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बलरामपुर जिले के कोटली से लगभग 7 किलोमीटर जंगल के भीतर स्थित पवई पाल, एक बहुत ही अच्छा पिकनिक स्पॉट है। इस सुंदर स्थान तक पहुँचने के लिए पर्यटकों को जंगल के अंदर जाना पड़ता है।

1 day ago
user_गांव के जवान
गांव के जवान
Vegetable Farmer शंकरगढ़, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
1 day ago

बलरामपुर जिले के कोटली से लगभग 7 किलोमीटर जंगल के भीतर स्थित पवई पाल, एक बहुत ही अच्छा पिकनिक स्पॉट है। इस सुंदर स्थान तक पहुँचने के लिए पर्यटकों को जंगल के अंदर जाना पड़ता है।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • आज दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया।
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    आज दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया।
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कर्नाटक दौरे के दौरान कई नई पहलें शुरू कीं। इसी क्रम में उन्होंने बेंगलुरु में स्थित आध्यात्मिक केंद्र ध्याण मंदिर को राष्ट्र को समर्पित किया।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कर्नाटक दौरे के दौरान कई नई पहलें शुरू कीं। इसी क्रम में उन्होंने बेंगलुरु में स्थित आध्यात्मिक केंद्र ध्याण मंदिर को राष्ट्र को समर्पित किया।
    user_Pradesh Khabar News Network
    Pradesh Khabar News Network
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    15 min ago
  • प्रतापपुर अस्पताल में बिजली कटौती के कारण कर्मचारियों और मरीजों का बुरा हाल हो रहा है। भयंकर गर्मी के इस मौसम में बिजली चले जाने के बाद अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था न होने से स्थिति और भी खराब हो गई है, जिसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। अस्पताल की मौजूदा दुर्दशा को बिजली कटने के बाद साफ देखा जा सकता है, जहाँ भीषण गर्मी से सभी परेशान हैं।
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    प्रतापपुर अस्पताल में बिजली कटौती के कारण कर्मचारियों और मरीजों का बुरा हाल हो रहा है। भयंकर गर्मी के इस मौसम में बिजली चले जाने के बाद अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था न होने से स्थिति और भी खराब हो गई है, जिसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। अस्पताल की मौजूदा दुर्दशा को बिजली कटने के बाद साफ देखा जा सकता है, जहाँ भीषण गर्मी से सभी परेशान हैं।
    user_Uday Kumar Ayam
    Uday Kumar Ayam
    Photographer प्रतापपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    40 min ago
  • एक सोशल मीडिया पोस्ट में छत्तीसगढ़ शिमला मछली पॉइंट के शानदार नज़ारों को साझा किया गया है। पोस्ट के अनुसार, सरगुजा के अमर मैंनपत में स्थित यह जगह सबसे बेहतरीन है। दर्शकों से आग्रह किया गया है कि वे इन नज़ारों पर लाइक, कमेंट करें और इसे शेयर करें।
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    एक सोशल मीडिया पोस्ट में छत्तीसगढ़ शिमला मछली पॉइंट के शानदार नज़ारों को साझा किया गया है। पोस्ट के अनुसार, सरगुजा के अमर मैंनपत में स्थित यह जगह सबसे बेहतरीन है। दर्शकों से आग्रह किया गया है कि वे इन नज़ारों पर लाइक, कमेंट करें और इसे शेयर करें।
    user_Bakumar Taigar
    Bakumar Taigar
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • अंबिकापुर जिले के मैनपाट क्षेत्र के विभिन्न गांवों, विशेषकर नर्मदापुर और कुनिया में, पिछले एक माह से पीलिया का प्रकोप फैला हुआ है, जिससे हडक़ंप मचा हुआ है। एक माह के भीतर उपसरपंच और 9वीं कक्षा के छात्र सहित कुल 4 लोगों की मौत होने की बात सामने आ रही है। इस प्रकोप से एक दर्जन से अधिक लोग अभी भी पीडि़त हैं, जिनका इलाज अंबिकापुर के निजी और स्थानीय अस्पतालों के साथ-साथ रायपुर के अस्पतालों में भी चल रहा है। स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, कुनिया के पूर्व उप सरपंच जितेंद्र यादव, नर्मदापुर निवासी भाग्यवती यादव, बैगहवा गांव की एक युवती और बरिमा निवासी कक्षा 9वीं के छात्र विकास यादव की पीलिया से मौत हो गई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इन मौतों की पीलिया से होने की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि मुख्य कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। उदय भान यादव नामक एक पीडि़त मरीज, जो अंबिकापुर के निजी अस्पताल में भर्ती है, ने बताया कि गांव में एक माह से पीलिया फैला है और मैनपाट के 5 लोगों की रायपुर में मौत हो चुकी है, जबकि गांव में कई लोग प्रभावित हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक कैंप नहीं लगाया गया है। पीलिया फैलने के मुख्य कारण का अब तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित गांवों में कैंप लगाए हैं, जहाँ पीडि़तों की जांच और इलाज जारी है। सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने मैनपाट क्षेत्र में पीलिया फैलने की पुष्टि करते हुए बताया कि विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। टीमों द्वारा मरीजों की जांच, उपचार और बीमारी के कारणों की पड़ताल की जा रही है, जिसमें पानी की जांच भी शामिल है। उन्होंने स्थिति को नियंत्रण में बताया और लोगों को साफ-सफाई रखने, पानी उबालकर पीने तथा गर्म भोजन करने की सलाह दी है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य विभाग लगभग एक माह तक बेपरवाह रहा और उन्हें पीलिया फैलने की जानकारी एक माह बाद मिली।
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    अंबिकापुर जिले के मैनपाट क्षेत्र के विभिन्न गांवों, विशेषकर नर्मदापुर और कुनिया में, पिछले एक माह से पीलिया का प्रकोप फैला हुआ है, जिससे हडक़ंप मचा हुआ है। एक माह के भीतर उपसरपंच और 9वीं कक्षा के छात्र सहित कुल 4 लोगों की मौत होने की बात सामने आ रही है। इस प्रकोप से एक दर्जन से अधिक लोग अभी भी पीडि़त हैं, जिनका इलाज अंबिकापुर के निजी और स्थानीय अस्पतालों के साथ-साथ रायपुर के अस्पतालों में भी चल रहा है।

