्धिप्रकाश गोचर, मानसिंह गुर्जर, रामेत गुर्जर और महावीर बैरागी ने बताया कि वे लंबे समय से सीएडी विभाग के अधिकारियों के समक्ष इस मांग को लगातार उठा रहे थे। किसानों के सतत प्रयासों के बाद आखिरकार विभाग ने यह कार्य शुरू कराया है। रविवार को मशीनों के माध्यम से खुदाई शुरू होने पर स्थानीय किसानों ने खुशी जताई और उम्मीद व्यक्त की कि ड्रेनेज बनने से भविष्य में जलभराव की समस्या पूरी तरह दूर होगी और फसलों को होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी।1
- सवाई माधोपुर जिले की हिम्मतपुरा ग्राम पंचायत के नयापुरा गांव में कीचड़ के कारण स्थिति बेहद खराब हो गई है। पूरे गांव में इस कदर कीचड़ ही कीचड़ हो रहा है कि लोगों के लिए पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। ग्रामीणों के पास अब पैदल चलने तक के लिए भी कोई रास्ता नहीं बचा है।1
- दूनी के दूनी-नगरफोर्ट मार्ग (34A) पर स्थित घाड़ के मिनी रीको औद्योगिक क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा होने से बाल-बाल बच गया। यहाँ एक अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक सड़क किनारे बने पाराशर परिवार के सती माता मंदिर में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर का ऊपरी गुंबद ढह गया और पूरा ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त मंदिर के पास कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। इस हादसे में गर्भगृह में स्थापित सती माता की प्रतिमा को एक खरोंच तक नहीं आई और वह पूरी तरह सुरक्षित रही, जिसे स्थानीय लोग एक बड़ा चमत्कार मान रहे हैं। इस घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए दूसरे ट्रैक्टर की मदद से क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को मंदिर के मलबे से बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही घाड़ पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंच गया और स्थिति को संभालते हुए क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को अपनी हिरासत में ले लिया। वहीं, ग्रामीणों के आक्रोश और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रैक्टर मालिक भी तुरंत मौके पर पहुंचा। उसने ग्रामीणों को क्षतिग्रस्त मंदिर का जल्द से जल्द अपने खर्च पर पुनर्निर्माण कराने का पूरा आश्वासन दिया, जिसके बाद ही मामला शांत हो सका।1