स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, कुनिया के पूर्व उप सरपंच जितेंद्र यादव, नर्मदापुर निवासी भाग्यवती यादव, बैगहवा गांव की एक युवती और बरिमा निवासी कक्षा 9वीं के छात्र विकास यादव की पीलिया से मौत हो गई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इन मौतों की पीलिया से होने की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि मुख्य कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। उदय भान यादव नामक एक पीडि़त मरीज, जो अंबिकापुर के निजी अस्पताल में भर्ती है, ने बताया कि गांव में एक माह से पीलिया फैला है और मैनपाट के 5 लोगों की रायपुर में मौत हो चुकी है, जबकि गांव में कई लोग प्रभावित हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक कैंप नहीं लगाया गया है।

पीलिया फैलने के मुख्य कारण का अब तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित गांवों में कैंप लगाए हैं, जहाँ पीडि़तों की जांच और इलाज जारी है। सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने मैनपाट क्षेत्र में पीलिया फैलने की पुष्टि करते हुए बताया कि विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। टीमों द्वारा मरीजों की जांच, उपचार और बीमारी के कारणों की पड़ताल की जा रही है, जिसमें पानी की जांच भी शामिल है। उन्होंने स्थिति को नियंत्रण में बताया और लोगों को साफ-सफाई रखने, पानी उबालकर पीने तथा गर्म भोजन करने की सलाह दी है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य विभाग लगभग एक माह तक बेपरवाह रहा और उन्हें पीलिया फैलने की जानकारी एक माह बाद मिली।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • गुमला के चैनपुर स्थित कराकू पुजरा टोली में हुए बारह वर्षीय किशोर हत्याकांड का पुलिस ने उद्भेदन करने का दावा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालाँकि, घटना के लगभग बहत्तर घंटे बाद हुई इस कार्रवाई ने पुलिस की कार्यशैली और शुरुआती जाँच को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, चैनपुर थाना कांड संख्या उन्नीस/छब्बीस के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुनीता देवी और जागेश्वर गोप शामिल हैं, जिन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने इस गिरफ्तारी को अपनी बड़ी सफलता बताया है, लेकिन घटना और गिरफ्तारी के बीच बीते बहत्तर घंटों को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि यदि पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य और सुराग थे तो कार्रवाई में इतना समय क्यों लगा। प्रारंभिक दिनों में पुलिस ने मामले को लेकर कोई स्पष्ट खुलासा भी नहीं किया था। कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है, विशेषकर तब जब मामला एक नाबालिग की हत्या से जुड़ा हो। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली, जाँच की गति और संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर बहस छेड़ दी है। फिलहाल, पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच जारी है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है।
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    गुमला के चैनपुर स्थित कराकू पुजरा टोली में हुए बारह वर्षीय किशोर हत्याकांड का पुलिस ने उद्भेदन करने का दावा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालाँकि, घटना के लगभग बहत्तर घंटे बाद हुई इस कार्रवाई ने पुलिस की कार्यशैली और शुरुआती जाँच को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस के अनुसार, चैनपुर थाना कांड संख्या उन्नीस/छब्बीस के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुनीता देवी और जागेश्वर गोप शामिल हैं, जिन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने इस गिरफ्तारी को अपनी बड़ी सफलता बताया है, लेकिन घटना और गिरफ्तारी के बीच बीते बहत्तर घंटों को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि यदि पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य और सुराग थे तो कार्रवाई में इतना समय क्यों लगा। प्रारंभिक दिनों में पुलिस ने मामले को लेकर कोई स्पष्ट खुलासा भी नहीं किया था।

कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है, विशेषकर तब जब मामला एक नाबालिग की हत्या से जुड़ा हो। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली, जाँच की गति और संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर बहस छेड़ दी है। फिलहाल, पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच जारी है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    15 hrs ago
  • गुमला के चैनपुर में पुलिस ने महज चार दिनों के भीतर एक 12 वर्षीय बालक की हत्या के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने कराकू पुजरा टोली निवासी 26 वर्षीय सुनीता देवी, जो संदीप गोप की पत्नी हैं, और उसके 27 वर्षीय देवर जागेश्वर गोप, जो रामसाय गोप के पुत्र हैं, को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
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    गुमला के चैनपुर में पुलिस ने महज चार दिनों के भीतर एक 12 वर्षीय बालक की हत्या के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने कराकू पुजरा टोली निवासी 26 वर्षीय सुनीता देवी, जो संदीप गोप की पत्नी हैं, और उसके 27 वर्षीय देवर जागेश्वर गोप, जो रामसाय गोप के पुत्र हैं, को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    17 hrs ago
  • गुमला जिले के डुमरी स्थित उदनी पंचायत के औरापाठ माचाडीपा गांव में आदिम जनजाति परिवार भीषण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। शनिवार दोपहर मिली जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन द्वारा गोद लिए गए आकांक्षी प्रखंड डुमरी में लगभग तेरह लाख बयालीस हजार एक सौ चौरासी रुपये (₹13,42,184) की लागत से बनी एक सोलर आधारित पेयजल आपूर्ति योजना निर्माण के कुछ ही समय बाद बंद हो गई है, जिससे यह पूरी तरह से सफेद हाथी साबित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह योजना पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल गुमला के तहत जिला अनाबद्ध निधि से बनाई गई थी। गांव के बुजुर्ग मानु कोरवा समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जलापूर्ति योजना शुरू होने के लगभग एक माह बाद ही पूरी तरह ठप पड़ गई। ग्रामीणों ने संवेदक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें कुएं का निर्माण सही स्थान पर न कराना, बारिश के दौरान नाली का गंदा पानी कुएं में जाने की आशंका, कुएं को पर्याप्त गहराई तक न खोदना और निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतना शामिल है। पेयजल की सुविधा ठप होने के कारण इन आदिम जनजाति परिवारों को प्रतिदिन लगभग एक किलोमीटर दूर जंगल के रास्ते से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। शाम और रात के समय पानी लाने के दौरान उन्हें जंगली जानवरों के हमले का भी खतरा बना रहता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करने और जल्द से जल्द गांव में स्थायी पेयजल सुविधा बहाल करने की पुरजोर मांग की है। इस दौरान दुर्गा कोरवा, अश्मिता देवी, संध्या बाई, मनु कोरवा, राकेश कोरवा, मदन कोरवा, भैरव कोरवा, आनंद कोरवा और रामदयाल कोरवा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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    गुमला जिले के डुमरी स्थित उदनी पंचायत के औरापाठ माचाडीपा गांव में आदिम जनजाति परिवार भीषण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। शनिवार दोपहर मिली जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन द्वारा गोद लिए गए आकांक्षी प्रखंड डुमरी में लगभग तेरह लाख बयालीस हजार एक सौ चौरासी रुपये (₹13,42,184) की लागत से बनी एक सोलर आधारित पेयजल आपूर्ति योजना निर्माण के कुछ ही समय बाद बंद हो गई है, जिससे यह पूरी तरह से सफेद हाथी साबित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह योजना पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल गुमला के तहत जिला अनाबद्ध निधि से बनाई गई थी।

गांव के बुजुर्ग मानु कोरवा समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जलापूर्ति योजना शुरू होने के लगभग एक माह बाद ही पूरी तरह ठप पड़ गई। ग्रामीणों ने संवेदक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें कुएं का निर्माण सही स्थान पर न कराना, बारिश के दौरान नाली का गंदा पानी कुएं में जाने की आशंका, कुएं को पर्याप्त गहराई तक न खोदना और निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतना शामिल है।

पेयजल की सुविधा ठप होने के कारण इन आदिम जनजाति परिवारों को प्रतिदिन लगभग एक किलोमीटर दूर जंगल के रास्ते से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। शाम और रात के समय पानी लाने के दौरान उन्हें जंगली जानवरों के हमले का भी खतरा बना रहता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करने और जल्द से जल्द गांव में स्थायी पेयजल सुविधा बहाल करने की पुरजोर मांग की है। इस दौरान दुर्गा कोरवा, अश्मिता देवी, संध्या बाई, मनु कोरवा, राकेश कोरवा, मदन कोरवा, भैरव कोरवा, आनंद कोरवा और रामदयाल कोरवा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    15 hrs ago
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